नाम में क्या रखा है-2
प्रेषक : होलकर नज़ारा भूले नहीं भूलता, चिकनी, चमकदार चमड़ी का स्पर्श और चिकना पेट आँखों में घूमता रहा, माँ का भोंसड़ा प्लेबाय मैगजीन का ! अन्दर आकर आंटी के
Antarvasna कम्युनिटी को हमारी शानदार पड़ोसी कहानियों के कलेक्शन से आपको पागल कर देने दें।
प्रेषक : होलकर नज़ारा भूले नहीं भूलता, चिकनी, चमकदार चमड़ी का स्पर्श और चिकना पेट आँखों में घूमता रहा, माँ का भोंसड़ा प्लेबाय मैगजीन का ! अन्दर आकर आंटी के
शेक्सपीयर जो अपने आपको बड़ा चाचा चौधरी समझता था, उसने कहा था कि बेशक गुलाब को अगर गुलाब की जगह किसी और नाम से पुकारा जाता तो क्या ? वो ऐसी भीनी भीनी खुशबू
बबिता ने फिर से अपने दोनों हाथ अपने घुटनों पर रख लिए और बेसब्री से मेरे से अपनी गाण्ड चटवाने के लिए चूतड़ और पीछे को निकाल दिए। मैंने बहुत सारा थूक उसकी
कहानी का पिछ्ला भाग: सपना की चुदास ने मम्मी को भी चुदवाया-2 पता नहीं कितने मिनट तक मैंने उसे चोदा। शायद 30 मिनट तक, फिर सारा माल उसकी चूत में डाल दिया। वो
कहानी का पहला भाग: सपना की चुदास ने मम्मी को भी चुदवाया-1 मैंने कहा- चलो, मैं शॉपिंग करा देता हूँ। तो वो शरमा गई और बोली- मुझे तो पैड्स और पैंटी लेनी थी।
मेरा नाम पुलकित है। मैं जॉब के सिलसिले में मेरठ गया था। मुझे एक कमरे की तलाश थी। बहुत चक्कर काटने पर मुझे किसी ने एक पता दिया। जब मैं वहाँ पहुँचा तो चालीस
प्रेषक : अशोक दोस्तो, अन्तर्वासना भी क्या चीज है, कोई एक बार इसकी कहानी पढ़ने लग जाए तो साला सोता हुआ लौड़ा भी खड़ा हो जाए। एक ऐसी ही घटना मेरे साथ भी हुई
प्रेषक : अमित मुख़र्जी दोस्तो, मैं अमित मुख़र्जी आप सभी पाठक, पाठिकाओं का तहे दिल से सलाम करता हूँ। मैं कोलकाता से हूँ, मैं देखने में गोरा, नैन-नक्श ठीक,
प्रेषक : मोंटी दोस्तो, मैं मोंटी, उमर 30 साल, फरीदाबाद, सेक्टर-23 में रहता हूँ। दिल का साफ़ और सेक्स की आग वाला बंदा हूँ। मेरी सबसे बड़ी खासियत है कि मैं
प्रेषक : श्रेयस पटेल उसने मुझे देखा, मैं मुस्कुराई और उसके सिर पर हाथ रख कर अपनी चूत पर दबा दिया। वो जीभ से मेरी चूत को चाटने लगा। मेरी चूत को वो पूरी तरह
प्रेषक : श्रेयस पटेल मेरा नाम अमृता है, उम्र 24 साल की है, मेरी शादी को लगभग 4 साल हो चुके हैं। मेरा कद 5'6" है और मेरा रंग थोड़ा साँवला है। मैं देखने मैं
प्रेषक : अभिनय मैंने अपनी जीभ निकली और निप्पल पर रख दी। आंटी एकदम से उठ गईं तो मैंने उनके निप्पल को चूसना शुरू कर दिया। आंटी ने मेरी टीशर्ट उतार दी। मैं
प्रेषक : अभिनय दोस्तो, आज मैं पहली बार अपने साथ घटित किस्सा आप सभी से बता रहा हूँ। यह बात एक साल पहले की है, मैं उस समय अपने काम मैं बहुत व्यस्त रहता था।
मेरा नाम दीप है, मैं एक 25 साल का लड़का हूँ, और चार्टेड एकाउंटेंट हूँ। मुझे घूमना-फिरना दोस्तों के साथ मस्ती करना, अच्छा लगता है। आज मैं आपको अपने जीवन की
मेरा नाम तरुण है। मैं अहमदाबाद का रहना वाला हूँ। मैं 20 साल का हूँ। यह कहानी तब की है, जब मैं कॉलेज की है। जब मैं पहले साल में था। मैं पढ़ाई करने के लिए
मैंने अपने कपड़े उतारे और मधु दीदी की नंगी गांड को बेतहाशा चूमने लगा. इससे दीदी और ज्यादा उत्तेजित हो गई और उसकी चूत से उसका नमकीन पानी निकलने लगा.
मेरे ही पड़ोस की कीर्ति दीदी ने मुझे सब कुछ सिखाया और चूत चुदवाई. दीदी तो मेरे लंड की दीवानी हो गई थी. मेरा लंड 8" का था और काफी मोटा भी था.
मैं रिक्की हूँ, मेरी मोबाइल की दुकान है। मैं पहली बार कहानी पोस्ट कर रहा हूँ। मेरी कहानी बिल्कुल सत्य है। अजय और उनकी बीवी अंजलि मेरे घर के पास रहते हैं,
आपने मेरी पिछली दो कहानियाँ 'गेहूँ की सिंचाई' और 'गेहूँ की सिंचाई का फल' पढ़ी और सराहा, उसके लिए बहुत-2 धन्यवाद। आपने पिछली कहानियों में पढ़ा कि सिंचाई के
अब माला के जिस्म पर तो एक धागा तक नहीं था और मेरे जिस्म पर पजामा था और मैं चाहता था किसी तरह से माला को गर्म कर दूँ क्योंकि औरत पूरी तरह से सहयोग सिर्फ तब
दलबीर सिंह मैंने अपनी कहानी के पिछले भाग में लिखा था कि कैसे भाभी ने योजना बना कर मुझे माला की चूत दिलवाई और खुद भाभी ने भी मुझसे उस रात में दो बार चुदाई
दलबीर सिंह भाभी ने मुझे थोड़ा परे को ढकेला और मेरा अंडरवियर पकड़ कर नीचे की ओर खींच दिया। फिर बोलीं- बिट्टू, तू हुन्न अपना ‘पप्पू’ माला दी घुत्ती दे अंदर
दलबीर सिंह मैंने ट्यूब बुझा कर नाइट बल्ब जला दिया, और आकर मैं भी अपनी रजाई में घुस गया और आँखें बंद कर लीं। पर नींद का तो दूर-दूर तक पता नहीं था। मन ही मन
अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा बिट्टू यानि कि दलबीर का नमस्कार, और साथ ही अन्तर्वासना डॉट कॉम के इस पटल का भी धन्यवाद जिसने हमारे जैसे लोगों की मन की
सभी को देविन का प्रणाम. मेरे पड़ोस में एक नए किरायेदार रहने के लिये आए. वो एक बिहारी परिवार था. पति पत्नी और उन का एक साल का लड़का. वे लोग मेरे घर के पीछे
प्रेषक : किरन मल्होत्रा मेरा नाम किरन मल्होत्रा है। मैं भोपाल के एक प्राईवेट कालेज से एमबीए कर रहा हूँ। यह कहानी बिल्कुल सत्य घटनाओं पर आधारित है। मैं इस
प्रेषक : समीर मेरा नाम समीर है, हिसार, हरियाणा का रहने वाला हूँ। मैं आज आपके सामने अपनी एक कहानी लेकर आया हूँ। आशा है कि आपको पसन्द आयेगी। मुझे शुरु से ही
रवि ने मेरे बताये संवादों से चोपड़ा आंटी को चुदने के लिए तैयार कर लिया और उसकी चुदाई कर डाली। फिर मेरे से कहा- तुम भी मजे कर लो ! तो मैंने कहा- आज तुम कर
दोस्तो, मेरी यह कहानी थोड़ा अलग किस्म की है, इसे जरूर पढ़िए, यह मेरे जीवन की सत्य घटना है, रिश्ते पल भर में कैसे बदल सकते हैं, यह आप इस कहानी को पढ़कर समझ
प्रेषक : राहुल वर्मा सबसे पहले तो मैं अपार हर्ष प्रकट करता हूँ कि अन्तर्वासना के माध्यम से मेरी कहानी प्रकाशित होने जा रही है। यह मेरी पहली कहानी हैं,
प्रेषक : आर्यन सभी पाठकों को मेरा प्रणाम, मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ। अन्तर्वासना जैसी साईट एक वरदान है, जहाँ हम अपनी अन्तर्वासना को खुलकर बता कर
नमस्ते दोस्तो, आपने मेरी कहानियाँ पसंद की, उसके लिए मैं आपकी बहुत आभारी हूँ। आज मैं आपके सामने अपनी चुदाई की नहीं बल्कि अपने दोस्त सोनू का किस्सा लेकर आई
प्रेषक : राहुल मैं जयपुर का रहने वाला हूँ, मेरा नाम राहुल है, उम्र 25 साल, कद 5'10", औसत शरीर वाला स्मार्ट लड़का हूँ। यह कहानी आज से 2 साल पहले की है, तब
प्रेषिका: सोनम पाण्डेय मेरी शादी 25 वर्ष की उम्र में एक सीधे-सादे व्यक्ति के साथ हुई। मैं शुरू से ही पुरुषों से ज्यादा मेल-मिलाप नहीं रखती थी, क्योंकि मैं
मेरा नाम स्वप्निल है, मुंबई का रहने वाला हूँ। मेरे एक पड़ोस में एक आंटी रहती हैं, जिनका नाम शालू है। मैं हमेशा आँटी को चोदने के बारे में सोचता रहता था।
मेरा नाम राहुल है। मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ। मेरी उम्र 30 साल है, मेरी शादी को 6 साल हो गए हैं। मेरी बीवी बहुत ही खुले विचारों वाली है और सेक्स
लेखक : आशु हाय फ्रेंड्स, यह मेरा पहली बार का सेक्स अनुभव था। मैं हॉस्टल में पढ़ता था। हॉस्टल में अपने ग्रुप में हम सेक्स से सम्बन्धित बहुत सी बातें एक
प्रेषक : राहुल हैलो, मेरे प्रिय अन्तर्वासना के नियमित पाठको, भाभियों और आंटियों को मेरा नमस्कार। मैं यूपी के वाराणसी जिले का रहने वाला हूँ। मैंने यहीं से
कहानी का पिछ्ला भाग : जन्नत का अहसास है गांड चुदाई-1 उफ्फफ्फ्फ़! क्या चुदाई की उसने! मेरी चूत की तो हालत ख़राब कर दी। हैरत अंगेज बात तो यह थी कि 5 मिनट
मैंने मोमबत्ती उठाई और अपनी दोनों टांगों को ऊपर किया जिससे मेरी गांड का द्वार खुल गया। मैंने धीरे से मोमबत्ती को गांड में डाला और जहाँ तक हो सकता था अन्दर जाने दिया।
जुबैदा को देखने के बाद किसी भी आदमी की भूख-प्यास मर जायेगी, वो ऐसे ही यौवन भार सजी हुई थी ! उसकी भरी उभरी छाती, भरपूर नितम्ब, लचकदार चाल देख कर बड़ों बड़ों
अन्तर्वासना के तमाम पाठकों को राहुल का नमस्कार। यह मेरी पहली कहानी है। दोस्तों मैं अपने बारे में बता दूँ, पेशे से मैं एक इंजीनियर हूँ, उम्र तेईस साल, कद
दोस्तों मेरा नाम दलबीर सिंह है और दिल्ली में रहता हूँ। और पेशे से डाक्टर हूँ। मेरी उम्र अब 35 साल है। मैं अंतरवासना का पिछले 4 साल से पाठक हूँ। अपनी
प्रेषक : समीर दोस्तो, अन्तर्वासना पर अपनी पहली कहानी आप सबकी खिदमत में पेश कर रहा हूँ। मेरा नाम समीर है, मैं 22 साल का एक सुन्दर नौजवान हूँ। आज तक मैं
आमिर खान नमस्कार दोस्तो, मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ। मैं यहाँ रोजाना नई नई कहानियाँ पढ़ता हूँ और इनका आनन्द लेता हूँ। लेकिन मैं अपनी कहानी यहाँ
पवन वर्मा मैं लखनऊ का रहने वाला हूँ, मेरी उम्र 25 साल है, घर पर सब मुझे रोहित कह कर बुलाते हैं। मैं बचपन से ही चोदू किस्म का इन्सान हूँ, गर्म लड़कियाँ और
हैलो मेरा सभी अन्तर्वासना के पाठकों को प्यार भरा नमस्कार। मेरा नाम निशांत है, बिहार का रहने वाला हूँ, मैं जयपुर में इंजीनियरिंग कर रहा हूँ। मैं
शंकर आचार्य मेरा नाम शंकर है, मैं अभी उडुपी (कर्नाटक) में एक कमरा किराये पर लेकर रह रहा हूँ, मैं आज आपको एक कहानी बता रहा हूँ, यह कहानी मेरे और मकान मालिक
मैंने बड़े प्यार से सुपारे को पूजा की चूत में हल्के से धंसाया और उसके मुंह से आह, आह शह्ह उफ्फ्फ्फ़ निकली और उसने अपनी आँखें बंद कर ली। पूजा ने तो दर्द के मारे बेडशीट को जोर से मुट्ठी में भींच लिया।
मेरा नाम रवि है कद 5'3" है लण्ड 6" का है, मैं बहुत ही सेक्सी लड़का हूँ, किसी भी लड़की को देखता हूँ तो सबसे पहले उसकी फिगर,और उसके बाद में उसके चूतड़ों को
लेखक : जूजा जी यह कहानी उन दिनों की है, जब मुझ पर नयी-नयी जवानी चढ़ी थी, ईश्वर की कृपा से खूबसूरत व्यक्तित्व पाया था, आँखों में एक विशेष किस्म का चुंबकीय
अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा तहे दिल से प्रणाम ! मैं अन्तर्वासना की नियमित पाठक हूँ, यह मेरी पहली कहानी है, आशा करती हूँ कि आपको यह पसंद आएगी। मेरी
अन्तर्वासना के पाठकों को मेरा नमस्कार! मेरा नाम सतीश है और मैं जलगाँव (महाराष्ट्र) से हूँ। मैं बहुत समय से अन्तर्वासना का पाठक रहा हूँ। मैं इंजीनियरिंग की
मेरे मित्र ने जितना मुझे समझाया था, वो मैंने सफ़लतापूर्वक कार्यान्वित कर लिया था। अब मुझे प्रतीक्षा थी अपने मित्र से आगे के निर्देशों की ! मुझे पता नहीं था
दोस्तो, आपने मेरी पिछली कहानियों में मेरे कई सेक्सी कारनामे पढ़े ! वो सब मैंने अपने एक पुरुष मित्र से जिद कर कर के पूछे थे, मेरे वो मित्र विदेश में हैं तो
उसकी चूत बहुत कसी लग रही थी, उस पर थोड़े सुनहरे रँग के मुलायम बाल भी थे। मैंने अपनी हथेली उसकी चूत पर प्यार से फेरी और उसके दाने को अपनी चुटकी से ज्यों ही मसला, चाची गनगना गई।
मेरा नाम जय है, मैं राजकोट में अपने माता-पिता के साथ रहता हूँ। मेरी उम्र 21 साल है, पतला सा स्मार्ट दिखने वाला बन्दा हूँ। फिलहाल मैं इंजिनियरिंग कर रहा
लेखक : अनिल वर्मा हैलो दोस्तो, कहानियाँ पढ़ रहा था तो सोचा आप लोगों से अपनी कहानी शेयर करूँ। मैं पेशे से इंजीनियर हूँ। अभी 35 वर्ष का हूँ। लम्बाई 5'8" है।
दोस्तो, मेरा नाम राज है, उम्र 30 साल, मैं एक डिज़ाईनर हूँ, फरीदाबाद का रहने वाला हूँ। मैं इस वेबसाइट अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ, सभी कहानियों को मैंने
प्रीत आर्य आपने मेरी कहानी वो सात दिन का पहला भाग तो पढ़ा ही होगा... आज मैं अपनी कहानी का दूसरा भाग आपके सामने प्रस्तुत कर रहा हूँ। घर पहुँचा तो देखा मम्मी
दोस्तो, नमस्कार ! आपने मेरी कहानी 'गेहूँ की सिंचाई' पढ़ी और तारीफ भरे मेल किए, इस हौसला-अफजाई का बहुत-बहुत शुक्रिया। अब आते हैं आगे की कहानी की तरफ... पहली
किशन अपने दोस्त किरायेदार की बहन निशा को चोदने के लिए बेताब था। वो फ्रिज से मक्खन उठा लाया और अपने सुपारे पर लगाने लगा। निशा उसके फ़ूले हुये कड़े लंड को
करीब 20 मिनट की मस्त चुदाई लीला के बाद किशन ने अपना माल सविता की चूत में छोड़ दिया चुदाई के बाद किशन ने सविता से एक सिगरेट सुलगाने के लिये कहा सविता ने
लेखक : जूजा जी "निशा जल्दी करो, स्कूल के लिए देर हो रही है !" कहते हुये किशन अपने किरायेदार राजेन्द्र सिंह की बहन के कमरे में दाखिल हुआ, निशा उस समय स्कूल
मेरे घर के सामने वाले घर में एक लड़की रहती है। मेरी ही उम्र की होगी, दिखने में काफी ख़ूबसूरत और सेक्सी है। जब भी हम दोनों बालकॉनी में खड़े रहते, एक दूसरे को चोरी चोरी देखते रहते!
घटना चार साल पहले की है, मीत मुझसे चार साल छोटा था पर कुछ सालों से साथ क्रिकेट खेलने, साथ स्कूल आने-जाने से हमारी दोस्ती गहरी हो गई थी, इससे दोनों के परिवारों में भी घनिष्ठता हो गई थी। मीत की मम्मी स्वाति आंटी 35-36 साल की पढ़ी लिखी, हाई सोसायटी की समझदार महिला थी। सुगठित शरीर, लम्बी टागें, उन्नत उरोज़ एवं बडे-बडे नितम्बों से सुशोभित स्वाति आंटी इतनी सुन्दर थी
प्रेषक : राज कुमार मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ और वर्तमान में मैं गुड़गाँव में एक बड़ी कंपनी में जॉब करता हूँ। इसी वर्ष मेरी इंजीन्यरिंग खत्म हुई है
लेखक : चक्रेश यादव दोस्तो, ठण्ड की शुरुआत हो चुकी है और गेहूँ की सिँचाई का समय भी आ गया है। अभी दो दिन पहले की बात है पापा ने कहा- चक्रेश नौटूर(खेत का
मैंने उसकी सलवार कमीज़ उतारनी चाही तो उसने मना नहीं किया। मैंने देखा कि उसकी बगलों में प्यारे प्यारे छोटे छोटे बाल थे। मैंने अपनी नाक से वहाँ पर खूब गुदगुदी की और उसको ये सब बहुत ही अच्छा लग रहा था।
मेरा नाम जतिन है, मैं केरल का रहने वाला हूँ और मैं अभी नागपुर में एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में पिछले 4 सालों से जॉब कर रहा हूँ। मेरी उम्र पच्चीस साल है। मैं