कामदेव के तीर-3
मैंने कहा- डार्लिंग, अब तो कल तक के लिए यही हूँ, थोड़ी थकावट मिट जाये, फ़िर रात में जरूर उस तरीके से तुम्हें चोदूँगा। फिर मैंने रजिया का जिक्र छेड़ दिया, वो
Antarvasna कम्युनिटी को हमारी शानदार कोई मिल गया कहानियों के कलेक्शन से आपको पागल कर देने दें।
मैंने कहा- डार्लिंग, अब तो कल तक के लिए यही हूँ, थोड़ी थकावट मिट जाये, फ़िर रात में जरूर उस तरीके से तुम्हें चोदूँगा। फिर मैंने रजिया का जिक्र छेड़ दिया, वो
रजिया के जाने के बाद हमने नाश्ता किया, फिर ऊपर वाली मंजिल पर चले गए जहाँ फरहा का बेडरूम था। यहाँ पर स्वर्ग जैसी सारी सुविधाएँ मुहैया थी! मुझे आलीशान पलंग
मैं अपने ऑफिस में बैठा मेल चैक कर रहा था, इस बार ज्यादातर मेल मध्यप्रदेश के जबलपुर, ग्वालियर, इन्दौर, सागर, भोपाल और अन्य शहरों से भी थे। उनमें एक मेल
मूल लेखक : सिद्धार्थ वर्मा सम्पादन सहयोग : उर्मिला उसके बदन के पीछे के भाग का मालिश पूरा करने के बाद मैंने उसे सीधा किया और उसके गुप्तांगों पर एक बार फिर
मूल लेखक : सिद्धार्थ वर्मा सम्पादन सहयोग : उर्मिला अन्तर्वासना के प्रिय मित्रो, कृपया मेरा अभिनन्दन स्वीकार करें ! आपकी सेवा में उर्मिला ( 'भोपाल की
प्रेषक : इमरान ओवैश मैंने उसका आशय समझ कर अपने कपड़े उतारने में देर नहीं लगाई। चूँकि मैं एक अच्छे कसरती शरीर का स्वामी था इसलिए उसे पसंद न आने का सवाल ही
प्रेषक : इमरान ओवैश "क्या देख रहे हो? कभी कुछ देखा नहीं क्या?" उसने बड़े बेबाक अंदाज़ में पूछा। "जी !" मैं एकदम से सकपका गया। वह अजीब से अंदाज़ में हंसी...
प्रिय दोस्तो, जैसा मैंने पिछली कहानी 'दिल्ली की साक्षी' में अपनी आपबीती सुनाई। आप सब लोग इतना पसंद करेंगे, मैंने कभी सोचा नहीं था ! आज मैं आपको अभी हाल
लेखक : जोगी यारा मैंने पहली बार अन्तर्वासना डॉट कॉम साईट को चार साल पहले देखा था। पहली बार लिखने को मन किया क्योंकि अब मुझे हिंदी लिखना आ गया है और जिसके
दोस्तो, मेरी कहानियों को सरहाने के लिए धन्यवाद, शुक्रिया ! आज जो घटना बता रहा हूँ, काफ़ी पहले घट चुकी है जब मैं जिम में काम करता था। हमारा जिम मुम्बई के
लवीना का गोरा बदन, पांच फुट तीन इंच की लम्बाई और उसके उरोजों का आकार बत्तीस रहा होगा। चेहरा थोड़ा सा लम्बा, बाल उसके कूल्हों को छूते हुए, बड़ी ही मस्त लगती
एक बार फिर मैं अपने जीवन की एक और सत्य घटना लेकर आपसे रूबरू हो रहा हूँ, आशा करता हूँ, आपको ये कहानी जरूर पसन्द आयेगी। यह कहानी मयूरी के जाने के बाद की है।
प्रेषक : हैरी हम दोनों एक सीट पर लेट गए। नीचे मैं और ऊपर मेरे नंगी वो औरत थी और ऊपर हमारे शाल था। ताकि कोई हमें नंगा न देख ले। मैंने पूछा- तुम्हारा नाम
प्रेषक : हैरी लड़कियों को चोदते-चोदते मुझे करीब दो साल हो चुके हैं और इन में मैंने जितनी लड़कियों के साथ सेक्स किया है, वो सब कहानियाँ मैं अन्तर्वासना पर
निर्मला आंटी विधवा थी, उनका सिर्फ एक लड़का था, वो पाँचवीं में पढ़ता था। जुलाई में स्कूलों में छुट्टियाँ पड़ती हैं इसलिए उनका लड़का अनुज अपनी मौसी जी के यहाँ
बिपिन मुझे सेक्स बहुत पसंद है, खासकर भाभीओं के साथ तलाकशुदा, विधवा और जो महिलायें सेक्स से संतुष्ट नहीं हैं वो, इनके साथ सेक्स करने के लिए अलग-अलग तरीके
अगले दिन मुन्नी के पति वापस आ गए और 5-6 दिन बिना किसी हंगामे के निकल गए। भाभी मुझसे बहुत खुश थीं और उन्होंने मुझे अपनी चूत का फ्री लाइसेंस दे दिया था। हर
अगले दिन दोपहर का समय था, मैं पास के एक काम्प्लेक्स में खड़ा था, तभी राखी उधर आई तो मुझे देखकर मुस्कराई, राखी से मैंने पूछा- किस काम से आई हो? राखी बोली-
गीता ने मेरी लुंगी की गाँठ खोल दी और मेरा लण्ड हाथ में पकड़ते हुए बोली- आह क्या मोटा लोड़ा है ! देवर जी इससे तो चुदने में मज़ा ही आ जाएगा। गीता लेट गई और
मेरा नाम राकेश है, मेरी पढ़ाई के बाद मुंबई में दस हजार रुपए की मेडिकल रेप्रिजेंटटिव की नौकरी लग गई थी। मुझे औरतों को पटा कर और फंसा कर चोदने का शौक था।
प्रेषक : मनोज वर्मा आज की कहानी मेरे कॉलेज के दिनों की है। कॉलेज के दिनों में मैं फ़्लैट में अपने दो रूम-मेट के साथ रहता था। हमारा 2 बीएचके फ़्लैट था। जिसके
मेरा नाम सलीम खान है। मैं 28 साल का हूँ, 6 फुट का हूँ, और मैं गुड़गाँव की एक टेलिकॉम कंपनी में काम करता हूँ। एक दिन मैं कार से ऑफिस से घर आ रहा था। रास्ते
प्रेषक : नयन जोशी सहयोगी : अंकिता यादव अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा नमस्कार ! मैं अंकिता एक बार फिर आपके सामने एक और कहानी लेकर हाजिर हूँ। मेरी पहली
प्रेषक : देशमुख तभी मेरे शैतानी दिमाग ने एक योजना बनाई, मैंने फट से अपने हाथ सहारा खातून की गांड के साइड में रख दिए, मैं बोला- अरे ऊपर कहाँ चढ़ी हैं आप?
प्रेषक : देशमुख ढाका से मेरा ट्रांसफर रंगपुर हुआ और मैंने मन ही मन में कम्पनी के सभी बॉस की ढेरों गालियाँ दी। साले पूरी पिलाई कर देते हैं आप की, खालिदा के
आपने मेरी पिछली कहानियाँ 'यौन साथियों की अदला-बदली' और 'सोनाली भाभी और उनकी उलझन' पढ़ी और अच्छे सुझाव प्राप्त हुए। मैं सोनाली के साथ सेक्स करके खुश था और
प्रेषक : अक्षत हाय दोस्तो, मेरा नाम अक्षत है और मैं बिलासपुर छत्तीसगढ़ का रहने वाला हूँ। अन्तर्वासना पर यह मेरी पहली कहानी है। मैं इस साईट को 5 साल से पढ़
मैं यहाँ अपनी दूसरी कहानी लिखने जा रहा हूँ। मेरी पहली कहानी यौन साथियों की अदला-बदली में मुझे बहुत सारे मेल मिले और उसके लिए शुक्रिया। बात छह महीने पहले
कहानी का पिछला भाग: कामिनी की अतृप्त कामाग्नि-2 कामिनी यह सुन कर खुश हो गई, और बोल पड़ी- आग दोनों तरफ ही लगी हुई है। भीम बोला- बीबी जी, अगर मुझे ज़रा भी
कहानी का पहला भाग: कामिनी की अतृप्त कामाग्नि-1 तभी अचानक कामिनी को घंटी बजने की आवाज़ आई उसने तुरंत घड़ी की ओर देखा और पाया कि रात के 3 बजे थे। वो एकदम
यह कहानी है कामिनी की! कामिनी की शादी को अभी एक साल भी नहीं हुआ था और उसके पति को उसके साथ संभोग में कोई दिलचस्पी नहीं रही। कारण यह नहीं था कि कामिनी में
मेरी एक सहेली है, उसको भी सेक्स करना है, वो भी तेरे जैसा लण्ड खोज रही है। आज रात तो नहीं हो पाएगा, कल का ट्राई करती हूँ। तू आज अपनी आंटी को चोद। कल तुझ को दो की चूत मिलेगी।
टॉम हुक यह मेरा हाल ही का अनुभव है। आशा करता हूँ कि आपको यह कहानी भी पसंद आयेगी। मेरी पुरानी कहानियों के लिए पहले आप सब के जो मेल मुझे मिले उसके लिए आप
प्रेषक : निलेश शर्मा मेरा नाम नील (निलेश शर्मा) है। मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ, काफ़ी दिनों से कहानियाँ पढ़ रहा हूँ, एक अरसे से सोच रहा हूँ कि मैं
मैंने ऊषा से कहा- अब किसी भी तरह हमें कोई जुगाड़ कर के निधि को भी नंगी करना होगा। ऊषा बोली- ओहो ! क्या बात है, इज्जत का डर है या नई चूत की कामना? मैंने
आनन्द की बात से हमें उसके साथ सहानुभूति हुई। ऊषा ने कहा- कोई बात नहीं देवर जी, सब्र का फल बड़ा नमकीन होता है। आनन्द चला गया पर हम दोनों इस वार्तालाप से
मेरा नाम राजीव है, उम्र 32 वर्ष, मैं एक प्राइवेट फर्म में ऑफिस इंचार्ज के पद पर हूँ। मेरी पत्नी ऊषा 24 वर्ष की है, बेहद सुंदर एवं गदराई हुई। हमारी शादी को
शाहीन बाहर जाने लगी तो मैं बोल पड़ा, "नहलाया तो है ही नहींं?" "वाकई मर्द कुत्ते होते हैं।" पूजा मुस्कुराते हुए बोली, "शाहीन, नहला आ !" और बाहर चली गई। मैं
अपनी पिछली कहानी में मैंने बताया था कि कैसे शाहीन की सखी पूजा मल्होत्रा मेरे घर में हफ्ते भर के लिए रुकी थी। उसके पापा कनाडा में थे और अपनी बेटी के साथ जो
अन्तर्वासना के समस्त पाठकों को कवि पंकज प्रखर का प्यार भरा नमस्कार... कई वर्षों से अन्तर्वासना की रागानुराग रंजित कथाएँ पढ़ने के उपरान्त मन में उत्कंठा
सुबह के 3:30 बजे हुए थे मैं सो गया। सुबह आँख ही नहीं खुल रही थी उठने का मन ही नहीं था लेकिन रवि ने मुझे कहा- प्रैक्टिकल है आज, चलो उठ कर तैयार हो जाओ। मैं
सभी दोस्तों को मेरा प्यार भरा नमस्कार ! मैं अपनी पहली कहानी लेकर आया हूँ। मेरा नाम शुभ है, यह मेरा छोटा नाम है... मैं रोहतक, हरियाणा से मैं जाट हूँ और
प्रेषक : इसु सभी दोस्तों को मेरी तरफ से नमस्कार। मेरा नाम इसु है, मैं अभी 24 साल का हूँ, फरीदाबाद में रहता हूँ। मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ। मैंने
अब मैं यह समझ चुका था कि भाभी सब कुछ चाहती हैं, लेकिन शर्म के मारे मुँह से बोल नहीं सकती। अब मैंने खुद से आगे बढ़ने का फ़ैसला किया। फिल्म के दौरान भाभी के
रोहित पुणे वाले सत्येन्द्र जी ने मुझसे कहा- तुम लखनऊ आ जाओ, यहाँ किसी अच्छे होटल में रुक जाओ। हम वहीं आकर तुमसे मिल लेंगे। यह सुनकर तो मेरी हालत खराब हो
रोहित पुणे वाले बात अभी कुछ ही दिनों पहले की है, मैंने एक वयस्कों की वेबसाइट पर अपना रजिस्ट्रेशन किया था और वहाँ सभी के साथ अपनी कहानियों एंड वीडियो को
वो बेड पर बैठ गई और मैं नीचे बैठ कर उसके पैर को सहलाने लगा और उससे पूछा- आज तक किसी के साथ सेक्स किया है? वो बोली- नहीं, फर्स्ट टाइम है।
प्रेषक : रॉकी दोस्तो मेरा नाम रॉकी है, मैं मंदसौर का रहने वाला हूँ। मेरी उम्र 21 साल है, मेरी हाइट 5 फिट 7 इंच है और मैं काफ़ी सुंदर भी हूँ। यह आज से 2
प्रेषक : अजय शास्त्री मेरा 8 इंच का लौड़ा उसकी पैन्टी से रगड़ खा रहा था। मेरे लंड ने महसूस किया कि उसकी पैन्टी एकदम गीली हो चुकी थी। "डाल दो ना !" उसने
डिवाइन लवर्स दोस्तों मेरा नाम विक्रांत है, 30 साल का हूँ। यह कहानी एक साल पहले की है। चिंकी से मेरी पहली मुलाकात मेरे मित्र अनिल शर्मा के घर पर हुई थी जो
प्रेषक : अजय शास्त्री मैं सही मौके का इंतज़ार करने लगा जो ज़्यादा दूर नहीं लग रहा था। मैं स्ट्रेचर पर लेटा-लेटा उसके चूतड़ों की हरकतों को देख रहा था। जो वो
प्रेषक : अजय शास्त्री मेरा नाम अजय शास्त्री है। यह मेरी पहली कहानी है। राँची में मेरे घर के सामने एक नर्सिंग होम हुआ करता था- *** नर्सिंग होम। उस नर्सिंग
भाई के दोस्त ने बस में-1 कुछ देर बाद उस ने मेरी पैंटी खींच कर नीचे कर दी और मैंने उसे उतार दिया। फिर मुझे सोफे पर बिठा कर स्वयं नीचे अपने घुटनों पर बैठ
वो मेरे पास चिपक कर बैठ गई और मुझे चूमने लगी। फिर मैं कर भी क्या सकता। मेरे पास स्वर्ग की अप्सरा जैसी हसीना बैठी थी, मैं भी गर्म होने लगा, मैंने भी उसको चूमना शुरू कर दिया। मैं उसको चूमते हुए उसके स्तनों पर आ पहुँचा।
प्रेषक : रेहान अन्तर्वासना के सारे पाठकों को मेरा नमस्कार ! मैं रेहान, बी.टेक के तीसरे वर्ष का छात्र हूँ। आज मैं आप सबको अपनी जिंदगी के पहले चुदाई के
प्रेषक : रमेश सिंह नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम रमेश है, मैं सूरत से हूँ। मैंने अन्तर्वासना में बहुत सारी कहानियाँ पढीं, मज़ा भी आया तो सोचा क्यों न आपको अपनी
प्रेषक : अमित अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा नमस्कार ! मेरा नाम अमित हैं। उम्र 23 साल, रंग साफ़, बॉडी सामान्य, और थोड़ा सा शर्मीला या संकोची भी बोल सकते
नीलम मेरे लंड को सहलाते हुए मुझसे बोली- साजन जी, अब तो आप अपनी और मेरी कहानी लिखोगे न? मैंने नीलम से कहा- हाँ जान, अब तो लिखनी ही पड़ेगी। नीलम बोली- उसको
नीलम ने अपने एक हाथ से मेरे लंड को अंडरवियर के ऊपर से पकड़ लिया और उसको सहलाने लगी मेरा लंड सहलाते हुये अपना हाथ ऊपर मेरे सीने पर ले जाकर, नीलम मेरे ऊपर आ गई और घुटनों के बल खड़ी होकर मेरे ऊपर झुक गई।
आपने मेरी कहानियों को इतने चाव से पढ़ा और सराहा और मुझे आप लोगों के सैकड़ों की तादाद में ईमेल आईं। मुझे इसकी उम्मीद ही न थी। खैर साब, आप सबके इस स्नेह का
काजल ने मारे शर्म के अपनी आँखें ही बंद कर ली। मैंने उसे आँखें खोल कर अपने आप को निहारने के लिए कहा तब उसने झिझकते हुए अपनी आँखें खोली ! मैंने कहा- ये
उससे सीट-बेल्ट नहीं लग रही थी, वो परेशान होकर बोली- न जाने क्यूँ नहीं लग रही? सीट-बेल्ट छोटी है शायद ! मैंने शरारत से उसके बूब्स दबाते हुए कहा- सीट-बेल्ट
जब लेपटॉप में उसने काफी सारे वीडियो में से एक वीडियो प्ले किया, तो मेरी आँखें खुली की खुली रह गई। क्या था उस वीडियो में ! लेपटॉप स्क्रीन पर जो दृश्य उभरा
अन्तर्वासना के मेरे सभी दोस्तों को अरुण का नमस्ते ! आज महीनों बाद मैं एक बार फिर आपके सामने एक नई उत्तेजक और कामुक घटना लेकर उपस्थित हुआ हूँ। और यह भी
मेरे मन में उसका नंगा बदन घूम रहा था। उसके ऊपर पानी की बूँदें देख कर लग रहा था कि जैसे कोई परी हो, और उसके ऊपर मोती सजे हुए हों।
प्रेषक : आशिक असलम मैंने उन्हें कहा- मैं आपको चाहने लगा हूँ ! वो बोली- आशिक, मुझे दस साल बाद फिर एक प्यारा सा एहसास मिला है, मैं भी तुम्हें चाहने लगी हूँ
प्रेषक : आशिक असलम मेरा नाम आशिक असलम है, मैं आपको अपना पहला सेक्स का अनुभव बताना चाहता हूँ। मैं जोधपुर राजस्थान से हूँ, मेरी उम्र 28 साल है। बात तब की है
मयूरी की ब्रा नीचे होते ही मेरे होंठ उसकी नंगी चूची पर आ गए फिर मैंने उसकी चूची को चूसते हुए उसकी शर्ट को उसके हाथों से निकाल दिया, मयूरी मुझे अपने स्तन
दीप ने मुझसे कहा- भाई आप ऊपर वाले कमरे में चले जाओ, मैं पता करके आती हूँ ! कहीं ऐसा न हो कि मयूरी की मम्मी भी साथ आ जायें ! मैंने कहा- ठीक है, मैं ऊपर के
मुझे मयूरी से मिले हुए दो दिन हो गए थे हमें ऐसा कोई अवसर नहीं मिला पर हाँ हम एक दूसरे को देख जरूर लेते थे, पर जब- जब मैं उसको देखता था तो मेरी लंड की