अंकल ने लौंडा बना दिया
सम्पादक एवम् प्रेषक : वरिन्द्र सिंह दोस्तो आज आपको अपने एक पाठक की कहानी सुनाने जा रहा हूँ। मेरे इस पाठक का नाम आकाश है। करीब छह महीने पहले मेरी एक कहानी
Antarvasna कम्युनिटी को हमारी शानदार गे सेक्स स्टोरी कहानियों के कलेक्शन से आपको पागल कर देने दें।
सम्पादक एवम् प्रेषक : वरिन्द्र सिंह दोस्तो आज आपको अपने एक पाठक की कहानी सुनाने जा रहा हूँ। मेरे इस पाठक का नाम आकाश है। करीब छह महीने पहले मेरी एक कहानी
कॉलेज हॉस्टल में मैं दोस्त के कमरे में गया तो वहाँ एक और दोस्त था, वे दोनों ब्ल्यू फिल्म देखते हुए एक दूसरे की मुठ मार रहे थे, मैं उनके साथ कैसे गांडू बना !
मेरा चोदू यार कम उम्र में ही तगड़ा चुदक्कड़ बन गया, औरतों, मर्दों के साथ, कच्चे पक्के सारे फल चख गया। इस भाग़ में एक लड़के की गांड चुदाई की कहानी है.
मैं मिसेज कुकरेजा के यहाँ नौकरी करता था उनकी एक बेटी और एक बेटा थ, उनका बेटा अनिल मेरा दोस्त जैसा था। मेरे घर मे भी मेरी एक सौतेली बहन थी। एक बार अनिल अपनी बहन को लेकर मेरी बहन के जन्मदिन पर आया तो उन दोनों को मेरी बहन पद्मा पसन्द आ गई और जल्दी ही अनिल और पद्मा की शादी हो गई। लेकिन पद्मा इस शादी से खुश नहीं थी। तभी मुझे पता चला कि अनिल गाण्डू है… कहानी पढ़ कर मज़ा लें !
मैं शारीरिक रूप से पुरूष हूँ.. पर मानसिक रूप से पुरूष या महिला हूँ.. इस बात पर भ्रम में हूँ। एक नाटक में लड़की का रोल करने के बाद मुझे लगा कि मैं लड़की हूँ तो मैं अकसर लड़कियों वाले कपड़े पहनने लगा.. एक रात तीन बांके नौजवान मेरे कमरे में घुस आये और मुझे नंगा करके मेरे साथ सेक्स वाली हरकतें करने लगे... कहानी पढ़ कर देखिये...
मेरे घर के पास एक अंकल रहते थे, जब मैं उनके घर गया तो मैंने देखा घर में वो अकेले थे था और उनके बदन पर केवल कच्छा था। उन्होंने मेरा लंड अपने मुँह में लिया और चूसने लगे। उन्होंने मुझे कहा- तुम मेरी गांड मारो तो मैं अपनी वाइफ की चूत तुझे दिलवाऊँगा।
मैं बीस साल का छरहरा शरीर का जवान लौंडा इंदौर बड़े भैया के घर काम सीखने गया, रोज शाम को मुझे घूमने और सायबर कैफे में ब्लू मूवीज डाउनलोड कर बेचने का शौक था। उस दौरान मेरी दोस्ती मुझसे बड़े लड़के से हुई, जिसे सभी लारा नाम से पुकारते था, उसे ब्लू मूवीज देखने का बड़ा शौक था इसलिये वो मुझसे दोस्ती रखता था और सस्ते में ब्लू मूवीज खरीद लेता था। एक दिन मैं उसे मूवीज कॉपी कर दे रहा था उसने अपने सीधे हाथ से मेरे कूल्हे को दबा दिया।
मेरे स्कूल के दोस्त ने मुझे एक किताब दिखाई, उसमें मर्द औरत आपस में सेक्स कर रहे थे। मेरी तो लुल्ली पैंट में ही अकड़ गई, हम दोनों आपस में गांड मारने मराने का खेल कैसे खेलने लगे... इस कहानी में पढ़िए...
मेरा नाम साहिल है जो मेरे माता पिता ने दिया बचपन में, पर मैंने अपना नाम सोनिया रानी दिया है अपने आपको! मैं 27 साल का पुरुष हूँ पर दिल और दिमाग से में एक औरत हूँ, लम्बाई 5'7" सांवला रंग और औसत शरीर पर मेरी छाती औरतों की तरह बड़ी बड़ी है... कई साल पहले मेरे चचेरे भाई ने मेरी गांड मारी थी और अब…
मेरा नाम साहिल है जो मेरे माता पिता ने दिया बचपन में, पर मैंने अपना नाम सोनिया रानी दिया है अपने आपको! मैं 27 साल का पुरुष हूँ पर दिल और दिमाग से में एक औरत हूँ, लम्बाई 5'7" सांवला रंग और औसत शरीर पर मेरी छाती औरतों की तरह बड़ी बड़ी है...
मैं वैभव मुझे लड़कियों के कपड़े पहनना अच्छा लगता था.. मैंने हारमोंस की गोलियां खाकर अपने मम्मों को भी बड़ा कर लिया था। रात को सड़क पर मैं लड़की बन घूमता था।
मैं थोड़ा लेट उठा था। बिस्तर से उठने का मन ही नहीं कर रहा था.. बिस्तर पर लेटे-लेटे ही अपने लण्ड को सहला रहा था। पता नहीं कब मेरे अन्दर सुबह ही ठरकपन चढ़ गई और गाण्ड में अजीब सी हलचल होने लगी। लेकिन मन में सोच रहा था कि बुलाऊँ तो किसको बुलाऊँ..
मुझे अगर एक हफ्ते में कोई लौड़ा नहीं मिलता तो मेरी गांड में अजीब सी खुजली होती है लेकिन मैं फिर भी लोगों से कम ही मिलता हूँ। मुझे हट्टे कट्टे, गबरू जवान मर्द बहुत अच्छे लगते हैं। एक तो आधी रात, पास में जंगल, मेन रोड और मैं ऑटो वाले का चूस रहा हूँ… गांड मरवाने की कहानी है यह …
मुझे लम्बा चौड़ा, हट्टा कट्टा मर्द दिखता है तो मेरी गांड में कुछ होने लगता है.. मैं गांडू हूँ… मैं अपने दोस्त के एक जिम में गया... जिम का मालिक मुझे पसंद आ गया और वो भी मुझे देख कर समझ गया... रात को ज़िम वाला मुझे अपने घर ले गया और फ़िर मेरी गांड का क्या हुआ?
मैं गांडू हूँ, गांड मरवाने में खूब मज़ा आता है, जहाँ कहीं मुझे लम्बा चौड़ा, हट्टा कट्टा मर्द दिखता है, मेरी गांड में कुछ होने लगता है.. मैं अपने दोस्त के घर भोपाल गया तो वहां एक जिम में गए... जिम का मालिक मुझे पसंद आ गया और वो भी मुझे देख कर समझ गया...
मैं अपने लड़कियों जैसे बदन को शीशे में निहार कर गाण्ड में उंगली करता था एक पड़ोसी चाचा ने मुझे देख लिया तो उन्होंने मेरी गाण्ड की सील तोड़ कर मुझे गाण्डू बना दिया
मोहित ने किरण की चूत को चूमा और फिर उसकी दोनों टाँगें खोली। किरण की चूत पानी से भीगी पड़ी थी। मोहित आगे बढ़ा और उसने किरण की चूत से अपना मुँह सटा दिया।
अर्जुन ने उसे पलँग पर पेट के बल सपाट लिटा दिया और खुद उसके ऊपर चढ़ गया। विनीत ने अपना हाथ अपनी गाण्ड पर रख लिया जिससे अर्जुन उसे ज़बरदस्ती न चोद दे।
झड़ते हुए उसके लण्ड ने विनीत की गाण्ड में फिर फुंफकार मारी, जैसा की झड़ने पर वीर्य की पिचकारी मारते हुए लण्ड फुदकते हैं, और विनीत फिर चिल्लाया- आह हहा… आअह !
अर्जुन लण्ड चुसवा रहा था और चूसते हुए विनीत को देख रहा था- उसका काला-मोटा लौड़ा विनीत के कोमल गुलाबी होंठों के बीच दबा हुआ था, आओ तुम्हें चोद दूँ…
एक लड़का था, हट्टा-कट्टा, लम्बा चौड़ा, लम्बाई छः फुट चार इंच, 56 इंच चौड़ी छाती, विशालकाय मांसल भुजाएँ और जाँघें, छाती, जाँघों व हाथ-पाँव पर बाल, यानि
Do Dost Ek Gaand Duja Lund Premi अन्तर्वासना के सभी पाठको को मेरा नमस्ते! निम्नलिखित कहानी शुद्ध कल्पना है, किसी भी पात्र से या घटना से कोई समानता होना
Bus Me Apni Gaand Marwai हैलो मेरा नाम विशाल है.. मेरी उम्र करीब 24 साल की है.. मैं गुजरात का रहने वाला हूँ.. मुझे काले मोटे लन्ड लेने का बहुत शौक है।
मैं उसके ऊपर चढ़ गया और उसका लण्ड पकड़ कर अपनी गाण्ड में डाल लिया। इस बार वो बड़ी आराम से अन्दर चला गया मैं उसके ऊपर अपनी गाण्ड पटक कर चुदने लगा।
मेरा नाम गौहर बानो है, मेरी उम्र 37 साल है, निकाह हुए 18 साल हो चुके हैं, तीन बच्चे हैं। मेरे शौहर 45 साल के हैं। पिछले चार साल से मेरे शौहर को डायबिटीज
Chaska Sex Chod Chudai Lund Chusai ka-3 करीब तीन दिन बाद मनोज ने मुझे अपने पास बुलाया, वहाँ मेरे स्कूल के एक टीचर अरुण सर भी मौजूद थे। पता नहीं मनोज ने
Chaska Sex Chod Chudai Lund Chusai ka-2 एक महीने बाद मेरे स्कूल में प्री-बोर्ड परीक्षा होने वाली थी, मैंने उसे बताया तो वो बोला- तुम उसकी चिंता मत करो,
Chaska Sex Chod Chudai Lund Chusai ka-1 दोस्तो, वैसे तो मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ पर अपने जीवन की घटना को पहली बार आप दोस्तों से शेयर करने की
उसने अपनी सुडौल जाँघों की ताकत से मुझे फाड़ डाला था और फिर उसने मुझे औरत की तरह नीचे डाल कर ज़ोर-ज़ोर से चोदा और सारा माल मेरी गाण्ड में निकाल कर सांसें भरने लगा।
उसने अपना हाथ अंडरवियर में घुसा लिया और लौड़े में साबुन लगाने लगाने के बहाने से उसने अंडरवियर खिसका दिया। उसका काला लटकता हुआ लुल्ला देख कर मेरी गाण्ड में पसीना आने लगा था।
दोस्तो, मेरा नाम हसित है, शादीशुदा हूँ, एक बेटी है जो चौथी क्लास में पढ़ती है, सुंदर बीवी है। सेक्स तो घर में और बाहर भी बहुत बार किया है, पर मैंने कभी औरत
हाय दोस्तो, कैसे हैं आप? आप सभी को मेरा नमस्कार। मैं आशू.. बुरहानपुर मध्यप्रदेश का रहने वाला हूँ। मेरी पहली कहानी आप सभी ने पढ़ी और मुझे आप सभी के बहुत
हाय दोस्तों.. मैं आशू.. बुरहानपुर मध्यप्रदेश का रहने वाला हूँ। यह मेरी अन्तर्वासना पर पहली कहानी है, यदि कहानी लिखने में मुझसे कुछ गलती हो जाए तो माफ
Janamdin ke Upahar me Gaand Marvai-2 मैं काफ़ी देर तक भैया के ऊपर लेटा रहा, कभी उनकी आँखों मे आँखें डाल कर उनको देखता और वो मुझे फिर उनके रसीले होंठों का
Janamdin ke Upahar me Gaand Marvai-1 दरअसल मेरे ये भैया मेरे पापा के जूनियर हैं, उनका नाम करण है। हमेशा से ही मुझे पुलिस वाले अच्छे लगते थे और भैया भी एक
वह आँखें मूँद कर लौड़ा चुसवा रहा था, मुँह में लेना काफी मुश्किल हो गया था, मैंने शर्ट उतार दी। वह बोला- तुझे लड़की होना चाहिए था।
मित्रों को मेरा नमस्कार। आज मैं आपको अपनी आपबीती बताने जा रहा हूँ, जब मैं पहली बार चुदा था, यह कहानी सच्ची है लेकिन इसे मजेदार बनाने के लिए मैंने थोड़ा
सीमा प्रणाम पाठको, मैं अन्तर्वासना की बहुत ज़बरदस्त फैन हूँ और इसमें हर किरदार की छपी चुदाई पढ़ कर मैं कई बार पैंटी गीली कर चुकी हूँ। मेरी शादी को सिर्फ छह
मैं चाहता था कि चाय वाला मेरा यौन शोषण कर डाले, मुझे ज़बरदस्ती नंगा करे, मेरा नाज़ुक जिस्म उसके सामने कुछ न कर सके !
हैलो दोस्तो आज मैं आपको अपने एक यादगार ट्रेन के सफर की कहानी सुनाने जा रहा हूँ। यह बात है 20 मार्च की। मैंने अपने 3 दोस्तों के साथ लुधियाना से दिल्ली जाना
मैं अपनी गाण्ड को हिलाते हुए गया, जाकर बैड के नीचे बैठ गया और हिलते हुए लण्ड का चुम्मा लिया। वह तो बावला और मस्त होकर देखने लगा कि कोई उसका लण्ड भी चूसेगा।
वह खोखे से उठा और साइड पर जाकर स्ट्रीट लाइट के नीचे मेरी तरफ मुँह करके मूतने लगा। उसका लण्ड पूरा तन चुका था और मेरी गांड अब गीली होने लग गई थी
मेरा नाम अमन प्रीत है, मैं पंजाब का रहने वाला हूँ। मेरी उम्र 20 साल है, लंड 6.5" लम्बा है। मेरी गाण्ड की मोरी 2" तक खुली हुई है, मुझे गाण्ड मरवाने का बहुत
रंगबाज़ आज मैं आप सबको सत्य घटना पर आधारित कहानी सुनाने जा रहा हूँ। बस इसे रोचक बनाने के लिए मैंने इसमें थोड़ा सा मिर्च-मसाला लगा दिया है। मुझे कुछ दिनों
मैंने पैन्ट खोल कर टेबल से सामान हटाया कुहनियाँ टिका कर घोड़ी बन गया। उसने गीला करके लुल्ला घुसा दिया और दस मिनट मुझे फुल चोदा।
आज तो लंड मेरे खुद के बिस्तर पर था, वो भी मुझे सोता हुआ समझ कर मुझ पर हाथ फेर चुका था। अगले दिन वो मुझे शरारत वाली नजर से देख रहा था।
मुझे लगा भी कि अब वो सारा डर छोड़ कर मुझे बाँहों में भर लेगा और मेरे नंगे जिस्म की तारीफ करते ही मुझ पर सवार हो जाएगा, लेकिन वो झिझक रहा था।
बदन पर सिर्फ नाम की एक फ्रेंची थी, वो भी काले रंग की जिसमें मेरा गोरा जिस्म और आकर्षक दिख रहा था, चूतड़ों पर भी फ्रेंची आधी चिपकी थी और बाक़ी गांड के चीर में फँसी थी।
मैं सोचता हूँ कि अगर मैं लड़की होती, तो चालू बनती, कई आशिक बनाती, स्कूल कॉलेज में बदनाम होती और जब औरत बनती, तो गैर मर्दों से चुदवाती मतलब फुल करेक्टर-लैस होती।
प्रेषक : डिक लवर बचपन से ही मेरा स्वभाव लड़कियों का सा रहा है, मेरी पसन्द भी लड़कियों के जैसी है। मेरा जिस्म गोरा, होंठ गुलाबी, आँखें नीली हैं। मेरा शरीर
शैलेश भैया गमछा पहने हुए थे और ऊपर कुछ भी नहीं पहने हुए थे। उनके ऊपर का पूरा गोरा था। वो उस समय 21 साल के थे और मैं 18 साल का था। आज पहली बार मेरा मन उनके साथ गाण्ड मरवाने का मन कर रहा था
लेखक : सनी गांडू मेरी गाड़ी एक बार फिर से पटरी पर आ चुकी है, अपनी कड़ी मेहनत से मैंने कुछ नये बॉय-फ्रेंड बनाये हैं। किसी का वहाँ का फूला हुआ हिस्सा जब दिखता
यह कहानी है एक गांडू की जिसके साथ एक बड़े बिजनेसमैन ने उसे ब्यूटी पार्लर से दुलहन की तरह सजवाया और उसकी गांड मार कर सुहागरात मनाई.
मेरी गांड भी चाटने से ढीली हो गई थी। उसने एक उंगली डाल कर देखा कि मेरी गांड अब चोदने लायक हुई या नहीं। ढेर सारा थूक अपने मुँह से निकाल कर अपने लौड़े पर लगाया।
आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद, आपने मेरी करवाई गई सभी चुदाइयाँ पसन्द की, कई इमेल्स आ रही हैं, काफी फ्रेंड रिक्वेस्ट याहू पर भी मिलीं, सभी पाठकों का पुनः
मैंने पैंट उतारी, लड़कियों वाली जालीदार पैंटी देख उसका बुरा हाल हो गया, उसकी तरफ चूतड़ करके धीरे से पेंटी खिसकते हुए गांड को मटकाने लगा, चूतड़ खोल के अपना छेद दिखाया।
अब मेरा घर जाने का इरादा गायब हो चुका था। बस किसी तरह उस लौंडे को पटाकर उसकी गांड मारने का था। मैं अँधेरे में सरक कर उसके पास हो गया। अपना एक हाथ उसकी जाँघ पर रखा और...
प्रणाम मेरे आशिक़ो, नये साल की शुरुआत पर मुझे मोटे लंड मिल गए। इतनी ठण्ड में दिल चुदने को बहुत मचलता है। ठंडी-ठंडी गांड में मोटा लंड लेकर मुझे जिस्म में
पिछले कुछ समय से मुझे गांड मरवाने का मन करने लगा। एक बार मैंने अपने बोटम साथी से कहा कि वो मेरी गांड मारे पर वो अन्दर नहीं घुसा सका। पर मेरा मन गांड मरवाने के लिए और भी ज्यादा मचलने लगा। पर मैं किसी भरोसे वाले आदमी से मरवाना चाहता था।
सबसे पहले मेरी तरफ से नए वर्ष की हार्दिक बधाई, आपका सनी नये साल की रात को भी चुद गया ! जब दिमाग में रहते लंड हों तो दिन कौन सा है, तारीख कौन सी है,
समस्त पाठकों मेरा नमस्कार। मैं आपके समक्ष नई कहानी लेकर फिर हाज़िर हूँ, इसे मैंने बहुत प्यार से आप सब के लिए लिखा है। इसके कहानी के सभी पात्र और घटनाएँ
प्रेषक : रंगबाज़ समस्त पाठकों मेरा नमस्कार। प्रस्तुत है मेरी नई रचना, यह कहानी काल्पनिक है और मैंने इसे प्रथम पुरुष में लिखा है। मेरा नाम धनन्जय है, उम्र
प्रणाम मेरे लवर्स को, मेरे आशिकों को, मेरे पाठकों को ! इतना रिस्पांस क्या बताऊँ, मुझे समझ ही नहीं आती किससे चुदवाऊँ, कैसे चुदवाऊँ, कब चुदवाऊँ, हर किसी से
प्रणाम दोस्तो, एक बार फिर से आपका गांडू सनी आपके लिए अपनी चुदाई लेकर हाज़िर है। मुझे बहुत ज़रूरी काम के लिए आगरा जाना पड़ा, एक तो पहले से ही स्टेशन पर ही
मैं एक 18 वर्षीय छात्र हूँ और हाल ही में मैंने बारहवीं की परीक्षा दी है। मैं वाराणसी का रहने वाला हूँ। मैं जो घटना आप सबको बताने जा रहा हूँ, अभी कुछ दिन
प्रणाम पाठको, मेरे आशिको, लो आप की तम्मना दिल खोल कर पूरी कर रहा हूँ, सब शिकायत दूर कर दे रहा हूँ, बस आप सब मुझे ईमेल करते रहना, जिनको मेरी गांड चाहिए, वो
मैं मस्ती में था, मैंने लड़कियों की पैंटी ब्रा पहनी हुई थी, मेरा बहुत मन कर रहा था कि कोई आए और मुझे चोदे ! तभी मुझे एक ख्याल आया, क्यूँ ना पिज़्ज़ा वाले को बुलाया जाए, क्यूंकि मैं उसे पहले भी बुला चुका था।
पाठकों को मेरा प्रणाम जो इनको पढ़कर मुझे अथाह प्यार देते हैं, अपनी ईमेल के ज़रिये, कुछ याहू मेसेंजेर के ज़रिये और फिर इनमें से वो जो मुझे मिलते हैं और मेरी
प्रेषक : विवेक पाटिल हेलो दोस्तो, मैं विवेक, 24 साल, ग्रेजुएट, 5'5", दिखने में स्मार्ट हूँ। मैंने इस साइट पर सारी कहानियाँ पढ़ी हैं, मुझे काफ़ी अच्छी लगी
इस कहानी के पात्र व घटनाएँ काल्पनिक हैं। मैं बहुत दिनों से उससे मिलना चाहता था, उससे मिलकर उसके रसीले होंठ चूसना चाहता था, उसकी चिकनी मुलायम गांड चाटना