मेरी काम वासना के रंगीन सपने -1
पति की नाकामयाबी मेरे साथ एक धोखा सा था.. पति को धोखा देना कोई पाप नहीं लग रहा था। अगर मेरे पति बिस्तर में कामयाब और नॉर्मल होते.. तो आज उनके साथ खुश रहती..
Antarvasna कम्युनिटी को हमारी शानदार रिश्तों में चुदाई कहानियों के कलेक्शन से आपको पागल कर देने दें।
पति की नाकामयाबी मेरे साथ एक धोखा सा था.. पति को धोखा देना कोई पाप नहीं लग रहा था। अगर मेरे पति बिस्तर में कामयाब और नॉर्मल होते.. तो आज उनके साथ खुश रहती..
मेरी गर्लफ़्रेन्ड मुझे अपनी तलाकशुदा मौसी के घर बुलाया करती थी मौज मस्ती के लिये… ऐसे ही एक दिन वहाँ उसके पापा आ गये, मुझे छुपना पड़ा और बाद में मौसी ने मुझे पकड़ लिया।
बेटी की शादी में मुझे मेरी समधन बहुत भा गई, 45 साल की, गोरी चिट्टी, खूब भरवां बदन... लेकिन लड़की का बाप हूँ तो क्या कर सकता था... कहानी पढ़िए और मज़ा लीजिये...
मेरे घर के पास ही मेरा भाई और भाभी रहते हैं। एक दिन मैं कॉलेज से लौटा तो देखा भय्या-भाभी के घर एक बहुत सुन्दर सेक्सी लड़की आई है तो जल्दी से भाभी के घर गया... यह भाभी की चचेरी बहन है। वो लड़की बहुत बहुत सेक्सी थी, गुलाबी लब, गोरा रंग, टाइट गोल गोल बूब्स... कहानी में पढ़िए कि क्या हुआ?
गांड मरवाते हुए रीना रानी को इतना बेतहाशा मज़ा आया कि वो अनेकों बार चरम सीमा पार कर गई। यह हाल हो गया कि चूत से बहते ढेर सारे रस की वजह से खीरे को टिकाये रखना दूभर हो गया। आखिर में दनादन ज़ोर दार धक्के मार मार कर मैंने झाड़ के सारा लावा उसकी ज़रा सी गांड में भर दिया।
मेरे साले की बेटी ने अपनी चूत की नथ मुझसे उतरवाने की मंशा जाहिर की… इस कहानी में पढ़िए कि कैसे रीना ने अपने ही घर सील तुड़वाने के बाद मुझे स्वर्ण अमृत पिलाया ! और उसके बाद रीना की ऐसी धमाकेदार चुदाई हुई कि वो बार बार झड़ कर मुझे गालियाँ देने लगी और जोर जोर से चोदने को कहने लगी… आप खुद ही पढ़िये इस भाग में…
मेरे साले की बेटी ने मुझे मेल करके अपनी चूत की नथ मुझसे उतरवाने की मंशा जाहिर की.. उसकी जिद के कारण मैं पहुँच गया उसके घर… दिन में थोड़ी मस्ती की एक रेस्तराँ में जाकर… रात को उसके बेडरूम में गया तो रीना अपने यौवन पर चादर औढ़ कर लेटी थी… इस कहानी में पढ़िए कि कैसे रीना ने सील तुड़वाने के बाद मुझे स्वर्ण अमृत पिलाया !
मेरे साले की बेटी ने मुझे मेल करके अपनी चूत की नथ मुझसे उतरवाने की मंशा जाहिर की.. उसकी जिद के कारण मैं पहुँच गया उसके घर… दिन में थोड़ी मस्ती की एक रेस्तराँ में जाकर… रात को उसके बेडरूम में क्या हुआ… इस कहानी में पढ़िए!
मेरे साले की बेटी ने मुझे मेल करके अपनी चूत की नथ मुझ चूतेश से उतरवाने की मंशा जाहिर की.. उसकी जिद के आगे झुक कर मैं पहुँच गया उसके घर… दिन में थोड़ी मस्ती की एक रेस्तराँ में जाकर… अब रात को क्या हुआ… इस कहानी में पढ़िए!
मेरे साले की बेटी ने मुझे मेल करके अपनी चूत की नथ अपने फूफा यानि मुझ चूतेश से उतरवाने की मंशा जाहिर की.. मैंने उसे समझाया भी लेकिन वो नहीं मानी... तो मैं पहुँच गया उसके घर… इस कहानी में पढ़िए कि कैसे क्या हुआ...
अन्तर्वासना पर मेरी कहानियाँ पढ़ के मेरे साले की बेटी ने मुझे मेल करके अपनी चूत की नथ अपने फूफा यानि मुझ चूतेश से उतरवाने की मंशा जाहिर की.. मैंने उसे समझाया भी लेकिन वो नहीं मानी... इस कहानी में पढ़िए कि कैसे क्या हुआ...
मैं बाबूजी के खाने के बर्तन उठा रही थी तो उनको मेरे मम्मे के दर्शन हुये थे। मैं तो शर्मा कर भाग गई लेकिन मुझे लगा कि अब बाबूजी मुझे बाथरूम में नंगी देखते हैं, मेरे बदन को छूने की कोशिश करते हैं। एक दिन जब हम दोनों घर मे अकेले थे तो…
भांजी को अरसे बाद देख मेरा मन ललचा गया, रात को सब सो गए, वो मेरे पास बैठ कर मोबाईल में कुछ कर रही थी, मैंने उसके बदन को छूने लगा और उसने अपनी चिकनी चूत कैसे मुझे परोस दी, इस कहानी में पढ़िए ..
अपनी बहन के घर मैंने अपनी भांजी को काफी दिनों बाद देखा तो मेरा मन ललचा गया.. मैं उसके समीप रहने लगा और रात को सब सो गए तो वो मेरे पास थी, इस कहानी में आप पढेंगे कि कैसे मेरी भांजी ने मुझे अपनी चिकनी चूत के दर्शन करवाए
मैं अपनी दीदी के घर रहने गया तो एक दिन दीदी की ननद सविता और मैं अकेले थे. वो मुझसे मेरी गर्लफ्रेंड के बारे में पूछने लगी तो मैंने कहा कि मैं दो गर्लफ्रेंड को चोद चुका हूँ ! आगे क्या हुआ जानने के लिए पढ़िए !
मेरे जीवन में जवानी की दस्तक से मैं हर किसी लड़की को चोद देने वाली निगाहों से देखता था. एक बार मैं अपनी मामी के मायके गया, उनकी सोती हुई छोटी बहन का नंगा बदन देख मुझसे रहा नहीं गया और...
मैं अजब उलझन में हूँ इन दिनों… 26 वर्ष की उमर कम नहीं है शादी के लिये तो घर वाले विवाह के लिये दबाव डाल रहे हैं, रिश्ते भी काफ़ी आ ही रहे हैं, हर लड़के के
मैं पिछले कई साल से अपने मामू जान से बेपनाह मुहब्बत करती हूँ, उनसे निकाह करना चाहती हूँ लेकिन डरते हैं क्योंकि मेरे अब्बू बहुत कड़क किस्म के इंसान हैं.. मेरी अम्मी भी मेरे अब्बू के सामने थर थर कांपती हैं..
मैं अठरह की हो चुकी थी मगर मुझे सेक्स की कुछ समझ नहीं थी कि मेरे सगे मामा ने मेरी कुंवारी चूत का भोग लगाया फिर एक हिजड़े जैसे आदमी से मेरी शादी करवा के मुझे माँ भी बनाया
मैंने उसे चित लिटाया और उसकी गाण्ड के नीचे तकिया लगाया.. उसके पैरों को फैलाया। फिर मैंने अपना लण्ड उसकी चूत पर रख दिया। जब मेरा लण्ड का सुपाड़ा ही उसकी चूत में गया था.. वो जोर से चिल्लाने लगी- नहीं.. उई.. मुझे छो..ओ..ओ..ड़ दो.. मुझे.. न..अहीं.. चुदना.. म्मम्ममाआआआइन.. माअर.. जाऊँ.. ग्गगीई.. अपन्ना.. लण्ड निकाल लो.. ओह्ह्ह..
मैं धीरे से अपने पैर से मामी के गाउन को ऊपर करने लगा। मेरी थोड़ी सी कोशिश से ही गाउन मामी के घुटनों तक आ गया और मैं उनसे चिपक कर लेट गया।
जैसे ही मैं वहाँ पहुँची तो वो लपक कर मेरे पीछे आ गए और मुझे दबोच लिया, मेरा मुँह दीवार से सटा दिया, मेरा एक पैर उठा कर वाशबेसिन पर रख दिया..
मेरे चाचा जी ने दोनों हाथ से मेरे मम्मों को दबाया और पागलों के जैसे चूसने लगे। फिर एक हाथ से मेरी पैन्टी को उतारा, चूत पर ले जाकर उसमें दो ऊँगलियाँ डाल दीं।
मैंने टी-शर्ट उतारी, ब्रा को सूंघा और चाटने लगी और उस वीर्य से भरी ब्रा को पहन लिया.. जब गीली-गीली ब्रा मेरे सूखे चूचों पर लगी.. तो मेरी सिसकारी निकल गई।
मैं सुदर्शन.. इससे पूर्व आपने मेरी कहानी 'चूत चोद कर शादी की' पढ़ी थी। वो कहानी मेरे छोटे जीजाजी की बहन को अपना हमसफर बनाने के बारे में थी। अब मैं अपने
मेरे खुले मुख को देख कर ससुरजी मुस्करा पड़े और उन्होंने बड़े ही आराम से अपने लिंग को उसके अंदर धकेल दिया तथा आहिस्ता आहिस्ता धक्के देकर अंदर बाहर करने लगे।
फिर ससुरजी ने मुझे सहारा देकर बिस्तर पर बिठा दिया और मेरी नाइटी को ऊपर कर के मेरे शरीर से अलग कर दी तथा मेरी टांगों से मेरी पैंटी भी उतर कर मुझे पूर्ण नग्न कर दिया।
ससुरजी जब मेरे कमरे की लाईट बंद करके अपने कमरे में सोने के लिए जाने लगे तब मैंने उन्हें कहा– पापाजी, रात में मुझे बाथरूम में जाने एवं पैंटी उतरवाने के लिए आपकी ज़रूरत पड़ सकती है इसलिए आप मेरे कमरे में मेरे साथ वाले बिस्तर पर ही सो जाइए।
ससुरजी के मुख से मेरी योनि में से खून का रिसाव की बात सुनते ही मेरा माथा ठनका और मैं समझ गई कि मुझे मासिक-धर्म आ गया था और वह गीलापन उसी के कारण था।
मित्रो और सखियो, आपने मेरी कहानी ममता की धुंआधार चूत चुदाई पढ़ी, उसके लिए आप सभी का धन्यवाद ! अब कहानी आगे: घण्टी की आवाज सुन कर मेरी गांड फ़टी और मैंने उसे
मैं अमित दूबे, मेरी आयु 25 साल है पिछली कहानी के प्रकाशन के लिए अन्तर्वासना का दिल से आभार व्यक्त करता हूँ। टीवी देखते देखते चूत में उंगली की यह कहानी
पोर्न कहानी का पहला भाग : मेरे चाचू ने बेरहमी से चोदा-1 पोर्न स्टोरी का चौथा भाग : मेरे चाचू ने बेरहमी से चोदा-4 सम्पादक : जूजा जी मेरे चाचू हसन मुसलसल
कहानी का पिछला भाग : मेरे चाचू ने बेरहमी से चोदा-3 सम्पादक : जूजा जी रात को हसन के प्लान के मुताबिक़ जिस कमरे में हम दोनों सोते थे.. वहाँ हमारे आने से 4-5
मेरी पोर्न स्टोरी का पिछ्ला भाग : मेरे चाचू ने बेरहमी से चोदा-1 फिर कुछ दिनों बाद मेरा ब्वॉय-फ्रेंड वलीद कराची से आया हुआ था। वो भी मेरा रिश्तेदार था तो
अब दीपक भी चरम सीमा पर पहुँच गया था.. प्रिया की दहकती गाण्ड में लौड़ा ज़्यादा देर नहीं टिक पाया उसको लगा कि अब कभी भी पानी निकल जाएगा तो उसने प्रिया की कमर
प्रिया- हाँ भाई.. दिख रहा है मगर मुझे थोड़ा डर लग रहा है.. आपका इतना लंबा लौड़ा मेरी छोटी सी गाण्ड में कैसे जाएगा। दीपक- अरे पगली.. जब चूत में चला गया.. तो
यह एक पाकिस्तानी चुदाई की कहानी है, एक बेरहमी से चुदाई की है। मेरा नाम साना है और अब मैं कराची में रहती हूँ। मेरी उम्र 18 साल है.. मेरा रंग बिल्कुल दूध की
प्रिये मित्रो, आज मैं आपको एक सच्ची कहानी सुनाने जा रहा हूँ, आशा है आपको पसंद आएगी। राखी के अवसर पर मैं अपनी पत्नी और बेटे के साथ अपने ससुराल गया। ससुराल
मैं जब भी गाँव जाता था तो अपनी चूत चुसवा और चुदवा लेती। उसने अपनी 31 साल की बड़ी बहन को भी मुझसे चुदवाया। अब उसका किसी और के साथ चक्कर चल रहा है।
विकास ने चोदने की रफ़्तार और तेज कर दी थी.. वो भी थक गया था और उसकी उत्तेजना भी चरम सीमा पर थी.. बस लौड़े की ठाप से चूत को पीट रहा था.. जैसे ही दीपाली की
हैलो दोस्तो, मेरा नाम अभिनंदन है.. मेरा कद 5 फिट 6 इंच है.. मेरा रंग सांवला जरूर है मगर मेरी फिगर तो किसी से भी किसी तरह कम नहीं है। मेरे रंग को ना देख कर
दीपाली देर तक सोती रही क्योंकि आज स्कूल तो था नहीं और कल की चुदाई से उसका बदन दुख रहा था। करीब 9 बजे उसकी मम्मी ने उसे बाहर से आवाज़ लगाई- अब बहुत देर हो
Maami ki Choot ka Ahsan दोस्तो, मेरा नाम योगेश है, मैं बीटेक के तीसरे वर्ष का छात्र हूँ और आगरा का रहने वाला हूँ। आज मैं आपको मेरी जिंदगी की एक सच्ची घटना
दीपक- अरे मेरी जानेमन तेरे लिए तो मैंने ये सब खेल खेला है.. अपनी बहन तक को चोद दिया.. तू क्यों तड़फ रही है.. आ जा ले तू ही चूस कर खड़ा कर दे इसे। दीपाली-
उसके बाद मैं उनके पेट से होता हुआ उनकी फ़ुद्दी के पास आ गया और उनके जिस्म को चाटने लगा। मेरी सास मेरा सर अपनी फ़ुद्दी के ऊपर ले गई और दबाने लगी।
नमस्कार दोस्तो, मैं दीपक श्रेष्ठ पुनः हाजिर हूँ आपके सामने अपनी कहानी 'मेरे लण्ड का अनोखा शोषण' का अंतिम भाग लेकर.. दोस्तो, मैं जानता था कि आप लोगों को
अभी तक आपने पढ़ा और जाना कि रानी कौन थी और मैं कैसे उसके साथ मजे लेता आया था। फिर अचानक मैं उससे दूर हो गया और 6 साल बाद मैं उससे मामाजी की शादी में मिला।
दीपाली एकदम ध्यान से सब सुन रही थी। प्रिया- अब सुन मेरी बात पिछले एक साल से मैं चुदाई की कहानी पढ़ रही हूँ और हर तरह की कहानी मैंने पढ़ी हुई हैं.. उसमें
उन्होंने फिर मुझसे पूछा- तुमने पहले कभी किसी को चोदा है? मैंने कहा- नहीं.. केवल मूठ मारी है। तो बड़े चाव से बोली- किसके लिए? मैंने कहा- बहुत सी लड़कियों के
सम्भोग के बारे में ज़्यादा कुछ जानती नहीं थी। वैसे मेरी बहन ने उसे पहले ही सब बता दिया था कि मर्द अपना लंड उसकी फुद्दी में डाल कर चोदता है.. पर जब मैंने अपना लौड़ा उसे थमाया और उसने जब उसे देखा, तो वो रोने लगी।
हाय श्रेया.. अब तैयार हो जाओ... मैं अपना लण्ड तुम्हारी कुंवारी चूत में पेलने जा रहा हूँ.. आ आ आहह... मैंने अपना लण्ड कुंवारी चूत में चाँप दिया।
कुंवारी चूत को छुआ, जिसकी रगड़ उसको मदहोश कर रही थी। मैं अपना हाथ नीचे सरका कुंवारी चूत का जायजा लेने लगा जो गीली थी। मैंने अपना हाथ उसकी कुंवारी चूत पर रखा…
यारो... 18 साल की कुंवारी चूत को चोदने का मजा कुछ और होता है। जब मैंने अपनी मस्त अक्षतयौवना भाँजी श्रेया की कुंवारी चूत को चोदा तो पिछली सारी चुदाई भूल गया।
मेरा नाम नफ़ीसा है, मेरी उम्र अब 21 साल है। जब मेरी उम्र काफ़ी कम थी तब से मैं अपने चचाजान से बहुत डरती थी क्योंकि मेरे चचाजान मेरे साथ पता नहीं क्या क्या
उसने अपने नितम्ब उठा कर पेंटी को खोलने में सहमति प्रदान की, मैंने पेंटी को खींच कर उतार फेंका फिर धीरे से उसकी टांगों को चौड़ी कर उभरी हुई योनि के गुलाबी भगोष्ठ को अपनी उंगली से हल्का सा फैलाया और अपनी जीभ उस पर टिका कर चूसने लगा।
अनन्या भी अब उत्तेजित हो चुकी थी इसलिए तुरन्त अपने सारे कपड़े खोल कर हमारे खेल में शामिल हो गई और जैसा अभी मूवी में देखा था वैसे ही घुटनों के बल झुक कर सोनी के पास बैठ कर उसके उरोज़ चूसने लगी।
रोनी सलूजा अपनी ऑफिस की सहायिका लीना की कहानी आपके समक्ष लेकर उपस्थित है। मेरी कहानियाँ पढ़ने वाले सभी लीना को जानते हैं, नये पाठकों को 'कामदेवियों की चूत
मैंने सोनी की पीठ पर हाथ फिराना शुरू किया तो वो भी पीछे मेरे पास आकर बैठ गई। मैं धीरे-धीरे उसके उरोजों को मसलने लगा था और वो भी हल्की-हल्की सिसकारियों के साथ मेरा साथ दे रही थी। कुछ ही मिनटों में मैंने उसका टी-शर्ट ऊपर कर उतार फेंका और ब्रा के हुक खोल
मैंनेअपने होंठ सोनी के होठों से हटाकर कर उसके वक्षों और नाभि को चूमते हुए उसके कटिप्रदेश की ओर बढ़ा दिए और पैंटी के ऊपर उन्हें चूमने लगा फिर दोनों हाथों से पैंटी को नीचे कर उतार फेंका। मैंने उसकी दोनों टाँगें चौड़ी की और अपनी जीभ उसकी योनि में घुसा दी तो वो कसमसा उठी
सोनी ने अनन्या को पूछा कि तुमने किसी का लिंग देखा है तो अनन्या ने ना कहा तभी बातों ही बातों में सोनी ने मुझे कहा- अभि… आज हम दोनों को अपना लिंग दिखाओ… !
मैं बोला- तुम जानती हो मुझे ये बुक्स कहाँ मिली… मेरे डैडी की अलमारी में ऐसी 30-35 बुक्स हैं… वहाँ सैक्स के वीडियो कैसेट्स भी है… मैं इसे वहीं से लाया… तुम जानती हो मेरे मम्मी-डैडी हर बुधवार और शनिवार को सैक्स करते हैं… मैंने उन्हें कई बार सैक्स करते हुए देखा है।
मैंने स्कूल के अपने दोस्तों से भी सैक्स की चर्चा करना शुरू किया तो पता चला कि उनमें से कुछ ही सैक्स के बारे में जानते थे और जो जानते थे वो भी मुझ से बहुत पीछे थे। हालांकि मैंने कभी किसी दोस्त को अपने मम्मी-डैडी की रति क्रीड़ा के बारे में नहीं बताया था।
यह कहानी लगभग काफ़ी वर्ष पहले शुरू हुई जब मैं बहुत छोटा था। मैं तब अपने मम्मी, डैडी के साथ अपने तीन मंजिला घर में रहता था। एक दिन मैंने अपने डैडी की अलमारी में छुपा कर रखी सैक्स कहानियों की किताबों का खज़ाना देख लिया था।
मैं सिप्पी राय टिब्बी गाँव का रहने वाला हूँ। यह मेरी पहली कहानी है उम्मीद करता हूँ आपको पसंद आएगी। मेरे छोटे भाई की शादी थी इसलिए कुछ मेहमान 2-4 दिन पहले
Ghar ke Laude-7 रानी- बस ज़्यादा तेवर मत दिखाओ... मैं जानती हूँ तू यहाँ क्यों आया है। अब चुपचाप अपना काम कर और चलता बन मुझे नींद आ रही है। विजय- क.. कौन
Ghar ke Laude-4 रानी- आहह पापा ऊउउहह बहुत दर्द हो रहा है.. प्लीज़ बस अब निकाल लो... आह मैं मर जाऊँगी ऊउउहह... पापा- अरे कुछ नहीं होगा.. मेरा जान ये तो आज
Ghar ke Laude-3 पिन्की सेन रानी- पापा आपका तो अजय और विजय से भी बड़ा है, उन्होंने ही इतना दर्द दिया और आप तो मेरी जान ही निकाल दोगे। पापा- अरे रानी...
Lundo Ki Holi-2 ससुर जी ने कहा- अब सब घर की महिलायें घर में छुप जायें, अगर हमने किसी को ढूँढ लिया तो सब मिलकर उसे चोदेंगे। तब घर की सारी महिलायें भागने
हाँ यार, वो तो कई बार... उसकी फ़ुद्दी भी खूब चाटी है... और चूचियाँ भी कई बार पी हैं। उसके चूतड़ों के बीच लौड़ा घुसा कर लेटा रहता हूँ, बहुत मजा आता है...
मैं छुट्टियों में घर गया तो वहां कोई रिश्तेदार लड़की 22-23 साल की आई हुई थी। वह बहुत ही मस्त थी, वो मुझे देखते ही मुस्कुरा दी थी। काफी दिन से मेरे साथ कोई लड़की हाथ नहीं लगी थी।