रेखा चाची का बेटा
प्रेषक : अनमोल वर्मा मेरा नाम अनमोल है, मैं 25 साल का हूँ। मेरी चाची का नाम रेखा है, वो 40 वर्ष की हैं। चाची, चाचा अपने चार बच्चों के साथ फिरोजपुर में
Antarvasna कम्युनिटी को हमारी शानदार रिश्तों में चुदाई कहानियों के कलेक्शन से आपको पागल कर देने दें।
प्रेषक : अनमोल वर्मा मेरा नाम अनमोल है, मैं 25 साल का हूँ। मेरी चाची का नाम रेखा है, वो 40 वर्ष की हैं। चाची, चाचा अपने चार बच्चों के साथ फिरोजपुर में
विक्की ने अपने हाथ से मेरे चूतड़ थोड़े से खोले और दरार को चौड़ा किया, फिर मेरे छेद पर अपना मुँह लगा दिया और जीभ से मेरी गाण्ड का छेद चाटने लगा। मेरे छेद पर विक्की की जीभ लगते ही मेरी गाण्ड में करंट सा दौड़ने लगा
भैया बोले- अब बन मत ! मुझे बंटी ने बता दिया था कि वो तेरी गाण्ड लेता है और तुझे भी खूब मजे आते हैं गाण्ड मरवा के ! और बंटी ने मुझसे रिक्वेस्ट की थी कि लैला का गाण्ड देने का बहुत मन करता है सो मैं तेरी गाण्ड ले लिया करूँ।
लैला दीदी - एक सफर - मासूम लड़की से लंड की प्यासी-1 नमस्ते दोस्तो, आशा करता हूँ कि आप लोग मुझे अभी तक भूले नहीं होंगें, मैं रजत, पंजाब से। आपने मेरी कहानी
ताऊजी ने मेरी चूत को पहले तो अपने हाथों से सहलाया और फिर अपना मुंह नीचे करके उसे सूंघा और फिर उस पर अपने होंठ टिका दिए, मेरी सिसकारी निकल गई.
मैं पूरी 18 की हो चुकी हूँ। मेरी चूत में खुजली तो बहुत पहले से ही शुरू हो गई थी पर अब बर्दाश्त से बाहर हो गया था। हर समय चूत में चींटियाँ से रेंगती रहती थी और लगता था अंदर कोई छोटी सी मछली फड़फड़ा रही है।
प्रेषक : कुमार बोसोन उसने मेरा लिंग अपने हाथों में पकड़ लिया और बोली- आपका लिंग तो बहुत बड़ा है। मैं चौंक गया, मैंने पूछा, "तुम्हें कैसे पता? तुमने तो आजतक
मेरे और सुगंधा के बीच प्रथम संभोग के बाद अगले दिन उसकी परीक्षा थी, जिसे दिलवाकर मैं शाम की ट्रेन से उसे गाँव वापस छोड़ आया। दो महीने बाद उसे महिला
मेरी पिछली कहानी मेरी बहन की प्रवेश परीक्षा में आपने पढ़ा कि कैसे मेरी और सुगन्धा की प्रवेश परीक्षाएँ अधूरी रह गई थीं। अब आगे... काशी हिंदू विश्वविद्यालय
प्रेषक : प्रेम सिंह सिसोदिया "अरे बाप रे, रेशू आण्टी, मुझे तो देर हो गई।" कॉलेज में देर हो जाने से मैं घबरा गया था। "रेशू जी, लौट कर आऊँगा तो प्यार
प्रेषक : प्रेम सिंह सिसोदिया मैं अपनी कॉलेज की पढ़ाई के लिये गांव से अपनी आण्टी रेशू के यहाँ शहर में आ गया था। अब तक मुझे सेक्स के बारे में जरा भी ज्ञान
लेखक : प्रेम गुरु प्रथम भाग आप अन्तर्वासना पर पढ़ ही चुके हैं, अब उससे आगे : वो मुझे गोद में उठाये ही कमरे में आ गया। अन्दर जीरो वाट का बल्ब जल रहा था।
दोस्तो ! मैं अपने मित्र सुमित को विशेष रूप से धन्यवाद कहना चाहता हूँ जिसने इस कहानी के हिंदी रूपांतरण में मेरी सहायता की। …… प्रेम गुरु की कलम से अरे तुम
प्रेषिका : तमन्ना कुरैशी मेरा नाम शांति (बदला हुआ) है। मेरी उम्र 32 साल है, रंग सावला, लम्बाई 5"4, और थोड़ी मोटी लेकिन बराबर फिट। मेरे गाँव का नाम रतनपुर
प्रेषक : पाण्डेय कुमार उस रात हम लोगों ने दो बार चोदा-चोदी का खेल खेला। सुबह उठ कर मैं अपने घर आ गया। दोपहर में फिर डौली के घर गया। उसे अपने बाहों में
प्रेषक : पाण्डेय कुमार मैं हरी पटना से, मेरी उम्र 35 वर्ष है। मैं एक दूर के चाचा के लड़के के साथ बिजनेस करता हूँ जो हमारे घर के बगल में ही रहते हैं।इस कारण
जीभ नाभि के पास घूमते घूमते नीचे राशि की चूत के क्षेत्र में दाखिल होने लगी और जब सुरेश की जीभ राशि की चूत के दाने से टकराई तो राशि की चूत ने ढेर सा पानी छोड़ दिया।
शादी का लड्डू-1 उसने बैठ कर मेरी टांगें ऊँची करके मेरा ढीला ढाला सा पायजामा उतार दिया। मेरा मन खिल उठा... सच में अब तो चुदाई का आनन्द आ ही जायेगा। मुझे
मैंने बी एस सी पास कर ली थी, एक दिन मम्मी पापा की बात सुन ली। "यशू तो अब ग्रेजुएट हो गई है, अब उसका ब्याह कर देना चाहिये।" पापा ने मम्मी से कहा। "हाँ, ठीक
प्रेषक : जय पटेल मैं गुजरात के एक शहर का रहने वाला हूँ, मेरा नाम जय पटेल है। मैंने बहुत सारी कहानियाँ अन्तर्वासना पर पढ़ी हैं। मेरा भी मन हुआ कि मैं भी
मेरी कहानी मेरी जीवन-यात्रा का आरम्भ अन्तर्वासना पर जब आई तो मुझे 400 से अधिक पाठकों ने मेल की और कहानी को बहुत पसंद किया। गुरूजी ने मुझे सुझाव दिया कि
मैं एक साधारण परिवार से हूँ, बचपन में ही मुझे मेरे मामा के घर पर उनके साथ रहने को छोड़ दिया गया था। मामा पुलिस में थे, उनकी पत्नी यानि मेरी मामी का निधन हो
मेरा नाम संदीप है,गाजियाबाद में रहता हूँ, उम्र 22 वर्ष और मेरी लम्बाई 6 फुट है, देखने में काफी स्मार्ट हूँ, मेरा लंड भी 7.5 इंच लम्बा और काफी मोटा है। मैं
दोस्तो, मेरा नाम संदीप है, उम्र 29 साल है। मुझे बचपन से ही लड़कियों को नंगा देखना अच्छा लगता है। मेरी एक नौकरानी मुझे बचपन में अपना दूध भी पिलाती थी और
प्रेषक : अशोक जैन मेरी उम्र 48 साल की है। मेरी बीवी 5 साल पहले परलोक सिधार गई थी। मेरी बेटी की शादी 2 साल पहले हुई थी। जहाँ उसकी शादी हुई वो एक बड़े बंगले
मेरी सासु माँ जाग गई थी और वो हमारे कमरे की खिड़की से हमें देख रही थी। उस वक्त भी मैं बिल्कुल नंगा और मेरी बीवी सिर्फ पेंटी में थी। मुझे इस बात का पता कुछ देर बाद चला जब अचानक मेरी नजर खिड़की पर पड़ी।
प्रेषिका : स्लिम सीमा कल बुआ का श्राद्ध विधि-विधान से सम्पन्न हो गया, लगभग सभी लोग चले गए, अंश आज सुबह ही गया था, सलोनी का एक पेपर बाकी था तो उसे लेकर
वो आकर मेरे गोद में बैठ गई और कहने लगी- पापा, जो ब्रा-पैंटी आपने दी थी, आज मैंने वो पहनी है, उसके नाजुक कूल्हे मेरे जांघों पर थे, मेरा मन कर रहा कि अभी उसको बिस्तर पर लिटा लूँ। पर क्या करता वो मेरे बेटे की पत्नी थी।
मेरा नाम अंकित है, मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ, अपनी पहली कहानी लिखने जा रहा हूँ जो एक तरह से मुझे मेरे जीवन की दुर्घटना लगती है। बात उन दिनों की
कहानी का पिछला भाग : ससुर जी का महाराज-1 मैंने महसूस किया कि मैं अपनी तृष्णा को अब और नहीं दबा सकती थी और उस लण्ड महाराज को चूसना और उसे अपनी चूत में लेकर
मेरा नाम खुशी है और अब मेरी उम्र 22 साल है. मैं एक बहुत सुंदर और जवान स्त्री हूँ, मेरा कद 5 फुट 6 इंच है और मेरा रंग बहुत साफ़ है. मेरा जिस्म बिल्कुल किसी
प्रेषक : रवि सिंह बात उन दिनों की है जब मैं 19 साल का था। मेरे भाई की शादी थी। शादी में काफी सारे रिश्तेदार भी आये हुए थे। इन्हीं में से एक थी जिसने मेरी
प्रेषक : राजवीर सूरज उठा और कपड़े पहने और चला गया। दोनों बहनें भी उठी, कपड़े पहने, बिस्तर धोया, साफ़ किया और बाते करने लगी- साले को एक दिन में ही दो कच्ची
प्रेम गुरु की कलम से "अच्छा चलो एक बात बताओ जिस माली ने पेड़ लगाया है क्या उसे उस पेड़ के फल खाने का हक नहीं होना चाहिए ? या जिस किसान ने इतने प्यार से
प्रेषक : प्रतीक दोस्तो, मेरा नाम प्रतीक है, अन्तर्वासना का बहुत पुराना पाठक हूँ। बहुत दिनों से मैं अपने जीवन की कहानी आप सभी लोगो के सामने प्रस्तुत करना
रात हम दोनों सोये तो मुझे नींद नहीं आ रही थी, मैं शालू की नाइटी में हाथ डाल कर उसकी चूची दबाने लगा. वो गहरी नींद में थी, मैंने उसकी पेंटी के ऊपर हाथ फिराया तो पाया उसने नेपकिन लगाया हुआ है
प्रेषक : राहुल मेरे प्यारे दोस्तो, इस कहानी को पढ़ने वाले सभी पाठकों को मेरा प्यार ! वो कहानी ही क्या जिसमें हकीकत ना हो ! दोस्तो, मेरा नाम राहुल, उम्र 20
दोस्तो, शायद आपको आयुषी शर्मा याद होगी ! भूल गए ना? कोई बात नहीं, मैं याद दिला देता हूँ : भाई ने बताया चुदाई क्या है? इसे पढ़ लेना, आयुषी याद आ जाएगी। मैं
तीसरा चुम्बन : मिक्की ने हिचकिचाते हुए पहले तो उसने अपनी नाज़ुक अंगुलियों से उसे प्यार से छुआ और फिर अन्डरवीयर नीचे खिसकाते हुए मेरे लण्ड को पूरा अपने
दोस्तों, आज दिन भर मैं ऑफिस में सिर्फ मिक्की के बारे में ही सोचता रहा। कल जिस तरह से खूबसूरत घटनाएँ हुई थी, मेरे रोमांच का पारावार ही नहीं था। इतना खुश तो
रति-द्वार दर्शन : जब मैं रमेश और सुधा को स्टेशन छोड़ कर वापस आया तो लगभग साढ़े ग्यारह बज चुके थे। मिक्की गेस्टरूम में सो चुकी थी। मैंने उस रात मधु को दो बार
लेखक : प्रेम गुरू दूसरा चुम्बन : बाथरूम के बाहर खड़ा मैं आज से कोई चार साल पहले घटी उस घटना के बारे में सोच ही रहा था कि मिक्की की आवाज मेरे कानों के
प्रिय पाठको, आपने मेरी पिछली कहानी दो नम्बर का बदमाश पढ़ी। मुझे बहुत खुशी है कि आप सभी को मेरी कहानी अत्यधिक पसन्द आई, जैसा कि कहानी के मूल्यांकन और मुझे
प्रेषक : अर्जुन मेरा नाम अर्जुन है, मैं शहर में काम करता हूँ। मेरी चचेरी बहन का नाम शिप्रा है, वो बहुत ही सेक्सी है। मैं आपको एक बार की बात बताता हूँ,
लेखिका : शमीम बानो कुरेशी "कल सुबह सुबह तो तू मुम्बई जा रहा है ना अब्दुल?" "हाँ बानो, बस जाने से पहले एक बार मेरी मुठ्ठ मार दे, तो मजा आ जाये !" "भोसड़ी
प्रेषक : राहुल मेरा नाम राहुल है और मैं दिल्ली में रहता हूँ। मैंने अन्तर्वासना की सभी कहानियाँ पढ़ी हैं, आज मैं अपनी एक सच्ची कहानी सुनाने जा रहा हूँ। मैं
प्रेषक : अमित शर्मा सबसे पहले गुरु जी को धन्यवाद कि उन्होंने मेरी सभी कहानियाँ अन्तर्वासना पर प्रकाशित की। जैसा कि आप सब को मैंने बताया था कि मैं सोनीपत
प्रेषक : संदीप कुमार एक बार मैं अपने चाचाजी के यहाँ गाँव गया। दोपहर में मैं घर पहुँचा तो सब खेत पर गए हुए थे। मेरे चाचा की लड़की पूनम वो बारहवीं में पढ़ रही
प्रेषक : वरिंदर इस वक़्त वो बहुत कम कपड़ों में थी, मैंने उसको गुदगुदी करनी चालू की। मौसा जी ! क्या ना ? आपको हर पल मस्ती आई रहती है ! तू है ही इतनी मस्त कि
वो बहुत खुश थी, मैं जानता था कि उसको क्या चाहिए - आजादी ! वो बहुत खुश हुई। मैंने उसको गुदगुदी निकाली, वो भागी और आज बेडरूम की तरफ भागी, जाकर बैड पर गिर
मेरी साली पिंकी-3 से आगे पता नहीं साली किस मिट्टी से बनी थी, मैंने पूरा उतार दिया और रगड़ने लगा। साथ साथ वो खुद अपनी चूत के दाने को मसल रही थी और मैं उसकी
नमस्कार! मैं आपके लिए अपनी पहली कहानी लेकर आई हूँ। मुझे रिश्तेदारी में हुए सेक्स की कहानियाँ बहुत पसंद आती हैं। आज आपको अपनी ऐसी ही एक कहानी सुनाती हूँ।
प्रेषक : राज कार्तिक सोनिया अब मस्त गांड उठा उठा कर मेरा लण्ड ले रही थी अपनी चूत में। करीब दस मिनट के बाद सोनिया का शरीर अकड़ने लगा और वो चिल्ला उठी- मैं
प्रेषक : राज कार्तिक अँधेरा हो चुका था। मैंने अँधेरे में ही सोनिया का हाथ पकड़ा और अपनी तरफ खींचा तो सोनिया एकदम से मेरी बाहों में आ गई। मैंने सोनिया का
सोनिया की मम्मी-2 से आगे की कहानी प्रेषक : राज कार्तिक दोस्तो, आपने मेरी कहानी बुआ हो तो ऐसी-1 और सोनिया की मम्मी-1 पढ़ी और पसंद की, धन्यवाद.. आपके इतने
लेखक : भवानी भाई दोस्तो, आज मैं आपको अपनी बहन मंजू की चुदाई की कहानी बता रहा हूँ। एक बार मैं और मंजू उसकी एक सहेली की शादी से रात को तीन बजे वापस आ रहे
हेलो दोस्तो, हैरी का नमस्कार ! आपने मेरी पहली कहानी पढ़ी थी अब आगे की कहानी। मेरी उम्र 25 साल की है और पंजाब का रहने वाला हूँ। तो उस रात जब मेरी नीद खुली
प्रेषक : हैरी बवेजा दोस्तो, मेरा नाम हैरी है, पंजाब का रहने वाला हूँ, यह अन्तर्वासना पर मेरी पहली कहानी है, मेरी उम्र 25 साल है। तो आइए अब कहानी की तरफ
प्रेषक : विकास श्रीवास्तव मेरा नाम विकास है मैं दिल्ली के लक्ष्मीनगर में रहता हूँ। मेरी कहानी सुन कर शायद आप में से बहुत सी लड़कियाँ अपनी चूत खुजाने लगे या
प्रेषक : रिशु कहानी का पिछला भाग: ज्योतिषी की सलाह-4 रश्मि कितनी देर तक बर्दाश्त करती। उसकी चूत के मूत्र-छिद्र से हल्की सी पेशाब की धार फिर चालू हो गई जो
प्रेषक : रिशु कहानी का पिछला भाग: ज्योतिषी की सलाह-3 रिशु अब उसकी चूत पर झुका। होठों के बीच उसकी झाँटों को ले कर दो-चार बार हल्के से खींचा और फ़िर उसकी
लेखक : राज शर्मा मामा के मुँह से ये सारी बातें सुनते सुनते मेरी तो चूत गंगा जमुना हो चुकी थी, चूत का रस नीचे टपकने लगा था। मैंने नीलम से कहा- मेरी चूत भी
हाय दोस्तो ! मैं राधा एक बार फिर अपनी मस्ती के एक और किस्से को लिए राज के साथ आपके सामने हूँ। आप सभी ने मेरी पिछली कहानियाँ पढ़ी और बेहद पसंद भी की उसके
मेरे भैया के एक मित्र राजीव मुझे कम्प्यूटर पढ़ाया करते थे। रोज सवेरे स्कूल जाने से पहले मैं एक घण्टे के लिये वहाँ जाती थी। मैं बाहरवीं कक्षा की छात्रा हूँ।
प्रेषक : आसज़ मैंने पूल से जाने का फैसला किया क्योंकि उसके चेहरे पर चमकती उसकी बुरी नज़र मुझे अच्छी नहीं लगी। करेन जल्द ही सनबाथिंग में मेरे साथ में शामिल
प्रेषक : आसज़ मैंने कहा,"तुम कपड़े बदल आओ, मैं बरामदे में बैठ कर एक बीयर लेता हूँ ! और हाँ ! जब तुम तैयार हो कर बाहर आओगी तब तक मैं नग्न हो चुका हूँगा ! अब
प्रेषक : आसज़ "देखो, आपने पक्का फ़ैसला कर लिया है? मेरा मतलब है अगर तुम आओ तो मुझे बिल्कुल आपत्ति नहीं है, लेकिन यह एक नग्न रीसोर्ट है, और हम सभी पूरे
प्रेषक : आसज़ मित्रो, अभी कुछ दिन पहले मैं ऑफ़िस से छुट्टी लेकर परिवार के साथ दक्षिण भारत की यात्रा पर गया था। हम लोगों ने सीधे त्रिवेन्द्रम के लिये राजधानी
प्रेषक : पप्पू राम हम दोनों घबरा गए, मै झट से कपड़े ठीक करके उसकी तरफ़ लपकी और उससे विनती करने लगी,"सन्जू रुक ! हम तो ऐसे ही खेल रहे थे, प्लीज, पापा से कुछ
प्रेषक : पप्पू राम हेल्लो दोस्तो, मेरा नाम सिमरन है। यह मेरे जीवन की वास्तविक कहानी है इसलिये इसे जरूर जरूर पढ़ें और अपने विचार भेज कर मेरी हौंसला-अफ़्जाई