गेटपास का रहस्य-4
अब तक मैंने उसकी हाफ पेंट के बटन खोल दिये थे, जैसे ही हाफ पेंट के बटन खुले तो वो नीचे सरक कर उसके पैरों में आ गई। इससे आगे मैं कुछ और करता पर, तभी दरवाजे
Antarvasna कम्युनिटी को हमारी शानदार कोई मिल गया कहानियों के कलेक्शन से आपको पागल कर देने दें।
अब तक मैंने उसकी हाफ पेंट के बटन खोल दिये थे, जैसे ही हाफ पेंट के बटन खुले तो वो नीचे सरक कर उसके पैरों में आ गई। इससे आगे मैं कुछ और करता पर, तभी दरवाजे
दीप के जाने के बाद मैंने किताब को एक तरफ रखी और मयूरी के पास पहुँचा, उसका हाथ अपने हाथ में पकड़ कर उससे पूछा- दीप ने क्या कहा आपसे? मयूरी ने कहा- कुछ नहीं
दीप ने मयूरी के कान में कहा- क्यों क्या हुआ? पसंद नहीं आये क्या मेरे भैया? मयूरी- नहीं ऐसी बात नहीं है। दीप- फिर जाओ उनके पास और बात करो ! मैं अभी आई। और
सुनीता की शादी होने के बाद एक बार फिर से मैं तन्हा हो गया था, मैं चाहकर भी सुधा या सुनीता से नहीं मिल सकता था क्योंकि मैं नहीं चाहता था मेरी वजह से उनको
अन्तर्वासना पर काफी कहानियाँ पढ़ने के बाद मैं खुद रोक नहीं पाया और अपनी कहानी लिखने का मन कर ही लिया। तो दोस्तो, मैं लेकर आया हूँ अपनी पहली कहानी। मेरी
घंटे भर बाद ही एक सेमीनार था जो ससुर जी ने मुझे अटेंड करने को कहा था। मेरा मूड तो नहीं था पर सेमीनार में जाना भी जरूरी था। मैं एक बार फिर से नहाई और
उसका लौड़ा तो इतना लंबा-चौड़ा था ही बल्कि वो खुद भी कितना मजबूत और ताकतवर था। इस तरह उल्टी लटके हुए उसका लौड़ा चूसते हुए और उससे अपनी चूत और गाँड चटवाते हुए
मेरी वासना और जोर से भड़क उठी। मैंने बहुत ही मस्त होकर उसके लौड़े को चाट-चाट कर और चूस-चूस कर साफ किया। "यू सीम टू लाइक द टेस्ट ऑफ योर शिट ऑन मॉय कॉक!" माइक
जब भी दर्दनाक लहर मेरे जिस्म में फूटती तो साथ ही मस्ती भरी मीठी सी लहर भी तमाम जिस्म में दौड़ जाती। दर्द ओर मस्ती के दोनों एहसास जैसे पिघल कर एक साथ धड़कते
मैं मानती हूँ कि कुछ देर पहले मैं इन हब्शियों के भुसण्ड लौड़ों से चुदने के लिये मरी जा रही थी लेकिन इतने बड़े लौड़े से गाण्ड मरवाने का तो मैं सपने में भी
कुछ ही देर में उनके लौड़े फौलाद की तरह सख्त हो गये और वो दोनों बेरहमी से बारी-बारी से मेरे हलक में अपने लौड़े ठूँसते हुए धक्के मार रहे थे। "ऑय थिंक शी नीड्स
मैंने साँस ली ही थी कि एक बार फिर मुझे उसकी मुठ्ठियाँ अपनी गर्दन के पीछे बालों पर कसती महसूस हुईं और उसने गालियाँ देते हुए अपना लंड फिर एक ही झटके में
वो मुझे सहारा दे कर बार के करीब ले गया और दो ड्रिंक्स ऑर्डर किये। फिर उसने मुझे कमर से पकड़ कर उछालते हुए ऊँचे बार-स्टूल पर इस तरह बिठा दिया जैसे मैं कोई
खुशबू मेरा नाम सुषमा है, मैं शादीशुदा हूँ और मेरे तीन बच्चे हैं, मैं बहुत सुन्दर हूँ एकदम दूध सी गोरी ! मेरी कहानी एक डॉक्टर के साथ मेरे चक्कर की है, हम
लेखक : राज कुमार लण्ड की प्यासी हर औरतों को मेरे लण्ड का सलाम। मेरा नाम राज है। मैं 26 साल का एक हट्टा-कट्टा जवान लड़का हूँ, ओडिशा के संबलपुर जिले में
श्रेया आहूजा का सलाम, नमस्ते! बहुत दिन हुए कुछ अपनी आपबीती सुनाये तो सोचा आप सबसे शेयर करूँ यह आपबीती! भारी पब्लिक डिमांड पर मैं अपनी आपबीती सुनाने जा रही
हैलो दोस्तो, नमस्कार और नव वर्ष की ढेर सारी शुभ कामनाएँ ! मैं कामना करता हूँ कि आप सबके जीवन में यह नया साल नई जवानी, नया जोश व नए खूबसूरत जवान साथी लेकर
लेखक : अलवी साहब सीढ़ियाँ उतरते मुड़ के वापस उसके पास गया और कलाई पकड़ के एक तरफ लिया और पूछा- चेहरा क्यों उतरा हुआ है? तो इतनी मासूमियत से उसने कहा- आप जा
लेखक : अलवी साहब पूरी बस खाली थी, हम दोनों अन्दर अकेले थे, वो बैग ढूंढ़ रही थी और मैं उसके करीब ही था बिल्कुल, मैंने उसकी कलाई पकड़ी और सीट पर बिठा दिया,
लेखक : अलवी साहब इतने में हम पहुँच गए और चारों को सही सलामत ऊपर उनके कमरे तक पहुँचाया, सामान अन्दर रखवाया, मैं दरवाज़े पे खड़ा हुआ था और जाने लगा तो रज़िया-
लेखक : अलवी साहब अन्तर्वासना के चाहको आपको प्यार भरा सलाम, नमस्ते ! और अन्तर्वासना की पाठिकाओ, आपके दर-ए-हुस्न पर मेरा अर्ज़-ए-सलाम कबूल हो !
प्रेमशिर्ष भार्गव 10-12 बार ऐसा करने के बाद मैं नीचे झुका और उसकी लेगिंग्स को नीचे सरका कर निकाल दिया। कोमल ने पैंटी नहीं पहनी थी। मैं छत पर घुटनों के बल
प्रेमशिर्ष भार्गव "टिप–टिप बरसा पानी, पानी ने आग लगाई... आग लगी दिल में तो, साजन तेरी याद आई ! तेरी याद आई तो, जल उठा मेरा भीगा बदन...मैं क्या करूँ....!"
प्रेषक : रमा शंकर अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा नमस्कार ! दोस्तो, यह मेरी पहली कहानी है जो मेरे साथ घटी एक सच्ची घटना पर आधारित है। आशा है कि आपको
दोस्तो, इस कहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा कि मैं लिंडा की मित्र मीरा का बर्थडे गिफ्ट था और उसे रात को बालकनी में चोदा। रात के खेल में देर हो गई तो सुबह
आपको मेरी कहानियाँ पसंद आ रही है उसके लिए शुक्रिया। पिछली कहानी पर किसी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि मैंने कैसे अपने दोस्त इमरान की गर्ल फ्रेंड शाहीन को चोदा
हमेशा की तरह कामुक आपबीती लेकर एक बार फिर हाजिर हूँ आपके सामने ! पहले तो शुक्रिया मेरी सारी कहानियाँ पढ़ने के लिए ! कई सालों से मैं आपको अपनी और लोगों की
उत्तेजना से मेरी हालत खराब हो रही थी। मैं चाह रही थी कि उनकी जीभ मेरी योनि में प्रवेश कर जाये और पहले की तरह ही वो अपनी जीभ से मेरी इस आग को शांत कर दें
मेरा नाम विक्की है, मैं 22 साल का युवक हूँ। बात दो महीने पहले की है जब मैं अपने दोस्त वासु के भाई की शादी में गया हुआ था और मेहमानों की खातिरदारी में लगा
भाभी मेरे लंड को चूसने लगी और कह रही थी- तुम मेरी चूत को ज़ोर ज़ोर से चूसो, नहीं तो मैं तुम्हारे लंड को खा जाऊँगी। मैं मजबूर होकर थोड़ा थोड़ा चूसता रहा और
मेरा नाम अमित है, मैं कंप्यूटर सॉफ़्टवेयर और हार्डवेयर का काम करता हूँ, मेरा ऑफ़िस है गुजरात में ! मैं और मेरे घर वाले बहुत ही साधारण हैं इसलिए मेरा स्वभाव
मेरा नाम अमित है, मैं कंप्यूटर सॉफ़्टवेयर और हार्डवेयर का काम करता हूँ, मेरा ऑफ़िस है गुजरात में ! मैं और मेरे घर वाले बहुत ही साधारण हैं इसलिए मेरा स्वभाव
मैं बोली- कल तुम सोने के लिए जल्दी चले गए थे। मुझे तुम्हारी जरूरत पड़ी थी, तब तुम नहीं थे। वह बोला- मैं कहीं नहीं गया था, यहीं दरवाजे के पास ही था। आपकी
हैल्लो दोस्तो, मैं हूँ आपकी वही दिल्ली वाली दीपिका ! मैं आपको अपनी सम्भोग-आनन्द कथा सुना रही थी जिसमें मैंने जिस लड़के अभि को पहले सैक्स करने दिया, दूसरे
उसने मेरे हाथों को अपने कंधों पर रखा और मुझे अपनी तरफ खींच लिया तो मैं आसानी से उसके ऊपर जा गिरी। प्रदीप ने अपने होंठों को मेरे होंठों पर रखा और उन्हें चूसने लगा।
उसने तुझे अंडरवीयर में देखा तो वो तेरी तरफ आकर्षित हो गई थी। उसे तू अंडरवीयर में बहुत अच्छा लग रहा था। यार, जब मैं घर आया था तो उसने मेरे साथ भी चुदाई की थी।
मैं गेस्ट रूम में गई, जैसे ही मैंने गेस्ट रूम का दरवाजा खोला, मैंने देखा कि प्रदीप सिर्फ अन्डरवीयर में खड़े थे, मेरे दरवाजा खोलने से उनको कुछ आवाज हुई तो वो मेरी तरफ मुड़े तो उनके हाथ में मेरी ब्रा थी।
दोस्तो, मैं अपनी पहली कहानी लिखने जा रहा हूँ, आशा करता हूं कि आपको पसंद आयेगी, अपनी प्रतिक्रिया जरूर मुझे भेजियेगा. तो बात उन दिनों की है जब मैं बारहवीं
मेरा नाम अरुण है, मुम्बई का रहने वाला हूँ। आज मैं आपको अपनी आत्मकथा बताऊँगा। बात उन दिनों की है जब मैं बेरोजगार था। मुझको नौकरी की जरुरत थी उस समय ! कई
जिम में चुदाई की शुरुआत से आगे प्रेषक : रवीश सिंह दोस्तो, आपको मेरी कहानी बहुत पसंद आई इसके लिए शुक्रिया ! जैसा मैंने बताया था, मैं रिया के लिए काम करने
मैंने झट से दरवाज़े की तरफ पीठ करके साड़ी उतार दी, ब्लाउज उतार दिया फिर पेटीकोट खोल जैसे नीचे हुआ, मेरे मदमस्त चूतड़ उसकी आँखों के सामने एक लाल पैंटी में सजे हुए दिखे।
वास्तव में कपड़े लेना तो बहाना थे, हम दोनों को इस छीना-झपटी में आनन्द आ रहा था। चूंकि इन सब गतिविधियों के कारण मेरा पप्पू कुछ कुछ उत्तेजित हो गया था जो
मैं आपको मेरे जीवन की उस घटना के बारे में बताना चाहता हूँ जब एक सुंदरी को मैंने काम सुख प्रदान किया था तथा बदले में उससे रति सुख लिया था। तो बात को ज्यादा
उससे घुस नहीं पाया, वो अनजान राही था, मंजिल हासिल करने में कच्चा था, मैंने हाथ ले जा कर उसके लुल्ले को पकड़ सही जगह टिका दिया और उसने झटका दिया, सर सर करता चीरता लंड घुसता चला गया मेरे!
मुझे नंगी देख उसको मेरे हुस्न का नशा होने लगा। उसके आगे आगे उलटी चलती हुई उसको पीछे आने का इशारा करती बेडरूम में ले गई और जाकर बिस्तर पर उलटी लेट गई।
सब दोस्तों को प्यार भरी नमस्ते, इस नाचीज़ सीमा की खूबसूरत हर अदा से प्रणाम! मैं पच्चीस साल की एक हसीन शादीशुदा लड़की हूँ, शादी को एक साल ही हुआ है अभी बच्चा
प्रेषक : ज़ूज़ा जी मैंने कई बार सोचा कि मैं भी अपने अनुभव आपको सुनाऊँ, पर हर बार सोच कर रह जाता था, अभी रात का एक बजा है, मुझे नींद नहीं आ रही थी, सो सोचा
अन्तर्वासना के तमाम पाठकों एवं पठिकाओं को मेरा प्यार भरा नमस्कार! मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ और हर कहानी को बहुत मजा लेकर पढ़ता हूँ। मैं दिखने में
दोस्तो, नमस्ते, कैसे हैं आप लोग? काफी दिनों से समय न मिलने के कारण आपके सामने न आ सका। माफ़ कीजियेगा दोस्तो ! वैसे झूठी कहानी मुझे लिखनी नहीं आती, मैं जो
राहुल बोला- तो मुझे तुमसे कुछ कहना है। मैं सोचने लगी कि कहीं यह मुझसे चोदने को तो नहीं कहेगा, सो मैं बोली- किस बारे में बोलना है आपको? राहुल बोला- अरे
अन्तर्वासना के पाठकों को दिल्ली की दीपिका का नमस्कार। मेरी अब तक लिखी हुई कहानी में आपने पढ़ा कि मेरे मॉम व डैड के बाहर जाने के बाद खाली घर में मेरा हाल
प्रेषक : वरुण मलहोत्रा सभी पाठकों को मेरा नमस्कार ! मेरा नाम वरुण मल्होत्रा है, मेरी उम्र 22 साल है, मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ, इंजीनियरिंग की पढ़ाई
मैं राकेश रवर, उम्र 25 साल है, मैं गुजरात से हूँ और अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ, अन्तर्वासना की हर कहानी पढ़ कर बहुत अच्छा लगता है और मन करता है कि मैं
मैं विशाल एक बार फिर हाज़िर हूँ आप सबके सामने, आजकल मैं गुडगाँव में रह रहा हूँ अपनी जॉब की वजह से ! मेरी पहली कहानी 'क़यामत थी यारो' के बाद मुझे बहुत मेल
श्रेया आहूजा का आप सबको मनस्कार ! यह कहानी मेरे पड़ोसी की है। हम दोनों काफी आत्मीय हैं तो उसने यह आपबीती मुझे सुनाई... वही मैं आपके सामने पेशा कर रही हूँ,
हेलो दोस्तो ! पिछले कुछ दिनों में मेरी जिंदगी में काफी कुछ हुआ तो नई कहानी लिखने का समय नहीं मिला। आज समय निकालकर अपने जिंदगी का एक भाग आपके सामने रख रहा
दोस्तो, मेरी कहानियों को जो आपने प्यार दिया और मुझे मेल किये उसके लिये धन्यवाद। शीला को खुश करने के बाद मेरी जिंदगी बदल गई, उन तीन दिन के बाद भी मैं और
मेरा नाम करुणा है, अपने पति को मैं प्यार से गुड्डू कहती हूँ। यूँ तो हमारी शादी को 4 साल हो गए हैं और मेरी एक साल की बेटी भी है। वैसे तो मैं सुखी हूँ पर
नमस्कार दोस्तो, यह मेरी पहली कहानी है, मैं बहुत सालों से अन्तर्वासना पर कहानियाँ पढ़ रहा हूँ। अब मैं भी अपनी कहानी लिख रहा हूँ। मेरा नाम आशीष है, उम्र 23
प्रेषक : मोहित शर्मा हेल्लो दोस्तो, मैं मोहित जालंधर से अपनी एक नई कहानी लेकर हाज़िर हूँ, मेरी पहली कहानी को आपने बहुत प्यार दिया, उसके लिए आप सबका बहुत
प्रेषक : रोहित दोस्तो नमस्कार ! मैं गत चार सालों से सभी कहानियाँ पढ़ रहा हूँ, अब मुझे भी अपनी एक सच्ची कहानी बतानी है। मेरा नाम रोहित है, मेरी उम्र 26 है,
प्रेषक : स्वप्निल हेलो दोस्तो, मेरा नाम नील है, मैं पुणे का रहने वाला हूँ। मैं आपको अपने यौन जीवन के बारे में बताने जा रहा हूँ। यह कहानी लगभग चार साल
प्रेषक : अमित कुमार नमस्कार दोस्तो ! मेरा नाम अमित है। आम आम तौर पर जैसे लड़के होते हैं, सब कुछ फटाफट बोल देने वाले, लेकिन मैं ऐसा नहीं था, मैं बहुत संकोची
प्रेषक : एमिनेम एमिनेसटी दोस्तो, हर कोई चाहता है कि उसकी जिन्दगी में उसे सब कुछ मिले पर क्या यह सच में होता है? मैंने भी चाहा और हुआ भी ! चलो हम बात पर
उसने अचानक मेरे लंड पर अपना हाथ रख दिया और बताने लगी- सौरभ मुझे कभी संतुष्ट नहीं कर पाता ! उसका लंड पतला और छोटा है, मैं तुम्हारे लिए पागल हो गई हूँ, मुझे तुम्हारे शरीर की गठीलापन बहुत आकर्षित करता है।
दोस्तो, आपका बहुत-बहुत शुक्रिया मेरी कहानियों पर अपनी प्रतिक्रिया भेजने के लिए। अब अगली कहानी ! यह घटना उस वक्त की है जब मेरी शादी को करीब एक वर्ष हुआ था।
राज वीर यूँ तो गमों में भी हंस लेता हूँ मैं फिर आज क्यों बेवजह रोने लगा हूँ मैं बरसों से हथेलियाँ खाली रही मेरी, फिर आज क्यों लगा सब खोने लगा हूँ मैं ! तो
यह आपबीती मेरे एक सीनियर की है जिनका नाम अजय जायसवाल है। जायसवाल साहब एक बड़ी कंपनी के मैनेजर है जहाँ मैं बतौर रिसेप्शनिस्ट काम कर रही हूँ। जायसवाल साहब ने
प्रेषक : विनोद कुमार विनय मेरा नाम विनोद है, मैं औरंगाबाद महाराष्ट्र से हूँ। दोस्तो, जिंदगी में सेक्स ही सब कुछ नहीं पर सेक्स के बिना जिन्दगी अधूरी है।
कुछ ही देर बाद बाहर कमरे से आवाजें आने लगी- जोर से चोदो मेरे राजा, जरा जोर जोर चोदो ! मैं बाथरूम से बाहर निकली तो देखा कि अब भैया भाभी की चुदाई कर रहे थे।