बैलगाड़ी की हसीन यात्रा
मैंने मामी को बताया कि मेरी पेशाब की जगह पर कुछ गर्म गर्म लग रहा है। मामी ने पूछा कि क्या मैंने पहले कभी ऐसे मजे लिए थे, और मेरे न कहने पर उसने कहा कि कोई बात नहीं!
Antarvasna कम्युनिटी को हमारी शानदार कोई मिल गया कहानियों के कलेक्शन से आपको पागल कर देने दें।
मैंने मामी को बताया कि मेरी पेशाब की जगह पर कुछ गर्म गर्म लग रहा है। मामी ने पूछा कि क्या मैंने पहले कभी ऐसे मजे लिए थे, और मेरे न कहने पर उसने कहा कि कोई बात नहीं!
मैं एक इज्जतदार शिक्षिका हूँ.. तो बॉयफ्रेंड नहीं बनाना चाहती क्योंकि आजकल के बॉयफ्रेंड किस्म के लोगों को तो आप जानते ही हो.. एक बार चुदवा लो.. तो सर पर बैठ जाते हैं और तो और.. बिना गाली के बात नहीं करते हैं।
एक्सीडेंट के बाद मैं अस्पताल में था. दोस्त को कह कर एक सुंदर नर्स अपने लिए रखवाई. उसने जो मेरी सेवा की उसी की दास्ताँ इस कहानी में लिख रहा हूँ.
मेरी कहानी पढ़ कर दिल्ली की एक लेडी ने मुझे मेल की, हमारी दोस्ती हो गई. हम फोन पर सारी बातें कर लेते थे. एक बार मुझे दिल्ली जाना पड़ा तो उसने मेरा इंतजाम होटल में किया. उसके बाद...
मैं नीचे बैठी थी, मेरे चारों ओर तन्नाए हुए लौड़े खड़े थे.. जिन्हें मैं बारी-बारी से चूस रही थी.. सारे लौड़े एक से बढ़ कर एक थे.. दो लंड थे जो सच में 8 या 8.5 इंच लंबे और भंयकर काले मोटे थे और उनमें मोटी-मोटी नसें बिल्कुल साफ़ दिख रही थीं।
मेरे फेसबुक पर एक मैसेज आया.. उसने अपना नाम बेबी बताया। उसने सीधे मुझसे मिलने की इच्छा बताई। मैंने मिलने के लिए तुरंत ‘हाँ’ कह दिया। उसके बाद क्या हुआ?
मैंने चुदाई का भरपूर मजा लिया कि पीछे से बारटैण्डर ने मेरी गाण्ड में लण्ड घुसा दिया। तभी उसका एक दोस्त मुझे आगे से चोदने लगा। पूछने पर पता लगा कि मेरी सहेली भी खूब चुदी है।
मैं घर में अकेली लन्ड के लिये तरस रही थी कि सहेली आशिमा का फ़ोन आया और हमारा डिस्को जाने का कार्यक्रम बना। घर से सलवार सूट पहना लेकिन डिस्को में बाथरूम में शॉर्ट स्कर्ट पहन ली… फ़िर पीने का दौर…
नलिनी के बुलाने पर मैं उसके घर गया, उससे बात की, उसकी झान्टें साफ़ की और उसे खुल कर सेक्स करने के लिये कहा। ना नुकुर करते हुए उसने पहली बार मेरा लण्ड चूसा…
मैं गाँव की एक शादी में गया तो रात को बहुत से लोग एक साथ जमीन पर सोए थे. मेरी बगल में मौसी की नवविवाहिता ननद सोई हुई थी. बीच रात में मैंने उसे गर्म करके चोदा.
बुलबुल रानी ने लंड पूरा का पूरा मुंह में घुसा लिया, वह ब़ड़े प्यार से अंडों को सहला रही थी और तेज़ तेज़ सिर को आगे पीछे करती हुई लंड को मुंह में अंदर बाहर, अंदर बाहर, अंदर बाहर कर रही थी, उसके घने बाल इधर उधर लहरा रहे थे।
डिनर के बाद हम झील के डेक पर आ गए शैम्पेन लेकर ! बुलबुल की ख्वाहिश पूरी करने को मैंने उसे तारों की छांव में जो जोरदार चुदाई की कि वो मज़े से पागल हो गई…
मैंने एक अन्तर्वासना की पाठिका के साथ सेक्स किया ,टिया (परिवर्तित नाम) की उम्र 20 साल थी, वो दिल्ली से थी, वो एक वेब डिजाईन कंपनी में काम करती थी, उसने कहा कि वो मुझसे बात करना चाहती है।
जोरदार चूत चुदाई के बाद बुलबुल रानी को भूख लग आई तो रेस्तराँ जाने के लिये उसने सफ़ेद फ़्रॉक पहनी बिना ब्रा और कच्छी के… वो परी सी लग रही थी। रेस्तराँ तक मैं उसको चूमते चूसते ले गया…
मेरे अंकल अस्पताल में थे, मैं उनकी सेवा कर रहा था कि वहीं मेरी टक्कर एक हसीं लड़की से हो गई जो अपनी मरीज की देखभाल कर रही थी. यह टक्कर उसकी कुंवारी चूत चुदाई में कैसे बदली... इस कहानी में पढ़िये!
मैंने बुलबुल को ले जाकर दीवान पर डाल दिया। वो जोश में आकर कभी मेरी बाँहों पर नोचती तो कभी मेरे बाल खींचती तो कभी चूसते हुए मेरे होंठ पर दांत मार देती। मेरे हाथ उसके मस्त मुलायम चूतड़ दबा रहे थे।
मेरी बीवी की सहेली आशू अपने पति से झगड़ कर अलग रहने लगी तो मैंने उसे अपने ऑफिस में जॉब दिलाई, अपने घर में कमरा दिया. उसकी प्यार भरी चूत चुदाई कैसे की, पढ़ें इस कहानी में !
अपनी पुरानी सहेली से पूछ कर मैंने अपनी नई सहेली का नया नाम बुल्बुल रखा और उसे लेकर एक मोटेल में गया।
मैंने निकिता को रेस्तराँ में बुला कर बताया कि तीस किलोमीटर दूर एक झील है जहाँ मैंने मोटेल रूम बुक करवाया है, मस्त जगह है, वहाँ आराम से बैठकर बातें करेंगे। वो भी राजी हो गई !
एक हसीना दिखी मुझे एक पार्टी में, थोड़ा नज़दीक जाकर मैंने उसे गौर से निहारा, वो बेहतरीन खूबसूरती की मालकिन थी, मैं तुरंत उसकी ओर लपका.. दोस्ती करके उसको भोगा. इस कहानी में विस्तार से पढ़िए...
ट्रेन में मुझे एक आंटी के साथ बर्थ शेयर करनी पड़ी. वो आंटी तो शुरू हो गई, पहले बातचीत हुई फिर कम्बल में पैर से मुझे छेड़ने लगी. फिर मुझे टॉयलेट में ले जाकर...
पड़ोसन भाभी के घर उनकी बहन आई हुई थी। उन्होंने रात को मुझे रोक लिया कि मौका देख कर चुदाई करवा लेंगी। रात को मैं खुद भाभी के पास गया और उन्हें चोदा लेकिन सुबह को…
रेल में भीड़ थी। मैं बैठा हुआ था.. एक लड़की मेरे पास खड़ी हो गई, मैंने थोड़ी जगह बना कर उसे बैठा लिया, मेरी बाजू उसके चूचों से टच होती तो वो मेरे से सट गई! मैंने बात करना शुरू कर दिया..
दोस्तो, आज आपके लिए एक नई कहानी पेश है। यह एक ऐसी कथा है जो बताती है कि जब काम दिमाग में चढ़ जाता है तो फिर और कुछ नहीं सूझता। यह कहानी है इलाहाबाद के रहने
यह कहानी मेरी और मेरी कहानी की एक प्रशंसिका की है... क्या लड़की थी वो दोस्तो… मैंने ऐसी लड़की कभी नहीं देखी थी, एकदम दूध सी गोरी, मलाई जैसे उसके होंठ!
मुनिया के छोटे और मुलायम हाथों के स्पर्श से पुनीत के जिस्म में वासना की लहर दौड़ने लगी.. उसका लौड़ा तन गया.. तो कुछ देर बाद पुनीत सीधा लेट गया और मुनिया को पैर दबाने को कहा। अब पुनीत सीधा लेटा हुआ था और शॉर्ट्स में उसका लौड़ा तंबू बनाए हुए साफ दिख रहा था।
वो मदमस्त होकर अपनी आँखें बंद कर चुकी थी और मेरे सहलाने का मज़ा ले रही थी। मैंने उसके बालों से होते हुए उसके चेहरे पर जैसे ही उंगली घुमाई तो उसने मुँह में मेरी उंगली ली और चूसने लगी।
हम पति पत्नी के साथ घटी यह सत्य घटना है. सौभाग्य से मेरे दोस्त का लंड अति विशाल था और जब हमें इसके बारे में पता चला तो हमने उसके लंड से चुदाई की योजना बनाई !
पूजा हॉस्टल में कमरे से अपनी किसी सहेली के साथ लेस्बीयन सेक्स के इरादे निकली की बत्ती गुल हो गई… तभी उसे एक मर्द ने दबोच लिया… पूजा की तो जान ही निकल गई।
वो आगे को घूम गई और कैमरा को अपनी चूत के सामने ले गई.. क्या हॉट और चिकनी चमेली चूत थी.. उसकी चूत को देख कर ही लग रहा था कि ये अब तक सच में ही कुँवारी है.. मानो मेरे लंड को बुला रही है.. कि आओ और मेरे अन्दर समा जाओ।
दिल्ली से देहरादून आते हुए बस में एक महिला से मुलाक़ात हुई, एक दिन उसके घर गया तो उसके अकेलेपन ने उससे मेरे साथ वो सब करवा दिया जो करने से पहले एक भारतीय महिला सौ सौ बार सोचती है...
वहाँ प्रेमा जी तो बैठी ही थी साथ में उनके एक और ख़ूबसूरती का मुजस्मा बैठा था गुलाबी रंग की साड़ी ब्लाउज और गुलाबी ही रंग चेहरे का! मन ही मन मैंने कहा- माशाल्लाह… क्या हुस्न है। चेहरे पर क्या चमक और दमक थी ब्यान नहीं की जा सकती।
मैंने रेखा को एक रूसी (रशियन) के यहाँ काम पर लगाया, मैं रेखा के बताये अनुसार उसके और रूसी मिखाईल के बीच अंतरंग सम्बन्ध कैसे बने और दोनों के बीच क्या क्या हुआ, विस्तार से बताऊँगा।
मैंने उनमें से एक आदमी की गर्दन पकड़ी और झक्कास वाली चुम्मी कर दी.. तो उसने एक झटके में मुझे हटा दिया और बोला- सबर कर राण्ड.. आज तुझे ऐसा चोदेंगे कि तू चुदाई भूल जाएगी।
मैरी-निम्मी को चोद कर अपने कमरे में आ रहा था कि मुझे एक कमरे में खींच लिया गया. अंदर दो लड़कियां थी जो मुझसे चुदना चाहती थी, उन्होंने बस में हमें देख लिया था
उसने अपना लंड चूत में से निकाला और बिस्तर पर बैठ गया और बोला- आ जा साली रांड.. बैठ मेरे इस लंड पर.. तो मैंने पहले उस लंड को खूब चूसा। सच में क्या तगड़ा लंड था..
<p>वो काला आदमी लुंगी में था, ऊपर से वो बिल्कुल नंगा हो गया था।</p> <p>मैं बोली- हटो.. वरना मैं शोर मचा दूँगी..</p> <p>वो कामुकता से बोला- मैं बहुत देर से देख रहा हूँ.. गर्मी बहुत है तेरे जिस्म में.. आ जा तेरी आग बुझा दूँ रानी।</p>
मेरी मकान मालकिन अपनी सहेली को लेकर जब मेरे कमरे में आई.. मैं उसे देखता ही रह गया, वह किसी अच्छे घर की लगती थी और बहुत खूबसूरत थी। मेरी तो लॉटरी ही लग गई जो मुझे उस जैसी हसीन-तरीन हूर को चोदने का मौका मिल रहा था
एक दिन मैं अपने दोस्त के घर गया तो उसकी बहन अकेली थी, उसने मुझे रोक लिया, बातें करने लगी। उसके बाद क्या हुआ कि मैंने उसकी कुंवारी चूत खोल दी, कहानी में पढ़ें!
फेसबुक पर एक शादीशुदा भाभी से मुलाक़ात हुई, फिर बात हुई और बात मिलाने पर आ गई.. हम मिले भी लेकिन चुम्बन के अलावा कुछ नहीं हुआ... कहानी में पढ़िए कि वो कैसे चुदी
मेरी एक महिला मित्र मारीशस में रहती है, वो जब भारत आई तो मैं उससे मिला। वो अपने परिवार के साथ थी। बात कुछ ऐसी बनी कि हम दोनों होटल के कमरे में अकेले रहे।
इंटरनेट पर चैट करते हुए मुझे एक भाभी मिली, बात हुई, फोन नम्बर लिया, फोन पर बातें हुई, उनसे मिलाने उनके ऑफिस गया. फिर एक दिन मैंने उन्हें अपने घर बुलाया..
मेरे चोदू यार की बातें हैं इस कहानी में.. पढाई के दिनों में वो दूध देने घर घर जाया करता था, कहानी का पहला भाग सुबह सुबह एक आंटी को उसकी रसोई में चोदने का है
कॉलेज के दिनों में याहू चैट पर मुझे एक शादीशुदा युवती मिली, बातें हुई और एक दिन मॉल में मिले, घूमे फ़िरे। कुछ दिन बाद उसने मुझे अपने घर बुलाया
मैं ऋषिकेश घूमने गया तो वहां गोरी फिरंगनें देख उसकी गोरी फुद्दी में अपना बैंगन सा लण्ड घुसाने का मन किया. एक सेक्सी गोरी पर मेरा दिल आ गया, उसे नमस्ते कर दी
मन्जू आन्टी चुद गई, बहुत मज़ा आया उन्हें, अब मैंने उन्हें कहा कि मैं गांड मारूंगा. उन्होंने मुझे अपने घर बुलाया और कहा कि मेरे लिए एक उपहार भी है... क्या था वो उपहार? कहानी में पढ़िए !
मन्जू आन्टी से फ़ोन पर बातें और अडल्ट चुटकुले शुरु हुए। उसके बाद मैं एक अडल्ट मूवी ले आया और आन्टी मूवी देख कर गर्म हो गई… कहानी मे पढ़िये कि आन्टी कैसे चुदी
मैं अपने पति की बिजनेस पार्टी में शामिल हुई, देखा कि मेरे पति किसी लड़की को चूम रहे थे… मैं बदहवास सी बाथरूम में भाग गई… तभी ऑफ़िस का एक युवक मेरे पास आया…
निशी आन्टी जानबूझ कर मुझे अपना बदन दिखा रही थी कि उन्होंने मुझे उनकी ब्रा का हुक बन्द करने बुलाया। फ़िर मन्जू आन्टी से फ़ोन पर बातें और अडल्ट चुटकुले शुरु हुए।
मेरे पति बिजनेस मैन हैं, हमारे पास सब कुछ है, मेरे पति के अपने स्टाफ़ की लड़कियों से शारीरिक सम्बन्ध है, मैंने इस बारे में बात की तो कहने लगे- ज़िन्दगी बहुत छोटी है और हमें इसे एन्जॉय करना चाहिए..
देर रात को एक लड़की ने मुझसे लिफ्ट मांगी, उसके घर पहुँचने पर उसने चाय के लिए कहा तो मैं कैसे मना करता ! अंदर जाकर क्या क्या हुआ, आप कहानी में पढ़ें !
मैं एक दुकान से सिगरेट लेता हूँ, उस दुकान को एक आन्टी सम्भालती हैं। एक दिन आन्टी ने अपना फ़ोन नम्बर देकर बात करने को कहा। उसने प्यार की बात की तो मैंने चूत की बात कर दी…
मेरे दोस्त की मम्मी बुटीक चलाती हैं, वे हमरे घर आती है, उन्होंने मुझे मुठ मारते देख लिया। अगले दिन मैं उनके घर गया तो वो मुझसे गर्लफ़्रेन्ड की बात करने लगी।
एक दिन मेरे फोन पर किसी लड़की की काल आई, वो नशे में बोल रही थी, उससे गलत नम्बर मिल गया था तो मैंने रोंग नम्बर कह कर फोन बंद कर दिया.. अगले दिन उसका फोन आया और वो माफी मांगने लगी और मुझसे मिलाने के लिए कहने लगी... मुझे कोई ऐतराज नहीं था तो मैं उसके बताये समय पर उसके घर पहुँच गया ! आगे की घटना आप कहानी पढ़ कर जान लीजिये...
मैं दिल्ली में भूखा प्यासा थका हारा एक घर के बाहर दीवार के पास बैठ गया और सो गया... आँख खुली तो देखा मेरे इर्द-गिर्द चार-पाँच लड़कियाँ खड़ी मुझे झकझोर रही थी।
कहानी मेरी और एक 28 साल की विवाहिता स्त्री की है जिसका नाम विद्या है, यह काल्पनिक नाम है। विद्या एक 28 साल सुन्दर मनमोहक, गोरी, हाइट 5'6" के लगभग, पतली सी पर उसके वक्ष मस्त सुडौल 32 साइज़ के हैं। कमर तो पूछो मत इतनी नाजुक कि कोई देखे तो पागल हो जाए, चूतड़ वो मोटे मोटे…
दिल्ली मैट्रो में मैंने एक युवती को रोते देखा तो मैंने उससे बात की, समझाया और अपना फ़ोन नम्बर देते हुए हर प्रकार की मदद देने का कहा। वो सम्भल गई और इस तरह फ़ोन पर बात होने लगी, दोस्ती हो गई… हम दोनों एक-दूसरे के करीब आने लगे। उसका जन्मदिन आया तो मैंने उसे पार्टी और उपहार देने का वायदा किया… मेरे घर कोई नहीं था तो मैंने उसे अपने घर बुला लिया…
मेरे एक प्रशंसक व मित्र मुझसे उनकी पत्नी के बारे में कुछ सेक्सी कहने को लिखने को कहते थे। मैंने कहा- बिना देखे कुछ ख़ास नहीं लिख पाऊँगा और जो लिखूंगा वो काल्पनिक होगा, तुम्हें मज़ा नहीं आएगा, तुम यदि अपनी पत्नी के फ़ोटो मुझे दिखाओ तो मैं कुछ बताऊँ या लिखूँ। वो तैयार हो गया लेकिन साथ ही वादा लिया कि मैं कलात्मक और कामुक लिखूँगा। तो फिर कुछ दिनों बाद उन्होंने मुझे एक मेल किया, उसमें स्मार्ट मोबाइल से लिए अपनी पत्नी के कुछ बहुत ही कामुक चित्रों की एक पूरी शृंखला मुझे मेल की और मैंने उन्हें उस मेल का जो जवाब दिया वो में ज्यों का त्यों यहाँ कॉपी पेस्ट कर रहा हूँ
मैं मार्केट में सिगरेट पीने लगा.. तभी एक लड़की एक्टिवा से आई, एक गर्ल्स हॉस्टल का रास्ता पूछने लगी। मै उसे गर्ल्स हॉस्टल ले गया लेकिन … खुद ही पढ़ लीजिये पूरी कहानी!
बुआ जी के घर में पार्टी में मेरी मुलाक़ात उनकी बेटी की सहेली से हुई... वो इतनी सेक्सी दिख रही थी कि दिल में आया कि यहीं लिटा कर इसकी चूत चोद दूँ.. पार्टी के बाद हम पकड़म पकड़ाई खेलने लगे तो जब भी मैं उसे पकड़ने लगता तो वो बोलती- हम आपके हैं कौन! आखिर मैंने उसे पकड़ ही लिया और कहा- अब बताता हूँ कि मैं हूँ कौन...
मुझे एक प्रोजेक्ट के लिए न्यूयॉर्क जाना पड़ा, यह मेरी पहली विदेश यात्रा थी। मैं प्लेन में अन्दर पहुँच गई.. थोड़ी देर में मेरी बाजू वाली सीट वाला मेरा सहयात्री भी आ गया। वह मेरी ही उम्र का एक लड़का था। हम दोनों सामान्य बातचीत करने लगे… कि वो मेरा हाथ देख कर मेरे बारे में बताने लगा… उसके बाद हम सोने लगे तो भी उसने मेरा हाथ नहीं छोड़ा…
मेरी स्टोरी पढ़कर एक दिन एक ईमेल आया.. जिसमें लिखा था 'मुझे आपकी कहानी बहुत अच्छी लगी.. मैं आपसे कॉन्टेक्ट करना चाहती हूँ..' मैंने उस ईमेल का रिप्लाई किया और उसे कॉन्टेक्ट किया.. हम दोनों ने मिलने के लिए दिन और वक्त तय कर लिया। मैं उसके द्वारा बताई हुई जगह पर तयशुदा दिन और वक्त पर पहुँच गया। उसके मम्मे बहुत बड़े थे.. लेकिन एकदम तने हुए थे.. उसके होंठ बहुत गुलाबी थे।
यह कहानी नहीं है.. मेरे जीवन की एक सच्ची घटना है.. जिसको मैंने कहानी के रूप में पिरो कर आप सभी के सामने पेश करने की कोशिश की है.. यह कुछ वक्त पुरानी बात है.. मुझे एक प्रोजेक्ट के लिए न्यूयॉर्क जाना पड़ा, यह मेरी पहली विदेश यात्रा थी। मैं प्लेन में अन्दर पहुँच गई और अपनी सीट पर बैठ गई। मुझे खिड़की के पास वाली सीट मिली थी..थोड़ी देर में मेरी बाजू वाली सीट वाला मेरा सहयात्री भी आ गया। वह मेरी ही उम्र का एक लड़का था।
उन दिनों मैं लखनऊ में बी टेक कर रहा था. दिवाली की छुट्टियों में मैं घर जा रहा था। मेरी इन्टरसिटी एक्सप्रेस छूट गई और मुझे पेसेन्जर से झान्सी जाना पड़ा। लेकिन कहते हैं ना खुदा जो करता है अच्छे के लिये करता है, मैं जिस सीट पर बैठा था कुछ देर बाद उसी सीट पर एक आन्टी और उनकी एक लड़की उसी सीट पर बैठे। कहानी पढ़ कर जान लीजिये कि क्या हुआ ट्रेन में उस रात...
मैं मेट्रो में जा रहा था, कश्मीरी गेट से एक आंटी चढ़ी जो बहुत ही सुन्दर थी। भीड़ की वजह से आंटी मेरे करीब आ गई, उनके स्पर्श से मेरा लंड तन गया, मेरा लंड उनके चूतड़ों की दरार में सट रहा था। आंटी साकेत उतरीं तो मैं भी उतर गया। मैंने पीछा किया तो आंटी को शक हुआ। उसने मेरे बारे में पूछा और नंबर मांगकर चलती बनी। फिर हफ्ते भर बाद उनका काल आया, मैं उनके घर पहुँचा...
मैं अपने से 5 साल बड़ी शादीशुदा महिला सोनिया से एक दोस्त की शादी में मिला उसकी निगाहें कुछ तलाश रही थी, उसकी आँखें कुछ चाहत में उसकी मटक रही थी।
नक्श को ऐक्टिंग का ऑडिशन देने का मौक़ा मिला और वो चुन लिया गया... अब प्रोड्यूसर ने नक्श को फिल्म की कहानी सुनाई ! प्रोड्यूसर की पिछली फिल्म की सक्सेस पार्टी में नक्श की मुलाकात अपनी दो हीरोइनों से हुई... पढ़िए कहानी के इस भाग में...
मेरी दूकान है लेडीज़ सूट और साड़ियों की... एक दिन एक लड़की अपने घरवालों के साथ अपनी शादी की शोपिंग करने आई... मेरी नज़र बार बार उसकी चूचियों पर जा रही थी, उसे भी पता लग गया था ! जब कपड़े सिलवाने की बात आई तो मैंने अपने टेलर को बुला लिया और ... खुद पढ़िए इस कहानी में !
मैं अपने दोस्त के घर गया था तो उसकी मम्मी की सहेली पड़ोसन वहां थी.. वो थी तो लगभग 35-36 साल की.. गजब का माल थी। मैं अपने काम से बाहर निकला तो वो मुझे दिख गई उसके घर के सामने .. कहानी में पढ़िए कि कैसे मैं उसके घर के अंदर पहुँच गया...
मैं अपने दोस्त के साथ अमृतसर घूमने गया तो शाम को वाघा बॉर्डर भी गए, वापिसी में देर हो गई थी, सर्दी बहुत थी, ऑटो में एक आंटी भी हमारे साथ थी, उसे ठंड लग रही थी तो मैंने अपनी शाल उसे भी उढ़ा दी, हमारे बदना आपस में सट गए... आगे क्या हुआ, इस कहानी में पढ़िए...