रास्ते में मिली एक हसीना-2
लेखक : जय कुमार मैं कहने लगा- वन्दना, मुझे बहुत भूख लगी है ! वन्दना ने कहा- हाँ क्यो नहीं ! अभी दो मिनट में खाना लगाती हूँ। और फिर हम दोनो ने बैठकर खाना
Antarvasna कम्युनिटी को हमारी शानदार कोई मिल गया कहानियों के कलेक्शन से आपको पागल कर देने दें।
लेखक : जय कुमार मैं कहने लगा- वन्दना, मुझे बहुत भूख लगी है ! वन्दना ने कहा- हाँ क्यो नहीं ! अभी दो मिनट में खाना लगाती हूँ। और फिर हम दोनो ने बैठकर खाना
प्रेषक : अतुल अग्रवाल अन्तर्वासना पर कहानियाँ पढ़ने के बाद मैंने भी एक कहानी लिखने की कोशिश की। यह एक सच्ची कहानी है। मेरी कहानी में एक नया अनुभव है जो
प्रेषिका : लवीना सिंह अन्तर्वासना के पाठकों को मेरा प्यार भरा सलाम। मैं नियमित रूप से सारी कहानियां पढ़ती हूँ और बस यही कहूँगी कि मुझे बड़ा मज़ा आता है। अब
दो लंड एक साथ देख कर उसको मजे आ गये और दोनों को एक एक हाथ में पकड़ कर बारी बारी से चूसने लगी। 15-20 मिनट चूसने के बाद विक्रम ने तृष्णा को बिस्तर पर लिटा दिया और उसकी दोनों टाँगों को चौड़ा किया।
प्रेषक : ललित सिंह मेरा नाम ललित है, दिल्ली का रहने वाला हूँ। मैंने अंतर्वासना में बहुत कहानियाँ पढ़ी और आज मन किया कि मैं अपनी भी कहानी लिखूँ ! बात उन
मेरा नाम स्मिथ है। जो मैं कहानी आप को सुनाने जा रहा हूँ वो बिल्कुल सच्ची है। मैं हिमाचल में रहता हूँ मनाली में ! अन्तर्वासना पढ़ने वालों को सभी को मालूम
देखते ही देखते मैं स्कूल, कॉलेज में मेरी पहचान एक बेहद चालू माल की बन गई। कई लड़कों अथवा मर्दों ने मेरा रसपान किया।
अशोक कुमार चुदाई की ढेर सारी कहानियाँ अन्तर्वासना में पढ़ने के बाद मैंने भी सोचा कि एक सेक्सी कहानी पाठकों के साथ बाँट लूँ ! यह बात उस समय की है जब मैं
प्रेषक : राहुल कटारिया हाय दोस्तों मेरा नाम राहुल है, और मैं सूरत में पला-बढ़ा हूँ। अन्तर्वासना के पाठकों को और उनको मैं शुक्रिया अदा करना चाहता हूँ
लेखिका : आंचल धन्यवाद गुरुजी आपने जो मुझे अन्तर्वासना में जगह दी, आपने मेरी कहानी छाप दी मुझे बहुत ख़ुशी हुई। पैसे की कमी कोई नहीं, नौकर-चाकर बहुत हैं, बस
प्रेषक : अजय कुमार दोस्तो, मेरा नाम अजय है मैं 29 वर्ष का हूँ, मैं भी आपकी तरह इस साईट का दीवाना हूँ और जब भी मुझे मौका मिलता है तो यहाँ कहानियाँ पढ़ता
लेखिका : आंचल जैसे कि मैंने पहले भाग में बताया था कि जैसे ही मेरे और मेरे नौकर के बीच इशारों में बातें हुई तो उसने जल्दी से तौलिया लपेटा और अंदर आने लगा
लेखिका : आंचल गुरुजी को सबसे पहले और फिर अंतर्वासना के पाठक-समूह को मेरी तरफ से यानि कि आंचल की तरफ से बहुत बहुत प्यार- दुलार ! इस वेबसाइट पर प्रकाशित
लेखक : आरव रावत मैंने कई कहानियाँ अन्तर्वासना में पढ़ी हैं। कहानी पढ़कर सोचता था और फिर मुठ मरता था और मन ही मन ख्याल आता कि काश मुझे भी चोदने का मौका मिल
प्रेषक : लव गुरू फिर मैंने कहा- माँ, मुझको तुम्हारे शरीर के सारे कपड़े भी अच्छे लगते है। रीमा ने कहा- अच्छा बता, इनमें भला तुझे क्या अच्छा लगता है? मैंने
प्रेषक : लव गुरू वह मेरे दूसरे चुचूक को अपने हाथ के नाखून से जोर जोर से कुरेद रही थी। एक तो चुचूक चूसे जाने की मस्ती दूसरा चुचूक कुरेदे जाने की वजह से
प्रेषक : लव गुरू मेरी यह कहानी काल्पनिक है। इस कहानी का आधार एक औरत पर है जिससे मैंने एक चैट-साइट पर कई बार बात की। उसके साथ कई बार चैट-रुम में चुदाई भी
मैं मुंबई का रहने वाला हूँ, मेरा कद 5 फ़ुट 9 इन्च है। मेरे शरीर का रंग गोरा है और 7" का लंड है. मेरी उमर 26 साल है। मैं अपनी एक कहानी आप लोगों के सामने पेश
वो बोली- मेरी चूत में पसीना आ रहा है! मैं उसकी जींस के ऊपर से ही उसकी चूत को सहलाने लगा। फिर वो अपने आप ही अपनी जींस उतारने लगी।
प्रेषक : राज आकाश मेरा नाम राज है, अन्तर्वासना के सभी सदस्यों को मेरा प्रणाम। मेरी उम्र 28 साल है और मैं रोज जिम जाता हूँ इसलिए मैं काफी फिट रहता हूं। मैं
प्रेषक : कुमार चने वाला भी अब समझ गया था। मैं और मेरी पत्नी रीति चुदाई का बहुत मज़ा ले रहे थे, सरजू का जिक्र होते ही रीति गर्म हो जाती थी और मैंने देखा कि
लेखक : जय कुमार प्रथम भाग से आगे कला झड़ गई और एक तरफ लुढ़क गई और मैं भी कला की बराबर में ही लेट गया क्योंकि मेरा काम तो ग्राहक को सन्तुष्ट करना था। मैंने
लेखक : जय कुमार मैं जय कुमार, कालबॉय हूँ, रंग साफ, कद 5 फीट 8 इन्च एकदम से स्लिम, दिल्ली में रहता हूँ, एक बार फिर से एक नई कहानी लेकर हाजिर हूँ जो हकीकत
दोस्तो, मेरा नाम अशोक है। मेरी आयु चौबीस साल है। मैं अजमेर में पिछले तीन सालों से टूरिस्ट गाइड का काम कर रहा हूँ, मेरा काम टूरिस्टों को होटलों में ठहराने
प्रेषक : कुमार यह सच्ची बात है, सिर्फ नाम बदले हुए हैं। मेरी पत्नी रीति जिसकी उम्र अब बयालीस वर्ष है और मैं पैंतालीस का हूँ। करीब चार वर्ष पहले हम लोगों
वह गांडू इस कदर मेरी गांड मार रहा था जैसे कितने साल से भूखा था, मगर उसका पानी नहीं छुट रहा था। करीब बीस मिनट से मैं उससे चुद रहा था और फिर उसने मेरी गांड
राधिका ने अजय को अपने नीचे दबा लिया,"मादरचोद मेरी गाण्ड का तो तूने हलवा बना दिया, अब देख साले ! तैयार हो जा... मेरी चूत में कितना दम है तू ही देख ले !"
मैं अपने दोस्त की कहानी ले कर आया हूँ। मेरे दोस्त का नाम पिंकू है। पिंकू की गर्ल फ्रेंड सोनी की शादी बहुत पहले ही हो गई थी। लीज़िए पढ़िए पिंकू के ही शब्दों
प्रेषक : जैनी रस्तोगी अंतर्वासना के प्रिय पाठकों को मेरा नमस्कार ! मेरा नाम राज है (बदला हुआ नाम ) और मैं दिल्ली के पास के शहर मेरठ से हूँ। आज सोचा कि
प्रेषक : सोनू कुमार हाय ! मैं सोनू कुमार एक बार फिर आप लोगों को अपनी एक सत्य कथा लिखने जा रहा हूँ। बात उन दिनों की है जब मैं स्कूल में बारहवीं कक्षा में
प्रेषक : जो हन्टर आइये, आपको एक बार और मैं प्यार की रूहानी दुनिया में कुछ समय के लिये ले चलता हूँ, यहाँ आपको प्यारा नरम सा सेक्स भी मिलेगा, उत्तेजना भी
फिर 6 दिन बाद मैं कॉलेज गई तो वो गेट के बाहर मेरा इंतज़ार कर रहा था ... मैं बिना कुछ बोले उसकी बाईक पर बैठ गई... वो सीधे अपने घर ले गया और पूछा- आज भी
प्रेषक : अजय झा दोस्तों मैं अन्तर्वासना का एक नियमित पाठक हूँ। मैं इसकी सारी कहानियाँ बहुत मज़े से पढता हूँ। आज मेरे दिल में भी यह ख्याल आया कि मैं भी
मैं तुम्हारे साथ इसके लिए ही आई थी। मैंने जबसे तुम को देखा है तबसे तुम्हें अपने ऊपर लेने को तरस रही हूँ। इसीलिए मैं तुम्हें यहाँ लाई थी।
हम दोनों ने शॉल ओढ़ ली और पीछे वाली सीट पर चले गए। वो मेरे लंड को मुँह में लेकर चूसने लगी। मैं एकदम उत्तेजित हो गया था और उसके बड़े बड़े स्तनों को दबा रहा था।
प्रेषक : सैम मैं सबसे पहले अन्तर्वासना का धन्यवाद करता हूँ जो मेरी सच्ची कहानी छापी। मुझे यह सब कहानियाँ तब सच्ची लगी जब मेरे खुद के साथ यह सब हुआ, जो
मैं पूना की एक बड़ी कंपनी में इंजिनियर हूँ। मेरी आयु 51 वर्ष, कद 5’10", रंग गोरा और बॉडी सुडौल है। मेरी पत्नी का नाम वंदना है, वो 50 वर्ष की 5’3" लम्बी,
लेखक : माइक डिसूज़ा आपने अभी तक पढ़ा कि कैसे ट्रेन के सफ़र में मैंने शिल्पा की चुदाई की शुरुआत की और उसने मुझे अपने अंकल द्वारा अपनी पहली चुदाई का किस्सा
लेखक : माइक डिसूज़ा मैं अन्तर्वासना की कहानियाँ बहुत दिनों से पढ़ता आ रहा हूँ। मैं भी अपना अनुभव पाठकों के साथ बाँटना चाहता हूँ। मुझे एक बार काम के सिलसिले
उसकी साड़ी का पल्लू नीचे गिरा करा उसके वक्ष पर हाथ फिराने लगा. बहुत ही बड़े स्तन थे उसके, मेरे हाथों में भी नहीं आ रहे थे.
मैं आपका रोहित फिर से आपके लिए लेकर आ गया हूँ एक चटपटी लेकिन सच्ची कहानी... आज मैं अपनी कहानी शुरू करने से पहले में कुछ बातें जो लड़कियाँ, औरतें सेक्स के
मेरे लंड के हल्के हल्के धक्कों से रागिनी कराह रही थी- संजय बहुत भीतर घुस गया है.. इस पोज़ में और ज्यादा अन्दर तक घुसा दिया तुमने.. आह्ह. मैंने कभी ऐसा नहीं किया.. चोदो..
उस दिन जब हम बिग बाज़ार में थे तो अचानक मेरी पत्नी की नज़र एक सुंदर सी औरत पर पड़ी और उसने आवाज़ लगाई- रागिनी! सुन कर उस औरत ने पीछे मुड़ कर देखा और मेरी बीवी
प्रेषक : हॉट बॉय नमस्कार, मैं अन्तर्वासना को साल भर से पढ़ रहा हूँ। सभी को प्रोत्साहन देने वाली यह साईट सही मायने में अपने आप में एक उदाहरण है जोकि हरेक
प्रेषिका : रीता शर्मा मेरी एक प्रिय पाठिका ने अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर अपनी यह आपबीती मय डायलोग के मुझे भेजी है। हां पाठकों के मनोरंजन के लिए इसमें
लेखिका : पायल मल्होत्रा अंतर्वासना पढ़ने वाले हर शख्स को मेरी तरफ से बहुत बहुत प्यार ! मैं इस अन्तर्वासना की एक-एक कहानी को तहे-दिल से पढ़ती हूँ और अपनी
लेखक : रणजीत लूथरा यह बात हैं कुछ 12-14 साल पुरानी, तब मैं 19 साल का एक हट्टा- कट्टा नौजवान था। मैं मध्य प्रदेश के एक छोटे से गाँव "सिवामुलिक" में रहता
वो एकदम से बेहद उत्तेजित हो जाते हैं और एकदम से खारिज हो जाते हैं, महीने पन्द्रह दिन में एकाध बार को छोड़ दें तो मैं यूं ही रह जाती हूँ ...
प्रेषक : चिंतन मेरे मित्र ने मुझे कुछ ही दिन पहले अन्तर्वासना के बारे में कहा था। पढ़कर बहुत मज़ा आया और अपना भी अनुभव आप लोगों तक पहुँचाने का मन किया।
मैं मुम्बई में रहता हूँ। मैं अपनी एक वास्तविक कहानी लिख रहा हूँ, अगर आपको पसन्द आए तो मुझे उत्तर लिखें। बात उस समय की है जब मैं कॉलेज में पढ़ता था... मेरी
अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा शत-शत नमन..... मेरा नाम आशु है। आपने मेरी कहानी स्वतन्त्रता दिवस तो ज़रूर पढ़ी होगी। उस वक़्त सोनिया के साथ जो हुआ वो तो
प्रेषक : हर्ष हेल्लो दोस्तो, सभी को प्यार भरा नमस्कार ! मैं हर्ष मध्यप्रदेश के एक महानगर में रहता हूँ। मैं अन्तर्वासना की लगभग सारी कहानियाँ पढ़ चुका हूँ
मेरी शादी हुये लगभग चार साल हो चुके थे। कुछ अभागी लड़कियों में से मैं भी एक हूँ। शादी के दिन मैं बहुत खुश थी। लगा था कि जवानी की सारी खुशियाँ मैं अपने पति
वो बाथरूम से हाफ शर्ट और मिनी स्कर्टपहन कर आ गई। क्या गोरी-गोरी जांघें थी उसकी! शर्ट में चूची तो उसकी पूरी कस ही गई थी। तब मेरा लण्ड और सख्त हो गया पर मैं चाहता था कि पहल वो करे।
होटल में पहुँच कर कमरे में चले गए। कमरे में जाते ही हमने अन्दर से बंद कर लिया और जोर से जफ्फी डाली जैसे दो साथी जनम-जनम से बिछड़े पता नहीं कितनी देर बाद मिले हों!
मेरा नाम संजय है. यह मेरी पहली कहानी है, सच है या झूठ, आप ही बता सकते हैं. मैं अभी हैदराबाद में जॉब करता हूँ. कहानी उन दिनों की है जब मैं +2 की परीक्षा
जगह बदल बदल कर तीनों ने सारी रात मेरी पति की जमानत का पूरा इस्तेमाल किया। हाय रे जीजा का काला लंड ! उफ्फ ये दरोगा मुआ तो सारी रात मुझे पेलता ही रहा, कभी मुंह में, कभी बुर में तो कभी गांड में !
प्रेषक : प्रकाश कुमार सभी अन्तर्वासना के पाठकों को प्रकाश का एक बार फिर नमस्कार ! मुझे आप लोगों की काफी ईमेल मिली और मैंने भी सभी को जवाब दिया। मैं आज
मैं सनी भोपाल से, मेरी उम्र 30 साल है। यह बात उस समय की है जब मैं कंप्यूटर का कोर्स कर रहा था। मुझे उस समय कंप्यूटर ठीक करने के लिए लोगों के घर पर भी जाना
दोस्तो, राहुल हरियाणा से फ़िर हाज़िर है आपके लिए एक रोमांच और सेक्स से भरपूर कहानी ले कर... सभी मर्द अपने लंड को हाथ में दबा के और लड़कियाँ अपने वक्ष को दबा
कम्प्यूटर लैब में तीन लौड़ों से चुदी से आगे: कई लोग सोचते होंगे कि शायद यहाँ अन्तर्वासना पर मनगढ़ंत कहानियाँ होती हैं, लेकिन दोस्तो, यह कलियुग है, घोर
प्रेषिका : रेनू बाला मेरे पतिदेव का एक तथाकथित भाई जो उन दिनों मेरे परिवार का हिस्सा बना हुआ था… मेरा भी दोस्त बन गया था, बल्कि काफ़ी अन्तरंग हो गया था।
आपको एक खास बात बताऊं ! जब मैं कुवांरी थी तब मेरी चुदने की इच्छा कम होती थी। क्यूंकि मुझे इस बारे में अधिक नहीं मालूम था। आज मेरी शादी हुये लगभग पांच साल
काजल ने उनके लण्ड जम कर चूसना चालू कर दिया। कभी जय का लण्ड चूसती और कभी राज का लण्ड। दोनों के चूतड़ हिलने लगे और लग रहा था कि वे काजल का मुख चोद रहे हो।
प्रेषक : कपिल कुमार दोस्तो, मैं फिर आप लोगों की सेवा में आ गया। आप लोगों की काफी मेल आई, बहुत अच्छा लगा कि आप सभी लोगों ने मेरी कहानी को पसंद किया। मेरी
फोन पर एक लड़की से दोस्ती हुई, सेक्स चैट होने लगी लेकिन वो मिलने को मना करती थी. फिर अचानक उसने बात करनी बंद कर ड़ी. उसके फोन नम्बर से उसका पटा निकला कर उसके घर गया तो... कहानी पढ़ कर जानें कि वहां क्या हुआ?
मैं पेशे से एक फ़ोटोग्राफ़र हूँ, मुम्बई में रहता हूँ। मेरा अकसर शूटिंग के लिये बाहर जाना होता रहता है। ऐसे ही एक शूटिंग के लिये मैं एक बार गोवा गया था। मेरे
प्रेषिका : अक्षिता शर्मा प्रस्तुति - नेहा वर्मा कार में मैं और रोनी अन्जान थे, पर मुन्ना और बबलू अपनी गर्ल-फ़्रेन्ड्स के साथ थे। चूंकि कार रोनी की थी सो
प्रेषक : राजेन्द्र सिंह मेरी पिछली आपबीती कहानी 'मेरे दोस्त की बहनों ने मुझे चोदा' का अगला भाग लेकर आया हूँ मैं ! आप लोगों के मेल मुझे मिले, कुछ लोगों ने
प्रेषक : राजा बाबू जब मेरा ट्रान्सफर जयपुर से जालन्धर हुआ तो अपने एक दोस्त की वजह से मुझे एक कर्नल साहब की कोठी में पेइंग-गेस्ट के रूप में रहने का ठिकाना