आंटी ने प्रमाण-पत्र दिया
साहिल कपूर सम्पादिका - तृष्णा अन्तर्वासना के मेरे प्रिय दोस्तो, आप सबको इस नाचीज़ दिल्ली वासी साहिल का सप्रेम नमस्कार! मैं अन्तर्वासना का बहुत पुराना पाठक
Antarvasna कम्युनिटी को हमारी शानदार पड़ोसी कहानियों के कलेक्शन से आपको पागल कर देने दें।
साहिल कपूर सम्पादिका - तृष्णा अन्तर्वासना के मेरे प्रिय दोस्तो, आप सबको इस नाचीज़ दिल्ली वासी साहिल का सप्रेम नमस्कार! मैं अन्तर्वासना का बहुत पुराना पाठक
राहुल शर्मा दोस्तो, मेरा नाम राहुल है, राजस्थान का रहने वाला हूँ और अभी दिल्ली में पढ़ाई कर रहा हूँ। लड़कियों की मानें तो मुझ पर शायद ही कोई लड़की हो जो मरती
मगर वो बड़े ही सेक्सी अंदाज़ में नंगी ही बिस्तर पर चढ़कर खड़ी हुईं, फिर एक अंगड़ाई ली और फिर अपने हाथ सर के नीचे रख लेट गई, उनके पैर दादाजी की ओर ही थे...
उनकी चूची मेरे सीने से बार बार लग रही थी, वो मेरे सीने से लगी रही। मैं अपने हाथों को नहीं रोक सका और उनकी पीठ पर फेरने लगा, उन्होंने कोई आपत्ति नहीं जताई
मैं गौर से उनकी हर हरकत को देख रहा था... अंकल का हाथ भाभी की कमर पकड़ने के लिए आगे बढ़ा और काँपता हुआ हाथ उनके नंगे चूतड़ों पर चला गया।
भाभी बाहर नंगी आने को तैयार हो गई थीं.. वो तो रोज ही घर ही रहती थीं, उनको पूरा आईडिया होगा कि दोपहर को इस समय सुनसान ही होता है क्योंकि ज्यादा चहल पहल सुबह-शाम ही रहती है।
मैंने देखा सलोनी पूरी नंगी कुछ बना रही थी... और वो लड़का अमित भी पूरा नंगा था... उसके पीछे खड़ा सिगरेट पी रहा था... दोनों जरूर चुदाई करने के बाद अब कुछ खाने रसोई में आये थे।
प्रेम मेरी इस कहानी के पिछले भाग में आप सभी ने पढ़ा कि भाभी की मस्त चुदाई करने के बाद मैं वहीं उस पर ढेर हो गया। थोड़ी देर हम ऐसे ही एक-दूसरे की बाँहों में
देसी रोमियो हरमन मैं दो मिनट तक भाभी के ऊपर ही लेटा रहा और भाभी से पूछा- आपकी चूत दो बच्चों की माँ होते हुए भी इतनी टाइट क्यों है..? तो उन्होंने कहा-
भाभी ने बच्चों को जल्दी सुला दिया और मैं सोने की तैयारी कर रहा था। रात के 11 बज चुके थे, अचानक भाभी ने मेरे कमरे का दरवाज़ा खटखटाया, जब मैंने दरवाज़ा खोला तो वे सामने खड़ी थीं।
मेरे बेडरूम में मेरे बिस्तर पर नलिनी भाभी की मस्त नंगी जवानी बल खा रही थी, नलिनी भाभी पूरी नंगी, उनके चिकने, गोरे बदन पर एक रेशा तक नहीं था... वो लाल, वासना भरी आँखों से मुझे देखे जा रही थी...
सारिका कंवल अब मैंने उसका लिंग हाथ में ले लिया तो मुझे करन्ट सा लगा और मेरी आँखें खुल गईं। तभी मेरी नजर बिस्तर पर सोये हुए मेरे बच्चे पर गई और मैं रुक गई।
सन्नी खान दोस्तो, मेरा नाम सन्नी खान है, मैं अन्तर्वासना का काफ़ी पुराना पाठक हूँ। मगर आज पहली बार अपनी कहानी लिखने जा रहा हूँ। मैं बचपन से ही बहुत शरारती
नमस्ते, मेरा नाम सारिका है। मेरी उमर 44 साल है और 3 बच्चों की माँ हूँ। मैं अन्तर्वासना की नियमित पाठिका हूँ। मेरी कहानी मेरे जीवन की सच्ची कहानी है। मेरी
मेरे लण्ड भाभी के लाल होठों के बीच फंसा था... उनके चूसने का स्टाइल एक ही दिन में बहुत सेक्सी हो गया था... अपने ही बैडरूम में भाभी के साथ अपना लण्ड चुसवाना मुझे बहुत रोमांचित कर रहा था...
अनुभव कर्ता : कबीर शाह प्रस्तुति : रूचि वर्मा नमस्कार दोस्तो, मैं रुचि वर्मा फिर से एक नई कहानी लेकर आई हूँ। आपने मेरी जन्मदिन के दिन चुदाई को सराहा, मैं
सुशील कुमार अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा नमस्कार। ख़ासकर आँटियों और भाभियों को मेरा सलाम। मेरा नाम सुशील है, मेरा अन्तर्वासना में यह पहला अनुभव है और
अलंकृता शर्मा मेरा नाम अलंकृता है। यह घटना तब की है जब मैं 12वीं कक्षा में थी। मेरे माँ-पिता जी का समय-समय पर गाँव जाना रहता था। मैं खुद अपने मुँह
जय नमस्कार पाठको, मैं जय ग्रेटर नोएडा से, सबसे पहले आप सबका धन्यवाद करता हूँ कि आप सभी को मेरी पिछली सभी कहानियाँ काफी पसंद आईं और आपके सुझावों और सराहना
Aunty Meri Jaan-1 नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम गौरव है (नाम बदला है) मैं दिल्ली से हूँ। दिल्ली में ही अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा हूँ। मैं अन्तर्वासना को
नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम रूचि वर्मा है, मैं गुजरात की रहने वाली हूँ। आप मेरे बारे में सोच रहे होंगे, मैं अपने पति और दो बच्चों के साथ रहती हूँ। उस समय
मेरा नाम जय है, मैं अहमदाबाद का रहने वाला हूँ। मुझे पहले से ही शादीशुदा आंटी और भाभी बहुत पसंद हैं। मैं हमेशा ही इसी ताक में रहता था कि काश कोई आंटी या
रोहन नमस्कार मित्रो, मैं रोहन, 22, अहमदाबाद का रहने वाला हूँ। सबसे पहले मैं आपको ये बता दूँ कि ये अन्तर्वासना पर मेरी पहली कहानी है। मैं मेरे साथ घटी एक
प्रवीण हाय दोस्तो, सभी पाठकों को मेरा हाथ में लंड लेकर नमस्कार। मेरा नाम प्रवीण है, 20 साल का हूँ, पुणे (नारायणगांव) रहता हूँ। मैं अन्तर्वासना का 2 साल से
मेरा नाम दीपक है। मैं अभी दिल्ली की एक कम्पनी में काम करता हूँ। यह घटना दो साल पहले की है, जब मैं अपने कॉलेज के दूसरे साल में पढ़ रहा था। तब मेरी उम्र बीस
ऋषि सहगल भाभी ने इसके बाद कोई महंगी क्रीम को अपनी योनि में लगाई और उसे रगड़ती रहीं। वहाँ पर साबुन का झाग सा हो गया था और मुझे समझ नहीं आ रहा था कि ये सब
ऋषि सहगल सभी दोस्तों को पहले प्यार भरा नमस्कार। अन्तर्वासना पर मेरी यह पहली कहानी है जिसे मैं आप लोगों को बताना चाहता हूँ क्योंकि कुछ बातें ऐसी होती हैं
मकान मालकिन का हर समय हमारे घर में आना-जाना लगा रहता है। मकान मालिक की पत्नी बहुत ही खूबसूरत है, पर मैं डर के मारे उसकी तरफ ज्यादा देखता ही नहीं। वो मुझे देखा करती है यह मैंने महसूस किया है।
ब्लाउज इतना पतला, झीना था कि उसकी ब्रा की एक एक पट्टी और आकार साफ़ नजर आ रहा था, साड़ी उन्होंने नाभि से काफी नीचे बांधी थी इसीलिए उसकी लुभावनी नाभि, सुतवाँ पेट और कमर की गोलाई तो दिल पर छुरियाँ चला रहा थी।
अब अंकल ने ब्लाउज को अपने कंधे पर डाला और बड़े अंदाज़ से सलोनी के टॉप के बाकी बचे बटन खोलने लगे… और सलोनी ने भी बिना किसी विरोध के अपना टॉप उतरवा लिया।
चूतेश चंदा रानी ने सिर्फ सुपारी चूत में छोड़कर, पूरा लंड बाहर निकाला और एक बहुत ही ताकतवर धक्का मारा, जिससे मेरा 8 इन्च का मोटा लौड़ा दनदनाता हुआ बुर में
दोस्तो, मैं प्रेम, कैसे हैं आप सब? आप सभी ने मेरी कहानी 'मार डालोगे क्या?' पढ़ी ही होगी। मुझे आपके सभी मेल प्राप्त हुए, जिसमें आप सभी ने मुझे कहानी का अगला
ऊँची ऊँची सीत्कार की आवाज़ें निकलता हुआ मैं बहुत धड़ाके से झड़ा, लौड़े ने बीस पचीस तुनके मारे और हर तुनके के साथ गरम वीर्य के मोटे मोटे थक्के चंदा रानी के
चाची बेडरुम में मेरा इन्तजार कर रही थी, मैं तो बिस्तर पर कूद पड़ा, चाची को मैंने कस कर पकड़ लिया। चाची की गर्म सांसें मैं अपने चेहरे पर महसूस कर रहा था।
'हाय राजा, तुम सारा दूध पी डालोगे तो बच्चा क्या पियेगा !' चंदा रानी ने चूचुक मेरे मुंह से बाहर निकालना चाहा। वो मेरे दोस्त विकास जैन की पत्नी है। क्या
रोनी सलूजा मैंने अपने ऊपर संयम रखते हुए उसे फिर कुर्सी पर बिठा दिया और बात को बदल कर माहौल को खुशनुमा बनाने में लग गया। कुछ देर बाद दीप्ति मेरी बातों से
इमरान मैं जल्दी से रसोई से निकला और फिर मधु के पास जा खड़ा हो गया... बैडरूम का दरवाजा पूरा खुला ही था, बस उस पर परदा पड़ा था... बैडरूम का दरवाजा उन्होंने
सलोनी केवल यही नाइटी पहने थी... और इसके अंदर कुछ नहीं... इसका मतलब अंकल ने सलोनी को यहीं नंगी कर दिया था... और अब बैडरूम में तो निश्चित चुदाई के लिए ही ले गए होगे...
इमरान नलिनी भाभी- हाँ एक बार मैंने भी देखा था... हाआआअह्हह्हह… मैं - क्याआआआआआ बताओ न... नलिनी भाभी - हाँ अह्ह्ह्हाआ हाँ… अह्ह… उफ़्फ़… मजा आ रहा है...
इमरान तभी... नलिनी भाभी- अरईए… आररर्र… ए… अंकुर… आअप पप इइइइइइइ… मैं भाभी के दोनों चूतड़ अच्छी तरह मसल रहा था... नलिनी भाभी- ओह अंकुर, तुम कब आ गए...
रवि मेरा नाम रवि है, मैं दिल्ली के एक गांव का रहने वाला हूँ। मेरी उम्र 24 साल है और मेरा रंग गोरा, कद काफ़ी लम्बा है। मैं एक सरकारी कर्मचारी हूँ और यह मेरी
इमरान आज मेरे पास कोई बहाना नहीं था, ना ही मैं उनको कुछ देने आया था मगर मेरी हिम्मत इतनी हो गई थी कि आज अगर भाभी वैसे मिली तो चाहे जो हो... आज तो पकड़ कर
इमरान मैंने भी अंदर देखा... एक और सरप्राइज तैयार था... अंदर अरविन्द अंकल और सलोनी थे... मैं थोड़ा आश्चर्यचकित हो जाता हूँ... अंदर बैडरूम के अंदर अरविन्द
हैलो दोस्तो, मेरा नाम उदय है, मैं गुजरात का रहने वाला हूँ। मैं अन्तर्वासना का बड़ा फैन हूँ, प्रेम गुरु, फ़ुलवा, इमरान, उषा मस्तानी, ज़ूजाजी, सन्नी, जवाहर,
मेरा नाम आर्यन है। मैं कानपुर में रहता हूँ। यह मेरी काम-कथा है जो 2007 में घटित हुई, जब मैं अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहा था। मैं एक रूम किराये पर लेकर
इमरान मैं बाथरूम में जाकर नहाने की तैयारी कर ही रहा था कि मुझे दरवाजे की घण्टी की आवाज सुनाई दी... ट्रीन्न्न्न्न… ट्रीन्न्न्न्न… मैं सोचने लगा कि अभी कौन
उसने मुझे अपने से इस तरह चिपका लिया था कि उसका खड़ा लंड मेरे चूतड़ों की दरार में घुसने लगा। वो मेरे मम्मों दबाए जा रहा था और मैं भी अब गर्म होने लगी थी। फ़िर
फिर वो पीछे मुड़ गईं तो मैं उनकी नंगी पीठ पर चुम्बन करते हुए नीचे आया और उनकी जीन्स को नीचे कर दिया और मेरे सामने उनकी नंगे चूतड़ थे जिसको देख कर मैं दबाने लगा.
कहानी का पहला भाग: जुदाई ने मार डाला-1 वो मेरी गोद में गिर गई और बोली- प्लीज छोड़ो मुझे नहीं तो कोई देख लेगा तो बवाल हो जाएगा। मैंने कहा- सुबह के साढ़े पाँच
अन्तर्वासना के सभी पाठक और पाठिकाओं को मेरा नमस्कार, मैं पिछले चार साल से अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ जिसे पढ़कर मैं रोज मुट्ठ मारता हूँ। मेरा नाम
सबको मेरा सादर नमस्कार। मेरा नाम अमित है, उम्र 27 साल, लम्बाई 5'11", वजन 70 किलो के लगभग होगा। मैं एक विवाहित व्यक्ति हूँ, दिल्ली का रहने वाला हूँ। बात 14
दोस्तो, मेरा नाम मुकुल जैन है, उम्र 26 साल और कद 5'5 रंग गोरा है। बात उन दिनों की है जब मैं भिलाई में किराए के मकान में रहता था मेरे सामने वाले घर में एक
मेरा नाम है शिवम 27 है। मैं साउथ दिल्ली से हूँ, मैं एक ज़िगोलो हूँ, दिल्ली में रहता हूँ। मेरे घर के पास में ही एक घर में छोटा सा क्लिनिक है, क्लिनिक नीचे
प्रेषक : अमन वर्मा मैं समझ गया कि आंटी को शायद मुझ पर शक हो गया है। वैसे तो वो भी ये बात बहुत अच्छे से समझती थीं कि चुदाई की भूख ऐसी ही होती है। अगर भूख
लेखक : रोहित हाय फ़्रेन्ड्स, मेरा नाम रोहित है। मैं रायपुर का रहने वाला हूँ, पर फ़िलहाल मैं NIT ज़ालन्धर में पढ़ाई करता हूँ और यहीं रहता हूँ। अभी-अभी 19 वर्ष
मेरा ठिकाना लखनऊ में हुआ, यहाँ ननद-भाभी की चूत के दर्शन सुलभ हुए तो वारे न्यारे हो गए, जब दोनों के बीच सब साफ़ हो गया तो मेरी उँगलियाँ समझो कि घी में तैर गईं।
प्रेषक : अमन वर्मा थोड़ी देर में आंटी हाँफते हुए बोल पड़ीं- मैं गई..! और वो झड़ गईं, उनकी चूत की दीवारों से पानी झड़ने लगा। उनके रज से मेरा लण्ड पूरी तरह
प्रेषक : अमन वर्मा नमस्ते दोस्तो, मैं अमन वर्मा आपका दोस्त ! आप लोग तो मुझे जानते ही होंगे। आप लोगों ने मेरी अब तक की कहानी पढ़ी और आप लोगों के बहुत
चूत की खुजली एक शाम मैंने फिर मुठ्ठ मार कर उसकी चड्डी में पोंछ कर टांग दिया और अपने कमरे की खिड़की से उसकी प्रतिक्रिया देखने लगा। उसने जब कपड़े समेटे तभी
नमस्कार दोस्तो ! एक बार फ़िर मैं अपने जीवन की सच्ची कहानी प्रस्तुत कर रहा हूँ। नये पाठकों के लिये मेरा परिचय फ़िर से- मेरा नाम मनोज हैं, 28 साल का हूँ,
आंटी मस्ती में मेरा लंड चूस रही थीं। पूरा लंड अन्दर लेने की कोशिश कर रही थीं। मेरा लंड 8 इंच से भी ज्यादा बड़ा हो गया था जोश में फूल कर। आंटी 6 इंच तक लंड को अन्दर ले रही थीं।
प्रेषक : नीरव शाह मेरा नाम नीरव है। मैं सुरेन्द्रनगर में रहता हूँ। मेरी उम्र 22 साल है। मैं कॉलेज में पढ़ाई करता हूँ। मेरी लंबाइ 5'8'' है। मैं देखने में
प्रेषक : वीर सिंह इस कहानी के पांचवें भाग में आपने पढ़ा : बबिता आँटी मेरी पूरी मलाई चाट के वो उठी, कुर्सी के हत्थों से आराम से पैर निकाले और मटक-मटक कर
प्रेषिका : आशा संजय यह देख कर पूरी तरह उत्तेजित हो चुका था, इससे पहले मैं कुछ कहती वो मेरे बदन पर चढ़ गया और मेरे मम्मे दबाने लगा। मैंने उसका सर पकड़ और
प्रेषिका : आशा संजय अपनी टाँग फैला कर बिस्तर पर बैठ गया और मैंने अपनी सैंडल को उसके शॉर्ट्स के नज़दीक रख दिया और अपनी टाँगें थोड़ी सी फैला लीं। संजय
प्रेषिका : आशा मेरा नाम आशा है और आज मैं आपको अपनी दास्तान सुनाने जा रही हूँ। मेरी पहली कहानी अन्तर्वासना के नियमानुकूल ना होनेर के कारण प्रकाशित नहीं हो
प्रेषक : आकाशदीप मेरा नाम आकाशदीप है और अन्तर्वासना पर यह मेरी पहली कहानी है। मैं हरियाणा में रहता हूँ। हमारे घर के पास एक बहुत ही सुन्दर लड़की रहती थी।
प्रेषक : इमरान ओवैश "सुख का क्या है, कई लोग होते हैं जिनकी किस्मत में शादी टूटने के बाद सुख नहीं होता और कई लोग होते हैं, जिनकी किस्मत में शादी होते हुए
प्रेषक : इमरान ओवैश दोस्तो, मैं इमरान, मुंबई में रहता हूँ और एक मोबाइल कम्पनी में काम करता हूँ। ज़िन्दगी अब तक ऐसी गुजरी है कि उस पर कभी तो लानत भेजने का
प्रेषक : होलकर उन्होंने सर पर कपड़ा कब लपेट लिया था, ध्यान ही नहीं रहा। 'हाय मेरी सिल्क स्मिता !' मैंने दिल में सोचा, मैंने धीरे से सर का कपड़ा खोला तो