टेंशन दूर हो गया-2
लेखिका : कामिनी सक्सेना "अच्छा, अब तुम जाओ ..." मेरा मन तो नहीं कर रहा था कि वो जाये, पर शराफ़त का जामा पहनना एक तकाजा भी था कि वो मुझे कहीं चालू, छिनाल या
Antarvasna कम्युनिटी को हमारी शानदार पड़ोसी कहानियों के कलेक्शन से आपको पागल कर देने दें।
लेखिका : कामिनी सक्सेना "अच्छा, अब तुम जाओ ..." मेरा मन तो नहीं कर रहा था कि वो जाये, पर शराफ़त का जामा पहनना एक तकाजा भी था कि वो मुझे कहीं चालू, छिनाल या
लेखिका : कामिनी सक्सेना मैं दिन भर घर में अकेली होती हूँ। बस घर का काम करती रहती हूँ, मेरा दिल तो यूँ तो पाक-साफ़ रहता है, मेरे दिल में भी कोई बुरे विचार
एक बार फिर से हाजिर हूँ चूत में से पानी निकालने और लंड में से अमृत रस निकालने के लिए। मैंने आपको अपनी कहानी के पिछले भाग हंसी तो फंसी-1 में बताया था कि
यह कहानी है मेरी पड़ोस में आए नए किरायेदार की। परिवार में दो बेटियाँ और उनकी माँ, बस यही तीन लोग थे। लड़कियों में एक मोनिका 18 साल और दूसरी मानसी 20 साल की
प्रेषक : राज कुमार सिंह हेल्लो दोस्तो, मेरा नाम राज है और मैं आज आपको अपनी जिन्दगी की पहली यौन-कथा बताने जा रहा हूँ। मैं मथुरा में रहता हूँ। यह उस समय की
मेरा नाम राहुल है, बीस साल का हूँ, मैं महाराष्ट्र में कोल्हापुर में रहता हूँ और सांगली के कॉलेज में पढ़ता हूँ। मैं अन्तर्वासना का बहुत बड़ा प्रशंसक हूँ।
भरी वर्षा में उसकी चुदाई मुझे आज तक याद आती है। काश आज पचास की उमर में भी ऐसा ही कोई हरा भरा जवान आ कर मुझे मस्त चोद डाले... मेरे मन की आग बुझा दे...
प्रेषक : मुन्ना भाई एम बी ए किरण तो परम आन्न्द प्राप्त कर निढाल सी लेट गई थी, इधर मेरा लण्ड थोड़ा मुर्झाया सा लटक रहा था जैसे किसी बच्चे को बिना वजह डांटा
प्रेषक : मुन्ना भाई एम बी ए फिर वो अपने घुटने के बल मेरे लण्ड के सामने बैठ गई, उसने मेरे लण्ड को एक हाथ से हलके से पकड़ा। मैंने उससे कहा- जरा ताकत लगा कर
प्रेषक : मुन्ना भाई एम बी ए आज मैं जल्दी ऑफिस आ गया क्योंकि कुछ फाइल्स लेकर मुझे मुम्बई जाना था। करीब 10-20 पर किरण का फोन आया, उसने बताया- भाभी-भैया अभी
प्रेषक : मुन्ना भाई एम बी ए लखनऊ 9-7-2010 समय: 10-30 सुबह आज ऑफिस आने में कुछ देर हो गई। आते ही मैंने अपने असिस्टेन्ट को बुला कर आज के काम की लिस्ट मंगाई,
प्रेषक : मुन्ना भाई एम बी ए लखनऊ 8-7-2010 समय: 1-30 शाम आज मुझे अपनी गाड़ी की सर्विसिंग करानी थी इसलिए मैं ऑफिस से जल्दी ही निकल गया था। गाड़ी सर्विस कराने
प्रेषक : मुन्ना भाई एम बी ए लखनऊ 2-7-2010, समय: 9-30 शाम आज सुबह मैं जल्दी ही तैयार हो गया, बाइक बाहर निकाली और किरण को बुलाने के लिए उसके घर की घंटी बजा
प्रेषक : मुन्ना भाई एम बी ए सुरेश मुस्कराते हुए बोला- वाह… और फिर राधा भाभी सुरेश के होठों को चूमने लगीं और फिर अपने पीठ के बल चित्त लेट गई। इसके बाद
प्रेषक : मुन्ना भाई एम बी ए(यह नाम पाठकों द्वारा सुझाया गया है) गुरू जी, यदि आपने मेरी कहानी स्पर्म थैरेपी न प्रकाशित की होती तो आज शोहरत के इस मुक़ाम पर
प्रेषक : फ़्लाई फ़्री दोस्तो, यह कहानी सच्ची है। मुझे घुमाकर बोलने की आदत नहीं है इसलिए मैंने अपनी पहली चुदाई की वो ही सीधे बता रहा हूँ। कहानी में सिर्फ नाम
प्रेषक: मयंक शर्मा मेरा नाम मयंक है, मैं 24 साल का लड़का हूँ, मेरी शादी हो चुकी है। मेरा शरीर दुबला है पर एक बड़े लंड का मालिक हूँ। मैं भोपाल में एक
वो मुस्कुरा दी और मुझे अन्दर आने को कहा। मैं अब कमरे के अन्दर था, भाभी ने दरवाजा बंद कर दिया और बड़ी अजीब नज़रों से मेरी तरफ देखने लगी!
एक खिड़की थोड़ी खुली थी, मैंने देखा कि भाभी बिल्कुल नंगी उस लड़के के सामने पड़ी हैं और वो लड़का भी बिल्कुल नंगा है। भाभी के स्तन देखकर मेरा तो खड़ा हो गया था।
आज मैं आपको एक सच्ची और अनोखी कहानी सुनाता हूँ। मैं जब स्कूल में पढ़ता था तो मेरे पड़ोस में एक युगल रहने आया, उन्हें हम सभी भाई-बहन अंकल-आंटी कहते थे। आंटी
यह उस समय की बात है जब मैं कुछ दिनों के लिए दिल्ली रहने के लिए गया था। रोहिणी में मैंने किराये पर एक कमरा और रसोई ले रखी थी। खुद ही पका कर खाता था। नौकरी
प्रथम भागदोस्ती करा दो-1 से आगे... ... कोमल को बेड पर लेटा कर उसके पैंटी को उतार दिया। उसकी बिना बाल वाली चिकनी चूत को देखकर मैं बेकाबू हो गया। मैंने
प्रेषक : हैरी गिल मेरा नाम हैरी है। मैं लुधियाना (पंजाब) का रहने वाला हूँ। मेरी आयु तेईस साल है। मैं पहली अपने साथ बीती को पाठकों के सामने पेश करना चाहता
प्रेषक : अमित शुक्ला लेकिन मैं अब मुट्ठ मार-मार कर थक गया था और उसको हर हाल में चोदना चाहता था ! एक दिन भगवान ने मेरी सुन ली और मेरे परिवार को एक शादी में
प्रेषक : अमित शुक्ला मैंने अन्तर्वासना में बहुत सी कहानियाँ पढ़ी लेकिन आज मैं अपनी ज़िन्दगी की एक सच्ची घटना आप लोगो के साथ बांटना चाहता हूँ ! यह घटना तब
लेखक : सुनील पटेल सबसे पहले गुरूजी का शुक्रिया कि उन्होंने मेरी सत्य कहानी को अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पेश किया। मेरा नाम सुनील है। मैं 21 साल का हूँ,
प्यारे दोस्तो, यह मेरी पहली फ्री सेक्स कहानी है, उम्मीद करता हूँ कि आपको पसंद आएगी। वैसे तो मैंने कई चूतें फाड़ दी है लेकिन मुझे याद है वो पहली चुदाई जब
लेखिका : नेहा वर्मा मेरा नाम लहरी बाई है, उम्र अभी 29 वर्ष, जिस्म मांसल और गदराया हुआ है। मेरा जिस्म थोड़ा भारी है पर मैं मोटी नहीं हूँ। पुरुषों में मैं एक
प्रेषक : मस्त कलन्दर दोस्तो, यह मेरी पहली कहानी है अन्तर्वासना पर ! मैं यहाँ दूसरों की कहानियाँ पढ़ने में काफी समय बिताता हूँ। इतना पढ़ने के बाद आज मेरा भी
आप जानते हैं कि सील जब टूटती है तो कितना दर्द होता है और मेरा लंड ज्यादा बड़ा नहीं है इसलिए शायद लड़कियाँ मुझे ज्यादा पसंद करती हैं अपनी सील तुड़वाने के लिए।
मेरे प्रिय पाठकों और पाठिकाओं को मेरा नमस्कार। मेरा नाम एलिस है। मैं भी आपकी ही तरह अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ। मुझे इस साईट की कहानियों को पढ़कर बहुत
प्रेषिका : कामिनी सक्सेना प्रथम भाग से आगे : वो आह ओह्ह उफ़्फ़्फ़ करता रहा, मैं जोश भरे अन्दाज में उसकी मुठ मारती रही। मेरा यह पहला मौका था कि मैं किसी की
आप सबको आपकी अंतरा का रस भरा नमस्कार तो हुआ यूँ : अब बाली उमर में मेरा दाना मस्तियाने लगा। उमर इतनी भी नहीं थी कि शादी की सोचती ! बड़ी बहनें भी तो थी !
प्रेषक : मयंक पोद्दार मैंने अभी अभी अन्तर्वासना की कहानियाँ पढ़ना शुरू किया है और उसी से ख्याल आया कि मैं आप सब को अपनी सच्ची आप-बीती बताऊँ। जिस औरत की मैं
मैं राहुल जैन जयपुर में पढ़ाई कर रहा हूँ और मैं यहाँ किराये पर रहता हूँ। मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ। मैं आपको अपनी पहली कहानी बताने जा रहा हूँ कि
मेरा नाम जय है, मैं पचमढ़ी का रहने वाला हूँ, मेरी उम्र 26 वर्ष है। मैं बहुत ही मिलनसार और सेक्सी हूँ। मेरा लंड काफी बड़ा और आप कह सकते हैं कि बस मस्त है।
यह बात सन 2008 की है, जब मैं गाँधीनगर में नौकरी करता था। मैंने एक कमरा लिया था किराए पर क्योंकि मैं गाँधीनगर में नया था। वहाँ मैं एक बहुराष्ट्रीय कंपनी
नमस्कार दोस्तो, इसके पहले की कहानी को आप लोगों ने बहुत सराहा तो मैंने सोचा कि अपना अगला अनुभव भी आप लोगों को बताया जाए। तो अब मेरी कहानी पढ़िये ! एक बार
रीता मेरी पड़ोसन थी. मेरी पत्नी नेहा से उसकी अच्छी दोस्ती थी. शाम को अक्सर वो दोनों खूब बतियाती थी. दोनों एक दूसरे के पतियों के बारे में कह सुनकर खिलखिला
आज मैं एक कहानी बताने जा रहा हूँ जो मेरी अपनी है। मेरी शादी हुए दस साल हो गये हैं और हम दोनों का यौन-जीवन बहुत बढ़िया है। पर मेरे मन में इसके अलावा भी कुछ
हाय दोस्तो, मुझे हिंदी लिखनी नहीं आती पर कोशिश कर रहा हूँ, मेरी गलतियों को नज़रान्दाज़ कर दें। मेरा नाम राज है, मैं इन्दौर का रहने वाला हूँ। मैं जब भी अपने
हाय दोस्तो, मेरा आप सभी को लण्ड हाथ में लेकर प्यार भरा नमस्कार। मैं अर्न्तवासना का नियमित पाठक हूँ तथा बहुत दिनों से आपसे अपने जीवन की सच्ची कहानी कहना
मैंने पंखा चला दिया और आंटी के सामने बैठ गया। उनका आँचल पंखे की हवा से उड़ा और आंटी की दोनों चूचियों के बीच की खाई मुझे साफ दिखने लगी। मेरा लंड खड़ा होने लगा।
मैं बहुत दिनों से अन्तर्वासना की कहानियाँ पढ़ रहा हूँ। इसमें लोग कुछ तो काल्पनिक कहानी लिखते हैं और कुछ कुछ ही सच्ची होती हैं। किसी का आज तक तीन इंच चौड़ा
लेखिका : शमीम बनो कुरैशी मेरे नथुनों में बानो की चूत की रसभरी महक बस गई। ऐसी खुशबू मैंने जिन्दगी में पहली बार पाई थी। उसने अपनी चूत को मेरे मुख पर रगड़
लेखिका : शमीम बानो कुरैशी फ़रदीन भाई जान ने मुझसे कहा कि आज मैं भी आप जैसा लिखूंगा, मैंने भी तो आपको चोदा है, मैं कहानी का स्वरूप लिखूंगा, बस आप उसे
प्रेषक/प्रेषिका : छम्मक छल्लो यह अन्तर्वासना पर मेरी पहली कहानी है, यह एक सच्ची घटना है। मेरे पड़ोस में एक लड़की रहती थी अभिलाषा। वह मुझसे एक साल छोटी है।
प्रेषिका : श्रेया अहूजा मैं और मधु बचपन में घर-घर, लुक्का-छिप्पी, डॉक्टर-डॉक्टर खेलते थे ... बचपन ने जवानी का कब रुख लिया पता ही नहीं चला ... अब मैं इंटर
मैं आमिर अलाहाबाद से हूँ, उम्र चौबीस साल है, मेरा लंड सात इन्च लम्बा है तीन इन्च मोटा है। यह जो कहानी लिखने जा रहा हूँ वो कल की ही बात है। मेरे पड़ोस में
प्रेषक: मनु मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ। कुछ कहानियाँ मुझे झूठी लगती हैं तो कुछ सच्ची भी लगती हैं। जब मैं बिहार में मोतिहारी में रहता था तब कॉलेज़
प्रेषक : करिश्मा पुरुष यह कहानी उस वक्त की है जब मैं कॉलेज में पढ़ता था। मध्यप्रदेश के जबलपुर में चौधरी चाल में मैं रहता हूँ। हमारे चाल में कविता, रेशमा,
यह मेरे पड़ोस में रहनी वाली विश्रांती-रेशमा की कहानी जिनको मैंने गणित सिखाने के बहाने कैसे चोदा। एक दिन मेरे घर पर कोई नहीं था। उस दिन विश्रांती और रेशमा
प्रेषक : चोदू चोदू मेरा नाम बबलू है और मैं आगरा का रहने वाला हूँ। मेरे घर में तीन ही लोग हैं, मैं, पिताजी और माँ। बात उस समय की है जब मैं पढ़ता था। मेरे
प्रेषक : संजय शर्मा मैं संजय शर्मा फिर हाज़िर हूँ एक नई कहानी लेकर ! हमारे पड़ोस में एक भाभी रहती है, भाईसाहब की मृत्यु कोई चार वर्ष पहले हो गई थी। भाभी की
सभी शादीशुदा बड़ी उम्र की महिलाओं को मेरा सलाम। देखिये मैं कोई कहानी आपको नहीं बता रहा हूँ, यह मेरा पहला अनुभव था जो मैं आपको बताना चाहता हूँ जब मुझे
प्रेषक : सोनू कुमार अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा सलाम। मेरा नाम सोनू हे और मैं जमशेदपुर का रहने वाला हूँ। आज मैं आप सबको अपनी सेक्स भरी जिन्दगी की
प्रेषक : जीत शर्मा मेरा नाम जीत है। मैं बहुत समय से अन्तर्वासना की कहानियों को पढ़ता आया हूँ। आज मुझे भी अपना एक किस्सा याद आ गया जो मैं यहाँ लिख रहा हूँ।
वह मेरा चचेरा भाई था। एक रात में वह मेरे बिस्तर में घुस आया और मेरी पेंटी सरका कर मेरी गांड में अपनी नुनी लगाकर पेलने लगा। मुझे अच्छा लग रहा था।
अंधेरे में एक साया एक घर के पास रुका और सावधानी से उसने यहाँ-वहाँ देखा। सामने के घर की छोटी सी दीवार को एक फ़ुर्तीले और कसरती जवान की तरह उछल कर फ़ांद गया
प्रेषिका : रीता शर्मा मैं अपनी चालीस की उम्र पार कर चुकी थी। पर तन का सुख मुझे बस चार-पांच साल ही मिला। मैं चौबीस वर्ष की ही थी कि मेरे पति एक बस दुर्घटना
प्रेषक : लवर बॉय दोस्तो, मेरा नाम बताना ज़रूरी तो नहीं मगर आप मुझे लवर बॉय पुकार सकते हैं। मैं भोपाल का रहने वाला हूँ और लोग कहते हैं कि मैं काफी हैन्डसम
आंटी ने मेरे मुँह पर एक थप्पड़ मारा और कहा- साले, कुत्ते, तेरी वज़ह से ही मेरी चूत में खुज़ली होती थी! मैं साफ़ पैंटी सुखा के जाती थी और सुबह उस पर दाग होता था! पर मुझे वही पैंटी पहननी पड़ती थी।
प्रेषक : संजय शर्मा अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा नमस्कार ! मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ और मैं भी सभी को अपनी जिन्दगी की वो बातें बताना चाहता
मेरा नाम सुनील है, मेरी उम्र २२ साल है। मैं ६ फ़ुट २ इंच लम्बा सांवला लड़का हूँ। मेरे लण्ड का साइज़ ७ इंच है। मैं आपको अपने पहले सेक्स के बारे में बताने जा
एक हाथ से उनकी चुत में उंगली करना चालू रखा,और दूसरा हाथ उनकी चूची की तरफ बढाया और धीरे से उन्हें मसलना चालू किया. मेरी जिंदगी का ये पहला अनुभव था
नंगी चूत चुदाई की कहानी में पढ़ें कि कैसे मेरे पड़ोस की कुंवारी लेकिन काले रंग की लड़की ने अपनी अन्तर्वासना के कारण अपनी चूत मेरे लंड से चुदवाई!
प्रेषक/प्रेषिका : रानी साहिबा रात का खाना खाने के बाद रोज की तरह मैं कंप्यूटर पर अपना काम कर रहा था कि मेरे मोबाइल पर मिस्ड कॉल आई, देखा तो कमलिनी की थी।
प्रेषक/प्रेषिका : रानी साहिबा कमलिनी का महीना हुए चार दिन हो चुके थे और मैं उसको चोदने की योजना बना रहा था। शाम के समय मैं अपने कमरे में चाय पी रहा था तो
प्रेषक : आकाश मेरा नाम आकाश, मैं इंदौर का रहने वाला हूँ। मैंने अपनी सामने रहने वाली सोनी से अपने प्यार का इज़हार किया। शायद वो भी मुझे प्यार करती थी, हम
प्रेषक : राजेश सबसे पहले सभी प्यासी चूतों को मेरे लण्ड का सलाम ! मेरा नाम राजेश कुमार है, मैं आप सब प्यासी चूतवालियों का अपने ७ इंच के खड़े लण्ड के साथ आप