लगातार चुदने की लालसा
जूही परमार हैलो दोस्तो, आप लोगों के ढेर सारे प्यार भरे मेल्स के लिए धन्यवाद। चलिए आज मैं आपको मेरी ग्रेजुएशन के समय के एक घटना सुनाती हूँ। मैं बी.कॉम.
Antarvasna कम्युनिटी को हमारी शानदार जवान लड़की कहानियों के कलेक्शन से आपको पागल कर देने दें।
जूही परमार हैलो दोस्तो, आप लोगों के ढेर सारे प्यार भरे मेल्स के लिए धन्यवाद। चलिए आज मैं आपको मेरी ग्रेजुएशन के समय के एक घटना सुनाती हूँ। मैं बी.कॉम.
मैं उसे दीवाल से लगा कर अपने होठों से उसके होठों को अपनी गिरफ्त में ले चुका था। उसकी मस्त चूचियाँ मेरे सीने से दब कर पिस रही थी। मैंने रसीले होठों को भरपूर चूसा।
हैलो दोस्तो, मैं आपका नया दोस्त हार्दिक भोपाल से हूँ। मेरी पहली कहानी सुनयना की चूत चुदाई आपने पढ़ी होगी और निश्चित तौर पर आपको और आपके लण्ड और चूतों को
हमने एक-दूसरे को गले लगाया और काफी देर तक राज मुझे चूमता रहा और मेरे मम्मों को दबाता रहा। मुझे बहुत मजा आ रहा था। मैं आँखे बंद करके एन्जॉय कर रही थी, क्योंकि पहली बार किसी ने मेरे होंठों को चूमा था।
आप लोग पिछले भागों में पढ़ ही चुके हैं कि मेरी उम्र उस वक़्त सिर्फ 18 साल थी, जब मैंने अपनी पहली चुदाई की थी। आपने पढ़ा कि कैसे मैंने कीर्ति दीदी और बबिता
प्रेषक : अमन मैं अमन अपने शहर में नया था, वहाँ पहुँचते ही मैंने एक अच्छे-खासे बड़े कॉलेज में अपना दाखिला कराया। मुझे बचपन से ही चूतों का शौक रहा है, मैं
प्रेषक : देवाशीष दोस्तों मैं देवाशीष, नागपुर का रहने वाला हूँ और 30 साल का एक गबरू जवान हूँ। मैं दिखने में गोरा हूँ और मेरा लंड 6" लम्बा और 2" मोटा है। आज
सुप्रिया का गण्डतंत्र लेखक : रोहित अपनी कहानी के पिछले भागों 'सुप्रिया डार्लिंग', 'सुप्रिया का उद्घाटन' और 'सुप्रिया को लंड-चटोरी बनाया' में मैंने बताया
सुप्रिया को लंड-चटोरी बनाया लेखक : रोहित अपनी कहानी के पिछले भागों 'सुप्रिया डार्लिंग' और 'सुप्रिया का उद्घाटन' में मैंने बताया कि मैंने सुप्रिया को कैसे
सुप्रिया का उद्घाटन लेखक : रोहित मित्रो, मैं रोहित ! अपनी पिछली कहानी 'सुप्रिया डार्लिंग' में मैंने बताया था कि सुप्रिया मुझसे पहली ही मुलाकात में चुदने
लेखक : रोहित मित्रों मैं रोहित, उम्र 28 वर्ष, कुल मिलाकर मुझे हैंडसम कहा जा सकता है। यूँ मैंने कई लड़कियाँ ठोकी हैं लेकिन उन कहानियों की शुरुआत मैं
दोस्तो, मेरा नाम साहिल है और मैं अमृतसर का रहने वाला हूँ। यह कहानी मेरी जिन्दगी में घटी एक सच्ची घटना है। मैं आज इसे आपके साथ शेयर करना चाहता हूँ। मेरा कद
उसके साँवले गोल-गोल चूतड़ एकदम दमक रहे थे। जब मैंने उसकी गांड को दो उँगलियों से फैलाई, तब मैंने एक काला सा मल-द्वार देखा और फिर अंदर गुलाबी छिद्र था।
उसने अपना लंड मेरी टांगें फैला कर बीच में बैठ चूत पर रख दिया, घिसा, मुझे स्वर्ग दिखने लगा लेकिन जब झटका सा लगा मेरी चीखें निकल गई।
मैं अन्तर्वासना डॉट कॉम की नियमित पाठिका हूँ इसमें कोई शक नहीं है. मैं एक भी दिन ऐसा नहीं जाने देती जब मैं अन्तर्वासना पर ना आती होऊँ. एक एक चुदाई जिस्म
आधी रात को दो नंगे जिस्म एक साथ जब होते हैं तो आप खुद ही अंदाजा लगा लो कि कितनी जबर्दस्त चुदाई होती है। मदहोशी का आलम दोनों के सर चढ़ कर बोल रहा था।
सर्दी का मौसम था, मैं रजाई में घुस कर अपनी गर्लफ्रेंड से फ़ोन पर बात कर रहा था। वो बहुत सेक्सी थी। बात करते-करते चुदाई का विषय शुरु हो गया। मैंने कहा- आ जाओ ना जान मेरी बाँहों में।
वो मेरे साथ खुद घुलमिल गई। अचानक हम दोनों के हाथ एक दूसरे के हाथ में आ गए और हमने चाहते हुए भी अलग नहीं किये। मैं उसके करीब चिपक कर बैठ गया।
अब हमारी कार क्योंकि सिटी से बाहर आ गई थी, इसलिए अब प्रदीप की मस्ती चालू हो गई थी। उसका एक हाथ कार के स्टेयरिंग से हट कर मेरे सीने के ऊपर आ गया और वो बूब्स को दबाने लगा।
मेरी बचपन की सहेली को एक दिन ले गया चोदने! काम शुरु हुआ और वो मेरा लण्ड चूत में ले रही थी, मेरा लंड उसकी फ़ुद्दी में घुसा हुआ था, वो बहुत मजे में ले रही थी.
मैंने कहा कि हम लोग कुछ ज्यादा ही आगे बढ़ रहे हैं तो वो गुस्सा होकर मुझे गंदी गालियाँ देने लगी। मुझे गुस्सा तब आया जब उसने कहा कि तेरा छोटा है, इसलिये तू नहीं दिखा रहा है।
चूमते हुए मैंने उसके कुर्ते के कुछ हुक खोल दिए और अन्दर हाथ डाल ब्रा के हुक भी। शाहीन भी मेरे बरमूडा में हाथ डाल मेरे लंड को उत्तेजित कर रही थी।
मैं राज ! याद आया दोस्तो, मैं आपका शुक्रगुजार हूँ अपने उन दोस्तो का जिन्होंने मेरी कहानी पढ़ी और पसन्द की। अब नील की शादी हो गई थी। जब नील शादी के बाद नील
नील ने अपनी चूत को मेरे लंड पर रख दिया, चूत मेरा सारा लंड निगल गई और अब मैंने नील के दोनों बूब्स अपने हाथ में ले लिए, दबाने लगा।
हमने 69 पोज़िशन बना ली, इस कामक्रीड़ा में उसने एक बार पानी छोड़ दिया और मैंने भी अपना वीर्य उसके मुख में छोड़ दिया! हम थक कर निढाल होकर अगल-बगल लेट गए! हम
नमस्कार दोस्तो! उम्मीद है आप सब ठीक होंगे, मैं आर्यन आपका दोस्त फिर हाजिर हूँ अपनी आगे की कहानी सुनाने! आपने मेरी पहली कहानी पढ़ी मेरी गर्लफ़्रेण्ड तनीशा
मुझे किसी चैटरूम में एक लड़की मिली। उसने अपना नाम तनीशा बताया था और रूम में बतिया रही थी कि बड़ी दुखी हूँ और स्यूसाइड करना चाहती हूँ यह सब.. मैंने उसको प्राइवेट चैट पर बुलाया और बातें करने लगा।
मेरा नाम समीर है, उम्र छब्बीस साल और में उज्जैन का रहने वाला हूँ। मैं एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी मैनेजर हूँ जो मोबाइल फोन की सर्विस देती है। अभी कंपनी ने
मेरा नाम अन्नू है, उम्र 21 साल है, मेरे लिंग की लम्बाई 6 इन्च है, कानपुर का रहने वाला हूँ। मैं आपको अपनी सच्ची कहानी बताने जा रहा हूँ। बात उन दिनों की है
अभी तक : साक्षी बोली- मंजू तेरा सब काम ठीक हुआ ना? मजा आया ना? मंजू बोली- मजा आया, इतना मजा आया कि यह अंदर था तब तक ठीक लगा, अब चूत दुख रही है। साक्षी
अभी तक : वेटर काफी लेकर आया। इसे पीते तक हम लोग यूँ ही सामान्य बातें करते रहे। काफी खत्म करके कप भिजवाने के बाद साक्षी खड़े होकर बोली- चल मंजू, नंगी हो
साक्षी के साथ रंगरेलियों का आज दूसरा दिन ! अब तक आपने पढ़ा कि कल विदा होते समय साक्षी कह कर गई थी कि वह सुबह 11 बजे आएगी और अपनी एक और सहेली को चुदाने के
जैसा साक्षी ने कहा था कि लौड़े को पूरा घुसेड़ना था। जबकि मैं उसे तकलीफ ना हो, इसलिए उसकी पहली चुदाई ज्यादा वहशी तरीके से नहीं की। पर अब जब उसने जमकर चुदने
कहानी के पहले भाग में आपने जाना कि साक्षी से मिलने मैं देहरादून गया। वहाँ हम एक होटल में ठहरे। अब आगे की बात: होटल में टायलेट व वाशिंगरूम एक साथ ही थे।
अन्तर्वासना के सभी पाठकों को नमस्कार! आप सबका प्यार ही मुझे बार-बार आपकी ओर खींच लाता है। अन्तर्वासना के पाठकों को बताना चाहूँगा कि मैं इतनी कहानियाँ
उसकी पेंटी देखते ही मेरे मुँह में पानी आ गया मगर पार्क में होने की वजह से मैं उसकी फ़ुद्दी चाटने में वक्त बर्बाद नहीं कर सकता था... देर न करते हुए मैंने अपना लौड़ा बाहर निकाला
प्रणाम दोस्तो, आपके मेल मिले, पढ़कर अच्छा लगा। मेरी आप सभी से गुजारिश है कि कोई भी किसी लड़की का नंबर ना मांगे। वो सब मेरे साथ सेक्स कर चुकी हैं इसका मतलब
सभी दोस्तों को मेरा प्यार भरा नमस्कार। मेरा नाम सचिन है। मेरी उम्र 20 साल है और मैं मुंबई का रहने वाला हूँ। मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ। आज मैं
पतली कमर, चिकनी गोरी जांघें और जाँघों के बीच फ़ूली हुई गुलाबी छोटी सी योनि जिस पर हल्के रोयें ही आए थे और योनि के बीच हल्का सा दिखाई देता गुलाबी दाना..
मैं पटना का रहने वाला हूँ। हालाँकि जिस घटना के बारे में मैं लिख रहा हूँ उस वक्त मेरी उम्र 24-25 की थी। पर कहानी को अच्छी तरह से समझाने के लिए मैं घटना की
वो बहुत तेज तेज मेरे होंठ चूस रहा था और मैं बस आँख बंद करके पूरा मज़ा ले रही थी। यह चुम्बन मेरे जीवन का पहला अनुभव था फिर उसका हाथ मेरी चूचियों की तरफ बढ़ने लगा।
मेरा नाम सपना है, मैं अपनी सुहागरात की हिंदी एडल्ट स्टोरी लिख रही हूँ. मैं 40 साल की हूँ। ससुराल में मुझे रसीली के नाम से बुलाते हैं। आज मेरे पास दिल्ली
मैं अन्तर्वासना का पिछले तीन साल से पाठक हूँ ! आप सबकी कहानी पढ़ कर मुझे लगा कि मैं भी कहानी लिखूँ, यह एक सच्ची कहानी है। मैं फैशन डिज़ाइनिंग का छात्र हूँ।
मैं चूमते हुए धीरे धीरे नाभि के नीचे पहुँचा और अब मेरा मुँह उसकी पेंटी के ऊपर था... पेंटी से ही उसकी चूत को चूमा और मुँह को दबाया उसकी चूत पर और...
कॉलेज था इसलिए हमारे अन्दर डर बना हुआ था कि कहीं कोई आ न जाये और हम पकड़े ना जाएँ। पर दोस्तो, जब सेक्स की भूख लगती है तो इन्सान को कुछ भी नहीं दीखता और उस वक़्त सिर्फ सेक्स और सिर्फ सेक्स ही हमारे दिमाग में चल रहा था
अचानक रोहित ने अपने होंठ को मेरे होंठों पर रख दिए और उन्हें चूमने लगा। हॉल में काफी अँधेरा था तो किसी को कुछ नहीं दिख सकता था। रोहित मेरे होंठों को चूम
अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा नमस्कार ! मेरा नाम रोमा है, आप सबने मेरी कहानियाँ पढ़ी होंगी। एक बार फिर मैं आपके सामने अपनी एक बहुत ही हसीन आपबीती लेकर
अपने कोट की जेब में दो तीन तरह की क्रीम और एक निरोध (कंडोम) का पैकेट भी रख लिया था। क्या पता कब यह हुस्न परी मेरे ऊपर मेहरबान हो जाए।
मैं कभी कभी उसके एक उरोज को अपनी मुट्ठी में पकड़ लेता और दूसरे हाथ की हथेली उसके नुकीले हो चले चुचूक पर फिराता तो उसके मुँह से मीठी सित्कार ही निकल जाती।
मैंने कितनी ही लड़कियों और औरतों को बिना किसी झंझट के चोद लिया था पर आज इस नाजुक परी को अपने इतना पास पाकर मेरे पसीने ही छूट रहे थे। कैसे बात आगे बढाऊँ मेरी
जब मैंने अपनी गर्लफ्रेंड को पहली बार चोदा तो पूरे इंडियन स्टाइल में दुल्हन बना कर उसके साथ सुहागरात मनाई. सेक्स स्टोरी पढ़ कर आनन्द लें!
उस भिखारी को मैंने अन्दर बुला लिया... फिर उसके सामने मैं अपनी ब्रा खोल कर खड़ी हो गई! मैंने नीचे जीन्स पहनी हुई थी! मैंने उसके सामने अपने उरोज पेश किए और एक चूचा उसके मुँह में डाल दिया!
मैंने झटाक से पूजा के सारे कपड़े उतार दिए सिर्फ़ पेंटी को छोड़कर और उसे बिस्तर पर लिटाकर चूमने लगा. मेरे सामने एक कच्ची कली नंगी पड़ी थी और मुझे यह सब एक हसीन सपने की तरह लग रहा था.
मैं भाभी के रस भरे होठों को रगड़ने लगा और उनका रस चूसने लगा. मैं यह देखकर बहुत खुश हुआ कि भाभी मुझसे भी ज्यादा उतावली थी मेरे होठों को चूसने के लिए, वो मेरे होठों को जोर-जोर से अपने होठों में पकड़ कर चूस रही थी और अपने दांतों से भी काट रही थी. जिससे मेरे होठों में दर्द होने लगा.
जो तकिया मैंने अपने लंड के नीचे लगाया था, पूजा उसे बड़ी मदहोश होकर सूंघ रही थी और अपने एक हाथ से कभी अपनी चूची तो कभी अपनी चूत को मसल रही थी. मैं समझ गया कि माल एकदम तैयार है.
यह मेरी ज़िंदगी की वो घटना है जब पहली बार मुझे एक कुंवारी चूत चोदने को मिली थी. मैं अपनी बुआ की लड़की की शादी मैं गाज़ियाबाद गया था. वहां हमें बुआ ने पड़ोसियों के घर में ठहराया. उसी घर में मिली थी मुझे मेरी कट्टो रानी!
अन्तर्वासना के पाठकों को मेरा प्यार और धन्यवाद ! आप लोगों को मेरी पिछली कहानी बहुत पसंद आई। मैं अपनी कहानी अब आगे बढ़ाती हूँ। जिन लोगों ने अब तक मेरी कहानी
रुबीना की पीठ इरफ़ान तरफ थी, रणबीर ने इरफ़ान को आँख़ मारते हुए अंगूठे से उसकी तरफ इशारा किया, उसने बाजी के कुर्ते की चेन खोलना शुरू की और दूसरा हाथ उसका बाजी के चूतड़ों पर था।
उस पर अभी जवानी धीरे धीरे आ रही थी, उसके सीने पर हल्का हल्का उभार आने लगा था, उसके स्तन छोटी अम्बिया की तरह नुकीले थे। इरफ़ान ने उसको गोद में लेकर उसकी गोलाइयों को अपने हाथों से नापना शुरू कर दिया।
बात उन दिनों की है जब इस देश में टीवी नहीं होता था! इन्टरनेट और मोबाइल तो और भी बाद में आये थे। मैं उन दिनों जवानी की दहलीज पर क़दम रख रही थी। मेरा नाम
मैं 20 साल का 6 फ़ुट कद, रंग गेंहुआ, प्रणय हूँ। मैं रायपुर में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था, द्वितीय वर्ष तक पहुँचते पहुँचते मैंने 5 से ज्यादा कमरे बदल
'ओह बहादुर, अभी मेरी पिछली तो अभी एकदम ताजा है.' रीटा मुस्कुरा कर आँख मार कर रसीले होंट उचका कर किस मार कर पलटी और चूतड़ मटकाती, लंगडाती स्कूल की तरफ चल दी.
"क्या चूत के बाल साफ कर रही थी जो कट गई?" "ह हाँ भाभी।" "तो इसमें शर्माने की क्या बात है? मैंने भी आज सुबह ही बनाये हैं, दिखाओ, मैं साफ करती हूँ।" "नहीं
प्रेषक : राज कौशिक मैं बोला- पूजा, दर्द होगा। "पता है पर तुम बस डालो अब।" "ठीक है !" और मैंने एक झटका मारा पर लण्ड फिसल कर गाण्ड के छेद से जा लगा। "आह !
फिर हम रोज बात करने लगे और कई बार फोन सेक्स भी किया। बस अब मैं उसे चोदने का मौका देख रहा था। क्यूँकि पूजा की चूत भी चुदने को बेताब थी। वो फोन पर कहती
दोस्तो, नमस्कार! मैं राज कौशिक एक बार फिर अपनी कहानी आपके सामने पेश कर रहा हूँ। इससे पहले आप मेरी कई कहानियाँ अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ चुके हैं। सभी
वो बोली- तुम भी तो अपने कपड़े उतारो ! मैं बोला- मैंने तुम्हारे उतारे हैं, तुम भी मेरे उतार दो। उसने मेरी जैकेट उतारी और मुझे पीछे को धक्का दे दिया। मैं
कहानी का पहला भाग : सुहागरात भी तुम्हारे साथ मनाऊँगी-1 मैं बैचेन था। शाम को मैं खेतों पर चला गया। मेरे खेतों पर एक पेड़ था, मैं वहाँ जाकर बैठ गया। मैं जब
मेरा नाम राज कौशिक है। मैं अन्तर्वासना की कहानियाँ लगभग एक साल से पढ़ रहा हूँ। इनमें कुछ सच्ची लगती है तो कुछ झूठी। खैर, जैसी भी हो, मजेदार होती हैं। अब
इशानी मचलने लगी और उसने अपनी टांगें चौड़ी कर के मेरे लिए जगह बना दी.. मैं अपना लिंग उसकी योनि पर रगड़ रहा था और इशानी अपनी आँखें बंद किए हुए उन मादक क्षणों का पूरा आनन्द ले रही थी...