किसी की चाहत का मीठा अहसास -2
मेरे अहसास की रंगीनियों को अब तक आपने पढ़ा.. वो टी-शर्ट ऊपर सरकाने लगा.. पर मैं पेट के बल लेटी थी.. तो टी-शर्ट ज्यादा ऊपर नहीं गई। अचानक से मुझे मेरे पेट
Antarvasna कम्युनिटी को हमारी शानदार जवान लड़की कहानियों के कलेक्शन से आपको पागल कर देने दें।
मेरे अहसास की रंगीनियों को अब तक आपने पढ़ा.. वो टी-शर्ट ऊपर सरकाने लगा.. पर मैं पेट के बल लेटी थी.. तो टी-शर्ट ज्यादा ऊपर नहीं गई। अचानक से मुझे मेरे पेट
पिछली कहानी में आपने पढ़ा कि आरती ने मुझे मिलने बुलाया, हमें चुदाई का भरपूर मौक़ा मिला. फिर आरती की मुंहबोली ननद आने वाली थी तो उसे लिवाने मुझे शहर जाना था. वो मुझे मिली!
मैं अपनी क्लास की एक लड़की को चाहता था, वो भी मुझे चाहती थी. इज़हार, इकरार प्यार हुआ एक दिन हम दोनों को रात को मिलने का मौका मिला.. क्योंकि वो मेरे घर के पास ही रहती थी।
पड़ोस में रहने वाला एक लड़के से पास होने की पार्टी क्या माँग ली, उसने तो पार्टी देकर मुझे ही मांग लिया, मेरी कुंवारी चूत में लौड़ा घुसा कर ही माना। मज़ा तो आया!
यह कहानी है मेरी एक क्लासमेट की जो मन ही मन मुझे चाहती थी पर मैं उसकी सहेली को चाहता था। मुझे उसकी चाहत का अहसास ही नहीं था। मुझे तब पता चला जब…
मैं इंजीनियरिंग के फाइनल इयर में किराए पर कमरा लेकर रहता था। मेरे मकान-मालिक की एक जवान लड़की थी। एक बार मकान मालिक को बाहर जाना पड़ा तो उनकी लड़की ने रात को मुझे अपने कमरे में सुला लिया।
धीरे-धीरे वो मेरा साथ देने लगी और इस बार मैंने एक झटके से उसकी पैन्टी को निकाल फेंका.. आह्ह.. और मैंने क्या देखा.. एकदम चिकनी चूत... मेरी आँखों के सामने थी.. मानो एक अनखिली कली खिलने को तैयार हो।
मैं उसके टॉप के ऊपर से ही उसके चूचों को सहलाने लगा। अब पिंकी का हाथ धीरे-धीरे से मेरी जीन्स पर आ गया और जीन्स की जिप खोल कर वो मेरा लंड हाथ में ले कर सहलाने लगी थी।
हैलो.. नमस्ते.. मेरे सेक्सी दोस्तो.. आज मैं आपके पास एक नई कहानी लाया हूँ। वैसे तो आपको पता ही है कि मुझे कैसे चूत का चस्का लगा... जब अभी कोई चूत चोदने को
नेहा को बचपन से मैंने यौवन पाठ पढ़ाये हैं। अन्तर्वासना के नियमों के मुताबिक मैं वो सब बातें आपके साथ बाँट नहीं सकता। इसलिए नेहा के बालिग होने के बाद यानि उसके अठारहवें साल के बाद की बातें शेयर करूँगा।
मैं अच्छा खासा स्मार्ट लड़का हूँ. कॉलेज की एक सेक्सी अकडू लड़की पर मेरा दिल आ गया था पर पट नहीं रही थी. और जब पटी तो पता लगा कि वो खूब खाई खेली थी.
मेरी चाची की भतीजी हमारे घर रहने आई तो हमारी दोस्ती हो गई, हम एक दूसरे को चाहने लगे. हम खूब घूमे फिरे और एक चांदनी रात को घर की छत पर मैंने अपने प्यार का इज़हार कर दिया.
फेसबुक पर मेरी दोस्ती अपने कॉलेज की लड़की से हुई. एक दिन मैं उसे मूवी ले गया और उसकी रजामंदी से मैंने उसे चूमा. फिर एक दिन मैं उसे शहर से दूर एकांत जगह पर ले गया.
हमने एक अमीर इलाके में घर किराए पर लिया तो पड़ोस की एक सेक्सी जवान लड़की मुझे दिखती थी. वो शोर्ट स्कर्ट टॉप पहनती थी. वो मुझसे कैसे पटी और मैंने उसकी चूत चुदाई की.
मेरी बहन की सहेली हमारे घर पढ़ाई करने आई, मैं उन दोनों को पढ़ा रहा था. रात को हम तीनों इकट्ठे सो गए. बीच रात में क्या हुआ, इस कहानी को पढ़ कर मज़ा लीजिये!
मेरे चूचे को उसने चूसे और बहुत काटा, धकापेल चुदाई चल रही थी। मैं दो बार झड़ चुकी थी और वो लगातार तेजी से मेरी चूत का काम-तमाम करने में लगा था, 'फच्च..फच्च..' करके मेरी चूत का बाज़ा बजा रहा था।
सबसे पहले जूली ने निहायत ख़ूबसूरती के साथ अपने कपड़े उतारने शुरू किये। उसने हल्के से डांस करते हुए अपनी स्कर्ट के साथ का ब्लाउज और फिर डांस करते हुए उसने अपनी ब्रा भी उतार दी।
उसके नंगा जिस्म बिल्कुल परफेक्ट था, उसके गीले बिखरे बाल.. बड़ी-बड़ी आँखें.. खरबूजे जैसे उसके चूचे और सबसे ज्यादा तो उसकी चिकनी चूत.. इतनी चिकनी कि पानी की बूँदें भी उसकी चूत पर टिक नहीं रही थीं..
मेरे गाँव की एक लड़की से मेरा प्रेम शुरू हुआ.. जो एक कमसिन और नाजुक कली थी.. जवानी की दहलीज पर अभी कदम रखा ही था। एकदम दूध सी गोरी.. भूरी.. स्लिम बॉडी.. छातियाँ अभी विकास की तरफ अग्रसर थीं।
कम्मो मेरे अकड़े लंड को देखा कर समझ गई और नदी में नहाती एक लड़की को मेरे पास झाड़ियों में ले आई. मुझे देखते ही वो लड़की खुश हो गई.
उंगलियों के तेज घर्षण को अपनी योनि में सहन नहीं कर पाई और फिर वो स्पर्श उसे इतनी गुलगुली और उत्तेजना देने लगे कि उसे लगा कि उसका पेशाब निकल जाएगा और वो टूट पड़ी और तुरंत बोली- आह.. आह.. प्लीज स्टॉप प्लीज.. प्लीज..!
मैं छुट्टियों में गाँव गया तो एक लड़की पर दिल आ गया। उसे प्यार भरा सन्देशा भेजा तो कहने लगी- शहर में कोई नहीं मिली क्या? फ़िर उसे पटा कर मैंने कैसे चोदा !
संदीप ने उसके होंठ चूमना शुरू किया, खुशी ने उसकी आँखों में देखा और उसने भी उसे चूमना शुरू कर दिया, संदीप ने खुशी के शरीर को सहलाना शुरू कर दिया।
लण्ड पूरा तन कर बुर में टाइट से फंसा था। मैं भी बिल्लो के ऊपर लेटा हुआ था और चूचियों को आहिस्ता-आहिस्ता दबा रहा था। कुछ ही देर में बिल्लो ने चाचा को अपनी बाँहों में कस लिया.. तो मैं समझ गया कि फिर से बिल्लो चुदना चाहती है।
दोनों लड़कियाँ संदीप के कमरे में आने जाने लगी और एक दिन उसे पता चला कि उसके ब्लयू सीडी के बैग से सीडी गायब होती है और फिर अगले दिन आ जाती है. उसने खुशी को सीडी निकालते पकड़ लिया.
गाँव की अलहड़ छोरी सर्दी से बचने को मेरे बिस्तर में आ गई तो लड़की के जवान बदन की तपिश मेरे लौड़े को तपाने लगी। कहानी में पढ़ें कि कैसे वो चुदने को उतावली हुई।
बिल्लो एक नासमझ लड़की है जिसे शारीरिक संपर्क के संबंध में कुछ नहीं पता है। वह मेरे यहाँ घरेलू काम काज के लिये आई हुई है। सर्दी की एक रात वो मेरे बिस्तर में आ गई।
मेरी क्लास की नई लड़की से मैंने परिचय किया, उससे दोस्ती के लिए कहा तो उसने हाँ कर दी. फिर वैलेंटाइन डे पर लवर पोइंट पर उसे बुलाया और वहीं जंगल में मंगल हो गया.
कॉलेज़ में एक नई लड़की आई तो मैंने उससे दोस्ती कर ली और कुछ दिन में उसे पाई लव यू' भी बोल दिया। एक दिन उसके घर में कोई नहीं था तो उसने मुझे अपने घर बुलाया और…
मेरे भाई के दोस्त ने मेरी सील तोड़ दी थी। मैं बार बार चुदना चाह रही थी। उसी दिन दोपहर को भाई के तीन दोस्त आये मैं समझ गई कि आज मेरी चुदाई 4 लौड़ों से होने वाली है।
आदाब दोस्तो, मेरा नाम सोफिया मंसूरी है, मैं बहुत गर्म किस्म की लड़की हूँ, मुझे सेक्स बहुत पसंद आता है और अब मुझे आदत सी हो गई है कि हर दिन नया लंड और मेरी बुरी तरह चुदाई करने वाला कोई मिल जाए पर मुझे इस तरह चोदने वाला अब तक कोई मिला नहीं है. पर मुझे अब जरिया मिल गया है, अन्तर्वासना में अपनी जिंदगी की हर कहानी आपको बताऊंगी।
चूत चाटने से चेतना अपनी चूत की पहली चुदाई के लिये उतावली थी तो मैंने दो उंगलियाँ डालीं और लौड़े के लिए चूत का मुँह खोल कर लण्ड का टोपा उसके गुलाबी छेद पर रखा।
चेतना ने मुझको लण्ड को पैंट के अन्दर डालते हुए देख लिया। फ़िर हम साथ बैठ कर पढ़ने लगे। मैंने उसको बोला- तुम बहुत ही खूबसूरत लग रही हो। इतना कह कर मैंने अपना हाथ चेतना की टांगों पर रख दिया।
चेतना मेरे साथ स्कूल जाया करती थी। एक दिन बस से उतरते हुए वो फ़िसल गई और उसकी ड्रेस कीचड़ से सन गई। कीचड़ साफ़ करते हुए मेरे हाथ उसकी चूचियों पर पड़े तो…
मेरा दोस्त अपनी गर्लफ्रेन्ड की चिपकू आदत से तंग आ गया था पर मुझे उसकी गर्लफ्रेंड पसंद थी. मैंने दोस्त से मिल कर ऐसा चक्कर चलाया कि वो लंड के लिए तड़पने लगी.
वो पहले तो मुस्कराती रही और फिर एकदम से बोली- क्या तू मुझे फिर से नंगी देखना चाहेगा? यह कह कर उसने मुझे अपनी बाँहों में जकड़ लिया और मेरे होंठ चूमने लगी।
वो सर झुका कर टांगों में चूत की तरफ देख रही थी और चूत के बालों को रगड़ रही थी जिससे उसकी चूत के कुछ बाल उतर जाते थे। अचानक उसकी नज़र मेरे ऊपर पड़ गई।
मेरी क्लास में एक खूबसूरत लड़की पूजा पढ़ती थी. एक दिन वो अपने भाई के साथ आई तो पता लगा कि मेरे दोस्त की बहन है. दोस्त से बात की तो पूजा से भी दोस्ती हो गई.
पायल को गेम के बारे में सब पता चल गया है, वो सेक्स की आग में जल रही है तो उसने गेम में हिस्सा लेने के लिए हाँ कर दी. टोनी ने बहाने से उसके मम्मे भी छू लिए.
पायल अपने भाइयों के साथ गेम के लिये चली गई लेकिन जाने से पहले उनके नौकर ने उसे जूस में कामोत्तेजक गोली पिला दी जिससे पायल की अन्तर्वासना भड़क उठी…
सब लड़कियों और भाभियों का तो काम हो चुका है अब रह गई सिर्फ वो दो लड़कियाँ। अभी तक तो उनकी ओर से कोई इच्छा नहीं हाज़िर हुई !
मुझे आरती नाम की लड़की बहुत पसंद थी, उसे पाने के लिए पूरे गाँव के लड़कों की नजर उसके घर पर लगी रहती है, मस्ती और वासना का रास्ता उसकी चूत से होकर जाता है।
कॉलेज गर्ल की चूत चुदाई की यह कहानी मेरी और मेरी कॉलेज की एक क्लासमेट लड़की की है कि कैसे मेरी किस्मत से मुझे उसकी चूत मिल गई... बाद में उसने बताया कि वो अपने कजिन से चुद चुकी थी.
मेरे गांव की एक लड़की को मैंने मूतते देखा, उसके मूत की धार देखी, चूत और चूत की चौंच देखी. उसने भी मुझे देख लिया तो उसने अपनी चूत में उंगली करवाई ! बाद में चूत चुदवाई !
नायिका का नाम है आँचल… एक खूबसूरत, हसीं, फूलों की जैसी, एक बार देखने पर बार बार देखने को जी चाहे, ऐसी खूबसूरती जिसे देखकर कोई भी दीवाना हो जाये। आँचल से पहली मुलाकात एक इत्तफ़ाक थी!
एक गर्मियों में आंटी के यहाँ उनकी जेठानी की लड़की रहने आई। वह देखने में बहुत सुन्दर थी.. मैं पहली बार में ही उस पर फिदा हो गया और मैं उसे चोदने में सफ़ल भी हुआ।
पायल- ओह्ह.. भाई आप कैसी बातें कर रहे हो.. हम बिंदास हैं ये हमें पता है.. मगर उसको नहीं.. उस वक्त उसको पता लगता मैं आपकी बहन हूँ तो वो सोचता कैसी बहन है.. जो अपने भाई के साथ ब्रा लेने आई है.. ये मिडल क्लास लोग गलत ही सोचते हैं इसलिए मैंने दोस्त कहा..
मैं पड़ोस की लड़की को पटाना चाह रहा था कि एक दिन मेरे दोस्त से पता लगा कि उस लड़की का भाई गांडू है. तो मेरे दोस्त ने उस गांडू को कहा कर उसकी बहन मुझसे चुदवाई...
अर्जुन मुनिया को निधि की चूत चुदाई की कहानी सुना रहा है और मुनिया उसका लन्ड चूस कर उसे मज़ा दे रही है। उधर पुनीत को लगा कि रात को सोते समय उसका वीर्यपात हुआ।
मेरी आँखें बंद थीं लेकिन फिर भी मैं इशानी को अपनी बाँहों में भर कर उसके अंग-अंग को छू कर महसूस कर रहा था हम दोनों ही अपने प्रेम की उत्तेजना से सराबोर थे। यह वो कामोत्तेजना थी.. जो युग-युग से प्यासे प्रेमियों पर आज जी भर कर बरसने वाली थी।
जब मैंने आखिरी धक्का ज़ोर से मारा और नीलू मुझ से चिपट कर छूटने लगी तो सुधा ने हल्के से ताली मारी और 'वाह वाह' करने लगी तो हमको पता चला कि कोई हमारे करतब देख रहा है।
मुनिया- तू चोदता भी देर तक है.. मज़ा भी खूब देता है। मुझे एक बात समझ नहीं आई.. कि मैं चुदी हुई थी.. तब भी तेरे लौड़े ने मेरी जान निकाल दी.. तो निधि तो मुझसे बहुत छोटी है और कुँवारी भी है.. वो कैसे सह गई तेरे इस मोटे लौड़े को?
पायल का मन बेचैन हो गया था.. वो दोबारा धीरे से अपने भाई के लौड़े को टच करने लगी। पुनीत गहरी नींद में सोया हुआ था और पायल की हवस बढ़ती ही जा रही थी, वो लंड को ऊपर से नीचे तक धीरे-धीरे दबाने लगी थी..
मैं जयश्री की तरफ गया और उसको बाँहों में जकड़ कर बिस्तर से उठा दिया.. फिर उसको दबोच कर उसके मस्त होंठों से अपने होंठ सटा दिए। जयश्री ने कहा- राजा.. थोड़ी देर के लिए चूमना बंद कर.. तो नाइटी उतार दूँ..
पुनीत और रॉनी परेशान थे कि अपनी बहन पायल को गेम के लिये कैसे मनाये… सन्नी उन दोनों को कोई आइडिया बताता है। उधर पायल अपनी चाची का मुंह देखना भी पसन्द नहीं करती।
मैं भाभी की बहन को चोदने को लालयित था तो भाभी ने कहा कि आज की रात वो जरूर अपनी बहन की चूत दिलवा देंगी। मैं उनके कमरे में छिपा था, भाभी प्रज्ञा को चुदने को मना रही थी।
मुनिया- चल हट.. तू क्या समझता है बस तेरे पास ही बड़ा लंड है.. रॉनी बाबूजी का भी तेरे जितना है.. बस तेरा थोड़ा मोटा ज़्यादा है.. तभी तो मुझे दर्द हुआ और तेरे में ताक़त ज़्यादा है.. कितना चोदता है तू ठंडा ही नहीं होता मेरी हालत खराब कर दी तूने तो..
कॉलेज़ में छुट्टियों में मुझे गाँव जाना था। ज़ेनी और जस्सी न्ही मेरे साथ मेरे गाँव जाना चाहती थी। लेकिन गाँव में हमारी चुदाई का भेद खुलने के डर से मैंने कम्मो से बात की।
मुनिया तो नई-नई चुदक्कड़ बनी थी.. उसको लंड का चस्का लग चुका था। अब ऐसा तगड़ा लंड देख कर भला वो कहाँ अपने आपको रोक पाती। बस वो शुरू हो गई लौड़े को लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी।
मेरे पड़ोस में एक सेक्सी लड़की रहती थी, मैं उसे देखा कर मुट्ठ मारता था लेकिन बात करते फटती थी मेरी! एक दिन उसने कुछ सामान घर के अन्दर रखने के बहाने से बुलाया और मुझे आँख मारी!
भाभी और मैं नंगे थे कि उनकी बहन आ गई, हमें नंगे देख भड़क गई, मैं डर गया। वो भाभी को कहने लगी कि अभी जीजा जी को भाभी की करतूत बता रही है। मेरी और फ़ट गई…
हम दोनों के नंगे बदन गुत्थम-गुत्था होकर लिपटे थे.. सहसा वो जगी और उसके बदन में हलचल हुई. उसने धीरे से मेरी हथेली.. जो उसके बायें वाले दूध को दबोचे थी.. हटा दी.
मुनिया ने अर्जुन की पैन्ट उतार दी पर वो तो अब खेली खाई थी, अन्तर्वासना के वशीभूत उसने अर्जुन के लन्ड पर नजर डाली तो वो उसे बहुत बड़ा लगा, मुनिया का मन ललच गया।
अर्जुन की बात सुन कर मुनिया का चेहरा शर्म से लाल हो गया.. ना चाहते हुए भी उसकी नज़र अर्जुन की पैन्ट पर उस जगह टिक गई.. जहाँ उसका लंड था और वो आँखों से मुआयना करने लगी कि अर्जुन का लौड़ा कितना बड़ा होगा..
पायल के साथ टोनी ने अपने गुण्डों से छेड़खानी करवाई उर खुद उसे बचाने आया। फ़िर उसे बता कर कि उसके भाई दोस्त हैं टोनी पायल को घर छोड़ने आया।
गर्ल्स हॉस्टल में भी सुबह से गहमा-गहमी थी.. आज कुछ और लड़कियाँ अपने घर जा रही थीं.. जिनमें पूजा और पायल भी शामिल थीं। पूजा- अरे पायल, तू अकेली जाएगी या कोई लेने के लिए आएगा? पायल- नहीं यार.. मैंने बताया था ना.. मैं रिक्शा लेकर चली जाऊँगी..
अब तक आपने पढ़ा.. मैं बाथरूम में जाकर बाथरूम का दरवाजा अन्दर से बंद कर बैठी रही। लगभग 15 मिनट अन्दर बैठने के बाद जैसे ही मैं बाहर आई.. अंकल दरवाजे पर ही
अब तक आपने पढ़ा.. अब मेरा सुपाड़ा उसकी उँगलियों से छिप गया था। फिर उसने एक हाथ की मुट्ठी में लण्ड को पकड़ लिया और मोटाई का अंदाजा लगाने लगी। उसने विस्मय से
मेरे पापा मुझे और मेरे पड़ोसी लड़के को शहर से पेपर दिला कर गाँव वापिस आ रहे थे बाइक पर.. वो लड़का मेरा यार था. मैं बीच में, वो मेरे पीछे बैठा था, मुझे छेड़ने लगा.
यह बात है मेरी पहली चुदाई की, मेरी कुंवारी चूत की सील पड़ोस के अंकल ने खोली. आंटी को नौवां महीना चल रहा था, अंकल नाईट ड्यूटी पे थे. मैं आंटी के पास सोती थी.