कश्मीर की कली की चुदाई
एक यात्रा के दौरान मुझे बस में एक महिला के बगल की सीट मिली, रात होने लगी थी, मेरी झपकी लग गई तो मेरे लन्ड के आस पास हरकत से मेरी नीन्द खुली, देखा कि साथ बैठी महिला मेरी जिप खोलने की कोशिश कर रही थी…मेरा बैग मेरी जांघों पर था…
Antarvasna कम्युनिटी को हमारी शानदार कोई मिल गया कहानियों के कलेक्शन से आपको पागल कर देने दें।
एक यात्रा के दौरान मुझे बस में एक महिला के बगल की सीट मिली, रात होने लगी थी, मेरी झपकी लग गई तो मेरे लन्ड के आस पास हरकत से मेरी नीन्द खुली, देखा कि साथ बैठी महिला मेरी जिप खोलने की कोशिश कर रही थी…मेरा बैग मेरी जांघों पर था…
वो दिन मैं कभी नहीं भुला सकता.. उस दिन मैंने एक लड़की कहूँ या औरत को.. वो कहा.. जो मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था। वो फोन था निहारिका का था.. और वो बात आज भी मुझे शब्द दर शब्द याद है। वो- आशु.. मैं बताऊँ.. क्या हुआ था उस दिन.. दरअसल तुम्हारा दोस्त सेक्स के काबिल ही नहीं है।
मैं 12वीं में आया था। गाँव के अखाड़े में कसरत करके मेरा बदन सॉलिड है, मैं अपने मामा के घर कोलकाता गयातो उनकी शान देख मैं हैरान हो गया...बहुमंजिली इमारत का टॉप फ्लोर पूरा उनका है... एक दिन मामी मुझे वाटर पार्क ले गई, रास्ते से उन्होंने अपनी दो सहेलियों को भी लिया.. तो कहानी पढ़ कर देखिये कि क्या हुआ वहाँ !
मेरे एक दोस्त ने एक ब्यूटी पार्लर वाली पटा रखी है चोदने के लिए, उस पार्लर में एक नई लौंडी आई तो उसने उससे मेरी मुलाकात करवा दी और हम चारों एक जगह मिले तो मुझे उस लौंडी के साथ दूसरे कमरे में जाने को कहा...फिर दूसरे कमरे में क्या हुआ था... इस कहानी में पढ़िए...
मेरे दोस्त ने लड़की पटाई, चोदने के लिए मुझसे जगह का इंतजाम करने को कहा. दूसरे दोस्त का फ़ार्महाउस था लेकिन मैंने भी चूत चुदाई में हिस्सा माँगा, पढ़िए कहानी में
मेरा नाम सनी है और मैं हैदराबाद में रहता हूँ। ये बात उन दिनों की है.. जब मैं कोटा में रह कर इंजीनियरिंग की परीक्षा की तैयारी कर रहा था। कोटा में दशहरा का
मेरी गर्लफ्रेंड ने अपनी बुआ की बेटी से मिलवाया... वो कम सुंदर थी पर चूत चुदवाने तो आतुर... हम अकेले में मिले और पूजा ने मुझे बोला- आई लाइक यू.. उसके बाद वो चंडीगढ़ में इंटरव्यू के लिए मुझे साथ ले गई और वहाँ होटल के कमरे में उसने अपनी चूत की मजेदार चुदाई कराई...
थोड़ा मन बहलाव बदलाव के लिये मैं अपने पापा के दोस्त के घर गया तो वहाँ मेरी मुलाकात उनकी दो युवा बेटियों से हुई… बड़ी तो मुझे देखते ही मेरे ऊपर फ़िदा हो गई और मौका मिलते ही उसने मुझे चूम लिया। लेकिन छोटी ने हमें देख लिया। उसके बाद क्या हुआ… इस कहानी में पढ़िये !
नाटक मंडली वाला राधे मीरा की बहन राधा बन कर गया लेकिन मीरा को पता चल गया कि राधा असल में एक लड़का है… वो राधे को बुरा भला कहती है तो राधे उसे कैसे मनाता है पोल खोलने से… इस भाग में पढ़िये…
मैं अपनी बुआ जी के बेटे की शादी में गया, वहाँ एक हसीना आई जिसे मैंने एक बार देखा तो अपलक देखता ही रह गया। मेरे मामा की बेटी ने मेरी सोनी से मुलाकात करवा के दोस्ती भी करवा दी। उसी दिन मैंने सोनी को आई लव यू भी बोल दिया। आगे कहानी में पढ़िये कि क्या हुआ…
एक बार बस में भीड़ होने के कारण एक लड़की मेरे बदन पर दबी जा रही थी, मैंने मौके का फ़ायदा उठाया और अपना लंड उसके चूतड़ों में दबाने लगा... वो मुस्कुरा रही थी... बस से उतरते ही मैं भी उसके पीछे-पीछे उसके घर तक गया... मैं उसके घर के चक्कर लगाने लगा.. और फिर एक दिन...
एक अनजान नंबर से मुझे आधी रात के बाद फोन आया. सुबह देखा तो काल बैक किया. एक लड़की किसी लड़की का नाम लेकर पूछने लगी तो मैंने रॉंग नंबर कह कर फोन काट दिया. दो दिन बाद फिर उसका फोन आया तो पता चला कि वो मस्ती के मूड में है... और बात चूत चुदाई तक पहुँच गई !
अन्तर्वासना की लोकप्रिय लेखिका पिंकी सेन की नई कहानी में एक नाटक मंडली है, दूसरी तरफ़ एक युवती अपने पिता के साथ रहती है, उसकी मां अब नहीं है… नाटक मंडली का एक लड़का एक बड़े घर में मालिश करने जा रहा है क्योंकि मंडली को कोई नहीं मिला...
मैं पहली बार भोपाल समीर नाम के दोस्त के घर ले गया, वहाँ उसकी मम्मी मुझसे चुद गई … लेकिन समीर ने हमें चुदाई करते देख लिया और हमारी वीडियो भी बना ली, वो वीडियो डिलीट करने के बदले अपने बहन को चोदने में मेरी मदद मांगने लगा...
मैं पहली बार भोपाल गया तो समीर नाम एक दोस्त मुझे अपने घर ले गया, वहाँ मैं उसकी मम्मी से मिला... वो खुद अपनी बहन की चुदाई करना चाहता था.. मुझे उसकी मम्मी ही चुदवाने को तैयार दिख रही थी… तो पढ़िये इस कहानी में कि कैसे समीर की मम्मी मुझसे चुदी…
समय बिताने मैं एक पब आइस क्यूब डिस्क में बीयर पी रहा था कि एक हसीन लड़की मिली, फिर उससे बातें शुरू हो गई और आधी रात हो गई, मैं उसे उसके फ़्लैट पर छोड़ने जा रहा था कि रास्ते में... वो नशे में मुझसे प्यार की भीख मांगने लगी।
मैं पहली बार भोपाल जा रहा था, अन्तर्वासना पर मेरी कहानियाँ पढ़कर मेरा एक दोस्त बना था जो भोपाल से ही था, समीर नाम था उसका, वो मुझे अपने घर ले गया, वहाँ मैं उसकी मम्मी से मिला... वो खुद अपनी बहन की चुदाई करना चाहता था..
मैं समय बिताने एक पब आइस क्यूब डिस्क में बीयर पी रहा था कि एक हसीं लड़की रुआंसी होती सी मुझसे सिगरेट माँगने लगी. फिर उससे बातें शुरू हो गई और आधी रात हो गई, मैं उसे उसके फ़्लैट पर छोड़ने जा रहा था कि रास्ते में...
यह मेरी सच्ची कहानी है, मैं 21 साल का था तो मेरी पहली गर्लफ्रेंड ने, जो मुझसे 5 साल बड़ी थी, मेरे घर आकर मुझे चूत चुदाई का लाजवाब मज़ा दिया, कुँवारी चूत थी वो...
मैं दिल्ली में रह कर भी कई सालों तक चूत के लिए तड़पता रहा और मुठ्ठ मारता रहा। फिर दिल्ली के पास की एक लड़की फेसबुक पर मेरी दोस्त बनी बड़ी खुली बातें करती थी..
मलेशिया जाने पर मुझे चुदाई की लत लग गई तो भारत आकर बड़ी दिक्कत हुई. इंटरनेट पर कोशिश की तो चुदाने को आतुर एक सीलबंद लड़की मिल गई. उसने मुझसे चुदवाने को मुझे दिल्ली बुलाया..
दरवाजा बन्द करते ही वो मेरे होंठो को कस कर दबा कर चूसने लगी और अपने मुँह के लार को मेरे मुँह में टपका रही थी। दस मिनट तक़ वो मेरे होंठों को चूसती रही.
मैं इंटरव्यू के लिए ट्रेन से दिल्ली जा रहा था तो मेरे पास वाली बर्थ पे एक सुंदर लड़की थी, उससे बातों का सिलसिला शुरू हुआ तो आखिर में चूत चुदाई पर ही जाकर ख़त्म हुआ..
मैं कोच्चि में जॉब कर रहा था कि मुझे एक आकर्षक महिला दिखाई दी, मुझे वो पसंद आ गई तो मैंने उसका पीछा किया और आखिर उससे दोस्ती कर ली, मैंने पहले ही उसे साफ़ साफ बता दिया कि मैंने उससे सेक्स के लिए दोस्ती की है.. उसे मेरी साफगोई पसंद आई
गाँव की गोरी जिस पे पूरे गाँव के छोरे लट्टू थे, से पनघट पे मेरी मुलाक़ात हुई, हमारी आँखें चार हुई पर उसने भाव नहीं दिया.. मैं अपने दोस्त के घर गया तो वो पता लगा कि वो उसकी बहन थी.. हालात कुछ ऐसे बने कि मैंने दोस्त की बहन चोद दी
मुझे फ़ेसबुक पर अपने ही शहर की एक लड़की मिली, हमारी दोस्ती चैट से शुरू होकर सेक्स चैट में बदल गई.. एक बार उसने मुझसे मिलने की इच्छा जताई तो मेरा काम बन गया.. मैं उससे मिला और फिर एक दिन उसे घर बुला लिया..
अपनी भाभी की रिश्तेदार के घर रुकना पड़ा तो पता चला कि वो अपने पति से दूर रह रही हैं, मुझे लगा कि मेरा काम बन सकता है, इस लिए मैंने एक खेल खेला और काम हो गया
मैं शादीशुदा हूँ, बिजनेस के कारण मेरे शौहर मुझे वक्त नहीं देते, इंटरनेट अन्तर्वासना के जरिये एक लड़के से सम्बन्ध बनने जा रहे हैं, क्या करूँ?
हमारे क्लिनिक में एक औरत अपने नामर्द पति के लिए दवा लेने आई, वो बहुत चुदासी थी, उसने मशविरे के लिए मुझे पाने घर बुलाया और अपनी अन्तर्वासना शांत करने के लिए चुद गई...
हमारे नये बन रहे घर की पड़ोसन लड़की ने मुझे चिट्ठी लिख कर अपनी मुहब्बत का इजहार किया। एक दिन मैं घर में अकेला था तो उसे बुला लिया और वो भी खुशी खुशी आकर चुदवा कर चली गई।
मेरे दोस्त की गर्लफ्रेंड उससे खूब चुदती थी तो मैं अपने दोस्त को उसकी चूत दिलवाने के लिए कहता था. एक दिन उसकी गर्लफ्रेंड ने अपनी एक सहेली मेरे साथ सेट करवा दी और पहली ही मुलाक़ात में वो मुझसे चुद भी गई !
शादीशुदा रीना ने मुझे बॉडी मसाज के लिये बुलाया लेकिन मसाज करते हुए वो इतनी गर्म हो गई कि वो मेरे सामने चोदने के लिये गिड़गिड़ाने लगी, मैं तो पहले से ही उसकी खूबसूरती पर मर मिटा था।
मेरा नाम मनीष है, मैं 27 साल का अविवाहित पुरुष हूँ, 4 वर्ष से के बड़ी कम्पनी में कार्यरत हूँ. दो वर्ष पूर्व फेसबुक पर मुझे एक लड़की मिली, आपस में परिचय
दो साल वो पूरा मुझे पत्नी का सुख देती रही। वैसी बिंदास औरत मैंने आज तक नहीं देखी जो इतनी बिंदास हो जैसे कि अंग्रेज़ गोरियाँ, कि अगर किसी को देने का दिल किया तो दे दी अपना मन खुश रहना चाहिए… दुनिया की तो माँ की चू...!
मैं मसाज पार्लर चलाता हूँ, शादीशुदा रीना ने मुझे पूरी बॉडी मसाज के लिये बुलाया लेकिन मसाज करते हुए वो इतनी गर्म हो गई कि वो मेरे सामने चोदने के लिये गिड़गिड़ाने लगी, मैं तो पहले से ही उसकी खूबसूरती पर मर मिटा था।
मेरा नाम फराह परवीन है, एक दिन मैं मायके से लौटी तो...मेरी सहेली नगमा और मेरे शौहर रंगरेलियाँ मना रहे थे, तभी एक लड़के ने मुझे गर्म पाकर मेरे साथ वो सब किया… जो वो एक अरसे से करना चाह रहा था।
हाई वे पे एक हसीं भाभी की गाड़ी खराब होने पर मैंने मदद की तो वो मुझ पर मेहरबान हो गई और मुझे उसके साथ समय बिताने का मौक़ा मिला, उसने खुद मुझे यौनामन्त्रण दिया।
सुपर हाई वे पे एक हसीं भाभी से मेरी मुलाक़ात हो गई उसकी गाड़ी खराब होने पर मैंने मदद की तो वो मुझ पर मेहरबान हो गई और मुझे उसके साथ समय बिताने का मौक़ा मिला
वो चुदास की आग़ में जल रही थी, उसका पति विदेश में था.. शाम के वक्त एक गार्डन में उसकी बेटी संग खेलते उससे मुलाक़ात क्या हुई कि वो मुझे अपने बिस्तर पे ले गई...
सुबह की सैर करते समय एक विवाहिता से मेरा नैन मटक्का हो गया, उसने घर फ़ोन करने के बहाने मेरा फ़ोन नम्बर ले लिया और रोज रात को ब्लाइण्ड काल करके शरारत करने लगी।
एक अमीरजादी भाभी ने अपनी चुदाई करवाने के लिए पटाया और अपने घर बुलाया... मैं भी कुछ कम नही था, उसकी फुद्दी को ऐसे मसला कि कई बार उसकी चूत ने पानी छोड़ा
मैं पुणे में जॉब ढूँढने आया था। समय बिताने के लिये एक गार्डन में बैठा था तो अचानक एक बच्ची से खेलते हुए उसकी मम्मी से मुलाकात हो गई, यह मुलाकात हमें किस मुकाम पर ले गई, पढ़िए इस कहानी के तीसरे भाग में…
हेमा को बाँहों में भर लिया, उसके रसीले होंठों पर अपने होंठ रख दिए, मैं धीरे-धीरे उसके होंठों का रसपान करने लगा। उसकी सांसों की खुशबू को मैं महसूस कर रहा था
उसका चेहरा नजरों के सामने से जाने के लिए तैयार ही नहीं था.. उसका सेक्सी जिस्म मुझे सोने नहीं दे रहा था। उसी को सोच-सोच कर मैं अपने लंड को सहला रहा था।
मोहित को रोकना या कुछ कहना बेकार था। उसने अपना एक हाथ मेरे नैक से ले जाते हुए मेरे बेयर आर्म्स पे फेरा फिर अपने फिंगर्स से मेरे एक्सपोज्ड फ्रंट को फील करने लगा...
उसने मेरा लण्ड पकड़ा और अपनी छोटी सी चूत पे रख लिया, मैंने उसके दोनों हाथ अपने हाथों में पकड़े और खींच के ऊपर ले गया, उसके बाद उसके होंठ अपने होंठों से पकड़े और लण्ड को उसकी चूत में घुसेड़ा।
मेरी सीत्कार पूरे रूम में गूंजने लगी और मैं भी अपने चूतड़ हिला-हिला के चुदवाने लगी। धीरे-धीरे उसके झटके तेज़ हो गये और मैं भी झटके मारने लगी।
मैं फिर नहीं चुद पाई और मेरी नज़र किसी और को ढूंढ रही थी जिससे मैं चुद कर अपनी अन्तर्वासना को शान्त कर सकूँ लेकिन मुझे वैसा कोई नहीं मिला, किसी ऐरे गैरे से भी तो नहीं ना चुद सकती थी,
अकरम ने खुद नगमा के कपड़े उतारने शुरु कर दिये और जब मुझे नगमा की चूत में लौड़ा घुसाने में दिक्कत हुई तो अकरम ने खुद मेरा लौड़ा पकड़ कर नगमा की चूत के छेद पे टिकाया
प्रियंका मुड़ी और अपना मुँह मेरी ओर कर फिर लंड अपनी चूत में डाल दिया, मुझे चूमते हुए मेरा मुँह अपने थूक से भर दिया, फिर मेरी बाँहों में झूलते हुए कूदने लगी और चुदाने लगी
मैं मोहित की बाहों में थी, वह बेड पर लेटा हुआ था। हमारा चेहरा काफी करीब था और उसकी नज़रें मेरे होंठों पर थी। मैंने याद किया कि कैसे हमने सुबह में किस किया था।
मैंने उसकी जीन्स उतारी... क्या नरम-नरम कमर और टाँगें थीं.. नीचे उसकी पैन्टी वो भी गजब की थी.. भूरे रंग की.. फिर मैं उसके होंठ.. गला.. मम्मे.. नाभि... पेट चू
उसके सख्त चूचों की चुभन मैं अपने सीने पर महसूस कर रहा था। इतने में उसके गालों पर होंठ टकरा गए, मैंने एक चुंबन उन पर जड़ दिया जिसकी सिरहन मैं उसके जिस्म में
वह मुस्करा दी और मैं शुरू हो गया.. पहले मैंने गालों पर चुम्बन किया और फिर होंठों पर चुम्बन किया। उसने अपने होंठों खोल दिए और मैं उसके होंठों को चूसने लगा..
मैं पोल डांस करने लगी और बाकी बचे दो जज भी मेरे सेक्सी मूव्स देख कर मेरी ओर आने लगे। एक जज ने मुझे पीछे से हग किया और दूसरा मेरे हिप्स को थाम कर नाचने लगा।
मेरी नज़र सामने वाली कार पर गई, मैंने देखा उसमें से 2 लड़कियाँ कार से उतर कर सामने वाली वाइन-शॉप में गईं। मैं तो उन दोनों को एकटक देख रहा था.. क्या माल थी.
अनीता के नर्म गोरे और नागे बदन का स्पर्श पा कर उसका लंड फिर से खड़ा होने लगा उसने सोई हुई अनीता के उरोज चूसना चालू कर दिया और हाथ से उसका बदन सहलाने लगा।
हाय जानू मेरा न्यूड फोटोशूट होने के बाद हमारी आखरी रात थी लोस एंजेल्स में! यह रात कुछ ख़ास थी और इसके बारे में तुम्हें बताना चाहती हूँ। मैं और करन लास
एक दिन रात को 11 बजे अनीता ड्रिंक लेकर लड़खड़ाते हुए घर आई, उसने पर्स में सिगरेट निकालने के लिए हाथ डाला पर पैकेट में सिगरेट ख़त्म हो चुकी थी, मुझसे बोली-
उसका पराये मर्दों से चुदवाना भी चालू था, यह वो मुझसे छुपा कर करती थी, पर कई बार मुझे आभास हो जाता था कि वो दूसरे लोगो से बराबर पहले की तरह चुदवा रही है।
नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम डेविड है, आज मैं आपको अपने जीवन में हुई एक सच्ची घटना के बारे में बताने जा रहा हूँ। मैंने आज तक किसी को भी इस घटना के बारे में
अनीता ने अपने वक्ष पर मेरा चेहरा भींच लिया, मैं अपने नाक और होंठ उसके उभारों पर घुमा रहा था, तभी अनीता ने एक हाथ से अपना स्तन पकड़ा और उसका निप्पल मेरे मुख
हेलो जान, मैं कल ही करन के साथ अमेरिका आई हूँ और क्या बताऊँ... इट्स सो अमेजिंग! मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि यहाँ आ पाऊंगी लेकिन अब डैनी की हेल्प से मैं
बाइक को सड़क के एक तरफ ले जाकर मैंने लॉक कर दिया और हम दोनों किसी तरह उस छोटी पहाड़ी पर चढ़ कर फायर वाचर के रूम में पहुँच गए पर वहाँ कोई नहीं था। बारिश होने
योनि की जगह से उनकी कच्छी पूरी गीली हो गई थी, मैडम की चूत पूरी पनिया गई थी, मैंने अपना हाथ कच्छी के अंदर घुस दिया और उनकी चूत के दाने को मसलने लगा। जैसे
उसका नरम बदन मेरे शरीर से रगड़ रहा था, उसकी जांघों तक नंगी टांगें मेरी टांगों से रगड़ रही थी, उसके आधे खुले बूब्ज़ मेरी छाती से दब रहे थे, लंड टाईट हो गया था..
मैंने मैडम से पूछा- क्या मैं आपके ब्लाउज के हुक खोल दूँ? मैं उनकी ब्रा को ऊपर खिसकाते हुए उरोजों को ब्रा से आज़ाद कर दिया और मम्मो की घुण्डियों को मसलने लगा
नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम पंकज है, मैं जयपुर में रहता हूँ और मैं अन्तर्वासना का पिछले कई महीनों से नियमित पाठक हूँ। मैंने अन्तर्वासना पर बहुत सी कहानियाँ
हाय जानू… तुम्हारा वैलेंटाइन्स डे कैसा था? मेरा तो जैसा सोचा था उसके बिल्कुल अपोजिट था। उसके बारे में तुम्हें बताती हूँ। पिछले कॉन्फेशन में मैंने बताया कि
मेरी एक स्कूल की दोस्त अपर्णा.. जिसे मैं बहुत प्यार करता था और वो भी मुझे पसन्द करती थी लेकिन वो मेरी गर्ल-फ्रेण्ड ना बन सकी.. क्योंकि वो इस सबसे बहुत डरती थी।