नेहा की चुदाई में मेरी सील टूट गई
कॉलेज गर्ल की चूत चुदाई की यह कहानी मेरी और मेरी कॉलेज की एक क्लासमेट लड़की की है कि कैसे मेरी किस्मत से मुझे उसकी चूत मिल गई... बाद में उसने बताया कि वो अपने कजिन से चुद चुकी थी.
Antarvasna कम्युनिटी को हमारी शानदार जवान लड़की कहानियों के कलेक्शन से आपको पागल कर देने दें।
कॉलेज गर्ल की चूत चुदाई की यह कहानी मेरी और मेरी कॉलेज की एक क्लासमेट लड़की की है कि कैसे मेरी किस्मत से मुझे उसकी चूत मिल गई... बाद में उसने बताया कि वो अपने कजिन से चुद चुकी थी.
मेरे गांव की एक लड़की को मैंने मूतते देखा, उसके मूत की धार देखी, चूत और चूत की चौंच देखी. उसने भी मुझे देख लिया तो उसने अपनी चूत में उंगली करवाई ! बाद में चूत चुदवाई !
नायिका का नाम है आँचल… एक खूबसूरत, हसीं, फूलों की जैसी, एक बार देखने पर बार बार देखने को जी चाहे, ऐसी खूबसूरती जिसे देखकर कोई भी दीवाना हो जाये। आँचल से पहली मुलाकात एक इत्तफ़ाक थी!
एक गर्मियों में आंटी के यहाँ उनकी जेठानी की लड़की रहने आई। वह देखने में बहुत सुन्दर थी.. मैं पहली बार में ही उस पर फिदा हो गया और मैं उसे चोदने में सफ़ल भी हुआ।
पायल- ओह्ह.. भाई आप कैसी बातें कर रहे हो.. हम बिंदास हैं ये हमें पता है.. मगर उसको नहीं.. उस वक्त उसको पता लगता मैं आपकी बहन हूँ तो वो सोचता कैसी बहन है.. जो अपने भाई के साथ ब्रा लेने आई है.. ये मिडल क्लास लोग गलत ही सोचते हैं इसलिए मैंने दोस्त कहा..
मैं पड़ोस की लड़की को पटाना चाह रहा था कि एक दिन मेरे दोस्त से पता लगा कि उस लड़की का भाई गांडू है. तो मेरे दोस्त ने उस गांडू को कहा कर उसकी बहन मुझसे चुदवाई...
अर्जुन मुनिया को निधि की चूत चुदाई की कहानी सुना रहा है और मुनिया उसका लन्ड चूस कर उसे मज़ा दे रही है। उधर पुनीत को लगा कि रात को सोते समय उसका वीर्यपात हुआ।
मेरी आँखें बंद थीं लेकिन फिर भी मैं इशानी को अपनी बाँहों में भर कर उसके अंग-अंग को छू कर महसूस कर रहा था हम दोनों ही अपने प्रेम की उत्तेजना से सराबोर थे। यह वो कामोत्तेजना थी.. जो युग-युग से प्यासे प्रेमियों पर आज जी भर कर बरसने वाली थी।
जब मैंने आखिरी धक्का ज़ोर से मारा और नीलू मुझ से चिपट कर छूटने लगी तो सुधा ने हल्के से ताली मारी और 'वाह वाह' करने लगी तो हमको पता चला कि कोई हमारे करतब देख रहा है।
मुनिया- तू चोदता भी देर तक है.. मज़ा भी खूब देता है। मुझे एक बात समझ नहीं आई.. कि मैं चुदी हुई थी.. तब भी तेरे लौड़े ने मेरी जान निकाल दी.. तो निधि तो मुझसे बहुत छोटी है और कुँवारी भी है.. वो कैसे सह गई तेरे इस मोटे लौड़े को?
पायल का मन बेचैन हो गया था.. वो दोबारा धीरे से अपने भाई के लौड़े को टच करने लगी। पुनीत गहरी नींद में सोया हुआ था और पायल की हवस बढ़ती ही जा रही थी, वो लंड को ऊपर से नीचे तक धीरे-धीरे दबाने लगी थी..
मैं जयश्री की तरफ गया और उसको बाँहों में जकड़ कर बिस्तर से उठा दिया.. फिर उसको दबोच कर उसके मस्त होंठों से अपने होंठ सटा दिए। जयश्री ने कहा- राजा.. थोड़ी देर के लिए चूमना बंद कर.. तो नाइटी उतार दूँ..
पुनीत और रॉनी परेशान थे कि अपनी बहन पायल को गेम के लिये कैसे मनाये… सन्नी उन दोनों को कोई आइडिया बताता है। उधर पायल अपनी चाची का मुंह देखना भी पसन्द नहीं करती।
मैं भाभी की बहन को चोदने को लालयित था तो भाभी ने कहा कि आज की रात वो जरूर अपनी बहन की चूत दिलवा देंगी। मैं उनके कमरे में छिपा था, भाभी प्रज्ञा को चुदने को मना रही थी।
मुनिया- चल हट.. तू क्या समझता है बस तेरे पास ही बड़ा लंड है.. रॉनी बाबूजी का भी तेरे जितना है.. बस तेरा थोड़ा मोटा ज़्यादा है.. तभी तो मुझे दर्द हुआ और तेरे में ताक़त ज़्यादा है.. कितना चोदता है तू ठंडा ही नहीं होता मेरी हालत खराब कर दी तूने तो..
कॉलेज़ में छुट्टियों में मुझे गाँव जाना था। ज़ेनी और जस्सी न्ही मेरे साथ मेरे गाँव जाना चाहती थी। लेकिन गाँव में हमारी चुदाई का भेद खुलने के डर से मैंने कम्मो से बात की।
मुनिया तो नई-नई चुदक्कड़ बनी थी.. उसको लंड का चस्का लग चुका था। अब ऐसा तगड़ा लंड देख कर भला वो कहाँ अपने आपको रोक पाती। बस वो शुरू हो गई लौड़े को लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी।
मेरे पड़ोस में एक सेक्सी लड़की रहती थी, मैं उसे देखा कर मुट्ठ मारता था लेकिन बात करते फटती थी मेरी! एक दिन उसने कुछ सामान घर के अन्दर रखने के बहाने से बुलाया और मुझे आँख मारी!
भाभी और मैं नंगे थे कि उनकी बहन आ गई, हमें नंगे देख भड़क गई, मैं डर गया। वो भाभी को कहने लगी कि अभी जीजा जी को भाभी की करतूत बता रही है। मेरी और फ़ट गई…
हम दोनों के नंगे बदन गुत्थम-गुत्था होकर लिपटे थे.. सहसा वो जगी और उसके बदन में हलचल हुई. उसने धीरे से मेरी हथेली.. जो उसके बायें वाले दूध को दबोचे थी.. हटा दी.
मुनिया ने अर्जुन की पैन्ट उतार दी पर वो तो अब खेली खाई थी, अन्तर्वासना के वशीभूत उसने अर्जुन के लन्ड पर नजर डाली तो वो उसे बहुत बड़ा लगा, मुनिया का मन ललच गया।
अर्जुन की बात सुन कर मुनिया का चेहरा शर्म से लाल हो गया.. ना चाहते हुए भी उसकी नज़र अर्जुन की पैन्ट पर उस जगह टिक गई.. जहाँ उसका लंड था और वो आँखों से मुआयना करने लगी कि अर्जुन का लौड़ा कितना बड़ा होगा..
पायल के साथ टोनी ने अपने गुण्डों से छेड़खानी करवाई उर खुद उसे बचाने आया। फ़िर उसे बता कर कि उसके भाई दोस्त हैं टोनी पायल को घर छोड़ने आया।
गर्ल्स हॉस्टल में भी सुबह से गहमा-गहमी थी.. आज कुछ और लड़कियाँ अपने घर जा रही थीं.. जिनमें पूजा और पायल भी शामिल थीं। पूजा- अरे पायल, तू अकेली जाएगी या कोई लेने के लिए आएगा? पायल- नहीं यार.. मैंने बताया था ना.. मैं रिक्शा लेकर चली जाऊँगी..
अब तक आपने पढ़ा.. मैं बाथरूम में जाकर बाथरूम का दरवाजा अन्दर से बंद कर बैठी रही। लगभग 15 मिनट अन्दर बैठने के बाद जैसे ही मैं बाहर आई.. अंकल दरवाजे पर ही
अब तक आपने पढ़ा.. अब मेरा सुपाड़ा उसकी उँगलियों से छिप गया था। फिर उसने एक हाथ की मुट्ठी में लण्ड को पकड़ लिया और मोटाई का अंदाजा लगाने लगी। उसने विस्मय से
मेरे पापा मुझे और मेरे पड़ोसी लड़के को शहर से पेपर दिला कर गाँव वापिस आ रहे थे बाइक पर.. वो लड़का मेरा यार था. मैं बीच में, वो मेरे पीछे बैठा था, मुझे छेड़ने लगा.
यह बात है मेरी पहली चुदाई की, मेरी कुंवारी चूत की सील पड़ोस के अंकल ने खोली. आंटी को नौवां महीना चल रहा था, अंकल नाईट ड्यूटी पे थे. मैं आंटी के पास सोती थी.
मैं आरती के कमरे में जाकर पलंग पर पैर नीचे लटका कर बैठ गया, आरती भी कमरे में आ गई और पलंग के पास आकर खड़ी हो गई। मैंने उसकी कमर में हाथ डाल उसके नितम्बों को सहलाता हुआ उसे अपनी गोद में बैठा लिया। वो मेरी तरफ मुँह करके बैठी थी.. उसकी मांसल जांघें मेरी जाँघों पर चढ़ी हुई थीं।
पुनीत और रॉनी मुनिया को उसकी माँ के पास छोड़ कर कुछ पैसे दे कर चले गए, उन्हें जल्दी घर पहुँचना है। गाँव के एक लड़के ने मुनिया को उन दोनों के साथ देख लिया और…
आठ बजे मैं आरती के घर पहुँच गया। उसने गुलाबी रंग की बिना बाँहों वाली सिल्क की नाइटी पहन रखी थी जो सामने से खुलती थी। गीले से बालों का जूड़ा बांध रखा था.. लगता था कि अभी नहाई थी.. नाइटी पारदर्शी तो नहीं थी लेकिन उसमें से उसके मम्मों के साथ साथ घुंडियों का उभार साफ़ दिख रहा था.. लगता था जैसे उसने नीचे कुछ नहीं पहन रखा था।
मेरी जान तेरी गाण्ड की सील खुल जाने दे.. उसके बाद तू खुद दोनों को एक साथ बुलाएगी.. क्योंकि तुझे आगे और पीछे एक साथ मज़ा मिलेगा और हो सकता है तीसरा भी माँग ले.. मुँह के लिए हा हा हा हा..
बाज़ार में घूमते वक्त मेरे टूअर की दो लड़कियाँ मेरे पास आई और कहने लगी- सोमू यार तुम तो आजकल कॉलेज में छाए हुए हो.. जल्दी ही उन दोनों ने अपनी चूत चुदाई की मंशा जाहिर कर दी.
आरती के शीलभंग की स्मृति मानसपटल पर धारण किये मैं घर पहुँचा और यथाशीघ्र आरती के घर पहुँच गया. उससे मिल कर उसे खुश देख कर जो आत्मसन्तुष्टि मुझे मिली, बता नहीं सकता!
रिश्तेदारी में एक लड़की से काफी साल बाद मिला तो वो माल बन चुकी थी. बातचीत से लगा कि वो चालू है.. फोन पर बातें होने लगी और एक दिन मैंने उसकी चूत की खुशबू ले ही ली !
एक गाँव के एक कार्यक्रम में मैंने मंच संचालन किया और एक पहचान वाले कार्यकर्ता को कहा कि मैं उसके घर सोऊँगा. मैं देर से पहुंचा तो सभी सोये हुए थे. मेरे भाग्य में क्या था वहाँ?
डबल बेड पर साथ सोते हुये मैन दिव्या के बदन के मज़े लेने लगा तो उसकी अन्तर्वासना भी जाग गई, चूमाचाटी का मज़ा लेने लगी। उसके बाद पहले मैंने गान्ड मारी फ़िर उसकी चूत चुदाई की!
मैंने एक दोस्त से पैसे लेने थे, वो दे नहीं रहा था. उसकी बहन बहुत सेक्सी थी. वो काबू नहीं आ रही थी. एक दिन मैं उसके घर गया तो वो काबू आई लेकिन दोस्त आ गया! उसके बाद क्या हुआ इस कहानी में पढ़ें !
जेठ की उस तपती दुपहरी में चारों ओर सन्नाटा पसरा था.. दूर-दूर तक कोई नहीं था। मैंने जी कड़ा करके अपने लण्ड को जरा सा पीछे खींचा और दांत भींच कर.. पूरी ताकत और बेरहमी से आरती की कमसिन कुंवारी चूत में धकेल दिया।
हमारे पड़ोस में एक बड़ी ही मादक लड़की दिव्या रहती है, उसके हिलते हुए चूतड़ों को देख कर तो मेरा दिल करता था कि उसको जाकर पीछे से ही पकड़ कर उसकी गाण्ड में अपना लंड डाल कर अच्छी तरह से चोद दूँ..
दिन भर घूमने के बाद शाम को कमरे में आये तो पूनम आ गई, उसे खुश किया और जेनी के बारे में बता कर रात कार्यक्रम का तय किया. रात को जेनी का नम्बर पहले लगा.
मेरी ही क्लास में एक लड़की दिखने में खूबसूरत अप्सरा सी थी, जब वो मटक-मटक कर चलती थी तो हर कोई उस पर फ़िदा हो जाता था। मैं उसे चाहता था, उसकी चूत चुदाई पढ़ें इस कहानी में!
मेरी क्लास में एक लड़की थी.. वो तब मेरे दोस्त की गर्लफ्रेंड थी. लेकिन मैं जब भी कल्याणी की तरफ देखता.. तो मैं पाता कि वो मेरी तरफ ही देख रही होती थी।
मेरी बात सुन कर आरती भय से काम्पने लगी। उसकी चूत और चूचियों को मसलते हुए मैंने कहा- तू मेरी बात माने तो तेरे पापा को कुछ नहीं बताऊँगा।वो मेरी बात मान गई और अगले दिन बगीचे में आ गई !
एक सुबह मेरे भाई का दोस्त उसे बुलाने आया तो भाई तैयार होने चला गया और मैं उलटी लेटी सोने का दिखावा कर रही थी. दोस्त मेरे पास ही बैठा था, मैंने शरारत की तो..
दिल्ली से आगरा वाली बस में मेरे साथ एक लड़की बैठी थी. मुझे झपकी लगी तो मुझे लगा कि मेरी जांघों पर कुछ है... देखा तो उस लड़की का हाथ था. कहानी पढ़ें, मज़ा लें!
अपना खेल ख़त्म करके आरती व अन्य लड़कियाँ कपड़े पहन कर लौट चली. रात को आरती की चूत याद करके मैंने मुट्ठ मारी और अगले दिन आरती के घर गया. उससे पूछ्ताछ की. आरती घबरा गई !
ट्रिप से पहले दिन एक और लड़की हमारे ग्रुप में शामिल हुई, उसे सारी बात बतादी और वो तैयार थी. ट्रेन में चारों लड़कियों को एक कूपे में बैठा कर खेल शुरू हुआ.. नई लड़की कुछ शरमा रही थी..
कॉलेज से ट्रिप आगरा जा रहा था, पूनम को मैंने नैनीताल ट्रिप की चूत चुदाइयों के बारे में बताया तो छेड़छाड़ बढ़ गई और पूनम की साड़ी उठा कर मैंने पीछे से चोद दिया...
मैंने पूनम को अपने लंड पर बिठा कर पूरे कमरे के चक्कर लगाए और फिर लंड को उसकी गीली चूत में घुसेड़ दिया. कम्मो देख रही थी, उसने कहा- क्या गृह प्रवेश हो गया?
मैं अपने बड़े भाई की साली की शादी में मध्यप्रदेश गया था जो कि एक छोटे गाँव में हो रही थी.. उधर काफ़ी लड़कियाँ रिश्तेदारी में थीं, वहाँ मैंने भाई की रिश्तेदारी में एक साली को चोद दिया।
पायल अपनी सहेली पूजा को बता रही थी कि कैसे उसने अपने पापा और आंटी की चुदाई देखी. आंटी ने ही पापा को अपने रूप के जाल में फंसाया. उधर रॉनी और पुनीत मुनिया को चोदने की तैयारी में थे.
अब तक आपने पढ़ा.. मेरी ट्रेन आ गई थी.. मैंने फोन रखना चाहा.. लेकिन वो बातें करने लगी और मैं बात करते-करते ही ट्रेन पकड़ ली। वो बात करती रही.. मैं मन ही मन
एक दिन क्लास में एक नई लड़की ने मुझे पहचान कर बताया कि मैं उसका बाल सखा हूँ. मैं नहीं पहचान पाया तो उसने मुझे समझाया. मैं उसे अपने घर घर ले आया और बस... हम तो पुराने प्रेमी थे...
पड़ोस की दो बहनों को मैं कम्प्यूटर सिखाता था तो मैंने उनसे अपनी गुरुदक्षिणा मांगी तो बदले में मुझे उनके साथ साथ चूत चुदाई का खेल खेलने का मौक़ा मिला.
सोनिया को पता चलने के बाद कि यह हमारा प्लान था, उसने मेरी बहन को भी अपने घर बुला लिया, फ़िर सूर्या ने मेरी बहन को और मैंने उसकी बहन को साथ साथ चोदा।
पुनीत के दोस्त सन्नी ने मुनिया को देखा तो उसे लगा कि उसने मुनिया को पहले भी देखा हुआ है… सन्नी के जाने के बाद पुनीत मुनिया के बदन के साथ खेलने लगा।
सुबह जगने पर देखा कि स्नेहल की चूत सूजी पड़ी थी। मैंने उंगलियों से चूत खोल कर देखना चाहा तो वो जाग गई। वो कराह रही थी दर्द से, मैने उसके बदन की मालिश की। फ़िर उसके बाद चूत चुदाई तो होनी ही थी…
रात में मैं सोनिया के घर में सोया उसका फ़ार्म भरवाने के लिए, फ़ार्म भरने के बास सोनिया ने मेरी दी हुई सेक्सी ड्रेस पहनी तो मैंने उसे चूम लिया और खेल आगे बढ़ा…
मैं चाय पीने जिस दुकान पर जाता था.. उस चाय वाले की कोई 18 साल की लड़की एक मस्त, पटाखा माल थी.. उसे उसके ही घर में मैंने चोदा, कैसे? इस कहानी में पढ़िए!
मेरे दोस्त की बहन सोनिया सेक्सी नाभिदर्शना साड़ी बैकलेस ब्लाउज पहन कर मेरे साथ बाईक पर उसकी सहेली की बर्थडे पार्टी के लिए निकली लेकिन रास्ते में बारिश आ गई.
मैं अपने दोस्त के घर पहुँच गया जहाँ उसकी बहन सोनिया भी थी, वो बिल्कुल सन्नी लियोनी जैसी सेक्सी दिख रही थी। मेरे दोस्त ने उसे मेरे साथ मार्केट जाने को कह दिया।
मेरे दोस्त की बहन नीलू मुझे पसंद थी लेकिन दोस्ती के कारण मैंने कुछ नही किया. एक दिन उसके घर गया तो दोस्त अपनी गर्लफ्रेंड को मिलने गया और नीलू मेरे पास आ गई. उसने बताया कि वो मुझे पसंद करती है.
कुछ दिन बाद उर्मि मुझको कॉलेज में फिर मिली। शरमाते हुए उसने बताया कि इसकी इच्छा हो रही है मेरे लंड से चूत चुदवाने की.. मैं उसको साथ लाकर घर आया और उसकी प्यासी चूत को पूरा मज़ा दिया.
दूर के रिश्ते में मेरी बहन सर्दियों में तीन दिन मेरे साथ अकेली रही तो हम दोनों के बीच सेक्स सम्बन्ध हो गए. रात को उसने मेरी रजाई में घुस कर चूत चुदाई करवाई.
अब उर्मि नंगी ही हम तीनों के सामने थी, मैं तो उसके मम्मों और काले बालों से ढकी चूत को देख कर मुग्ध हो गया, फिर उर्मि के गोल चूतड़ देखे तो मन एकदम पगला गया और मैंने आगे बढ़ कर उर्मि को फिर से गले लगा लिया।
मासूम मुनिया के बदन को दोनों भाइयों ने मस्ल कर उसे इतना उत्तेजित कर दिया कि वो भी अब चाह रही थी कि उसकी पानी छोड़ती फ़ुद्दी में कुछ हो जाये ! और एक धक्का आया!
दोनों भाई मुनिया की कुुंवारी मासूम चूत को चोदने को लालयित थे, सुबह ही रॉनी ने मुनिया को अपने कमरे में नंगी करके अपना विशाल लंड दिखाया और 69 में करने को कहा
गॉड ने एक ऐसा तगड़ा लौड़ा भेजा.. कि बस मज़ा आ गया.. बस तो मैं चुद कर ही वापस आ गई थी। तो तू बेसुध होकर घोड़े बेच कर सो रही थी, तेरी नाईटी भी खुली हुई थी।
पुनीत ने अपनी आँखें बन्द कर लीं और बस मज़ा लेने लगा। मुनिया अब लौड़े को बड़े प्यार से चूस रही थी.. पहली बार तो उसको कुछ अजीब लगा था.. मगर इस बार वो बड़े अच्छे तरीके से चूस रही थी।