एक लेआउट चुनें
फुहारा परिवार

कोई मिल गया

Antarvasna कम्युनिटी को हमारी शानदार कोई मिल गया कहानियों के कलेक्शन से आपको पागल कर देने दें।

कामना की साधना-3

उसने रसोई की तरफ झांककर देखा और वहाँ से संतुष्ट होकर बोली- जीजू गुदगुदी होती है ! रहने दो ना !' उनका इतना बोलना था, कि मैंने तुरन्त अपना हाथ पीछे खींच

राजीव खन्‍ना

कामना की साधना-2

गौर से देखने पर मुझे अहसास हुआ कि कामना ने टॉप के नीचे कोई अधोवस्त्र नहीं पहना था, क्योंकि उन पहाडि़यों की ऊपरी चोटी पर स्थित अंगूर के दाने का अहसास हो

राजीव खन्‍ना

कामना की साधना-1

पिछले तीन दिनों की व्यस्‍तता के बाद भी आज मेरे चेहरे पर थकान का कोई भाव नहीं था आखिर आज मेरे घर मेरी स्वप्न सुन्दरी यानि ड्रीम गर्ल जो आने वाली थी। मैं

राजीव खन्‍ना

चाइना की चिकनी

प्रेषक : लव लव सबको मेरा प्रणाम, मैं जालंधर का रहने वाला हूँ और अन्तर्वासना की सारी कहानियाँ पढ़ चुका हूँ। और अब अपनी कहानी बताने जा रहा हूँ... अब मैं

lovelove55

उतावली सोनम-2

कहानी का पिछ्ला भाग: उतावली सोनम-1 सोनम ने मेरे लंड का सुपारा अच्छे से चाटा, फिर उसके मुंह में जितना अंदर हो सका उतना अंदर कर मेरे लंड को शांत करने के

जवाहर जैन

उतावली सोनम-1

अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा नमस्कार। मेरी लिखी हुई कहानियों को आपने पसंद किया, और अपनी अमूल्य राय से मुझे अवगत कराया इसके लिए आभार। आज मैं आपको जो

जवाहर जैन

उम्र ही ऐसी है-2

आपने मेरी पिछली कहानी उमर ही ऐसी है ! में पढ़ा कि कैसे मैंने एक फ़्रेन्डशिप नेटवर्क के जरिये ज्योति नाम की लड़की से मजे किए। असल में ज्योति नाम की कोई लड़की

राजीव कुमार

गोदाम में चुदी

प्रेषिका : मंजू सर्दी के दिन थे और शाम के करीब 7 बजे थे, लेकिन अँधेरा छा चुका था। मेरी माँ ने मुझे कहा- मंजू, जा तेल ले आ बाबू की दुकान से ! उसे कहना पैसे

मंजू मनचंदा

मेरे सच्चे प्यार की तलाश

जिस्म सिर्फ जिस्म की भूख जानता है प्यार करना जिस्म की आदत नहीं ! एक से जी भर जाए तो दूसरी अँधेरी राहों में जिस्म की तलाश करता ही रहता है। यह कहानी है

निशान्त कुमार

मज़बूरी में-2

प्रेषक : राजवीर उसका स्टॉप आ गया, वो अपने को ठीक करके जाने की तैयारी करने लगी, उस आदमी ने उसे अब तक नहीं छोड़ा था, उसकी गांड अभी भी मसल रहा था। एक आंटी जो

राजवीर वीरू दादा

मज़बूरी में-1

प्रेषक : राजवीर हेल्लो दोस्तो, कैसे हो आप लोग ! आशा करता हूँ कि आप भी तैयार होंगे अपना अपना पानी निकालने के लिए ! एक लड़की थी, नाम पता नहीं क्या था उसका,

राजवीर वीरू दादा

उमर ही ऐसी है !

6 इंच बड़ा लण्ड कभी होता नहीं है पर दुनिया वाले बोल दिया करते हैं ! ना कोई ऐसा है जो चोदने की इच्छ ना रखता हो। हर कोई छोरी या आंटी इच्छा रखती है चुदवाने

राजीव कुमार

एक व्याख्या प्रेम की...-2

लेखक : निशांत कुमार मैं अपने स्वप्न से जागा और जाकर अपने कपड़े बदल लिए। तभी एक कॉल आया, मैंने बात की तो सामने आकाश था। वो अपने घर का पता बताने लगा। मेरी

निशान्त कुमार

एक व्याख्या प्रेम की...-1

लेखक : निशांत कुमार वासना और प्रेम एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। प्रेम का सुख मिल जाए तो वासना मनुष्य के नियंत्रण में हो जाती है और जिस्म का सुख मिल जाए तो

निशान्त कुमार

चुदाई-समझौता

दोस्तो, मेरा नाम विवेक है, आपने मेरी कहानी दिव्या के साथ सुनहरे पल पढ़ी होगी। मैं अपने दूर के रिश्ते के चाचा के घर रहकर पढ़ाई करता था। घर में चाचा उम्र 29

विवेक शांडिल्य

मिस दिवा 2011

सबसे पहले पाठकों को श्रेया का नमस्कार ! माफ़ी चाहूंगी कि मैं इतने दिनों के बाद आपके सामने अपनी नई कहानी लेकर आई। क्या करती? जॉब ही कुछ ऐसा है... पेट के

श्रेया आहूजा

असीमित सीमा-3

लेखक : जवाहर जैन अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा नमस्कार। ट्रेन में श्रद्धा के सहयोग से मैंने सीमा को चोदा। ट्रेन में हमने चुदाई का लुफ्त कैसे उठाया इसे

जवाहर जैन

कली से फूल-2

लेखक : रोनी सलूजा हम दोनों लॉज में एक डबलबेडरूम लेकर उसमें गए। शकुन स्कूल से दो दिन की छुट्टी लेकर और घर में सहेली की शादी का बहाना बनाकर आई थी। यानि

रोनी सलूजा

कली से फूल-1

लेखक : रोनी सलूजा तमाम पाठकों को मेरा प्यार भरा नमस्कार ! मेरी कहानी 'नया मेहमान' को पढ़ कर कई पुरुष व महिला पाठकों के इमेल आये। कुछ पुरुष मित्र लड़कियों के

रोनी सलूजा

चूतड़ टिकाने का टैक्स

प्रेषक : शशि कुमार मैं आपको एक सच्ची घटना बताता हूँ। मैं और मेरी पत्नी पटना गये थे। वहाँ से लौटने के क्रम में हम लोगों को रिजर्वेशन नहीं मिला। गाड़ी में

spykshashi

असीमित सीमा-1

अन्तर्वासना के सभी पाठकों को नमस्कार। इससे पहले लिखी मेरी सारी कहानियों को आपने सराहा और अपनी प्रतिक्रिया देकर मेरा हौसला बढ़ाया, इसके लिए धन्यवाद। आपसे

जवाहर जैन

लिव इन कैरोल-4

प्रेषक : मुकेश कुमार कैरोल को चोदते हुए पता लगा रांड और प्रेमिका को चोदने का फर्क। प्रेमिका उचक उचक कर प्रेम क्रीडा का मज़ा लेती है और देती है। थोड़ी देर के

मुकेश कुमार

बिजली कटी, किस्मत जगी

प्रेषक : राज मधुकर मैं राज मधुकर बहुत समय से अन्तर्वासना की कहानियाँ पढ़ रहा हूँ। मेरी उम्र 24 साल है, मैं दिल्ली में रहता हूँ, अच्छा सुडौल शरीर है और

jojosandy

लिव इन कैरोल-3

प्रेषक : मुकेश कुमार दिन की घटना को सोच कर फिर उत्तेजित हो ही रहा था कि मोबाइल बज गया। लाइन पर कैरोल थी, बहुत घबराई हुई रोते हुए बोली- मुकेश, क्या तुम

मुकेश कुमार

लिव इन कैरोल-2

प्रेषक : मुकेश कुमार दोस्तों, अब तक जितनी रंडियों से चुसवाया, वो मारिया के सामने बच्ची थी। मारिया टट्टे चूसती, जबान लौड़े के नीचे से शुरु करते हुए शिखर तक

मुकेश कुमार

लिव इन कैरोल-1

मारिया टट्टे चूसती, जबान लौड़े के नीचे से शुरु करते हुए शिखर तक ले गई, फिर क्राउन को मुँह में लेकर चूसा। मारिया मस्ती से लौड़े को चूस रही थी और अपने पैर चौड़े कर एक हाथ से पेंटी में हाथ डाल कर अपनी चूत सहला रही थी।

मुकेश कुमार

रिसेप्शनिस्ट नैना की चुदाई

प्रेषक : रॉकी हेल्लो दोस्तो, मेरा नाम रॉकी है। मैंने अन्तर्वासना पर हजारों कहानियाँ पढ़ी हैं। यह मेरी पहली और सच्ची कहानी है। मैं वड़ोदरा (गुजरात) के सरकारी

rockingrocky1985

दूसरी विदाई

हाय दोस्तो, काम के सिलसिले में मुझे झारखण्ड के एक छोटी सी जगह गुमला जाना पड़ा, वहाँ मेरी दोस्ती सुजाता से हुई। गाँव में रहते हुए भी सुजाता का तौर तरीका

निहारिका

माया मेम साब-5

वह पेट के बल लेट गई और उसने अपने नितम्ब फिर से ऊपर उठा दिए। मैंने स्टूल पर पड़ी पड़ी क्रीम की डब्बी उठाई और ढेर सारी क्रीम उसकी गाण्ड के छेद पर लगा दी।

प्रेम गुरु

माया मेम साब-4

उसने मेरे लण्ड का टोपा अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी। क्या कमाल का लण्ड चूसती है साली पूरी लण्डखोर लगती है? उसके मुँह की लज्जत तो उसकी चूत से भी ज्यादा मजेदार थी।

प्रेम गुरु

माया मेम साब-3

मैंने उसकी नाइटी को ऊपर करते हुए अपना हाथ उसकी जाँघों के बीच डाल कर उसकी चूत की दरार में अपनी अंगुली फिराई और फिर उसके रस भरे छेद में डाल दी।

प्रेम गुरु

माया मेम साब-2

'ओह... माया, सच में तुम्हारे होंठ और उरोज बहुत खूबसूरत हैं... पता नहीं किसके नसीब में इनका रस चूसना लिखा है।' 'जीजू तुम फिर...? मैं जाती हूँ!'

प्रेम गुरु

माया मेम साब-1

माया ने जीन का निक्कर पहन रखा था जिसमें उसकी गोरी गोरी पुष्ट जांघें तो इतनी चिकनी लग रही थी जैसे संग-ए-मरमर की बनी हों। मेरा अंदाज़ा था कि उसने अन्दर पेंटी नहीं डाली होगी।

प्रेम गुरु

जरूरतमंद

अन्तर्वासना के पाठकों को नमस्कार। इससे पहले मेरी कई कहानियाँ जैसे 'पुसी की किस्सी', 'हमने सुहागरात कैसे मनाई' और 'परोपकारी बीवी' आपके सामने आ चुकी हैं।

जवाहर जैन

गाँव में प्रियंका मामी

प्रेषक : साहिल हाय दोस्तो, यह बात तब की है जब मैं अपने ननिहाल गाँव में गया हुआ था गर्मियों की छुट्टी में ! एक दिन मैं अपने दोस्त मुकेश के घर गया था और उसी

shahilsexsna

दोस्त की लिव-इन

प्रेषक : अजय मेरा नाम अजय है, दिल्ली में इंजीनियरिंग कर रहा हूँ। मैं एक स्मार्ट लड़का हूँ। मैं आप को बताने जा रहा हूँ कि कैसे मैंने अपने दोस्त सुयश की

अजय सिंह 31

आंटी ने किया ख़राब

इतना सब करने के बाद मैं अब बर्दाश्त के काबिल नहीं रहा और फिर उनकी जांघों को सहलाने लगा, फिर उसके पेट पर चूमा, और उनकी जांघों पर चूमा, चूमता चूमता मैं उनकी चूत पर आ गया।

सागर शर्मा

परोपकारी बीवी-5

जवाहर जैन स्नेहा बोली- मुझे अपनी बात तो पूरी करने दीजिए। मैं बोला- अब भी कोई बात बची है क्या झूठी औरत? स्नेहा बोली- मुझे झूठी क्यों कह रहे हैं आप? यह मैं

जवाहर जैन

गर्ल्स हॉस्टल की वॉर्डन मेरी माँ

अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा सलाम। बात काफ़ी पुरानी है, जब मैं बारहवीं में पढ़ता था, मेरी माँ गर्ल्स हॉस्टल की वॉर्डन थी और मेरे पिता क्यूंकि फौज में

अंधकार

कोई मिल गया-2

लेखिका : आयशा खान प्रेषक : अरविन्द सुरैया उस अजनबी के बदन से अलग हुई और वो दोनों नीचे हम लोगों के पास आ गये। उस अजनबी का लंड अभी भी सख्त था और उस पर

अरविन्द कुमार

कोई मिल गया-1

लेखिका : आयशा खान प्रेषक : अरविन्द मैं आयशा ख़ान हूँ, 21 साल की हूँ और लखनऊ में रहती हूँ। मेरी एक पक्की सहेली का नाम है सुरैया, वो 22 साल की है। सुरैया की

अरविन्द कुमार

परोपकारी बीवी-4

जवाहर जैन मैं अलका को चोदना चाहता था पर स्नेहा को नाराज करके नहीं, मैंने अलका को कहा- अभी तुम मुझसे एक बार और चुदवाने के लिए स्नेहा को पटा लो फिर मैं आगे

जवाहर जैन

परोपकारी बीवी-3

मैं स्नेहा का दिल रखने के लिए उससे लिपटा और फिर बाहर निकल गया। स्नेहा मुझे उनके घर में अंदर घुसते तक देखती रही। वहाँ अलका मुझे सामने बैठक में ही मिली। वह गाउन पहने थी। मैंने औपचारिकतावश पूछा- कैसी हैं आप? वह बोली- अभी तक दुखी थी, आप आए हो तब से थोड़ा चैन मिला है।

जवाहर जैन

होटल राजदूत की मोना-2

प्रेषिका : मोना सिंगल मेरे लौड़े से निकली बाकी की रस की सारी पिचकारियाँ टब के पानी में जा गिरी ! जब मैंने आँखें खोलीं तो देखा कि वह उंगली से मेरे रस को उठा

टी पी एल

होटल राजदूत की मोना-1

प्रेषिका : मोना सिंगल मित्रो, यह मेरी आप बीती है ! यह मेरी कौमार्यभंग यानि सील टूटने की कहानी है जो मैं अपने होटल के एक ग्राहक के माध्यम से उसी के शब्दों

टी पी एल

जिगोलो बनने की सच्ची कहानी

मेरा नाम राज़ शर्मा है, मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ ! मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ। मुझे अन्तर्वासना की कहानियां बहुत पसंद हैं। मैं अन्तर्वासना पर

राज ज़िगोलो

दोस्त की मम्मी ने खुद चूत चुदाई

एक दिन की बात है, मैं अपने दोस्त के घर गया हुआ था, वो घर पर नहीं था, यह बात मुझे नहीं पता थी। मैं गया तो उसके घर का दरवाजा खुला हुआ था, तो मैं ऐसे ही उसके

आदित्य पटेल

पुसी की किस्सी-2

प्रेषक : जवाहर जैन अन्तर्वासना के सभी पाठक जिन्होंने मेरी कहानी पढ़ी और अपनी टिप्पणी लिखकर कहानी के बारे में अपनी राय बताई, उन्हें बहुत धन्यवाद के साथ यह

जवाहर जैन

पुणे की डॉक्टर की चूत का चोदन

ईशा ने ढेर सारा केक अपनी नंगी चूत में लगा लिया, मैंने अपना मुँह उसकी चूत पर रखा और चाटने लग गया, फिर अपना लंड उसकी चूत में घुसा दिया।

आदि अरवाल

गुप्त पति

प्रेषक : मिहिर मोहन जैसा कि आपको पता है कि मैं अपने घर पर छोटे बच्चों को कोचिंग देता हूँ तो उनमें कुछ बड़े बच्चे भी आते हैं और कुछ छोटे बच्चे भी ! इससे

मिहिर रोहण

पुसी की किस्सी

प्रेषक : जवाहर जैन अन्तर्वासना पर सभी को मेरा नमस्कार। यह मेरी पहली कहानी है, इसे लिखने में बहुत दिक्कतें आई, पर यह ठाना हुआ था कि कुछ भी हो अन्तर्वासना

जवाहर जैन

आधी सफलता

लेखिका : माया सिंह मेरी कहानियों को पढ़ने वाले अनेक व्यक्ति मुझे कुछ गलत समझ लेते हैं और ऐसे प्रस्ताव भेजते है जैसे मैं कोई धंधा करने वाली हूँ, कुछ चैटिंग

माया सिंह

बस में मस्ती

दोस्तो, मेरा नाम मीत है, मैं मुंबई में रहता हूँ। अब तक मैंने बहुत महिलाओं को चोदा है खासकर 30 साल से 60 साल की महिलायें मुझे बहुत पसंद हैं चोदने में,

मीत बहल

पेरिस में कामशास्त्र की क्लास-1

मेरे प्यारे मित्रो एवं सहेलियों, एक लम्बे अंतराल के बाद आप लोगों से मिलना हो रहा है, आप सबको मेरा प्यार भरा नमस्कार। मेरा नाम विक्की है व इससे पूर्व आप

विक्की कुमार 0099

माशूका की सहेली

मैं अन्तर्वासना का बहुत पुराना पाठक हूँ, मैंने बहुत कहानियाँ पढ़ी, फ़िर मुझे लगा कि मुझे भी अपनी कहानी लिखनी चाहिए और मैंने लिखना शुरु कर दिया। मेरा नाम

साहिल खान

निशा का नशा

प्रेषक : संजू बाबा अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा प्यार भरा नमस्कार ! मेरा नाम संजू है ! मैं मुंबई का रहने वाला हूँ। मेरी कहानी है बड़ी सरल पर काफी

sanju00063

मोबाईल से बिस्तर तक

मेरा नाम रितेश है, मैं जयपुर रहता हूँ, कद 5'10" एवरेज बॉडी नॉर्मल लुक्स और 7.5" का लिंग ! अब मैं अपनी कहानी पर आता हूँ। एक दिन एक फ्रेंड ने मुझसे मेरा नया

रितेश अग्रवाल

ऑनलाइन चेटिंग में मिली

प्रेषक : हेमन्त जैन हेलो दोस्तो, आज मैं आप सबके सामने अपनी पहली सेक्स कहानी लिख रहा हूँ, कृपया मुझे प्रोत्साहन दें ताकि मैं और भी मज़ेदार कहानियाँ आपके

loanlysaaya

नव वर्ष की पूर्व संध्या-2

प्रेषिका : शालिनी कोई आधे घण्टे तक उसके लंड को चूसने के बाद उसके लंड से मेरे मुँह में वीर्य की पिचकारी निकली जो सीधी हलक से मेरे अंदर उतर गई। मैंने उसका

शालिनी

नव वर्ष की पूर्व संध्या-1

प्रेषिका : शालिनी नए साल की पूर्व संध्या पर मैं अकेली ही थी क्योंकि रचना पिछली रात को ही अपने माता पिता के पास चली गई थी। मैंने अपने दो-तीन दोस्तों को फोन

शालिनी

विदुषी की विनिमय-लीला-7

लेखक : लीलाधर संदीप और इनका स्‍वाद एक जैसा था। सचमुच सारे मर्द एक जैसे होते हैं। इस खयाल पर हँसी आई। मैंने मुँह में जमा हो गए अंतिम द्रव को जबरदस्‍ती गले

लीलाधर

विदुषी की विनिमय-लीला-6

लेखक : लीलाधर उन्होंने एक हाथ से मेरे बाएँ पैर को उठाया और उसे घुटने से मोड़ दिया। अंदरूनी जाँघों को सहलाते हुए आकर बीच के होठों पर ठहर गये। दोनों

लीलाधर

विदुषी की विनिमय-लीला-5

लेखक : लीलाधर वे हौले-हौले मेरे पैरों को सहला रहे थे। तलवों को, टखनों को, पिंडलियों को... विशेषकर घुटनों के अंदर की संवेदनशील जगह को। धीरे-धीरे नाइटी के

लीलाधर

विदुषी की विनिमय-लीला-4

लेखक : लीलाधर काफी देर हो चुकी थी- "अब चलना चाहिए।" अनय ताज्‍जुब से बोले,"क्‍या कह रही हो? अभी तो हमने शाम एंजाय करना शुरू ही किया है। आज रात ठहर जाओ,

लीलाधर

विदुषी की विनिमय-लीला-3

लेखक : लीलाधर मिलने के प्रश्‍न पर मैं चाहती थी पहले दोनों दंपति किसी सार्वजनिक जगह में मिलकर फ्री हो लें। अनय को कोई एतराज नहीं था पर उन्‍होंने जोड़ा,"

लीलाधर

विदुषी की विनिमय-लीला-2

लेखक : लीलाधर धीरे-धीरे यह बात हमारी रतिक्रिया के प्रसंगों में रिसने लगी। मुझे चूमते हुए कहते, सोचो कि कोई दूसरा चूम रहा है। मेरे स्‍तनों, योनिप्रदेश से

लीलाधर

विदुषी की विनिमय-लीला-1

पाठकों से दो शब्द : यह कहानी अच्छी रुचि के और भाषाई संस्कार से संपन्न पाठकों के लिए है, उनके लिए नहीं जिन्हें गंदे शब्दों और फूहड़ वर्णन में मजा आता है।

लीलाधर

हुई चौड़ी चने के खेत में -5

मैं चाह रही थी कि काश वक्त रुक जाए और जगन इसी तरह मुझे चोदता रहे। पर मेरे चाहने से क्या होता आखिर शरीर की भी कुछ सीमा होती है। मैंने अपनी चूत का संकोचन किया

प्रेम गुरु

हुई चौड़ी चने के खेत में -4

'अबे साले... मुफ्त की चूत मिल गई तो लालच आ गया क्या?' मैंने अपनी गांड से उसकी उंगुली निकालने की कोशिश करते हुए कहा। 'भौजी.. एक बार गांड मार लेने दो ना?' उसने मेरे गालों को काट लिया।

प्रेम गुरु