कैसी कटी रात?
प्रेषक : वसीम मैं भी अन्तर्वासना के लाखों चाहने वालों में से एक हूँ। मैंने यहाँ सारी कहानियाँ पढ़ी हैं, हर कहानी को पढ़ने के बाद में अपने लंड से पानी जरूर
Antarvasna कम्युनिटी को हमारी शानदार रिश्तों में चुदाई कहानियों के कलेक्शन से आपको पागल कर देने दें।
प्रेषक : वसीम मैं भी अन्तर्वासना के लाखों चाहने वालों में से एक हूँ। मैंने यहाँ सारी कहानियाँ पढ़ी हैं, हर कहानी को पढ़ने के बाद में अपने लंड से पानी जरूर
प्रेषक : जो हण्टर अरे नहीं भैया … चोदना-चुदाना सब शादी के बाद ! राधा ने चुहलबाजी की। तो मुन्नी तुझे ठिकाने लगाता हूँ। मेरी नज़रें अब राधा की चूत पर थी। अरे
प्रेषक : जो हण्टर हम तीनों एक साल से शहर में पढ़ रहे थे। मैं और मेरी बहन मुन्नी और गांव में ही रहने वाली पड़ोस की एक मुन्नी की हम उम्र राधा, अब हम तीनों ही
प्रेषक : सुशील कुमार शर्मा अब मेरे पास कृत्रिम रूप से अपनी जवानी की आग को शांत करने के अलावा और कोई दूसरा साधन न था। मैं छुप-छुपकर कृत्रिम साधनों से अपनी
मैंने ख़ुद पाँव लम्बे किए और चौड़े कर दिए वो ऊपर चढ़ गए। धोती हटा कर लंड निकाला और भोस पर रगड़ा। मेरे नितम्ब हिलने लगे। वो बोले: साहिरा बेटी, ज़रा स्थिर रह जा, ऐसे हिला करोगी, तो मैं कैसे लंड डालूँगा?
आज मैं आप लोगों को अपनी कहानी ममेरी बहन और उसकी सहेली-1 ममेरी बहन और उसकी सहेली-2 के आगे सुनाने जा रहा हूँ, उम्मीद है कि आप लोगों को पसंद आएगी। और सबसे
"बहू घुस गई गाण्ड में पापा...रसीली चूत का आनन्द लो पापा...! मेरा पजामा उतार दो ना और ये टॉप... खीच दो ऊपर... मुझे नंगी करके चोद दो... हाय..." कोमल पूरी तरह से वासना में डूब चुकी थी. मेरा पजामा उसने नीचे खींच दिया. मेरा लौड़ा फ़ुफ़कार उठा.
मेरी पत्नी मुझे अपने पास नहीं आने देती थी. मेरे बेटे की शादी के बाद मेरी बहू ने कुछ देखा और मुझे बताया कि मेरी पत्नी का किसी गैर मर्द से ताल्लुक है. इसके बाद मेरी बहू ने कैसे मेरी मदद की, पढ़ें इस नोन वेज स्टोरी में!
प्रेषक : राधा, राज अब तो मुझे मामा के आने का इंतज़ार सा हो गया। मामा चार दिन के बाद आये। आने से पहले उन्होंने पापा को फोन कर दिया था पर मुझे इस बात का पता
प्रेषक : राधा, राज सुहागरात शुरू हो चुकी थी। मोहित अब नीलम के बराबर में लेटा हुआ था और नीलम के उरोजों को सहला रहा था। नीलम की चूचियाँ भी बड़ी-बड़ी थी और
प्रेषक : राधा, राज हाय दोस्तो ! जब कोई मुझे मस्त राधा रानी कहता है तो मुझे बहुत अच्छा लगता है। वैसे अगर देखा जाए तो मैं हूँ भी बहुत मस्त! दिन दुनिया से
प्रेषक : राजेश देशमुख मेरा नाम राजेश है और मैं पुणे में रहता हूँ। यह कहानी साल 2009 की है। मैं तब 18 साल का था। मेरी बुआ हमारे ही शहर में रहती है पर उनका
मैं छत पर बैठी हुई अपने ख्यालों में डूबी हुई थी। मुझे अपनी कक्षा में कोई भी लड़का अच्छा नहीं लगता था और ना ही कोई लड़का मेरी ओर देखता ही था। अन्तर्वासना की
प्रेषक : किंजल पटेल सबसे पहले मेरे लंड की ओर से सभी भोसड़ों को सलाम। मेरा नाम विशाल मेरी उम्र 20 साल है। अन्तर्वासना में यह मेरी पहली कहानी है। मैं
प्रेषक : राजेश अय्यर मेरे प्यारे दोस्तो, मैं आप सबके सामने अपने जीवन का एक सच्चा किस्सा बताने जा रहा हूँ। मेरा नाम राजेश है मेरी आयु 18 साल है मैं उत्तर
मेरा नाम राज है और मैं 28 साल का हूँ, दिल्ली का रहने वाला हूँ, मेरी शादी को हुए दो साल हो गए है, मेरी सास 36 साल की एकदम जवान औरत है, बहुत सेक्सी है, मेरा
प्रेषक : राहुल जैन सभी पाठकों को राहुल जैन का तहे दिल से प्रणाम। मैं आप सभी लोगों का आभार प्रकट करता हूँ कि आपने मेरी पहली कहानी घर की बात पसंद की और मुझे
प्रेषिका : ॠचा ठाकुर अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा नमस्कार ! सबसे पहले मैं आपको अपने बारे में बता दूँ- मेरा नाम ऋचा है और मैं इंदौर में रहती हूँ,
राज कार्तिक सब अपने कमरे में जा चुके थे, मैं भी अपने कमरे की तरफ चल पड़ा। मौसी भी मेरे कमरे की तरफ आ रही थी कि माँ ने मौसी को आवाज दी और कहा कि वो माँ के
प्रेषक : राज कार्तिक मैं राज एक बार फिर अपने जीवन की एक सच्ची घटना को कुछ काल्पनिक पात्रों के साथ आपके सामने ले कर आया हूँ ! काल्पनिक पात्र इसलिए ताकि आप
प्रेषक : लकी दोस्तों मेरा नाम लकी है और मैं गुजरात के एक छोटे से शहर से हूँ। मेरी उम्र 24 साल है। अब मैं अपनी कहानी पर आता हूँ। बात उस समय की है जब में
लेखक : राजेश शर्मा अगली सुबह मुझे बहुत ग्लानि और शर्मिन्दगी महसूस हो रही थी कि मैं अपनी बहन के साथ ही मस्ती कर रहा था। रह रह कर मुझे उसकी मस्त चूचियों की
लेखक : राजेश शर्मा दोस्तो, मेरा नाम राजेश शर्मा है। यह मेरी पहली कहानी है अगर आप हौंसला बढ़ायेंगे तो मैं फिर लिखूँगा। मस्ती करने की उम्र होती है 17-18 से
प्रेषक : अजय बात यह हुई कि एक साल पहले मेरी मौसी ने मुझे अपने गाँव बुलाया था, वहाँ मैं पंद्रह दिन रहा। इस दरमियाँ मैने उनकी बेटी माधवी को कस कर चोदा, मेरी
दोस्तो, मैंने अन्तर्वासना में बहुत सी कहानियाँ पढ़ी हैं इसलिए मैंने सोचा कि मैं भी अपनी एक कहानी आप लोगो के समक्ष प्रस्तुत करूँ! मैं अपना परिचय करा दूँ आप
मेरा नाम राजन है, उम्र 21 साल है। मैं आज अपनी एक सच्ची कहानी बताने जा रहा हूँ। कहानी करीब तीन साल पुरानी है। मैं पिछ्ले दस साल से चाचाजी के साथ रह रहा
लेखिका : शमीम बानो कुरेशी इन दिनों मेरे मौसा जी आये हुये थे और मेरा छत वाला कमरा उन्हें दे दिया था। फ़ुर्सत का समय मैं उसी कमरे में बिताती थी। मौसा भी साला
प्रेषिका : विधि गुप्ता मेरा नाम विधि है। यह मेरी पहली कहानी है और सच्ची कहानी है। अगर आप इस कहानी को पसंद करेंगे तो मैं और भी कहानी लिखूँगी। मैं मुंबई में
प्रेषक : रवि भुनगे दोस्तो, मेरा नाम रवि है। मैं पुणे का रहने वाला हूँ। मैं आप लोगों को अपनी बदचलन माँ की कहानी सुना रहा हूँ। जो मैं सोच भी नहीं सकता था वो
वो मेरे चूसने के अंदाज़ से बहुत खुश थे, मुझे बाँहों में उठा कर बिस्तर पर डाल लिया और मेरी टाँगें चौड़ी करवा ली। बीच में बैठ कर पहले प्यार से मेरी पूरी चूत पर हाथ फेरा
प्रेषक : अनिल इससे पहले कि मैं आगे की कहानी बताऊँ, मैं आपको अपने बारे में बताती हूँ। मेरी उम्र 18 साल है और कद 5 फ़ुट 5 इंच है। रंग भी काफी गोरा है, मेरे
प्रेषक : अनिल मैं अपने कमरे में म्यूजिक सुन रही थी कि अचानक किसी गाने के गायक के नाम का नहीं पता होने से अपने भैया को मैंने जोर से आवाज़ दी। घर में मेरे
प्रेषिका : दिव्या डिकोस्टा रात आने को थी... मेरा दिल धड़कने लगा था। मुझे बहुत ही अजीब लग रहा था कि मेरी मां मेरे सामने ही चुदेगी ! कैसे चुदेगी ... आह्ह्ह
मैं आप लोगों को आज अपने जीवन की एक सच्ची कहानी बताने जा रहा हूँ।। मेरा नाम राहुल है और मैं एक बिज़नसमैन हूँ। मेरे घर में हम चार लोग हैं- पिताजी, माँ, मैं,
यह दो तीन साल पहले की बात है जब मेरी फुफेरी भतीजी गीता छुट्टियों में मेरे घर रहने आई हुई थी। गीता की उम्र 24 साल थी और मैं 31 साल का जवान था। धीर धीरे हम
प्रेषक : क्षितिज़ मेरा नाम क्षितिज है और यह मेरी पहली कहानी है। मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ। आज मैं आपको अपनी वास्तविक कहानी बताना चाहता हूँ। सबसे
मैं खुश हो गया कि चिड़िया जाल में फंस चुकी है ! मैं धीरे धीरे अपना हाथ उनके बोबे पर ले जाने लगा। वो कुछ नहीं बोल रही थी। जब मैं उनके बोबों को दबाने लगा
मैं समझ नहीं पाया कि वो क्या कर रही हैं ! इस तरह वो दोनों मुझसे लिपट कर लेट गई ! मैं फिर से उत्तेजित होने लगा क्योंकि टीना मेरे चुचूक को चूस रही थी और रीना मेरा लंड चूस रही थी!
रति की चिकनी जंघाएँ देख कर रोहित की प्यास बढ़ चली। स्कर्ट के नीचे वह लगभग नग्न ही थी। जी-स्ट्रिंग उसकी नन्ही पिंकी को ढकने का असफल प्रयास कर रही थी।
रोहित ने हाथ ऊपर सरका कर रति की अम्बियों को नीचे से तौला, नई-नई पनपी अम्बियों में कोई लटकन नहीं था, केवल कामुक लचक थी। रोहित आगे-पीछे होकर अम्बियों की लचक तोलता रहा।
प्रेषक : आग्रह शर्मा यह मेरी पहली कहानी है। जब मेरी उम्र 18 साल की थी, मैं अपने गाँव में शादी में गया हुआ था। वहां पर रजनी भी आई हुई थी लेकिन उससे मेरी
मालती ने हरिया के लंड को मुंह में ले कर ज्योंही दो-तीन बार चूसा कि हरिया के लंड से तेज़ धार निकली जिससे मालती का पूरा मुँह भर गया। मालती ने सारा का सारा माल गटक लिया।
मैंने धीरे से साड़ी के भीतर हाथ डाला। पूरे पैर को सहलाते हुए जांघों तक पहुँचा। इस बीच उनके हाथ मेरे लुंगी के भीतर मेरे लोहे जैसे गर्म और सख्त टूल को टटोलने लगे थे।
दोस्तो, आपने अन्तर्वासना डॉट कॉंम पर मेरी पिछली कहानी पापा के साथ समलैंगिक सम्बन्ध में पढ़ा कि कैसे मैंने अपने पापा को उत्तेजित किया। अब आगे की कहानी
मैं बहुत ही दुबला पतला हूँ, मेरे शरीर पर नाम मात्र के बाल हैं। झांट और सर के बाल के अलावा छाती या हाथ पैर पर बाल नहीं हैं। मतलब यह है कि मैं अगर साड़ी में
लेखक: माइक डिसूज़ा अभी तक आपने अन्तर्वासना डॉट कॉंम पर मेरी इस कहानी पिछले चार भागों में पढ़ा कि किस तरह मुझे ट्रेन में शिल्पा ने अपनी चुदाई के कई किस्से
प्रेषक : संजय शर्मा प्रिय पाठको संजय शर्मा का एक बार फिर से नमस्कार ! मेरी कहानी "दूसरी से कर लेना" के दो भाग अन्तर्वासना पर प्रकाशित हो चुके हैं। पहले
प्रेषक : मुन्ना लाल गुप्ता पंचम भाग से आगे : जब मैं टॉयलेट से लौट रही थी तो मैंने सोचा कि मम्मी के बेडरूम में झांक कर देखा जाए कि यहाँ क्या चल रहा है !
प्रेषक : मुन्ना लाल गुप्ता चतुर्थ भाग से आगे : लंच के बाद विशाल भैया अपने किसी दोस्त से मिलने चले गए और मैं मम्मी के साथ घर के काम में लग गई। शाम को विशाल
प्रेषक : मुन्ना लाल गुप्ता तृतीय भाग से आगे : अगले दिन रविवार था। सभी लोग जल्दी ही उठ गए थे क्योंकि विशाल भैया लखनऊ मेल से सुबह आठ बजे ही आ गये थे। हम लोग
प्रेषक : मुन्ना लाल गुप्ता द्वीतीय भाग से आगे : अब मम्मी के सामने यह समस्या थी कि वीर्य के लिए किससे कहे, जोकि रोज ताज़ा वीर्य मुझे पिला सके। ऐसे किसी से
कम्मो बिस्तर पर कुतिया बन गई. 'मामू सा नाटक तो मती करो... म्हारी गाण्ड तो दस बारह मोटे मोटे लण्ड ले चुकी है... बस चोदा मारो जी... मने तो मस्ती में झुलाओ जी!'
मेरे ऊपर से उतरने के बाद मेरे देवर ने मेरी मैक्सी से मेरी चूत को साफ़ किया और दोनों पैरों के बीच में आने के बाद मेरे चूतड़ों के नीचे अपनी दोनों हथेलियों को रख कर अपना मुँह मेरी चूत पर रखकर चाटने लगा। कुछ ही पलों में मैं उत्तेजित हो गई... चूत चटवाने का यह मेरा पहला अनुभव था... लाजवाब अनुभव!
लंड तो अब मेरा भी दुखने लगा था क्योंकि गांड का छेद बहुत ही छोटा था. मामी ने अपनी गांड नीचे से उठानी शुरू कर दी थी. वो गांड तो नीचे से उठा रही थी, साथ में चिल्ला भी रही थी.
उस रात बस में आप मुझसे मम्मे दबवा रही थी, चूत चुसवा रही थी, उंगलियाँ डलवा रही थी और मेरा लंड हिला रही थी, और ये सब आप नींद का नाटक कर के करवा रही थी
प्रेषक : अमित पिछले भाग की कुछ अन्तिम पंक्तियाँ : लल्लू लाल कहाँ रुकने वाले थे, 5 मिनट बाद उन्होंने अपने पूरा चिकना लण्ड बहू की चूत में पेल ही दिया, अब
प्रेषक : अमित शादी के बाद सुषमा अपनी ससुराल आई। उसके ससुराल में उसकी 45 साल की सास 50 साल का ससुर थे। उसका पति दब्बू किस्म का आदमी है, उम्र उसकी 22 साल और
प्रेषक : शक्ति कपूर मैं उस समय लगभग अट्ठारह साल की थी, तब का यह किस्सा है। मेरे माता-पिता किसी की शादी में बाहर गए हुए थे। उस दिन मैं एक सेक्सी प्रोग्राम
प्रेषिका : दिव्या डिकोस्टा गोवा में लड़कियाँ जल्दी जवान हो जाती है। उसका मुख्य कारण है कि यहाँ सभी लोग मांस खाने शौकीन हैं। यहाँ पर तरह तरह की मछलियाँ,
उसने नाइटी ऊपर कर ली, वह पैंटी भी नहीं पहने थी, अभी अभी चुदी हुई चिकनी चूत मेरे सामने थी, मैं पूरे पैरों पर मालिश करने लगा। थोड़ी देर बाद वह बोली- तेल का हाथ जरा चूत पर भी फ़ेर दे ... बेचारी बहुत पिटी है आज ...
प्रेषक : जो हन्टर रोज की तरह मैं और दिव्या अपने ऑफ़िस में बैठे हुये काम रहे थे। दिव्या हमेशा अपने कम कपड़ों में मुझे उत्तेजित करने का प्रयास करती रहती थी।
प्रेषक : डब्बू यह तब की कहानी है जब मैं २४ साल का था। घर वालों ने मेरी शादी एक शहर की लड़की से तय की जिस शहर में मैं काम कर रहा था। लड़की के पिता साठ साल के
प्रेषक : सनी पहलवान बात सुनो भाई बात सुनो, एक पते की बात सुनो ! मेरे और मेरी चाची के बीच के सेक्स का ये राज सुनो !! यह हसीन ख्वाब तब से चालू होता है जब से
मेरे प्यारे भैया अमित, आज आपने यह साबित कर दिया कि आप कभी किसी लड़की को नहीं चोद सकते, भले ही वो आपकी बहन ही क्यों ना हो ! क्योंकि आप नपुंसक हो।
मेरे मामा जी की पत्नी यानि मेरी मामी का अकस्मात निधन हो गया था। मामाजी अट्ठाईस साल के खूबसूरत वयक्तित्व वाले हैं। उनकी पत्नी भी पढ़ी-लिखी सुंदर औरत थी।
प्रेषिका : यशोदा पाठक मैं अब बड़ी हो गई हूँ। मेरी माहवारी चालू हुए भी चार साल हो चुके हैं। मेरी चूंचियाँ भी उभर कर काफ़ी बड़ी बड़ी हो गई हैं। मेरी चूत में अब
प्रेषिका : दिव्या डिकोस्टा मैं आज अपने मायके आ गई, सोचा कि कुछ समय अपने भाई और माता पिता के साथ गुजार लूँ। मेरी माँ और पिता एक सरकरी विभाग में काम करते
विनोद ने माधुरी को अपनी ओर खींचा और माधुरी जान करके उसकी गोदी में बैठ गई। विनोद माधुरी की नरम गाण्ड में अपना कड़क लण्ड दबाता हुआ उसे प्यार करने लगा। उसके कड़क लण्ड का अह्सास पा कर उसने अपनी गाण्ड को उसके लण्ड पर ठीक से सेट कर लिया।
प्रेषक : छोटू हेलो पाठको, मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ। मैं अपनी कहानी आप सभी को बताना चाहता हूँ। यह करीब पाँच साल पुरानी बात है, जब मैं स्नातिकी के
लेखिका : दिव्या डिकोस्टा मैं अपने घर में एकलौती लड़की हूँ। लाड़ प्यार ने मुझे जिद्दी बना दिया था। बोलने में भी मैं लाड़ के कारण तुतलाती थी। मैं सेक्स के बारे