पब्लिक टॉयलेट में गांड मरवाई
प्रणाम पाठको, आप सब मुझे बहुत प्यार देते हैं, कुछ वास्तविक जीवन में मिलकर प्यार अपने लंड को मेरी गांड में डालकर देते हैं। यह बात दो दिन ही पुरानी है।
Antarvasna कम्युनिटी को हमारी शानदार गे सेक्स स्टोरी कहानियों के कलेक्शन से आपको पागल कर देने दें।
प्रणाम पाठको, आप सब मुझे बहुत प्यार देते हैं, कुछ वास्तविक जीवन में मिलकर प्यार अपने लंड को मेरी गांड में डालकर देते हैं। यह बात दो दिन ही पुरानी है।
प्रेषक : मनीष अन्तर्वासना के पाठकों को मेरा नमस्कार, यह मेरी पहली कहानी है, यह कहानी समलैंगिक है या नहीं यह तो पता नहीं पर जो है सच्ची है। वैसे तो मुझे
प्रेषक : सचिन शर्मा यह मेरे दो दोस्तों की कहानी है, कहानी है 8 मार्च की, होली की, जो होली प्रणव को कभी भी नहीं भूलेगी। प्रणव एक 22 साल का साधारण सा लड़का
बारिश में गांड चुदवाई का पूरा पूरा मजा आपका : सनी गांडू प्रणाम दोस्तो, आपका सनी गांडू गांड की चुदाई लेकर आपके सामने फिर से हाज़िर है। लंड देखते ही मुझे कुछ
यहाँ समलैंगिता बहुत थी। दूसरे यहाँ के जंगलों में एक कीड़ा पाया जाता था, जिसके काट लेने पर वैसे तो कोई नुकसान नहीं होता था, लेकिन इंसान के शरीर में हवस का सैलाब उमड़ आता था और उसकी हवस काबू के बाहर हो जाती थी, चाहे वो मर्द हो या औरत।
लेखक : सनी शर्मा गांडू प्रणाम दोस्तो, कैसे हो सभी ! मैं काफी समय बाद अन्तर्वासना पर आप सबके लंड खड़े करवाने वापस आया हूँ। मैंने गांड मरवानी तो नहीं छोड़ी,
लेखक : रौनक मेहता अन्तर्वासना के सभी साथियों को मेरा हेलो ! यहाँ पर पहले ही बहुत से गे साथियों की कहानियाँ हैं, जो मैंने पढ़ी। उन्हें पढ़ने के बाद मुझे लगा
प्रेषक : आदित्य सभी को मेरा नमस्कार ! मेरा नाम आदित्य है प्यार से सभी मुझे आदि बोलते हैं, शिमला में रहता हूँ और मुझे लड़की बनने का बहुत शौक है। मेरी लम्बाई
लेखक : सनी मैं अन्तर्वासना का आभारी हूँ कि इसमें अब तक न जाने मेरी कितनी चुदाइयो को प्रकाशित किया है। और मैं पाठकों का भी आभारी हूँ कि उन्होंने मुझे इतना
प्रेषक : गाण्डू सनी शर्मा पाठकों के लण्ड को स्पर्श करते हुए आपका यह प्यार गाण्डू नमस्कार करता है, प्रणाम करता है। मैं एक बार फिर से अपनी मस्त चुदाई लेकर
पीछे वाला जयादा उछल रहा था, मैंने उसके लंड को दबोच लिया। दोनों खड़े रहे, मैंने घुटनों के बल होकर उसकी जिप खोली, कच्छे को सरकाया, उसका काला लंड देख मेरी गांड गीली हो गई।
एक दिन सुबह सुबह में नेट पर बैठा था, मेरा दिल गे क्लिप देखने को हुआ। एक गे वेबसाइट पर मैंने शीमेल क्लिप देखे तो डाउनलोड किये। उनको देख कर मेरे मम्मे भी
प्रणाम पाठको, एक बार फिर से अपनी मस्त गांड चुदाई लेकर हाज़िर हूँ, काफी दिनों से मैंने अन्तर्वासना पर कुछ नहीं भेजा क्यूंकि मैं काल्पनिक और ख्याली पुलाव
प्रेषक : गुल्लू जोशी कहानी का पहला भाग: उन दिनों की यादें-1 अगले दिन मनोज एक नई सीडी लाया था। वो भी समलिंगी लड़कों की सीडी थी। रोज की तरह हम दोनों ने
प्रेषक : गुल्लू जोशी मेरा नाम गुलशन जोशी है। मुझे कॉलेज में किसी ऐसे विषय में एडमिशन लेना था जिसमें जल्दी नौकरी मिल सके। मुझे किसी ने होटल मेनेजमेन्ट में
कहानी का पिछ्ला भाग: पूरे हुए सपने-1 एक दिन हिम्मत कर के दोनों ने यासीन से पूछ ही लिया कि वो गाण्डू कैसे बना। तो सुनिए यासीन की जुबानी : हमारे यहाँ घर
सर्दियों में दो दोस्त एक ही रजाई में बैठे पढ़ रहे थे, दोनों के लण्ड खड़े थे, बीच बीच में वे उसको सहला रहे थे, दोनों जानते थे कि जब तक मुठ नहीं मारेंगे, साला लण्ड बैठेगा नहीं और वे पढ़ नहीं पाएँगे।
लेखक : सनी सभी पाठकों को भी मेरी तरफ से बहुत बहुत प्यार ! सभी कह रहे हैं कि सनी यार, अपनी कोई और चुदाई के बारे लिख ! मुझे पाठकों को निराश नहीं करना है
आपका : सनी गाण्डू आप कैसे हो पाठको? प्रणाम ! लो सबकी शिकायत दूर करते हुए आपका सनी अपनी एक मस्त चुदाई के संग हाज़िर है। पाठको, लण्ड के बिना रहना मेरा
दीपक शर्मा मेरा नाम दीपक है, दिल्ली का रहने वाला हूँ। मैं एक ऐसा लड़का हूँ कि मुझे औरतों की योनि और मर्दों का लिंग दोनों बहुत भाते हैं। मेरे लिंग का आकार
आपका प्यारा दुलारा : सनी एक बार फिर हाज़िर हूँ.. नमस्ते गुरूजी, प्रणाम दोस्तो, कैसे हैं सभी ! अन्तर्वासना का धन्यवाद कैसे करूँ जिसकी वजह से मेरी चुदाई
अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा सलाम ! यह मेरी पहली कहानी है। मेरा नाम अवनीश यादव है, मैं कम्पयूटर साइंस तृतीय वर्ष का छात्र हूँ। बात उन दिनों की है जब
प्रेषक : वही आपका प्यारा सनी मेरी कभी कोई चुदाई ऐसी नहीं जो मैं लिख दूँ और गुरु जी उसको प्यार ना दें, छापें ना ! उसके बाद सभी पाठकों को जो इस सनी को प्यार
प्रेषक : प्रवीणा मैं प्रवीना अपने समलिंगी सेक्स के अनुभव भेज रहा हूँ। मुझे अपने समलिंगी होने का एहसास तब हुआ जिस वर्ष मैं एक इंजिनीयरिंग कालेज के लिए चुना
मकर सक्रांति के पास चार दिन के लिए कॉलेज बंद था, वो घर चला गया। मैंने सोचा इतनी दूर पंजाब जाऊँगा वो भी इतने कम दिनों के लिए! मैं नहीं गया अपने घर। उसके
अब पिछले भाग से आगे लिखने जा रहा हूँ। मैंने ब्रा-पैंटी पहन ली शाम को और रात को उसके आने से पहले कमरे में कपड़े बदल बैठ गया। वो मैस से खाना खाकर आया और लेट
प्रणाम दोस्तो! आपने तो मुझे अपने दिल में जो जगह दी है, मैं बता नहीं सकता कि कितना खुश हूँ मैं! आपने मेरी एक भी मेहनत को जाया नहीं जाने दिया। यह कोई आसान
मेरा नाम विकास है, भोपाल में रहता हूँ, मेरी उम्र बाइस साल है और मेरा कद 5 फीट 11 इंच, रंग गोरा और स्लिम बॉडी है, दिखने में किसी मॉडल जैसा हूँ। मैं आपको जो
प्रेषक : गोटी मेरा नाम गोटी है, बचपन से लेकर जवानी तक मैं मुट्ठीमार ही रहा, जब मैं मुठ्ठी मारता तो सभी की तरह यही सोचता कि काश मेरे पास कोई हसीना होती और
लेखक : सनी सबसे पहले गुरु जी को प्रणाम ! मुझे अब कौन नहीं जानता ! हां मैं हूँ सनी गांडू ! यह कोई मेरी पहली चुदाई नहीं है जो मैं आपको बता रहा हूँ। गुरु जी
आप सभी को मेरा यानि अमित का नमस्कार ! मैं आप लोगों को अपनी जिंदगी की सच्ची कहानी सुनाने जा रहा हूँ कि कैसे मुझे चूत और गांड मारने का शौक लगा। हमारे ही घर
प्रेषक : अजय शर्मा मेरा नाम अजय है, मैं २० साल का हूँ। अपने कंप्यूटर पर मैं बहुत की व्यस्क साईट देखता हूँ और अपने दोस्तों को भी बताता हूँ। कुछ समय पहले
प्रेषक : प्रेम सिंह सिसोदिया मैं गांव छोड़ कर कॉलेज की पढ़ाई करने के लिये शहर आ गया था। यहाँ शहर में मैं अपने चाचा के साथ रहता था। उन्होंने मुझे बाहर सड़क की
आपका प्यारा सनी आपका प्यारा सनी गांडू एक बार फिर सबसे नमस्ते कहता है। सबकी शिकायत है कि मैं अब लंड का प्यासा नहीं रहा। ऐसी बात बिल्कुल नहीं है, सभी जानते
लेखक : सनी गांडू मैं सनी ! मुझे तो आप सब अच्छी तरहं जानते हो ! अपने बारे में कुछ बताने की ज़रुरत नहीं ! मैं हूँ सनी गांडू ! आपका हरमन प्यारा गांडू ! सभी
प्रेषक : हरीश महरा "उसकी खुद की फ़ट गई" का दूसरा भाग यह मेरी अन्तर्वासना पर दूसरी कहानी है। सनी भाई की राह पकड़ कर मैं खुश हूँ और उनके जैसे हथकंडे जैसे ही
हरीश महरा सभी अन्तर्वासना पढ़ने वालों को मेरा यानि हरीश का प्रणाम, गुरु जी को भी मेरा नमस्कार ! यह मेरी अन्तर्वासना पर पहली पहली कहानी है और सनी भाई का
लेखक : सनी अब तक आपने पढ़ा कि कैसे मैं होली खेलने बैकवर्ड क्लास वाले लोगों की कालोनी में गया और दारू पी कर एक चालीस साल के आदमी से अपनी गाण्ड मरवाने लगा।
लेखक : सनी गुरु जी को बहुत बहुत प्यार, नमस्कार ! अन्तर्वासना के पाठकों और मेरे आशिकों को जिन्होंने चैट में मेरे से बात की, मेरी नंगी गांड और लड़कियों जैसा
लेखक : सनी गुरु जी को बहुत बहुत प्यार, नमस्कार ! सभी अन्तर्वासना के पाठकों और मेरे आशिकों को जिन्होंने चैट में मेरे से बात की, मेरी नंगी गांड और लड़कियों
लेखक : सनी मेरी एक एक कहानी को दिल से पसंद करके मुझे अपना अपना प्यार खुले दिल से दिया, और दोगे हर कोई मुझे कह रहा है कि गांडू अपनी चुदाई ज़रा जल्दी जल्दी
लेखक : सनी सबसे पहले गुरूजी और उसके बाद अन्तर्वासना पढ़ने वाले एक एक पाठक को सनी की तरफ से प्यार ! भगवन करे यह वेबसाइट ऐसे ही हिट होती जाये और हम सबकी मस्त
दोस्तो, यह मेरी प्रथम आपबीती और अनुभव है क्योंकि इससे पहले मुझे सेक्स का कोई न तो अनुभव था न कोई किताब या कहानी पढ़ी थी। बस दो या तीन कहानियाँ अपने दोस्त
प्रेषक : मयंक वर्मा मैं बारहवीं क्लास का लड़का हूँ मेरी उम्र बीस साल हैं मेरा लंड आठ इंच का है। मेरा शुरू से ही आकर्षण लड़कियों से ज्यादा लड़कों में रहा
प्रेषक : प्रेम सिंह सिसोदिया यह मेरी पहली कहानी है जो वास्तविक है, बड़ी हिम्मत करके मैं यह कहानी लिख रहा हूं। मेरे दोस्त चन्दू ने इस कहानी को लिखने में
मेरी कहानियाँ (कैसे बना मैं चुदक्कड़ गांडू, ट्रेन में लंड चूसा, मेरी गांड को लग गई मौज, एक और लंड डलवाया गांड में) मनघडंत और काल्पनिक नहीं होती। इन
मैंने अपना मम्मा उसके मुँह में दिया, उसने निप्पल चूसा तो मैं चूतड उठा उठा मरवाने लगा- हाय, साले! मेरी माँ चोद दे! बहन चोद दे! मेरी फाड़ डाल! फाड़ डाल! हाँ फाड़! फाड़!
मैंने उसके लिए एक मोटा पैग डाला और अब उसकी छाती पर बैठ गया। उसकी तरफ कमर कर 69 का आसन सेट किया और उसके मोटे लंड को मुँह में ले लिया। वो मेरी गांड पर बियर डाल-डाल चाट रहा था।
प्रेषक : अनुराग बिष्ट मेरा नाम अनुराग है और मैं आपको बताना चाहता हूँ कि मेरे यौन-जीवन की शुरुआत कैसे हुई। मेरे घर में मेरे पापा और मम्मी रहती हैं। मुझे
लेखक : सनी सनी का सबको और गुरुजी के साथ साथ अन्तर्वासना चलाने वाले एक एक कर्मचारी को गीली गांड से घोड़ी बन कर प्रणाम ! अन्तर्वासना ने मेरी हर चुदाई को अपनी
प्रेषक : अंकित मिश्रा सबसे पहले गुरुजी को शुक्रिया और प्रणाम, फिर समूचे अन्तर्वासना स्टाफ को प्रणाम, फिर पाठकों का जिन्होंने इतने इ-मेल किये, मुझे याहू
प्रेषक : विकास गुप्ता सभी अन्तर्वासना-पाठकों को मेरा सलाम और गुरूजी को मेरी तरफ़ से प्रणाम ! यह मेरी अन्तर्वासना में पहली दास्तान है । मेरा नाम राहुल है !
लेखक : तरुण वर्मा सभी अंतर्वासना पढ़ने वाले लोगों को मेरा यानि तरुण वर्मा का कोटि कोटि प्रणाम, गुरु जी को भी मेरा प्रणाम, नमस्कार ! और सबसे ज्यादा
दोस्तो ! सबसे पहले गुरु जी को कोटि-कोटि प्रणाम, जिनकी दया दृष्टि से मुझ जैसे नाचीज़ की चुदाई के किस्से अन्तर्वासना में छपे और मुझे लोगों का इतना प्यार
मैं उठा और उसके सारे कपड़े उतार दिए और उसको खड़ा कर ख़ुद घुटनों के बल बैठ कर सीधा ही उसके लंड को मुँह में भर कर चूसने लगा। वो आहें भरकर मुझसे चुसवा रहा था।
दोस्तो, मेरी कहानियाँ सभी को ख़ूब पसन्द आई; बहुत से ईमेल आए। मेरी सभी कहानियाँ किसी और के जीवन से ली गई हैं, जिन्हें मैं आपसे बाँटता हूँ। इस बार फिर आपको
प्रेषक : हर्ष हाय, मेरा नाम हर्ष है, मैं इंदौर में रहता हूँ, गूगल पर सर्च करते करते मुझे अन्तर्वासना का पता चला ! सच्ची कहानियाँ पढ़कर बहुत अच्छा लगा। मैं
प्रेषक : अभय शर्मा दोस्तों आपके प्यार तथा इ-मेल्स के लिए बहुत बहुत धन्यवाद ! आज मैं आपसे अपना एक और अनुभव बाटना चाहता हूँ और यह भी बताना चाहता हूँ कि वो
लेखक : सनी दोस्तो, सब कैसे हो ! उम्मीद है सब ठीक ठाक होंगे। सभी पाठकों और सबसे पहले आदरणीय गुरूजी को प्रणाम ! आप सबका धन्यवाद जो आप सबने मेरी कहानी ( कैसे
लेखक : सनी गुरु जी और अन्तर्वासना के कार्य-कर्ताओं और पाठकों को सनी गांडू की तरफ से नमस्कार ! इससे पहले मैं अपनी कुछ कहानियाँ भेज चुका हूँ। मेरी एक कहानी
प्रेषक : मोनू सभी अन्तर्वासना के पाठकों को मेरी तरफ से यानि कि मोनू की तरफ से प्रणाम ! मैं अन्तर्वासना का एक सच्चा पाठक हूँ जो इसकी एक एक कहानी का तुत्फ़
प्रेम अंकल से चुद चुद कर मुझे लौड़े का चस्का लग गया। मुझे गांड मरवाने का नवाबी शौक पड़ गया और मुझे यह नवाबी शौक लगाकर अंकल खुद बंगाल जा बैठे।
प्रेषक : अन्कित दोस्तों मेरा नाम लौड़ा पुजारी और मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ। मेरा असली नाम है अंकित ! मैं अन्तर्वासना का पुजारी हूँ, इस वेबसाइट के सामने
प्रेषक : रवि पुप्लू मेरे गाँव का ही लड़का था और बचपन में हम लोग साथ साथ ही रहे थे। उसका बाप हमारे घर का पुराना नौकर था, मगर गाँव देहात में इन सब चीज़ों को
उसका ज़बर्दस्त लंड थाम मेरी गांड मरवाने की चाहत बढ़ गई। मैंने ख़ुद ही पैन्ट उतार ली। वह मेरी सफ़ेद जाँघों को देख कर बोला- तू तो चोदने की चीज़ है।'
मैं उनके आगे खड़ा था, पहले ही गांड घिसा के मजे ले रहा था, दोनों ने शॉल औढ़ रखे थे। मेरी गांड उनमें से एक के लंड पे पूरी तरा दबाव डाल रही थी उसका लंड सॉलिड लगा।
कैसे बना मैं एक चुदक्कड़ गाँडू दोस्तों मेरा नाम सनी है। मैंने अन्तर्वासना में पहले भी अपनी एक चुदाई के बारे में लिखा था। मुझे बचपन से ही लड़कियों का साथ
बाप रे बाप! उसका लौड़ा देख मैं डर गया। बहुत सॉलिड था, मैं मुठ मारने लगा, फ़िर चूसने लगा। मैं बहुत खुश था कि जिस लौड़े की मैं तलाश में था वो आज एक नहीं दो मिले!
जीजाजी के जंगल की ओर जाते ही शिव और मथारू ऊपर कमरे में आ गए। आते ही मथारू बोला - ' तुम तो साहब की औरत के भाई हो, उनसे यह क्या करवाते हो? ' 'क्या ...? '
खाना खाने के बाद जीजाजी ने थोड़ी देर आराम किया। मुझे भी अपने पास लिटा कर मेरे लण्ड को सहलाया तथा उसे मसला भी। मेरे गाण्ड के छेद में उंगली डाली, मुझे मजा तो आ रहा था पर न जाने क्यूँ यह सब मुझे बहुत अच्छा नहीं लगा।