मैंने अपनी छमिया की फांकों पर पहनी दोनों बालियों को पकड़ कर चौड़ा किया और मूतने लगी। फिच्च सीईईई.... के मधुर संगीत के साथ पतली धार दूर तक चली गई। आपको बता दूं मैं धारा प्रवाह नहीं मूतती। बीच बीच में कई बार उसे रोक कर मूतती हूँ।
मेरा मन बुरी तरह उस मोटे लंड के लिए कुनमुनाने लगा था। काश एक ही झटके में जगन अपना पूरा लंड मेरी चूत में उतार दे तो यह जिंदगी धन्य हो जाए। मेरी छमिया ने तो इस ख्याल से ही एक बार फिर पानी छोड़ दिया।
चोदन चोदन सब करें, चोद सके न कोय,
कबीर जब चोदन चले लण्ड खड़ा न होय ....
प्रेषक : अमित कुमार यह कहानी बिल्कुल सच्ची है। मेरा काम कंप्यूटर ठीक करने का है। 31 दिसम्बर की शाम आठ बजे के बाद मेरे पास एक कॉल आया, एक लड़की बोली- भैया,
कहानी का पहला भाग: अब दिल क्या करे-1 मैं बिल्कुल नंगा बाथरूम में खड़ा अपना बदन पोंछ रहा था कि अचानक दरवाजा खुला और साथ ही मेरे कानों में रेशमा की आवाज
प्रेषक : राज कार्तिक क्या करे बेचारा दिल जब कोई हसीना अपने हुस्न के ऐसे जलवे दिखाए कि आदमी बेचारा अपना लंगोट ढीला करने को मजबूर हो जाए ! आज के समाज में
प्रेषक : धीरज मैंने कहा- एक बात कहूँ? वो बोली- कहो ! मैंने कहा- मुझे तुम्हारे साथ सब कुछ करना है ! वो बोली- यह नहीं हो सकता। मैंने कहा- अगर यह नहीं हो
प्रेषक : धीरज नमस्ते दोस्तो, मेरा नाम धीरज है, उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में रहता हूँ। मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ और काफी दिनों से सोच रहा था कि मैं
नमस्कार...मैं एक बहुत ही हंसमुख स्वभाव का पढ़ा लिखा इन्सान हूँ और एक अच्छे परिवार से हूँ। यह एक सच्ची घटना है। मैं एक ट्रेन से सफ़र कर रहा था, मुझे
प्रेषक : सुरेश हाय दोस्तो, मेरा नाम सुरेश है, मैं सूरत से हूँ, मेरी उम्र 21 साल है, कद 5 फ़ुट 3 इंच है। मैंने यहाँ अन्तर्वासना पर काफ़ी कहानियाँ पढ़ी हैं और
सब्जी वाला मेरी पीठ पर हाथ फ़ेरकर बोला- बेटी, तू तो बड़ी जबर्दस्त चुदक्कड़ है! मेरा आशीर्वाद है कि तेरी चूत और फ़ूले-फ़ले, इसकी चुदास बढ़े! इसे लण्डों की कभी कमी न हो। सदा चुदागन रहो।
ने जानबूझ कर साड़ी पहनी, फिर जब वो मुझे देख रहा था, मैंने पल्लू नीचे गिरा दिया अब उसकी आँखों के सामने मेरे दोनों बड़े बड़े खरबूजे आधे से ज्यादा ब्लाउज से फ़टे पड़ रहे थे।
क्यों नहीं? तो मारो ! मेरा भी मन कर रहा है ! प्रेम तो गाँड को हाथ भी नहीं लगाता। चिन्ता मत करो जानू ! इतने ही पीछे से आवाज आई- भाभी? हमने देखा, रीतिका खड़ी
हाय दोस्तो, मैं राज एक बार सभी चूत वालियों को लण्ड हिलाकर प्रणाम और सभी लण्डधारियों को नमस्कार। आपने मेरी कहानियाँ "सुहागरात भी तुम्हारे साथ मनाऊँगी और
हाय दोस्तो, मैं राज कौशिक अपनी कहानी सुहागरात भी तुम्हारे साथ मनाऊँगी जो चार भागों में प्रकाशित हुई थी, के आगे का भाग भेज रहा हूँ। लक्ष्मी की सगाई हो चुकी
प्रेषक : राजवीर मेरी पूर्व प्रकाशित कहानियों पर काफी मेल आये, उसके लिए आपका शुक्रिया ! आपके मेल से ही तो हमें नई कहानियाँ लिखने की प्रेरणा मिलती है। आपने
प्रेषिका : माया सिंह कई साल पहले की बात है मेरे पति वरुण ने मुझसे पूछा- क्या तुम मेरे साथ नागपुर जाना चाहोगी? उनको अपने जॉब के किसी काम से ही वहाँ जाना
अगले दिन भी मुझे रात में किसी के चलने आवाज आई। चाल से मैं समझ गई थी कि ये सुरेश ही थे। वे मेरे बिस्तर के पास आकर खड़े हो गये। खिड़की से आती रोशनी में मेरा
मेरा नाम सोनाली, मैं कानपुर, उत्तर प्रदेश की हूँ। मेरी कहानी सच्ची है। मैं अन्तर्वासना को करीब दो वर्ष से पढ़ रही हूँ। मुझे भी लगा कि मैं अपनी दास्तान अपने
लेखक : राज कार्तिक चौकीदार के जाते ही मैंने दरवाजा अंदर से बंद किया और पकड़ कर पायल को अपनी बाहों में भर लिया। "बहुत बेताब हो मुझे चोदने के लिए...?" पायल
लेखक : राज कार्तिक "लगता है तुम्हें भी ठण्ड लग रही है...!" वो मेरे कान में फुसफुसाई और बिना मुझसे पूछे ही उसने अपनी शाल मुझ पर भी ओढ़ा दी। मैंने हाथ बढ़ा कर
लेखक : राज कार्तिक दोस्तो, मैं राज एक बार फिर से आपके पास अपनी मस्ती की दास्ताँ लेकर आया हूँ। कहानी ज्यादा पुरानी नहीं है। जैसे भगवान पहले छप्पर फाड़ कर
प्रेषिका : माया रानी मैं पिछले कई दिनों से यह कहानी लिखने की सोच रही थी पर घए में कभी इतना एकान्त नहीं मिला। आज लिखती हूँ, कोशिश करुँगी कि पूरी हो जाये,
मैं दिल्ली की रहने वाली हूँ। जो किस्सा मैं आपको सुनाने जा रही हूँ, वोह कुछ साल पहले मेरे साथ मेरे कॉलेज के प्रथम वर्ष में हुआ था। कॉलेज शुरू करने पर मेरा
उसने मुझे अनुभूति के फ्लैट पर छोड़ आने की बात कह कर कार निकाली और हम चल दिए अनुभूति के घर की तरफ... शाम के 7 बजे थे, हेतल मुझे अनुभूति के घर छोड़ के मुझसे
खैर तेज़ झटकों के साथ मैंने पूरे का पूरा पानी उसकी चूत में डाल दिया, फिर उसके ऊपर यूँ ही पसर गया। मैंने पूछा- तुम संतुष्ट हो ना? तो वो बोली- मैं दो बार
कहानी शुरू करने से पहले मैं आपको अपना परिचय दे दूँ। मैं एक 28 साल का कुवांरा बंदा हूँ, नाम लव है। पेशे से मैं सरकारी नौकरी में मैनेजर के पद पर कार्य कर
अन्तर्वासना के पाठकों को मेरा नमस्कार ! आप लोगों के इतने मेल आते हैं कि मैं सबका जवाब भी नहीं दे पाता, इससे पता चलता है कि आप लोगो को मेरी कहानियाँ अच्छी
मैं नीचे झुकी तो सामने नाग देवता मुझे सलामी दे रहे थे, गुप्ता जी ने लंड निकाल रखा था, मैं कुतिया की तरह गई, पकड़ सहलाने लगी, मुँह में डालकर चूसने लगी, लंड को चूस चूस मैंने मलाई पूरी निकाली और पी गई।
छोटी उम्र में मैंने खुद पर काबू नहीं रखा, अब अपनी शरीर की ज़रुरत काबू में नहीं रख पाती, चाह कर भी मुझसे बिना चुदाई रहा नहीं जाता, चाहे वो लौड़ा किसी नौकर का हो या किसी अमीर का।
उसने मेरा कमीज़ उतरवा दिया, लाल ब्रा में कैद मेरे मम्मों को देख उनका लंड खड़ा हो चुका था जो मेरे गर्दन के करीब था, साफ़ उभरा हुआ दिख रहा था। उसने छाती से हाथ नीचे ले जाते हुए मेरा नाड़ा खोल चड्डी में हाथ घुसा दिया
प्रेषक : अजय मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ और दिखने में स्मार्ट हूँ। बात उन दिनों की है जब मैं कॉलेज में पढ़ता था, 2-3 लड़कियों से मेरा चक्कर हमेशा रहता था
क्या मस्त माल थी। अब मैंने उसकी पैन्टी उतारी, चूत बिल्कुल चिकनी थी क्योंकि मैंने उसे पहले ही बताया था कि मुझे चिकनी चूत पसंद है इसलिए उसने अपनी चूत के बाल साफ कर लिए थे।
लेखक : अमित मेरी तरफ से अन्तर्वासना के सभी पाठकों को नमस्कार ! मेरा नाम अमित है, मैं 22 साल का लड़का हूँ। अन्तर्वासना में यह मेरी पहली कहानी है। यह घटना 2
प्रेषक : अरमान सबसे पहले सभी को हाथ जोड़ कर नमस्ते। मेरा नाम अरमान है, मैं दिल्ली में रहता हूँ। मेरी उम्र 22 साल, कद 6' है। रंग गोरा और जिम जाने से बाडी भी
राजवीर दोस्तो, मेरी पिछली कहानियाँ पढ़ के आपने जो अपने कीमती मेल भेजे उसके लिए शुक्रिया। तो मैं अपनी नई कहानी पर आता हूँ। एक मेरी दोस्त है उसके घर में एक
शमीम बानो कुरेशी मैंने उसका लण्ड पकड़ा और जोरदार मुठ्ठ मारी... फिर मुँह में भर कर उसे खूब चूसा...। उसके लण्ड से भी जवानी के स्त्राव की तेज गन्ध आ रही थी।
अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज शमीम बानो कुरेशी मैं सुहाना से मिलकर बाहर निकली ही थी कि एक सुन्दर से जवान लड़के से टकरा गई। मैं एकदम से घबरा गई- हाय अल्लाह...! "माफ़ करना मोहतरमा..." उसने
अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज मैं जीत शर्मा फिर से आपके सामने एक कहानी ले कर आया हूँ। यह कहानी मुझे मेरी एक महिला मित्र ने भेजी है, उम्मीद है कि आप सबको पसंद आएगी। तो दोस्तो कहानी पेश
कुलजीत पंजाब का एक बड़े जमींदार का गबरू जवान बेटा था जो बम्बई शहर में रह रहा था। आजादी से कुछेक साल पहले के सावन के दिन थे, रोज बारिश हो जाती थी, खिड़की से
अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज मेरी उम्र 28 साल है। मैं दिल्ली में एक पेंटिंग टीचर हूँ और एक खास तरह की पेंटिंग सिखाता हूँ जिसका मैं आपको नाम नहीं बता सकता क्यूंकि हो सकता है कि यहाँ
प्रेषक : दीपक चौधरी आप सभी लोगों को खड़े लण्ड से प्रणाम। मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ। यहाँ कहानियाँ पढ़ने के बाद मुझे लगा कि मुझे भी अपनी यौन-क्रीड़ा
आप सबने मेरी कहानी मेरे साथ पहली बार पढ़ी है उसके लिए मुझे बहुत सारे मेल आये, मुझे बहुत अच्छा लगा, पर मैं सबके मेल का जवाब नहीं दे पाई उसके लिए में माफी
मेरा नाम सुरभि है, वैसे तो मैं अन्तर्वासना की कहानियों को नहीं जानती थी पर एक बार मेरे किसी दोस्त ने चैटिंग करते हुए इसके बारे में और साईट की जानकारी दी,
प्रेषक : उमेश मैं अहमदाबाद शहर में रहने वाला शादीशुदा लड़का हूँ, एक लिमिटेड कंपनी में अकाउंट मैनेजर की जॉब करता हूँ। आज मैं एक बार फिर अपनी एक सच्चे अनुभव
दोस्तो, मेरा नाम जीत है। बात उस समय की है जब मैं इस कंपनी में नया नया आया था। काम का बोझ ज्यादा था, या यूँ कहो कि नई नई नौकरी थी सो लगभग रोज़ ही शाम को
मैं आप सब को अपना थोड़ा सा परिचय दे दूं। मैं 21 साल का एक ठीक ठाक दिखने वाला लड़का हूँ। मैं ऊपर वाले की कृपा से बी टेक आखरी साल का छात्र हूँ। मेरी यह जो
दिल तो मेरा भी है प्रेषक : ठाकुर मुलाकातों का दौर बढ़ता चला गया। अब इतनी मुलाकातों में वरुण भी अक्षरा को ठीक से समझ चुका था। एक दिन वरुण अक्षरा से बोला-
अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज दिल तो मेरा भी है प्रेषक : ठाकुर नोट उड़ाए जा रहे हैं, रंगीली नाच रही है, छम-छम कर घुंघरू पैरों में बज रहे हैं, चारों ओर वाह-वाह हो रही है। रंगीली फरहा
अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज कैसे हो दोस्तो...मैं शालिनी जयपुर वाली...याद तो हूँ ना मैं... मेरी सेक्सी कहानियाँ तो लगी शर्त जीजा मेरे पीछे पड़ा गर्मी का इलाज पढ़ी हैं आपने... अब आगे की
मेरा नाम सोनिया है और मेरी उम्र 28 साल है मैं एक घरेलू महिला हूँ। मेरा फिगर 34-28-34 हैं मेरा एक दो साल का बेटा है, मेरे पति एक कम्पनी में मार्केटिंग
प्रेषक : प्रेम मैं- ओह पिंकी, मैं बस आने वाला हूँ ! अह अह ! उसने अपने गले पर मेरा चेहरा थोड़ा दबाया और मैं उसके गले को चूसने-काटने लगा और गांड मारता रहा।
प्रेषक : प्रेम मैंने कहा- पिंकी, अच्छा लग रहा है? वो बहुत गर्म हो चुकी थी, बोली- हाम्म् प्रेम करो न ! प्रेम अह्ह और थोड़ा करो न वहाँ पर हमम्म अह्ह काटो मत
यह मेरी पहली कहानी है, उम्मीद है आपको पसंद आएगी। वो दिखने में बहुत गोरी और सुन्दर है, उसकी पतली कमर और गला ! वैसे तो वो पहले से पसंद थी मुझे, तो फ्रेंच
प्रेषक : अविनाश पटेल मेरा नाम अविनाश है, अहमदाबाद गुजरात में रहता हूँ, अंतर्वासना पर में कहानियाँ पिछले 2 साल से पढ़ता हूँ। आज मैं अपनी पहली कहानी लिख रहा
मैं रहने के लिए किराये का कमरा ढूंढ रहा था. मुझे एक चाबीली सी भाभी ने कमरा किराये पर दे दिया. कमरे के साथ मुझे और क्या मिला. इस सेक्सी कहानी में पढ़ें!
अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज प्रेषक : सागर पाण्ड्या मेरा नाम सागर है, मैं गुजरात, राजकोट का रहने वाला हूँ और अन्तर्वासना का तीन साल से पाठक हूँ। मैं एक सेल्स का जॉब करता हूँ तो मुझे
लेखिका : कमला भट्टी मैंने धीरे धीरे उसकी योनि के ऊपर के उत्थित प्रदेश को सहलाया तो उसकी टाँगे खुदबखुद चौड़ी होती चली गई ! अब मेरी अंगुलियाँ उसके फ़ूले फ़ूले
अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज लेखिका : कमला भट्टी मैंने चुपचाप उसकी सख्त गोलाइयों को पकड़ा और शर्ट के ऊपर से ही मसलना शुरू कर दिया, मेरे होटों ने उसके होंठों को चूम लिया ! यह सब इतनी
अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज लेखिका : कमला भट्टी आज मैं एक नई कहानी बता रही हूँ आशा है आपको पसंद आएगी ! यह घटना मुझे मेरे जीजाजी ने सुनाई थी जो उनके साथ घटित हुई ! तो सुनिए उनकी कहानी
अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज प्रेषिका : सिमरन सोधी मैं बीएससी के अन्तिम वर्ष में थी, मैंने पूरा ध्यान अपनी पढ़ाई पर दिया। केतन भी महीने में 1-2 बार आता। मेरी वार्षिक परीक्षा नजदीक आ
प्रेषिका : सिमरन सोधी मैं सेकण्ड इयर में थी और काफी सेक्सी दिखती थी। लड़कों को तो छोड़ो, कोलेज के प्रोफेसर भी बुरी नियत से मुझे देखते थे। यह तो रोज का काम
प्रेषक : समीर दोस्तो, यह अन्तर्वसना पर मेरी पहली कहानी है। उम्मीद है कि आप सबको पसन्द आयेगी। पहले मेरे बारे में जान लीजिये। मेरी उम्र 22 साल, मैं एक
हेलो दोस्तो, पिछले कुछ दिनों से मैं अन्तर्वासना की कहानियाँ रोज़ पढ़ने लगा हूँ. इन कहानियों को पढ़कर मैंने सोचा मुझे भी अपना अनुभव आपको बताना चाहिए. मैं
लेखिका : लक्ष्मी कंवर मैं जोरावर सिंह, राजस्थान से हूँ... गांव में बरसात ना होने के कारण हमारे यहाँ से बहुत से जवान फ़ौज में चले गये थे। मेरी पोस्टिंग उन
अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज लेखिका : उषा मस्तानी सतीश एक तरफ मेरी चूचियों का रस नोच नोच कर निकाल रहा था, अमित दूसरी तरफ गांड लंड से खोद रहा था। कुछ धक्कों के बाद मेरी गांड का दर्द कम
लेखिका : उषा मस्तानी अगले दिन रात को आठ बजे सतीश और अमित वापस आ गए और आते ही नहाने चले गए। भाभी और मैं कॉफी बनाकर ले आई। सतीश और अमित ने तौलिया बाँध लिया
लेखिका : उषा मस्तानी लौड़ा घुसने के बाद सतीश ने तेज धक्कों से मेरी चूत फाड़नी शुरू कर दी थी। मैं ऊह आह ऊह का हल्ला मचाती हुई चुदवाने लगी। 5 मिनट बाद मेरी
लेखिका : उषा मस्तानी 5 मिनट में बबलू ने मेरी फाड़ कर रख दी थी, मैंने 2 बार पानी छोड़ दिया था। इसके बाद वो हट गया। मेरी चूत फट गई थी और दर्द कर रही थी, मैं
प्यासी दुल्हन का अगला भाग चुदाई यात्रा पाठकों के लिए हम लोग कार से लखनऊ के लिए रात में चल दिए। अगले दिन मेरी परीक्षा थी। मैंने सलवार कुरता और भाभी ने