मैं आरती के कमरे में जाकर पलंग पर पैर नीचे लटका कर बैठ गया, आरती भी कमरे में आ गई और पलंग के पास आकर खड़ी हो गई।
मैंने उसकी कमर में हाथ डाल उसके नितम्बों को सहलाता हुआ उसे अपनी गोद में बैठा लिया। वो मेरी तरफ मुँह करके बैठी थी.. उसकी मांसल जांघें मेरी जाँघों पर चढ़ी हुई थीं।
पुनीत और रॉनी मुनिया को उसकी माँ के पास छोड़ कर कुछ पैसे दे कर चले गए, उन्हें जल्दी घर पहुँचना है। गाँव के एक लड़के ने मुनिया को उन दोनों के साथ देख लिया और…
आठ बजे मैं आरती के घर पहुँच गया। उसने गुलाबी रंग की बिना बाँहों वाली सिल्क की नाइटी पहन रखी थी जो सामने से खुलती थी। गीले से बालों का जूड़ा बांध रखा था.. लगता था कि अभी नहाई थी.. नाइटी पारदर्शी तो नहीं थी लेकिन उसमें से उसके मम्मों के साथ साथ घुंडियों का उभार साफ़ दिख रहा था.. लगता था जैसे उसने नीचे कुछ नहीं पहन रखा था।
मेरी जान तेरी गाण्ड की सील खुल जाने दे.. उसके बाद तू खुद दोनों को एक साथ बुलाएगी.. क्योंकि तुझे आगे और पीछे एक साथ मज़ा मिलेगा और हो सकता है तीसरा भी माँग ले.. मुँह के लिए हा हा हा हा..
बाज़ार में घूमते वक्त मेरे टूअर की दो लड़कियाँ मेरे पास आई और कहने लगी- सोमू यार तुम तो आजकल कॉलेज में छाए हुए हो.. जल्दी ही उन दोनों ने अपनी चूत चुदाई की मंशा जाहिर कर दी.
आरती के शीलभंग की स्मृति मानसपटल पर धारण किये मैं घर पहुँचा और यथाशीघ्र आरती के घर पहुँच गया. उससे मिल कर उसे खुश देख कर जो आत्मसन्तुष्टि मुझे मिली, बता नहीं सकता!
रिश्तेदारी में एक लड़की से काफी साल बाद मिला तो वो माल बन चुकी थी. बातचीत से लगा कि वो चालू है.. फोन पर बातें होने लगी और एक दिन मैंने उसकी चूत की खुशबू ले ही ली !
एक गाँव के एक कार्यक्रम में मैंने मंच संचालन किया और एक पहचान वाले कार्यकर्ता को कहा कि मैं उसके घर सोऊँगा. मैं देर से पहुंचा तो सभी सोये हुए थे. मेरे भाग्य में क्या था वहाँ?
डबल बेड पर साथ सोते हुये मैन दिव्या के बदन के मज़े लेने लगा तो उसकी अन्तर्वासना भी जाग गई, चूमाचाटी का मज़ा लेने लगी। उसके बाद पहले मैंने गान्ड मारी फ़िर उसकी चूत चुदाई की!
मैंने एक दोस्त से पैसे लेने थे, वो दे नहीं रहा था. उसकी बहन बहुत सेक्सी थी. वो काबू नहीं आ रही थी. एक दिन मैं उसके घर गया तो वो काबू आई लेकिन दोस्त आ गया! उसके बाद क्या हुआ इस कहानी में पढ़ें !
जेठ की उस तपती दुपहरी में चारों ओर सन्नाटा पसरा था.. दूर-दूर तक कोई नहीं था। मैंने जी कड़ा करके अपने लण्ड को जरा सा पीछे खींचा और दांत भींच कर.. पूरी ताकत और बेरहमी से आरती की कमसिन कुंवारी चूत में धकेल दिया।
हमारे पड़ोस में एक बड़ी ही मादक लड़की दिव्या रहती है, उसके हिलते हुए चूतड़ों को देख कर तो मेरा दिल करता था कि उसको जाकर पीछे से ही पकड़ कर उसकी गाण्ड में अपना लंड डाल कर अच्छी तरह से चोद दूँ..
दिन भर घूमने के बाद शाम को कमरे में आये तो पूनम आ गई, उसे खुश किया और जेनी के बारे में बता कर रात कार्यक्रम का तय किया. रात को जेनी का नम्बर पहले लगा.
मेरी ही क्लास में एक लड़की दिखने में खूबसूरत अप्सरा सी थी, जब वो मटक-मटक कर चलती थी तो हर कोई उस पर फ़िदा हो जाता था। मैं उसे चाहता था, उसकी चूत चुदाई पढ़ें इस कहानी में!
मेरी क्लास में एक लड़की थी.. वो तब मेरे दोस्त की गर्लफ्रेंड थी. लेकिन मैं जब भी कल्याणी की तरफ देखता.. तो मैं पाता कि वो मेरी तरफ ही देख रही होती थी।
मेरी बात सुन कर आरती भय से काम्पने लगी। उसकी चूत और चूचियों को मसलते हुए मैंने कहा- तू मेरी बात माने तो तेरे पापा को कुछ नहीं बताऊँगा।वो मेरी बात मान गई और अगले दिन बगीचे में आ गई !
एक सुबह मेरे भाई का दोस्त उसे बुलाने आया तो भाई तैयार होने चला गया और मैं उलटी लेटी सोने का दिखावा कर रही थी. दोस्त मेरे पास ही बैठा था, मैंने शरारत की तो..
दिल्ली से आगरा वाली बस में मेरे साथ एक लड़की बैठी थी. मुझे झपकी लगी तो मुझे लगा कि मेरी जांघों पर कुछ है... देखा तो उस लड़की का हाथ था. कहानी पढ़ें, मज़ा लें!
अपना खेल ख़त्म करके आरती व अन्य लड़कियाँ कपड़े पहन कर लौट चली. रात को आरती की चूत याद करके मैंने मुट्ठ मारी और अगले दिन आरती के घर गया. उससे पूछ्ताछ की. आरती घबरा गई !
ट्रिप से पहले दिन एक और लड़की हमारे ग्रुप में शामिल हुई, उसे सारी बात बतादी और वो तैयार थी. ट्रेन में चारों लड़कियों को एक कूपे में बैठा कर खेल शुरू हुआ.. नई लड़की कुछ शरमा रही थी..
कॉलेज से ट्रिप आगरा जा रहा था, पूनम को मैंने नैनीताल ट्रिप की चूत चुदाइयों के बारे में बताया तो छेड़छाड़ बढ़ गई और पूनम की साड़ी उठा कर मैंने पीछे से चोद दिया...
मैंने पूनम को अपने लंड पर बिठा कर पूरे कमरे के चक्कर लगाए और फिर लंड को उसकी गीली चूत में घुसेड़ दिया. कम्मो देख रही थी, उसने कहा- क्या गृह प्रवेश हो गया?
मैं अपने बड़े भाई की साली की शादी में मध्यप्रदेश गया था जो कि एक छोटे गाँव में हो रही थी.. उधर काफ़ी लड़कियाँ रिश्तेदारी में थीं, वहाँ मैंने भाई की रिश्तेदारी में एक साली को चोद दिया।
पायल अपनी सहेली पूजा को बता रही थी कि कैसे उसने अपने पापा और आंटी की चुदाई देखी. आंटी ने ही पापा को अपने रूप के जाल में फंसाया. उधर रॉनी और पुनीत मुनिया को चोदने की तैयारी में थे.
अब तक आपने पढ़ा.. मेरी ट्रेन आ गई थी.. मैंने फोन रखना चाहा.. लेकिन वो बातें करने लगी और मैं बात करते-करते ही ट्रेन पकड़ ली। वो बात करती रही.. मैं मन ही मन
एक दिन क्लास में एक नई लड़की ने मुझे पहचान कर बताया कि मैं उसका बाल सखा हूँ. मैं नहीं पहचान पाया तो उसने मुझे समझाया. मैं उसे अपने घर घर ले आया और बस... हम तो पुराने प्रेमी थे...
पड़ोस की दो बहनों को मैं कम्प्यूटर सिखाता था तो मैंने उनसे अपनी गुरुदक्षिणा मांगी तो बदले में मुझे उनके साथ साथ चूत चुदाई का खेल खेलने का मौक़ा मिला.
सोनिया को पता चलने के बाद कि यह हमारा प्लान था, उसने मेरी बहन को भी अपने घर बुला लिया, फ़िर सूर्या ने मेरी बहन को और मैंने उसकी बहन को साथ साथ चोदा।
पुनीत के दोस्त सन्नी ने मुनिया को देखा तो उसे लगा कि उसने मुनिया को पहले भी देखा हुआ है… सन्नी के जाने के बाद पुनीत मुनिया के बदन के साथ खेलने लगा।
सुबह जगने पर देखा कि स्नेहल की चूत सूजी पड़ी थी। मैंने उंगलियों से चूत खोल कर देखना चाहा तो वो जाग गई। वो कराह रही थी दर्द से, मैने उसके बदन की मालिश की। फ़िर उसके बाद चूत चुदाई तो होनी ही थी…
रात में मैं सोनिया के घर में सोया उसका फ़ार्म भरवाने के लिए, फ़ार्म भरने के बास सोनिया ने मेरी दी हुई सेक्सी ड्रेस पहनी तो मैंने उसे चूम लिया और खेल आगे बढ़ा…
मैं चाय पीने जिस दुकान पर जाता था.. उस चाय वाले की कोई 18 साल की लड़की एक मस्त, पटाखा माल थी.. उसे उसके ही घर में मैंने चोदा, कैसे? इस कहानी में पढ़िए!
मेरे दोस्त की बहन सोनिया सेक्सी नाभिदर्शना साड़ी बैकलेस ब्लाउज पहन कर मेरे साथ बाईक पर उसकी सहेली की बर्थडे पार्टी के लिए निकली लेकिन रास्ते में बारिश आ गई.
मैं अपने दोस्त के घर पहुँच गया जहाँ उसकी बहन सोनिया भी थी, वो बिल्कुल सन्नी लियोनी जैसी सेक्सी दिख रही थी। मेरे दोस्त ने उसे मेरे साथ मार्केट जाने को कह दिया।
मेरे दोस्त की बहन नीलू मुझे पसंद थी लेकिन दोस्ती के कारण मैंने कुछ नही किया. एक दिन उसके घर गया तो दोस्त अपनी गर्लफ्रेंड को मिलने गया और नीलू मेरे पास आ गई. उसने बताया कि वो मुझे पसंद करती है.
कुछ दिन बाद उर्मि मुझको कॉलेज में फिर मिली। शरमाते हुए उसने बताया कि इसकी इच्छा हो रही है मेरे लंड से चूत चुदवाने की.. मैं उसको साथ लाकर घर आया और उसकी प्यासी चूत को पूरा मज़ा दिया.
दूर के रिश्ते में मेरी बहन सर्दियों में तीन दिन मेरे साथ अकेली रही तो हम दोनों के बीच सेक्स सम्बन्ध हो गए. रात को उसने मेरी रजाई में घुस कर चूत चुदाई करवाई.
अब उर्मि नंगी ही हम तीनों के सामने थी, मैं तो उसके मम्मों और काले बालों से ढकी चूत को देख कर मुग्ध हो गया, फिर उर्मि के गोल चूतड़ देखे तो मन एकदम पगला गया और मैंने आगे बढ़ कर उर्मि को फिर से गले लगा लिया।
मासूम मुनिया के बदन को दोनों भाइयों ने मस्ल कर उसे इतना उत्तेजित कर दिया कि वो भी अब चाह रही थी कि उसकी पानी छोड़ती फ़ुद्दी में कुछ हो जाये ! और एक धक्का आया!
दोनों भाई मुनिया की कुुंवारी मासूम चूत को चोदने को लालयित थे, सुबह ही रॉनी ने मुनिया को अपने कमरे में नंगी करके अपना विशाल लंड दिखाया और 69 में करने को कहा
गॉड ने एक ऐसा तगड़ा लौड़ा भेजा.. कि बस मज़ा आ गया.. बस तो मैं चुद कर ही वापस आ गई थी। तो तू बेसुध होकर घोड़े बेच कर सो रही थी, तेरी नाईटी भी खुली हुई थी।
पुनीत ने अपनी आँखें बन्द कर लीं और बस मज़ा लेने लगा। मुनिया अब लौड़े को बड़े प्यार से चूस रही थी.. पहली बार तो उसको कुछ अजीब लगा था.. मगर इस बार वो बड़े अच्छे तरीके से चूस रही थी।
पड़ोस का युवक एक बार मुझे कार से कॉलेज छोड़ने गया तो रास्ते में जोर से ब्रेक लगने पर मुझे डैशबोर्ड पर टकराने से उसने बचाया तो मेरी चूची उसके हाथ में दब गई। आगे क्या हुआ, कहानी में पढ़ें!
इस कहानी में पढ़ें - गाँव की भोली भाली मुनिया को पुनीत ने अपने जाल में फंसा कर नंगी कर लिया और उसकी अनछुई कुंवारी चूत चाट कर उसे प्रथम यौन का चरम आनन्द दिया!
आजकल लड़की को पटा कर लड़का पहले चोद कर उस लड़की को लौड़े की आदी बनाता है.. और पैसे का लालच देकर उसको बड़े-बड़े सपने दिखाता है। अधिकतर वे ही लड़कियाँ चूत चुदवाने को राजी होती हैं जिन्हें चुदने की ज्यादा भूख होती है, आजकल तो इसे मस्ती के नाम पर खुला खेल माना जाता है।
अब तक आपने पढ़ा.. विवेक- हैलो बॉस कैसे हो आप? बॉस- कहाँ हो तुम दोनों? विवेक- ज..ज़ि..जी यहीं हैं घर पे.. बॉस- सालों दारू पीकर पड़े हो.. मैंने तुमको पैसे किस
जब मौका मिला तो पहले तो मैंने उसे उसके होंठों पर किस किया फिर उसके गालों को चूमा।
मैं उसके उरोजों को भी दबाने लगा था, अपना लंड उसके हाथ में दिया!
सोचा था कि अब ‘बहन का लौड़ा’ ख़त्म हो गई है.. थोड़ा आराम करूँगी.. मगर आप सभी के इतने ईमेल आ रहे हैं कि नई कहानी लिखो.. तो मुझे दोस्तों की बात माननी ही पड़ी..
मेरी गर्लफ़्रेन्ड मुझे अपनी सहेली के जन्मदिन की पार्टी में ले गई, लेकिन वहां हम तीनों ही थे। वाइन पीकर हम तीनों बहक गए और दोनों सहेलियाँ आपस में फ़्रेंच किस करने लगी।
दोनों बहनें अलग अलग अपने अपने बॉय फ्रेंड से चुदती रही, धीरे धीरे हम दोनों ने एक दूसरे को अपने अपने यारों से भी मिला दिया। वो दोनों भी आपस में दोस्त से बन गए।
मैं कुछ देर वैसे ही उसके हाथों को अपने हाथों में लिए बैठा रहा, उसकी आँखों में देखता रहा, कभी वो मुस्कुराती, कभी पलकें झुकाती, कभी अपने जुल्फों को हाथों से पीछे करती।
मेरे मकान मालिक घर में एक जवान लड़की थी, पर उसकी फिगर में कुछ कमियाँ थी जैसे उसके चूचे बहुत छोटे छोटे थे, चूतड़ भी बहुत छोटे थे।
उसे मैंने लैपटॉप सिखाने के बहाने कैसे चोदा, इस कहानी में…
मेरे बहुत कहने पर वह मेरे सामने ब्रा-पैन्टी पहनने को तैयार हो गई और अपने कपड़े उतारने लगी, जैसे-जैसे वो कपड़े उतारती जाती, वैसे-वैसे मेरे लौड़े में अकड़न बढ़ती जाती।
कुछ फोटो तो स्टाइलिश जाती हैं, कुछ फोटो अर्द्ध नग्न जाती हैं और कुछ केवल पैन्टी और ब्रा में जाती हैं। और अगर कोई डायेरेक्टर आपकी सेलेक्ट कर लेता है तो जो फोटो आपने भेजी है तो उसी तरह वो आपको वहाँ देखता है।
होटल में सबके सोने के बाद मैं निम्मी और मैरी के कमरे में चला गया। निम्मी सो रही थी, मैरी ने मुझे पकड़ लिया और चूमाचाटी के बाद मैं उसे चोदने लगा।
नैनीताल के सफ़र में मेरे दोनों तरफ दो लड़कियाँ बैठी. थोड़ी देर में एक ने अपनी चुन्नी मेरे ऊपर डाली और मेरा लंड ढूंढने लगी. मैं भी उसकी जांघ सहलाने लगा.
तभी उसने दरवाज़ा खोला। खुलते ही मैं तो देखता ही रह गया.. वो सिर्फ तौलिया लपेटे हुए खड़ी थी, उसके मम्मों की दरार साफ़ दिख रही थी। मैंने उसके मम्मों को देखा..
मेरे घर के पास एक लड़की थी, वो चलती थी तो उसका दुपट्टा गले पर होता था जिससे उसकी चूचियाँ उभर कर दिखती थीं, ऐसे मन होता था कि काश ये चूचियां मसकने को मिल जाती…
छवि और सोनाली दोनों चुपचाप मेरे कमरे में आई और आते ही मुझसे लिपट गई, दोनों बारी बारी से मुझको किस और आलिंगन करने में लगी रही, छवि ने मेरे लंड पर कब्ज़ा जमाया हुआ था और सोनू मुझको चूमने में लगी थी।
मैं इंजीनियरिंग स्टूडेंट, काफ़ी सेक्सी भी हूँ.. कम उम्र से मेरे चूचे, चूतड़ दोनों ही भारी हैं। बड़ा मन होता कि कोई मेरे होंठ चूसे.. चूचे दबाए और चूत चाटे..
अगले दिन शाम को चार लड़कियाँ मेरे घर आई। खाना खाकर सभी नाचने लगे तो एक लड़की मुझे कोने मे।म ले गई तो मैंने उसे चूम लिया क्योन्कि उस पर मेरा दिल आ गया था।
मेरे मोबाइल पर अंजाने नंबर से किसी का मैसेज आया.. तो मैंने ज़्यादा ध्यान नहीं दिया। लेकिन वो किसी लड़की का नम्बर था. धीरे धीरे बात हुई, मिले और चुदाई भी हुई
मेरी सहेली अकसर अपने यार मेरे घर लाकर उनसे चुदती थी, मैं उन्हें चुदाई करते देखती थी, मेरा भी मन होता था चुदाने का! एक दिन उसका यार मुझे फ़ोन नम्बर दे गया!
मकान मालिक के भाई की एक बेटी रेखा निसंतान थी. बड़ी बहन रश्मि मुझसे चुद चुकी थी, उसे कहा कि मैं रेखा को माँ बना सकता हूँ. जैसे कैसे करके उसने रेखा को मनाया.
परी पहली बार चुदाने को बेताब हो रही थी, मैं भी पहली बार कुंवारी चूत को चोदने जा रहा था. मैंने परी की चूत को दोनों हाथों से खोल कर अच्छे से देखा. एकदम गुलाबी
मैं बहुत गहरी नींद में सो रहा था.. तभी मुझे लगा कि कोई मेरे होंठों में अपने होंठ रखकर मेरे सीने से अपने सीने को रगड़ते हुए चूसने लगा। मैंने सोचा माया होगी…
अगले दिन मैंने गीति से बात करके परी को लंच पर बुलाया और फिर खेल खेल में तीनों से चूमाचाटी की. परी को चोदने की इच्छा थी मेरी, वो भी चाह रही थी पर शायद वो डर रही थी.
एक दिन बस स्टॉप पर एक लड़की परेशान सी दिखी, मैंने डरते से पूछ लिया कि मैं उसकी क्या मदद कर सकता हूँ। ऐसे दोस्ती हुई, साथ-साथ घूमने लगे। एक दिन मैं उसे घर लाया।
एक दिन गीति और विनी मुझे सिनेमा ले गई. वहां उनकी दो सहेलियां मिल गई, हम सब साथ बैठे. मेरी साथ परिणीता बैठी. कुछ देर बाद मुझे मेरी जान्घ पर कुछ महसूस हुआ.
मैं पड़ोस की कुंवारी लड़की को ताक रहा था कि मेरी बीवी सविता ने देख लिया, उसने कि अगर वो तुम्हारे बिस्तर में आ जाये तो तुम क्या करोगे? मेरी बांछें खिल गईं!