मेरे ससुर ने मुझे चोदा-4
बाबू जी मेरे कमरे में आ गए और मेरे पास आकर मुझे छत पर ले गए, बोले- रत्ना मेरी जान.. आज चाँदनी रात है आज यहीं छत पर तुम्हें चोदने का मन हो रहा है।
Antarvasna कम्युनिटी को हमारी शानदार रिश्तों में चुदाई कहानियों के कलेक्शन से आपको पागल कर देने दें।
बाबू जी मेरे कमरे में आ गए और मेरे पास आकर मुझे छत पर ले गए, बोले- रत्ना मेरी जान.. आज चाँदनी रात है आज यहीं छत पर तुम्हें चोदने का मन हो रहा है।
बहू, तुम भी प्यासी हो और मैं भी प्यासा हूँ। देखो ना.. गोपाल को कितने दिन हो गए और तुम तो अभी जवान हो, सेक्सी गर्म औरत हो।
एक दिन हम टीवी देख रहे थे, घर पर सारे लोग अपने-अपने काम में मस्त थे। कमरे में सिर्फ़ मैं और वो ही थे, तभी टीवी पर एक बहुत ही रोमाँटिक सीन आया और मैंने उसे चुम्बन कर लिया।
मैं घाघरा-चोली में बहुत खूबसूरत लगती हूँ क्योंकि मेरे बोबे उस चोली में पूरे नहीं समा पाते थे और मेरी गोरी-गोरी टाँगें भी नंगी ही दिखती थीं, घाघरा घुटनों तक ही आता था।
जब से मैंने अपने ससुर का हलब्बी लौड़ा देखा था और 3 महीने से मेरे पति गोपाल भी यहाँ नहीं थे तो मेरी चूत में भी आग लगी हुई थी।
Mai Chud Gai Rishte Naate Bhul Kar-7 वो भी जब तैयार हो गए तो मैंने उनको कहा- बाकी रिश्तेदारों को खबर कर दीजिए कि उनकी बीवी की तबियत ख़राब है। उन्होंने कहा-
सुबह करीब 6 बज रहे थे कि मुझे कुछ मेरी कमर पर महसूस होने लगा। मैंने गौर किया तो वो मेरे बदन को सहला रहे थे। हम दोनों अभी नंगे थे, शीशे की खिड़की से रोशनी आ
Mai Rishte naate Bhool kar Chud Gai-5 सारिका कँवल लिंग अन्दर घुसते ही मुझे बड़ा आनन्द महसूस हुआ, उनके लिंग का चमड़ा पीछे की ओर खिसकता चला गया। मुझे बड़ी ही
सारिका कँवल वो मेरे ऊपर से हट गए और बगल में लेट गए। मैंने भी दूसरी और मुँह घुमा कर अपनी आँखें बंद कर लीं। मैंने न तो कपड़े ठीक करने की सोची और न अपनी योनि
सारिका कँवल मैंने और तड़प कर छटपटाने की कोशिश की, पर उनकी पकड़ इतनी मजबूत थी कि मेरा हिलना भी न के बराबर था। इसके बाद उन्होंने अपना हाथ हटा लिया और फिर
सारिका कँवल मैं लगभग नींद में थी कि मुझे कुछ एहसास हुआ मेरी टांगों में और मेरी नींद खुल गई। मैं कुछ देर यूँ ही पड़ी रही और सोचने लगी कि क्या है, तो मुझे
सारिका कँवल नमस्कार, मैं सारिका कँवल आप सभी पाठकों का धन्यवाद करना चाहती हूँ कि आप सबने मेरी कहानियों को इतना सराहा। मैं चाहती हूँ कि मैं आप सबको इसी तरह
दोस्तो, पिछले भाग में आपने जाना कि कैसे मैंने आंटी को पटाया और चोदा। किसी ने सच ही कहा है कि लत बहुत बुरी चीज है चाहे वो किसी चीज की हो। आदमी पहली बार जब
मेरा नाम सूरज सिंह है, मैं 23 साल का दिल्ली का रहने वाला नौजवान लड़का हूँ। यह कहानी पिछले साल की है जब मैं दिल्ली में ही अपने मामा के घर घूमने गया था। तो
सम्पादक : इमरान मेरा नाम आफताब है, महाराष्ट्र का रहने वाला हूँ। मैं 30 साल का नौ जवान हूँ, मेरी शादी हो चुकी है और मेरा एक बेटा भी है। मेरी यह कहानी
आमिर की उम्र 24 साल की है, वो अपनी अम्मी के साथ मुंबई में एक फ़्लैट में रहता था। उसके अब्बू इराक में रहते थे तथा साल में एक बार ही आ पाते थे। इराक की बदतर
मैंने दीदी से बोला- दीदी आपकी सहेली पिंकी बहुत मस्त है, उसको मैंने जब से देखा है मुझे उसकी गांड ही नजर आ रही है... दीदी किसी तरह उसकी गांड चटवा दो।
प्रेषिका : कौसर सम्पादक : जूजाजी मैं फिर करीब 05-30 बजे उठी तो शाम की फिर चिंता होने लगी कि आज ससुर जी को चाय कैसे देने जाऊँ। उनकी बात बार-बार याद आ जाती
प्रेषिका : कौसर सम्पादक : जूजाजी मैंने कहा- बाबूजी प्लीज़… मुझे पता है आप क्या करना चाहते हैं... प्लीज़ ऐसा मत करिए… यह बहुत लंबा है....बाबूजी प्लीज़... ऐसा
प्रेषिका : कौसर सम्पादक : जूजाजी उनके झटके बढ़ते गए और एकदम से उन्होंने पानी की धार मेरी चूत में छोड़ दी और वो मुझसे चिपक गए। मैं भी अपने आप को रोक ना सकी
प्रेषिका : कौसर सम्पादक : जूजाजी वो मुझे 20 मिनट तक दीवार पर खड़ा करके चोदते रहे, वो भी मेरे अपने कमरे में। उसके बाद एक करेंट सा लगा और मेरी चूत से पानी
प्रेषिका : कौसर सम्पादक : जूजाजी मैं नहा-धो कर जल्दी से रसोई में गई और उनका नाश्ता और दोपहर का खाना जल्दी से तैयार किया। मुझे उनकी तिलावत करने की आवाज़ आ
प्रेषिका : कौसर सम्पादक : जूजाजी मुझे नहीं पता फिर क्या हुआ, उसके बाद जब मेरी आँख खुली तो मेरे ऊपर एक चादर पड़ी थी और मैं अभी भी ससुर जी के बिस्तर पर ही
प्रेषिका : कौसर सम्पादक : जूजाजी मेरा नाम कौसर है। यह मेरी सच्ची कहानी है। हम शिकारपुर में रहते हैं। हम 3 बहनें हैं, मैं सबसे बड़ी हूँ। मेरे अब्बू काफ़ी
भैया मेरी बिना बालों वाली अधखिली गोरी गुलाबी चूत को देखता रह गया। भाई ने मेरे पूरी चूत हाथ मे थाम ली, उसको दबा दिया और बोला- हाए ॠदिमा.. मेरी बहन क्या चीज़ है तू…
मैं पेशाब करने के लिए उठा और पेशाब करने लगा और जब वापिस आया तो मैंने देखा मेरी मौसी की लड़की मेरे बिस्तर के पास लेटी थी। उसका सीना मेरी पैरों की तरफ़ था। मैं धीरे-धीरे अपने पैर के पंजों से उसके मम्मे को छूना शुरू कर दिया
आदित्य शुक्ला दोस्तो, आप सब कैसे हो..! उम्मीद करता हूँ कि सब मस्त होगे ! आप लोग सोच रहे होगे कि यह कहीं स्कूल की चिठ्ठी तो नहीं लिख रहा है, पर ऐसा नहीं है
इरफ़ान मैंने उसका हाथ अपने लंड पर और भींच दिया। उसने कहा- मामू, भाई का तो बहुत छोटा है? मैंने उसके हाथ से अपने लंड को सहलाते हुए कहा- अलीफ़ा वो अभी छोटा है
इमरान यह कहानी भी मेरे एक दोस्त शकील की है, उसके कहने पर ही मैंने लिख कर भेजी है। उसी के शब्दों में पेश है आज से तक़रीबन 6 साल पहले की बात है जब मैं अपनी
मैं 30 साल का एक युवक हूँ। मैं दिल्ली में रहता हूँ। अभी 6 महीने पहले ही मेरी शादी एक मासूम लड़की अंजलि के साथ हुई। उसकी उम्र लगभग 21 साल है। मैं अपनी बीवी
आर्यन इंजीनियर मैं उसे चुम्मी करने लगा और मेरा लण्ड उसकी चूत के आस-पास छू रहा था। मेरे लिए यही काफ़ी बड़ा सुख था। मैं उसके ऊपर ही हिलने लगा और मज़ा लेने
सुनीता और अजय दोनों भाई-बहन अपनी दीदी अनीता के यहाँ आ गये थे। अनीता ने भाई बहन की खूब खातिरदारी की। सुनीता ने पूछा- दीदी, कहीं मौसा जी दिखाई नहीं पड़ रहे
रानी मधुबाला रात के करीब दो बजे सुनीता का हाथ रामलाल के लिंग को टटोलने लगा। वह उसके लिंग को धीरे-धीरे पुन: सहलाने लगी। बल्ब की तेज रोशनी में उसने सोते हुए
रात हुई, दोनों बहनें अलग-अलग बिस्तरों पर लेटी। सुनीता आँखें बंद करके सोई हुई होने का नाटक करने लगी। रात के करीब दस बजे धीरे से दरवाजा खुलने की आवाज आई।
अनीता अपने ससुर की पक्की चेली बन गई। अब वह ससुर के खाने-पीने का भी काफी ध्यान रखती थी ताकि उसका फौलादी डंडा पहले की तरह ही मजबूत बना रहे, पति की नपुंसकता
रामलाल जब लिंग धोकर बाथरूम से लौटा तो उसके गोरे, मोटे और चिकने लिंग को देख कर अनीता की योनि लार चुआने लगी। योनि रामलाल के लिंग को गपकने के लिए बुरी तरह
नमस्कार दोस्तो, कैसे हो आप? मेरा नाम निखिल है, कानपुर का रहने वाला हूँ, अभी उच्च अध्ययन कर रहा हूँ। कॉलेज में मैं बहुत सी लड़कियों को चोद चुका हूँ। मेरी
बहू के नितम्बों को सहलाने के बाद तो उसका भी तनकर खड़ा हो गया था, इधर अनीता के अन्दर का सैलाब भी उमड़ने लगा, उसके तन-बदन में वासना की हजारों चींटियाँ काटने
अनीता की शादी अनमोल से हुई और सुहागरात को अनमोल की मुँहबोली भाभी उन दोनों को एक साथ कमरे में करके अनीता को बता गई कि अनमोल शर्मीला तो संभोग की पहल अनीता
यह कहानी शबाना नाम की एक लड़की ने मुझे भेजी थी, जो मैं आप के सामने उन्हीं के शब्दों में पेश कर रहा हूँ. हैलो दोस्तो, मेरा नाम शबाना है, मेरी उम्र 22 साल
मेरी पहली चुदाई के बाद भाभी मुझसे इतनी घुल मिल गई थीं कि मुझे कभी भी चुम्बन कर लेतीं, तो कभी मेरे लंड को पकड़ लेतीं। जब मैं कहीं से घूम कर आता तो वो अपने बदन से साड़ी का पल्लू उतार कर दरवाजा बोलतीं- ले पी ले अपनी भाभी का दूध ! मुझे घर में सिर्फ उनका दूध ही पीने की इज़ाज़त थी
पिंकी सेन हाय दोस्तो, हाऊ आर यू... लो मैं आपके लिए कहानी का नया भाग लेकर आ गई। पिछले भाग में आपको लगा कि कोई दो नई सील पैक लड़कियाँ आयेंगी, लेकिन आरोही तो
पापा जी शायद सेक्स के माहिर खिलाड़ी थे क्योंकि अब वो मेरे दोनों उत्तेजनादायक जगहों पर यानि की स्तन और चूत को एक साथ रगड़ रहे थे, बीच बीच में मेरी बाहों के नीचे कांख वाले हिस्से पर भी जीभ फिरा रहे थे।
पापा जी ने मुझे पीछे से आकर पकड़ लिया, मैं चिल्लाई और उनसे छूट कर भागी और इस भागदौड़ में मेरा तौलिया भी गिर गया, अब मैं सिर्फ पैंटी और ब्रा में ही रह गई थी।
मेरा नाम स्वाति है, 28 साल की शादीशुदा हूँ, मेरा कद 5'7" है, मेरे उरोज बहुत कसावट लिए हुए 34 इन्च के हैं, मेरी कूल्हे या सेक्सी भाषा में कहें तो मेरी गाण्ड उभरी हुई गोल और 37 इन्च की पर बहुत ही आकर्षक और सेक्सी है, जांघें मस्त भरी भरी और मांसल, पिंडलियाँ सुडौल...
पिंकी सेन हैलो दोस्तो, आपकी दोस्त पिंकी एक बार फिर आपके लिए नया भाग लेकर हाजिर है। पिछले भाग को आपने इतना पसंद किया और इतने मेल किए कि मुझे बहुत अच्छा
मैंने बताया कि मैं काफी समय से उसे नंगी देखना चाहता था और बोबे दबाना चाहता था इसीलिए ऐसे सपने मुझे कई बार आ चुके हैं। नेहा ने मुझे गले से लगा लिया और मुझे होठों पर चुम्बन करने लगी
पिंकी हैलो फ्रेंड्स, आपकी दोस्त पिंकी फिर हाजिर है कहानी के एक गरमागरम भाग के साथ ! आप कहानी का आनन्द लीजिए, मुझे उम्मीद है कि आपको आज का भाग अच्छा लगेगा।
चूची से जीजाजी की गाण्ड मारी-8 अलीशा सुधा मैंने उन्हें छेड़ते हुए कहा- जीजाजी को आज तीन गाड़ी चलानी हैं इसी लिए इस गाड़ी को नहीं चलाना चाहते। और मैं
रॉक राजपूत हैलो दोस्तो, मैं दिल्ली से हूँ, मेरा नाम रॉक राजपूत है, मेरी उम्र 23 साल, कद 5'6" स्मार्ट हूँ, लंड का साइज़ 7" से थोड़ा ज़्यादा है। मुझे चूत
पिंकी आपके मेल आए ख़ुशी हुई दोस्तो, आपकी दोस्त आ गई है अपनी कहानी के नए भाग के साथ। अब आपको समझ में आ जाएगा कि इस कहानी में आगे क्या होने वाला है। अब तक
पिंकी हाय फ्रेंड्स, आपकी दोस्त फिर आ गई है कहानी के एक नए भाग के साथ, पढ़िए और मज़ा लीजिए। अब तक आपने पढ़ा कि राहुल और आरोही शॉपिंग करते हैं फिर लंच के बाद
दोस्तो, मेरा नाम संजू गुप्ता है, उम्र 24 साल, अभी मेरी शादी नहीं हुई है। मेरे परिवार में 7 लोग हैं। मैं, मेरा भाई, मेरे माँ-बाप, भाभी और भाभी के दो बच्चे।
मेरा नाम समीर है, यह कहानी मेरी और मेरी दीदी की है, कहानी एकदम सच्ची है। बात तब की है जब मैं दिल्ली अपनी मौसी की लड़की यानि मेरी दीदी के घर गया था। उनका
सलोनी- ओके बेबी… अब पीछे से तो हट… जब देखो… कहीं न कहीं घुसाता रहेगा… अब इसको बाज़ार में जरा संभाल कर रखना… ओके? पारस- भाभी यही तो कंट्रोल में नहीं रहता,
नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम ध्रुव सिंह है। यह मेरी पहली कहानी है, मैं आशा करता हूँ कि आप लोगों को मेरी कहानी पसंद आएगी। मैं इलाहाबाद में रह कर पढ़ाई कर रहा
कहानी का पिछला भाग: कड़क मर्द देखते ही चूत मचलने लगती है-1 मौसा जी लॉबी से गिलास उठा लाए। उसमें शराब थी। बोले- पी लो थोड़ी सी.. तुझे भी मस्त नींद आएगी।
मैं एक शादीशुदा चुदक्कड़ औरत हूँ और शादी से पहले कॉलेज की एक चुदक्कड़ ‘माल’ रही हूँ। मैंने कई तरीके के लंड डलवाए, चूसे और चाटे हैं, लेकिन शादी हुई तो ...
वाकयी सलोनी की चूत बहुत खूबसूरत है, उसके छोटे छोटे होंट ऐसे आपस में चिपके रहते हैं जैसे किसी किशोर लड़की के... और चूत का रंग गुलाबी है जो उसकी गदराई सफ़ेद जांघों में जान डाल देता है।
प्रेषक : सतेंद्र भाटी अन्तर्वासना पढ़ने वाले सभी चूत और लण्ड को मेरा सलाम। यह मेरा पहला सेक्स अनुभव है। मैं आप सबको अपना परिचय देता हूँ। मैं सतेंद्र भाटी
कहानी का पिछला भाग: ससुर जी के दोस्तों ने मुझे पेला-1 प्रिंसिपल मुझे कमरे में बिठा कर मेरे लिए कोल्ड ड्रिंक लेकर आए, दरवाज़ा बंद किया और मुझे बाँहों में भर
बबिता की आँखें नाचने लगीं थी। उसकी कहानी ससुर के लंड से लिखी जा रही थी और वाकयी ससुर शमशेर का बुड्ढा लंड जवानों के लंड से भी बेहतरीन था वो कहते हैं ना "पुराने देसी घी और पिशौरी बादाम खाए हुए थे !"
शमशेर सिंह ने अपने भतीजे रणधीर सिंह की शादी एक ऐसी लौंडिया से करवाई, जो कमाल की हसीना थी। लौंडिया का नाम बता देना सही रहेगा, उस हसीना जिसकी गरमागरम जवानी कमाल की थी, उसका नाम था बबिता। जब बबिता अपने दूल्हे-राजा के घर आई तो उसके सपने काफ़ी रंगीन थे।
रुखसाना पर तो अभी जवानी का पूरा जोर था, पर उसका शौहर उससे लगभग दोगुनी उम्र का, सारा दिन काम में थक हार कर रात को आता तो वह रुखसाना के जवानी से उबलते जिस्म की प्यास बुझा नहीं पाता था। इसलिए रुखसाना कुछ उदास सी रहती थी।
मेरा नाम अमित है, गाज़ियाबाद से हूँ, 27 साल उम्र है। मैं एक बार फिर से हाजिर हूँ अपने साथ हुई एक औ घटना के साथ ! मेरी पिछली कहानियाँ बहुत से लोगों ने पढ़ी,
मैंने फिर उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए। वो चीखना चाहती थी पर मैंने उसका मुँह अपने मुँह से बंद कर दिया। मैं उसके उरोजों को सहलाने लगा। वो मना करती रही पर मैं अपना काम करता रहा।
चाचा ने मुझे गोद से उतारकर बेड पर लिटाया और मेरे निप्पल को होंठो से चूस कर मुझे और ज्यादा पागल कर दिया, हाथ की बजाए मुँह से ज़्यादा मजा आया।
मेरा नाम फ़ातिमा है, उम्र अभी केवल 18 की है, मैं एकलौती हूँ मेरी अम्मी सायरा अभी केवल 34 साल की हैं। मेरे चाचाजान जो पास के ही एक छोटे से शहर में रहते हैं,
प्रेषक : राहुल दोस्तो, अन्तर्वासना पर कई लोगों ने अपने अनुभव शेयर किए हैं। आज मैं भी आपके साथ एक अनुभव शेयर करने जा रहा हूँ और यह एकदम सच्ची कहानी है।
मेरा नाम अंजू, उम्र 19 साल, जयपुर की रहने वाली हूँ। मेरे बदन के अंगों की बनावट बहुत ही आकर्षक है। मेरा फिगर 36-30-38 था, मुझे देख कर किसी का भी लंड खड़ा