जवानी एक बला
लेखिका : नेहा वर्मा मैंने जवानी की दहलीज़ पर कदम रखा ही था कि मेरे सामने मेरी जवानी का लुफ़्त उठाने के लिये लोगों की नजरें उठने लग गई थी। उनकी नजरें जैसे
Antarvasna कम्युनिटी को हमारी शानदार पड़ोसी कहानियों के कलेक्शन से आपको पागल कर देने दें।
लेखिका : नेहा वर्मा मैंने जवानी की दहलीज़ पर कदम रखा ही था कि मेरे सामने मेरी जवानी का लुफ़्त उठाने के लिये लोगों की नजरें उठने लग गई थी। उनकी नजरें जैसे
मेरा नाम राज है, मेरी उम्र २२ साल है ! मेरा शरीर मजबूत है क्यूंकि मैं बॉडी बिल्डिंग भी करता हूँ। मैं अन्तर्वासना की कहानियां हर सुबह पढ़ता हूँ ! मैं अपने
यह घटना ५ साल पहले हुई थी जब मैं २० साल का था ! उस वक़्त मैं बी.एस.सी. कर रहा था ! मेरा पहला सेक्स अनुभव तो मेरी पड़ोस की लड़की फातिमा के साथ हुआ, जो बहुत
हेलो दोस्तो, आपने मेरी पिछली कई चुदाई की कहानियाँ पढ़ी और मुझे काफी सारे मेल भी आए। मेरी पिछली कहानी थी: मेरी पहली ग्राहक आपका बहुत बहुत धन्यवाद. मुझे सतीश
मैंने उसकी दोनों टांगे चौड़ी की और उसकी चूत पर अपना लंड रख कर तेज धक्का दिया ! मेरा आधा लंड उसकी चूत में घुस गया और वो चीख उठी लंड भी काफी टाइट घुस रहा था !
नई जवानी थी ... कुछ ही देर में वो फिर से तरोताज़ा था।मेरी चूत को अब उसका लंबा और मोटा लौड़ा चाहिये था। उसके लिये मुझे अधिक इन्तज़ार नहीं करना पड़ा। मैंने उसे
झांसी एक एतिहासिक नगर है, वहां के रहने वाले लोग भी बहुत अच्छे हैं ... दूसरों की सहायता तहे दिल से करते है। मेरे पति के साथ मैं झांसी आई थी। मेरे पति की
मैं 31 वर्ष का 6 फीट लंबा शादीशुदा पुरूष हूँ। मेरी सबसे बड़ी कमजोरी चोदने की मेरी तीव्र इच्छा है। मेरी पत्नी भी इससे परेशान रहती है क्योंकि शायद ही कोई रात
प्रेषक/प्रेषिका : रानी साहिबा मेरा नाम दीपक है, उम्र ५१ साल, कद ५ फीट ९ इंच, रंग गोरा और बदन कसरती है। मेरी पत्नी का नाम रेखा है, उम्र ४८ साल, रंग गोरा और
हेल्लो दोस्तो, विक्की का आप सभी को प्यार भरा नमस्कार. मैं 27 साल का जवान लड़का हूँ और चंडीगढ़ में प्राइवेट जॉब करता हूँ। आज से दो साल पहले फरवरी 2007 को
एक बार मैं फिर आपके सामने अपनी नई कहानी के साथ हाजिर हूँ। मैं अपना परिचय अपनी पिछली कहानी तनु- मेरा पहला प्यार मेरा प्यारा प्यार में दे ही चुका हूँ। मेरी
प्रथम भाग से आगे : एक दिन वह फिर अपनी माँ के साथ कम्प्यूटर पर काम के बहाने आई। मैं समझ गया कि माल गर्म है। उसने कहा- आज बाकी की मूवी देखनी है। मैंने फिर
किरण आँटी की चुदाई से मैं ऊब चुका था। उनकी बेटी नेहा जवान हो रही थी। बड़ी-बड़ी चूचियाँ, उभरी हुई गाँड, क़यामत लगती थी। ख़ैर किरण आँटी मुझे उसके पास फटकने
शादी के बाद से नज़मा भाभी की चुदाई बहुत ही कम हुई थी। जवान तन लण्ड का प्यासा था। मुझे रोज चुदते देख कर उसका मन भी मचल उठा। वो रोज छुप छुप कर अब्दुल से मेरी
लेखिका : रीता शर्मा विजय और नीरा का घर आपस में लगा हुआ था। नीरा शादी-शुदा थी और विजय से लगभग दस साल बड़ी थी। नीरा दुबली पतली पर सुन्दर युवती थी। पर घर पर
नमस्ते दोस्तो, एक बार मैं फिर आपके सामने अपनी नई कहानी के साथ हाज़िर हूँ। वैसे तो मैं अपना परिचय अपनी पिछली कहानी 'तनु- मेरा पहला प्यार' में दे ही चुका
शर्मा जी और हम पास पास ही रहते थे। दोनों के ही सरकारी मकान थे। मेरे पति और शर्मा जी एक ही कार्यालय में कार्य करते थे। शर्मा जी का भाई पास ही में एक किराये
अन्तर्वासना के सभी पाठको को मेरा नमस्कार ! मेरा नाम साहिल है और मैं हरियाणा के कुरूक्षेत्र का रहने वाला हूँ। मैं अपनी कहानी पर आता हूँ! किरण जिसकी उम्र १९
प्रेषक : हॉट प्रिन्स कहानी का पहला भाग मेरी सेक्सी पड़ोसन राखी की कसी हुई चूत-1 अब आगे: और ऐसा कहकर वो लेट गई और मेरे लन्ड को अपनी चूत के योनि-द्वार पर
प्रेषक : हॉट प्रिन्स मैं पहले अपने बारे में बताता हूँ ! मेरा नाम सुमीत है, मेरी उम्र 30 साल की है, फ़रीदाबाद में रहता हूँ, मेरी शादी हो चुकी है। आज मैं
अचानक से उनके बाथरूम का दरवाज़ा खुला और मैं सकपका गया। वो बिल्कुल गीले बदन नहाई हुई मेरे सामने खड़ी थी और बदन पर सिर्फ एक झीने से कपड़े की चुन्नी थी।
प्रेषक : इन्द्र पाल हेल्लो दोस्तो, मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ। यहाँ कहानियाँ पढ़ने के बाद मुझे लगा कि मुझे भी अपनी यौन-क्रीड़ा के बारे में आपको
प्रेषक : रायपुर बॉय मेरा नाम विजय है! मैं रायपुर शहर में रहता हूँ, 22 साल का इन्जिनियरिन्ग का छात्र हूँ। मैं जिस मकान में रहता हूँ वहां नीचे में मकान
प्रेषक : ऋतेश कुमार मित्रो, अंतर्वासना के लिए यह मेरी पहली कहानी है। यूं तो मैं अंतर्वासना की कहानियों को पिछले दो सालों से पढ़ रहा हूं। बहुत समय तक सोचने
प्रेषक : वीरू शुक्ला प्रिय दोस्तो ! मैं बड़ौदा का रहने वाला हूँ। मैं कई दिनों से अन्तर्वासना में आप लोगों की कहानियाँ पढ़ रहा हूँ। तो मैंने सोचा कि मैं भी
लेखिका : कामिनी सक्सेना हम लोग जहां रहते हैं वो एक पुराना मुहल्ला है। पुराने टाईप के घर है, आपस में लगे हुए। लगभग सभी की छतें एक दूसरे से ऐसे लगी हुई थी
प्रेषक : वेणु दोस्तो, मेरी यह पहली और सच्ची कहानी है। मैंने इंटर कर लिया था और मेरा सेलेक्शन एयर फोर्स में हो गया था। मेरा सेलेक्शन १९९३ में हुआ था उसके
जवानी की मस्ती मैं जी भर के लूटना चाहती हूं, लगता है कि बस रोज रात को कोई मुझे दबा कर चोद जाये ... जानते है जीवन में जवानी एक ही बार आती है ... फिर आ कर
प्रेषक : रोहित खण्डेलवाल हेल्लो दोस्तो ! मैं रोहित आपका दोस्त लेकर आ गया आप लोगों के लिए यौन-कथा ! पहले अपने बारे में बताता हूँ मैं रोहित इक्कीस साल का
प्रेषक : अमित दुलेरा हेलो मेरा नाम अनुराग है मैं गुरुजी का शुक्रिया करना चाहता हूँ। मैंने अन्तर्वासना में कितनी सारी कहानियाँ पढ़ी हैं। अब मैं चाहता हूँ कि
लेखिका : कला सिंह सहयोगी : शमीम बानो कुरेशी मैं एक साधारण परिवार की लड़की हूँ। वाराणसी के एक घनी आबादी में रहती हूँ। मुझे भी सब वही शौक हैं जो एक जवान लड़की
प्रेषिका : नेहा वर्मा शालिनी मेहता ने झांसी से मुझे मेल के द्वारा अपनी कहानी का एक स्वरूप बना कर भेजा था, उसे कहानी के रूप में ढाल कर आपके सामने प्रस्तुत
प्रेषक : गुरप्रीत सिंह हेलो ! आप सब भाभियों और औरतों को चूतों को मेरे नौ इंच के लौड़े का खड़े हो कर प्रणाम ! आप सबने मेरा पहला सेक्स, मेरी सच्ची कहानी को
हैलो मेरा नाम साहिल है और मैं आगरा से हूँ। हमारे पड़ोस में एक आँटी रहती हैं जिनकी एक लड़की है जो कि बहुत ही ख़ूबसूरत होने के साथ-साथ बहुत ही सेक्सी भी है।
नीरजा अपनी कमर नीचे से जोर जोर हिलाने लगी। नीरजा भी पहली बार चुदाई का इतना मज़ा ले रही थी क्योंकि उसका पति जल्दी ही स्खलित हो जाता था, वो तरसती रहती थी।
मुझे ढूंढते हुए ननद वहां आई, उन चालाक लड़कों ने जानबूझ के दरवाज़ा खुला रखा था। ननद अन्दर आई तो मुझे चुदते देख उसका मुंह खुला रह गया, बोली- भाभी? यह? ओह नो !
अंकल हर रोज रात को लेट आते हैं, नशे में होते है और वो रात में मेरी चुदाई करते हैं और जल्दी ही झड़ जाते है। जब मैं उन को यह कहती हूँ कि इतनी जल्दी हो गया तो मेरी पिटाई करते हैं।
प्रेषिका : रानी सहिबा कमलिनी का महीना हुए चार दिन हो चुके थे और मैं उसको चोदने की योजना बना रहा था। शाम के समय मैं अपने कमरे में चाय पी रहा था तो मैंने
प्रेषक : मुन्नेराजा दुनिया की लगभग सभी जातियों में, सभी समाज में जब लड़के, लड़की सेक्स करने लायक हो जाते हैं तो उनकी शादी कर दी जाती है और ये शादी बहुत ही
प्रेषक : राहुल प्यारे दोस्तो ! मेरा नाम राहुल है, जी यह मेरी अन्तर्वासना में पहली दास्तान है। सभी अन्तर्वासना-पाठकों को मेरा सलाम और गुरूजी को मेरी तरफ़ से
प्रेषक : रामजी हाय दोस्तो ! मैं कोटा, राजस्थान का रहने वाला हूँ। मैं कोटा में अकेला रहता हूँ। मैं एक भाभी की चुदाई की हकीकत बात बता रहा हूँ। मेरा लंड ६
मेरा नाम नन्द है, मैं ग्वालियर में रहता हूँ। मुझे पहली बार सेक्स का अनुभव करने का मौका तब मिला जब मैं २१ वर्ष का था, आज मैं वह अनुभव आप सब से बाँटने जा
मेरा नाम राजपाल है। उम्र २५ साल है। बात उस समय की है जब मैं १८ साल का था। मेरे पड़ोस में एक आंटी किरण अपनी बेटी नेहा और ससुर के साथ रहती थी। उनके पति का
नमस्ते दोस्तो, मेरा नाम राज है और मैं रीवा का रहने वाला हूँ। मैंने इस साईट की कई कहानियाँ पढ़ीं हैं और पहले तो मैं इन सब में बिल्कुल विश्वास नहीं रखता था
उस समय मेरे मन का शैतान जाग उठता था और कम्प्यूटर पर मैं अन्तर्वासना और अन्य सेक्सी चेनल देखती रहती थी। मुझे रोहन और साहिल के कमरे में से टीवी में से कुछ सेक्सी आवाजें आ रही थी। मैं ऐसी आवाजें खूब पहचानती थी। ये ब्ल्यू फ़िल्म की चुदाई की आवाजें, सिसकारियाँ और इंगलिश डायलोग की आवाजें थी।
प्रेषक - शक्ति अरोरा मेरा नाम शक्ति अरोरा है। मूल-रूप से मैं लखनऊ से हूँ। मैं २२ साल का हूँ, रोज़ाना जिम करता हूँ इसलिए मेरा ज़िस्म बहुत मज़बूत है। सेक्स
भगवान ने फ़ुर्सत में उसको बनाया था। बला की ख़ूबसूरती थी उसमें। उमर कोई 40-45 होगी। लेकिन चेहरे से मदमस्त मदमाती नशीली लगती थी जो कि रस से भरी हुई हो और उनके अंग-अंग से रस छलकता था।
सभी पाठकों और आँटियों को राजू के लण्ड का सलाम। अन्तर्वासना में यह मेरी पहली कहानी है। मैं बचपन से ही सेक्स के लिए उतावला रहा हूँ। यह कहानी तब की है जब मैं
दोस्तों, मेरा नाम मनीष है, मैं दिल्ली मैं नौकरी करता हूँ। मेरी उम्र २४ वर्ष है, यानि कि जवान हूँ। मैं अपने बारे में कुछ बता देना चाहता हूँ। मैं सेक्सी
दोस्तो, आप सभी का बहुत बहुत धन्यवाद, कि आपने मेरी कहानियाँ 'माला की चुदाई, मजा और मलाई, व जब गांड मारी जमके' पढ़ी, आपने जो मेरा साथ दिया उसके लिये एक बार
प्रेषक :फ़ारस वैद्य हाय ! मैं नागपुर से ३८ साल का सुन्दर और स्मार्ट पुरुष हूँ। मैं आज आपको अपने जीवन की एक पुरानी लेकिन गर्म कहानी सुनाने जा रहा हूँ। मेरे
प्रेषक : लव यू जे दोस्तों मेरा नाम जीतू है और मैं भोपाल में रहता हूं। ये कहानी उस समय की है जब हमारे घर में किराये पर नये किरायेदार आये। हमारे किरायेदार
दोस्तो! मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ। मैंने भी सोचा कि मैं भी अपनी एक कहानी अन्तर्वासना को भेज ही दूँ ! मेरा नाम राज है और मैं सहारनपुर का रहने वाला
प्रेषक - राज कुमार बात उस वक्त की है जब मैं १९ साल का था, और कॉलेज में पढ़ता था। मेरे पड़ोस में एक लड़की थी, वह भी मेरे ही कॉलेज में पढ़ती थी। उसका नाम
आंटी की चूत बड़ी ही मजेदार थी, एक दम फूली हुई चूत थी, मैं हाथ फेर रहा था। आंटी को मैंने मेज़ पर ही लिटा दिया। मैंने दो उंगलियाँ आँटी की चूत में डाल दी और जोर से दबा दी। आँटी मेरा हाथ पकड़ के वो ख़ुद ही..
लेखिका - दिव्या डिकोस्टा मैं अभी सेकेण्ड ईयर बी एस सी में हूँ। मेरे पापा ने एक छात्र रवि को तीसरी मंज़िल पर एक कमरा किराये पर दे रखा था। ऊपर बस दो ही कमरे
मैंने अपना हाथ टाँग से हटाकर आंटी के मोटे बूब्स पर रखा, उन्होंने कपड़े नहीं उतारे थे, पर फिर भी मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था। मैं ज़ोर-ज़ोर से बूब्स दबाने लगा।
प्रेषक : रसित दोस्तों मेरा नाम रसित है, मेरी उम्र २९ साल है। बात उन दिनों की है जब मैं कॉलेज़ में था। मेरे पड़ोस में एक १८ साल की बेहद खूबसूरत लड़की रहती थी
प्रेषक : हरीश अन्तर्वासना के प्यारे पाठको और सभी आंटियों और लड़कियों को मेरा प्यार... आप लोगों को मेरी पहली कहानी मकान मालिक की बीवी को चोदा अच्छी लगी
मेरे हाथ सोनल की नरम नरम जांघो पर फ़िसल रहे थे... नया ताजा माल मिल रहा था... सारा बदन अनछुआ लग रहा था. मैंने अपने हाथ उसकी चूत तक पहुंचा दिये.
हम लोग शहर की घनी आबादी के एक मध्यम वर्गीय मुहल्ले में रहते थे। वहां लगभग सभी मकान दो मंजिल के और पुराने ढंग के थे और सभी घरों की छतें आपस में मिली हुई
एक बेहद खूबसूरत लड़की ....जिसे देख कर ही लण्ड पानी छोड़ दे, इतना कमसिन बदन था उसका ! मगर बहुत ही तेज मिजाज होने के कारण किसी की हिम्मत नहीं होती थी उस के
प्रेषक : अश्विन हेलो दोस्तों ! सेक्स की दुनिया में आपका स्वागत है। मैं आज आपको अपनी सेक्सी और सच्ची कहानी बताने जा रहा हूँ। तो मेरी ये कहानी पढ़ने वाले और
प्रेषक : लालमन शहर में तीन साल की पढ़ाई के बाद मैं बिल्कुल ही बदल चुका था, लेकिन मेरे पड़ोसी हरखू काका की बेटी रनिया मुझे पहले जैसा लल्लू ही समझती थी। मैंने
भाभी ने हंसते हुए कहा कि देवर जी, सारी साड़ी खराब कर दी ना! अब अपनी भाभी को नई साड़ी ला कर देना। पर कोई बात नहीं, अब तो मेरी साड़ी रोज़ खराब होनी है, क्योंकि जब तक तेरे भैया नहीं आ जाते, मैं तो तुमसे रोज़ चुदवाऊँगी, तुझे चुदाई में एक दम होशियार कर दूंगी।
प्रेषक : विकास कुमार मेरा नाम विकास है, मेरा कद ५'७" और मेरा लण्ड ६" का है। मैं गुड़गांव का रहने वाला हूँ। मैंने बहुत सी कहानियाँ पढ़ी तो मेरा भी मन एक
मेरा पाँव अचानक मंजू के हाथ पर लगा। मैंने अपना पांव हटा लिया तो वो मेरी तरफ़ देखने लगी जैसे कह रही हो कि क्योँ हटा लिया। मैं मुस्करा दिया और दूसरी तरफ़ देखने लगा कि कहीं किसी का ध्यान मेरी तरफ़ तो नहीं, पर किसी ने नहीं देखा।
मैंने उसके चेहरे को पकड़ कर अपनी तरफ घुमाया तो उसने मेरा हाथ झटक दिया। मैंने फिर पूछा- हम दोनो ही कुंवारे हैं और आज अच्छा मौका है। तुम भी जवान हो और मैं भी। घर पर भी कोई नहीं है। हमें ट्राइ करना चाहिए।'
कई दिनों तक उसकी चूत चोदने के बाद मुझे उसकी उभरी गाण्ड में लण्ड डालने की जबरदस्त इच्छा होने लगी। पर जब भी मैं उसकी गाण्ड में लण्ड डालने की बात करता, वो मुझे मना कर देती कि इसमें बहुत दर्द होगा। पर मैं भी कहाँ मानने वाला था।
मैं अत्यंत गर्म औरत हूँ। वैसे मेरी शादी हो चुकी है पर मुझे सिर्फ़ अपने पति से संतुष्टि नहीं मिलती इसलिए मैंने पड़ोस के एक हट्टे कट्टे मोटे लंड वाले लड़के को अपना बॉय फ्रेंड बना रखा है। वह मेरा गुलाम बना रहता है। उसे मैंने कैसे फंसाया इसकी घटना आप सबको बताती हूँ।