मेरी सोनी मेरी तमन्ना-1
हाय पाठको, मैं नागपुर में रहता हूँ मेरा नाम नब्बू हैं और उम्र 25 साल है। मैं एक सरकारी कंपनी में काम करता हूँ और मैं अच्छा खासा कमा लेता हूँ। मेरे घर में
Antarvasna कम्युनिटी को हमारी शानदार जवान लड़की कहानियों के कलेक्शन से आपको पागल कर देने दें।
हाय पाठको, मैं नागपुर में रहता हूँ मेरा नाम नब्बू हैं और उम्र 25 साल है। मैं एक सरकारी कंपनी में काम करता हूँ और मैं अच्छा खासा कमा लेता हूँ। मेरे घर में
उसकी चूत की खुशबू से मुझे जैसे नशा सा चढ़ने लगा था, मैंने उसकी पैंटी उतार कर देखा कि उसने चूत से बाल साफ़ कर रखे थे। उसकी चूत गुलाबी थी, मैंने अपनी जुबान से उसको चूसना शुरू किया। वो और उछलने लगी और मेरे सर को जोर से दबाने लगी।
लौड़े का स्वाद मेरी फुद्दी के कोरे-कोरे गुलाबी होंठों को लग चुका था, उधर शेर के मुँह को मेरी जवानी का खून लग चुका था, आग दोनों तरफ पूरी-पूरी लग चुकी थी।
प्रेषक : लवगुरु खान सभी पाठकों के उत्तेजित भरे लिंगों एवं योनियों को आदित्य शर्मा, रांची के लंबे लिंग का सलाम। मैं एक बड़े महाविद्यालय से वाणिज्य प्रबंधन
उसने मुझे कन्धों से पकड़ कर नीचे की ओर झुकाया। मैं उसके सामने घुटनों के बल बैठ गई और मैंने धीरे से आलोक की पैंट खोल कर उसके लिंग को अन्डरवीयर से बाहर निकाला।
मेरे कई प्रेमी बहुत चकित हो जाते हैं कि सुबह मेरी आंख खुलने से लेकर रात को सोने तक, मैं चुदाई के बारे में उससे भी अधिक सोचती हूँ जितना वे सोचते होंगे!
थोड़ी देर बाद जेनी सो गई और मेरी अन्तर्वासना जाग गई। अजीब सा नशा या पागलपन सवार था। मुझे तो बस दिख रहा था तो जेनी का गदराया हुआ बदन और उसकी चूत की छवि जो एक बार देखी थी।
वो नींद में थी. मैंने भी मौके का फायदा उठा कर उसकी चूची पर हाथ रख दिया. उसने सलवार-कमीज पहना हुआ था. मैंने उसके कमीज़ में हाथ डाल दिया उसने ब्रा नहीं पहनी थी.
सभी अन्तर्वासना के पाठकों को सोनू भाई का नमस्कार। यह मेरी अन्तर्वासना पर चुदाई की पहली कहानी है। मेरी इस कहानी को पढ़ने के बाद सभी चूतें फड़कने लगेंगी और
मजा आ गया था तुम्हारी चिकनी टाँगें सहला कर! वो तो बीच में तुम्हारी सहेली आ गई, नहीं तो तुम्हारी स्कर्ट उठा कर तुम्हारी जांघें चूम लेता और वो… वो… तुम्हारी च… चू…
शाम को जब मैं अपनी गाड़ी से घर वापस जा रहा था तो मैंने देखा कि नहर किनारे एक लड़की पेशाब कर रही थी और गाड़ी की रोशनी उसके चूत पर पड़ गई थी जिससे मुझे मूत निकलती चूत के दर्शन हो गए।
आज शाम को फ़िजां में थोड़ी ठण्डक हो गई। मैं अपना छोटा सा कुर्ता पहन कर छत पर आ गई। ऊपर ही मैंने ब्रा और चड्डी दोनों उतार दी और एक तरफ़ रख दी। मेरी टांगों के बीच ठण्डी हवा के झोंके टकराने लगे।
सानिया की पसंद की पैन्टी उसकी सेक्सी पैन्टी से थोड़ी और छोटी थी। चूतड़ तो लगभग 90% बाहर ही रहता, पर योनि ठीक ठाक से ढक जाती। उसने उसका चटख लाल रंग पसंद किया।
सानिया खान मेरे दोस्त प्रोफ़ेसर जमील अहमद खान की बेटी है, 18 साल की बी कॉम प्रथम वर्ष की छात्रा है, बहुत सुन्दर चेहरे की मालकिन है। एकदम गोरी, 5’5' लम्बी, पतली छरहरी काया, लहराती-बलखाती जब वो सामने से चलती तो मेरे दिल में एक हूक सी उठती।
आप सबको मेरी कहानी प्यारी मोना-1, प्यारी मोना-2 पसंद आई, इसके लिए धन्यवाद ! उसी कहानी को आगे बढ़ाते हुए आगे का किस्सा सुनाता हूँ ... मोना के साथ मेरे
प्रेमशीर्ष द्वारा लिखित एवम् प्रेम गुरु द्वारा संशोधित और संपादित मैं प्रेमशीर्ष अपनी पहली कहानी लेकर हाज़िर हूँ। मैं जमशेदपुर शहर में रहता हूँ और मेरा कद
प्यारी मोना-1 मैंने उसे कहा- आँखें बंद कर लो! उसने कर ली! मैंने उसके गालों को पकड़ कर अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिए! उसके होंठ कांप उठे! और मैं उसके
मैं हूँ विक्की! हरियाणवी हूँ, पर उड़ीसा में पला-बड़ा हुआ और मुंबई में जॉब करता था... आज मैं दिल्ली में जॉब करता हूँ। उम्र 24 साल,.पेशे से इंजिनियर, लम्बाई
जांघों को चूमते-चूमते मैंने उनकी स्कर्ट पूरी ऊपर कर दी और अपनी उंगली उनकी पेंटी में डाल कर उसको एक तरफ़ करके पहली बार उनकी चूत के दर्शन किये.
मेरे मकान मलिक की लड़की रोज़ कॉलेज़ में मिला करती थी और मैं उसे बहुत देखा करता था। मुझे उसके सेक्सी गोल-गोल वक्ष टॉप के ऊपर से बड़े अच्छे लगते थे, और उसके चूतड़ तो क्या कहिए! मानो स्वर्ग है!
दोस्तो, मैं संजू आप के लिए लेकर आया हूँ अपनी ज़िन्दगी की एक सच्ची कहानी ! सबसे पहले मैं अपना परिचय करवा दूँ !मैं हरियाणा के जींद शहर का रहने वाला हूँ, कद
दोस्तो, मेरी यह पहली कहानी है जो मैं अन्तर्वासना डॉट कॉम पर भेज रही हूँ। मैं मुम्बई में एक साधारण परिवार में पली-बड़ी हुई हूँ। मेरे पिताजी सरकारी कर्मचारी
प्रेषक : बाघ द टाईगर मेरा नाम संजीव है। मेरी उम्र 24 साल है। यह कहानी मेरी जिन्दगी का असली और सत्य अनुभव है। उन दिनों मैं जयपुर में एक इंजीनियरिंग कॉलेज
उसने निशु को अपने गोद में खींच लिया। दोनों ने एक दूसरे के साथ चुम्मा चाटी शुरु दी। सुमित धीरे-धीरे निशु के होंठ से शुरु करके उसकी चूचियों पर ध्यान दे रहा था और निशु उसके लण्ड को सहला रही थी।
सुमित ने उसकी बुर के पानी को ही उसकी गाण्ड के छेद पर लगाया और फ़िर थूक लगा लगा कर निशु की गाण्ड से खेलने लगा। उसका एक हाथ बूर के साथ खेल रहा था और एक हाथ गाण्ड के साथ।
वो बोली- जानू ! मेरी चूत में से मस्त माल निकल चुका है... अब आप अपने मस्त से लौड़े से मेरी चूत का उदघाटन करोगे... मैं बोला- जानेमन, इतनी जल्दी भी क्या है... पहले पूरे मजे तो ले लो ! फिर तेरी चूत का भी उदघाटन करेंगे...
बिस्तर देख हम दोनों रुक ना पाए और दोस्त के सामने ही उसने मुझे नंगी कर दिया। जैसे जैसे वो मुझे नंगी करने लगा, तैसे तैसे उसका जोश बढ़ने लगा और हम दोनों ने एक दूसरे को निर्वस्त्र कर दिया तेज़ साँसों से पागलों की तरह !
जब आपको मैंने बाथरूम में झांट काटते हुए देखा और आपकी गुलाबी चूत ने मेरा जीना हराम कर रखा था। यह लंड मुझे जीने नहीं दे रहा था, आज मुझे शांति मिली है.
वो अपनी चूत की झाँटें काट रही थी। जैसे ही मैंने उसे देखा, देखता ही रह गया, बाप रे! क्या मस्त चूत थी! एकदम पाव रोटी की तरह! और क्या चूची थी पूरी 36 इन्च की!
स्वीटी-1 और तब मुझे पता चला कि मेरी जांघों पर कोई मोटी चीज गड़ रही है। जांघों के बीच इधर उधर फिसलती हुई कुछ खोज रही है। फिर वह मेरे कटाव में उतरी और वहँ
मैं एकदम चौंक पड़ी। अभी कुछ बोलती ही कि एक हाथ आकर मेरे मुँह पर बैठ गया। कान में कोई फुसफुसाया- जानेमन, मैं हूँ, सुरेश। कितनी देर से तुम्हारा इंतजार कर रहा
मैंने अपना दाहिना हाथ अपनी चूत पर फेरते हुए कहा- मुनिया रानी ( चूत का यह नाम कॉलेज की लड़कियों ने रखा था) कल तुझे लंड की प्राप्ति होने वाली है! तैयार हो जा!
मेरा नाम निक्की है और अन्तर्वासना पर यह मेरी पहली कहानी है। दोस्तो, मैं दावे से कह सकता हूँ कि मेरी यह कहानी पढ़ने के बाद सभी लड़के अपने लण्ड को मसले बिना
प्रेषक : रणवीर संधु दोस्तो, मेरा नाम रणवीर है, मैं अबोहर(पंजाब) शहर का निवासी हूँ। मैं आज पहली बार अपनी सच्ची कहानी आपके सामने पेश कर रहा हूँ। यह कहानी
कहानी का पहला भाग: मेरा प्रेमी-1 शादी के बाद पांच साल बीत गये, मैं अपने परिवार के साथ बहुत खुश हूँ, सब कुछ ठीक ठाक चल रहा था कि एक बार फिर मकान मालिक का
इस वक्त मेरी उम्र पच्चीस साल है, मैं विवाहित और एक बच्चे की माँ हूँ। मेरे पति एक फेक्ट्री में सुपरवाइजर हैं। जब मेरी शादी हुई तब मेरी उम्र बीस साल थी, मैं
मैं बारहवीं कक्षा में विशाखापटनम के एक स्कूल में पढ़ता था तो मुझे हॉस्टल में रहना पड़ता था। हॉस्टल में लड़के और लड़कियाँ एक ही मंजिल में रहते थे पर उनके अलग कमरे थे।
मैंने उस किशोर लड़की को अपना लण्ड दिखाते हुए कहा- इसको लण्ड बोलते हैं और इसको ही चूत में डाल कर चुदाई करते हैं जिससे चूत और लण्ड का मिलन होता है।
निशु सब सुनते हुए खा रही थी। उसकी जाँघें अभी भी भिंची हुई थी जिससे उसकी चूत की फ़ाँक नहीं दिख रही थी, सिर्फ़ ऊपर के झाँट देख रहे थे।
दोस्तों मेरा नाम रॉकी है, दिल्ली का रहने वाला हूँ। मैं आपके सामने एक घटना बताने जा रहा हूँ जो मेरे साथ घटी है, यह सब मुझसे गलती से हुआ था। मेरे पड़ोस में
मैंने मेम की सलवार को खोला और फिर क्या छोटी मेम नंगी लेट गई .. मैंने अपना लुंगी गंजी खोली और कूद पड़ा मैदान ऐ ज़ंग में... मैंने जांघें फैलाई और देसी कुते के तरह मेम को नोचने लगा ..
वो सुंदर ओर सेक्सी कमसिन लड़की हमारे घर के बगल में रहती है, मुझे देख कर मुस्कुराती थी. एक बार मैंने उसे सेक्सी फोटो वाली किताब दी. फिर क्या हुआ?
प्रेषक : अक्षिता शर्मा एवं जो हन्टर हाय, मैं अक्षिता, फिर से आपके लिये अपनी जिंदगी का एक हसीन पल लेकर उपस्थित हुई हूँ, मेरी प्रथम कहानी के लिये मुझे आपका
सभी अंतर्वासना सेक्स कहानी पढ़ने वालों को मेरी तरफ से यानि कि प्रीतो पंजाबन की तरफ से बहुत बहुत आदर, सतिकार, प्यार, सलाम, नमस्ते! दोस्तों, आप ही की तरह मैं
मैं राहुल पहली बार अपने साथ हुई एक सच्ची घटना आपके सामने रखना चाहता हूँ! बात आज से करीब दो साल पहले की है, मैं अपने चाचा के यहाँ पर पढ़ाई करने के लिए गया
मेरे प्यारे दोस्तो, मैं एक बार फिर हाजिर हूँ अपना 7 इंच का लंड लेकर छवि की चुदाई करने! जैसा कि आप सभी मेरी पिछली कहानी आंटी और उनकी छवि से जानते हैं कि
प्रेषक : सनी सन हाय दोस्तों, मेरा नाम समीर है और मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ। मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ। मैं भी आपको अपने जीवन की एक सच्ची घटना
मैंने अब उसकी चूत को निहारा, बिल्कुल गुलाबी सा रंग, एक भी बाल न था उसकी चूत पर। अब तो सारा काम मुझे ही करना था। मैंने धीरे-धीरे उसकी चूत पर हाथ फिराना शुरु किया।
मैं अपनी दीदी की चुदाई करने उसके ससुराल गया. पहले दीदी को चोदा, कुछ देर बाद उनकी ननद आ गई. वो भी चोदने लायक माल थी. उसकी चूत चुदाई कैसे की मैंने?
मैं रीता से अलग हो गई और रोहित ने रीता को अपनी बाँहों में भर लिया, रीता भी रोहित से चिपक गई और रोहित रीता के स्तन दबाते हुए उसको रसीले होठों को चूसने लगा।
मेरा और तनु का यह पहला ही सैक्सपिरियन्स था और मैंने पढ़ भी रखा था और अपने दोस्तों से सुन भी रखा था कि पहली बार लड़की की चूत में लण्ड घुसाने से लड़की को बहुत दर्द होता है और खून भी निकलता है।
एक दिन शाम को तनु घर आई तो मैं घर में अकेला था। हम दोनों बातें करने लगे। फिर तनु घर जाने के लिये खड़ी हो गई। मैंने उससे कहा- प्लीज़, कुछ देर और रुको ना। वो रुकी नहीं और जाने लगी। मैंने उसका हाथ पकड़ लिया।
उसके शर्ट का एक बटन टूटा हुआ था, उसका ध्यान पढ़ाई में था और मेरा ध्यान उसके टूटे हुए बटन के पीछे उसके बूब्स पर था, उसकी काली ब्रा और गोरे बूब्स मेरे सामने दिख रहे थे। अचानक उसका ध्यान अपने टूटे हुए बटन पर गया
मैंने उसकी चूचियाँ दबा दीं, और उसके होठों पर चुम्बन ले लिया। मैंने अपनी जीभ उसके मुँह में डाल दी, वह उसे ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगी।
मैंने उसकी बाँह पकड़ कर उसे प्लॉट के पिछले हिस्से में खींच लिया और उसकी ज़िप में से लंड निकाल लिया, पैरों के बल बैठ मुँह में डाल लिया और पागलों की तरह चूसने लगी।
मेरी इच्छा तो अपनी हवस पूरी करने की थी, बस जिस्म की जरूरत को पूरा करना चाहती थी। मैं उसे हर तरह से उत्तेजित करती रहती थी कि वो मौका मिलते ही मेरी छातियाँ दबाये और मेरे दूसरे अंगों को मसल दे।
मैंने उसे चूमना शुरू किया और अपना हाथ उसके मम्मों पर ले गया। उसने मना किया, फिर भी मैंने धीरे धीरे उसके निप्पलों को चूसना शुरू किया। वो गरम होने लगी और बोली- कुछ करो !
प्रीति गिल दोस्तों मेरा यानि की प्रीति गिल का अन्तर्वासना के सभी पाठकों को प्रणाम ! मैं भी अन्तर्वासना की बहुत बड़ी प्रशंसिका हूँ, हर रोज़ लोग-इन करते ही
मेरा नाम अमन गुप्ता है। मैं अब अकेला हूँ। मेरी उम्र अभी ५९ वर्ष की है। मेरे दो लड़के हैं जो कनाडा में रहते हैं और वहीं नौकरी करते हैं। मेरी पत्नी का निधन,
हेल्लो फ्रेंड्स, मेरा नाम रोहित है और मेरी पिछली कहानियों पर आपने जो मेल दिए उनके लिए आपका बेहद शुक्रिया ! तो अब सीधे सीधे पेश है एक और बिल्कुल सच्ची और
मुझे चूत मरवाने का ऐसा चस्का लगा कि अब एक मर्द से बंध कर मजा नहीं मिलता। जो हर मर्द की बाहों में झूलकर मिलता है!
'यह लिपस्टिक का निशान है! अच्छा! समझ गई! अभी अभी मम्मी ऊपर आई थी, तभी उन्होंने यह किया होगा! मम्मी भी ना बस! सुबह मन नहीं भरा उनका?' सोनल बोली.
लड़की अपने बर्थ से उठ कर मेरे बर्थ पे आ गई। दिसम्बर माह होने के कारण सरदी अपने पूरे शवाब पर थी तो मैंने उसे अपना कम्बल ओढ़ने को कहा। लड़की मेरे साथ कम्बल में मेरे से सट के बैठ गई। उसके जवान शरीर की खुशबू मेरे जहन में अजीब सी हलचल पैदा कर रही थी।
शम्मी सो चुकी थी। श्याम के सात बज चुके थे। मेरे दोस्त के आने का भी समय हो चुका था। मैंने अपने दोस्त को फ़ोन करके सब बता दिया था। वो ठीक सात बजे आ गया।
मेरी कक्षा की एक सेक्सी लड़की कोमल के पीछे सभी लड़के पड़े थे.. वो मेरे घर के पास रहती थी तो मेरी उससे दोस्ती हो गई. हम साथ साथ पढ़ने जाते थे. एक दिन रास्ते में बारिश आ गई.
लेखिका : नेहा वर्मा मेरे घर वाले जब इन्दौर में जब सेटल हुए तो मुझे पापा ने होस्टल में डाल दिया। होस्टल में रह कर मैंने बीएससी की पढ़ाई पूरी की थी। मेरे
वो दर्द से कराहती हुई बोली- यह तुमने क्या किया? बहुत दर्द हो रहा है! इसे अभी निकाल लो मेरी जान निकल जायेगी। लगता है तुमने मेरी फाड़ दी है परवेश ओह... हा...! मुझे नहीं पता कि वो अभी तक किसी से चुदी थी या नहीं... लेकिन उसे दर्द तो बहुत हुआ था.
एक रात की बात है, मैं लगभग 11 बजे बाथरूम जाने के लिए उठी। बाथरूम मम्मी के कमरे को पार करने के बाद पड़ता है। जब मैं उस कमरे के सामने से गुज़री तो मुझे मम्मी के कराहने और ज़ोर ज़ोर से सांसें लेने जैसी आवाज़ें सुनाई पड़ी।
मैंने जैसे ही अपने होंठ उसके होंठ से लगाये वो छटपटा उठी! उस वक्त कमरे में हमारे अलावा कोई नहीं था! वो पूरी जान लगा कर अपने आपको छुड़ाने की कोशिश करने लगी!
मेरे घर के सामने ही एक लड़की रहती थी जिसका नाम था पूजा। उसकी बड़ी बड़ी चुचियों को देखकर अक्सर मेरा लण्ड पैन्ट में अकड़ने लगते था और मैं सोचता था कि कब चोदूंगा इसकी चूत?