मेरी हसीन सुहागरात
प्रेषक : कुणाल मेरा नाम कुणाल है। यह मेरी पहली कहानी है। आशा करता हूँ कि आपको पसंद आएगी। मेरी शादी 4 साल पहले हुई थी। जैसे कि सबको अपनी शादी का इंतज़ार
Antarvasna कम्युनिटी को हमारी शानदार चुदाई की कहानी कहानियों के कलेक्शन से आपको पागल कर देने दें।
प्रेषक : कुणाल मेरा नाम कुणाल है। यह मेरी पहली कहानी है। आशा करता हूँ कि आपको पसंद आएगी। मेरी शादी 4 साल पहले हुई थी। जैसे कि सबको अपनी शादी का इंतज़ार
प्रेषक : राज मेरा नाम राज है। आज मैं आप सब लोगों को अपनी एक सच्ची घटना बता रहा हूँ, यह मेरी पहली कहानी है। यह तब की बात है जब मैं 22 साल का था, मेरे घर के
नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम पायल शर्मा है। आप लोगों ने मेरी कई कहानियाँ पढ़ी और बहुत पसन्द किया इसके लिए धन्यवाद। दोस्तो, आप लोगों के बहुत सारे मेल आ रहे हैं
प्रेषक : विजय मेरा नाम विजय है। मैं अहमदाबाद में रहता हूँ, मैं एक सादा और सामान्य लड़का हूँ। मैं गोरा तो नहीं हूँ, लेकिन स्मार्ट लड़का हूँ, मेरी हाईट 5’9”
लेखिका : रेखा जैन मम्मी पापा से चुदते वक्त उनको बन्सल और बीना की चुदाई की कहानी सुना रही थी। 'आह्ह्ह !' कहकर मम्मी और पापा भी दोनों झड़ गए। पापा के लंड से
लेखिका : रेखा जैन पापा ने मम्मी की चूत से लंड निकाला उनका लंड पूरी तरह चिकने पदार्थ से गीला हो रहा था। उन्होंने मम्मी को जमीं पर घुटनों के बल बैठा दिया।
Mere Yaun Jiwan-ki-Shuruat-2 रेखा जैन मम्मी ने कहा- तुम्हें पता है, चार दिन में मेरी हालत कैसी हो गई है? मैं तो किसी और से सेक्स नहीं कर सकती हूँ तुम्हारे
रेखा जैन मैं रेखा जैन प्रीतमपुर से, मैं अपने अतीत के बारे में बता रही हूँ। मैं 20 साल की हूँ, मेरे पिता जी एक बिजनेसमेन हैं, मम्मी गृहणी है। मेरे परिवार
प्रेषक : देव नमस्कार, दिल्ली के देव का जवान लौडों को सलाम और सभी चूतों को मेरे लंड का नमस्कार ! मैं अन्तर्वासना का पुराना पाठक हूँ। आज अपना अनुभव लिख रहा
दोस्तो, मैं आपका वर्जिन जनरल आपके सामने कहानी लेकर फिर हाज़िर हूँ। जैसा कि आपको पता है कि मेरी कंपनी वर्जिन-बॉय को मिलवाती है, उन महिलाओं से, जो कि अपने
एक दिन मैं रात को अपने PC पर काम कर रहा था तो मैंने हिस्ट्री चैक की तो मेरी आँखें खुली रह गई। मैंने देखा उसने कुछ पोर्न साईट यूज की थी। मैंने उन्हें ओपन
एक बार फिर से देविन हाजिर है अपनी नई कहानी के साथ ! पिछली कहानी में मैंने कम गर्म शब्दों का प्रयोग किया था लेकिन इस कहानी में आप पूरा मजा लेंगे। पिछ्ली
नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम भरत है, मैं कच्छ के एक छोटे से गाँव में रहता हूँ। मेरी उम्र 21 साल है। मुझे सील बन्द लड़कियों को चोदने में मजा आता है। बात उन
प्रेषक : सबीर मेरा नाम सबीर है और मैं भोपाल का रहने वाला हूँ। मैं बहुत समय से निरंतर अन्तर्वासना का पाठक हूँ। बहुत समय से सोच रहा था कि कभी अपनी कहानी भी
तमाम पाठकों व पाठिकाओं को प्यार भरा नमस्कार ! मेरी कहानियों को आप सभी ने बहुत सराहा, इसके लिए सभी का तहे दिल से शुक्रिया ! ज्यादा समय न लेकर सीधे ही अब
प्रेषक : वर्जिन जनरल हेलो दोस्तो, आप लोगों का प्यार मुझे मिला इसके लिए धन्यवाद ! मैं अपने किसी ऑफिस के काम से किसी क्लाइंट से मिलने गया। वहाँ मैं उनकी
प्रदीप ने मुझे भी खींच कर कार के बाहर किया और कार से एक कुशन को निकल कर कार का गेट लगा दिया और खुद कार के गेट से चिपक कर खड़ा हो गया। उसने मुझे वो कुशन
अपने उरोज शरद के हाथों में थमा दूँ ! यार यह पैडेड ब्रा कौन से मैटिरियल से बनी है, अभी ली थी इतने जल्दी छोटी भी हो गई। पिछले कुछ समय से टाइट पड़ रही थी तो
Couple Swap Party कपल स्वैप पार्टी प्रेषक : राकेश कुमार कपल स्वैप पार्टी यानि अपनी पत्नियों को दूसरे की पत्नियों से अदला बदली करके जीवन का लुत्फ़ उठाना।
एक बार फिर मैं अपनी एक और नई कहानी लेकर आपसे रूबरू हो रहा हूँ, पर यह कहानी और कहनियों से कुछ हट कर है। यह कहानी जहाँ तक मुझे लगता है, सत्य घटना है, पर
मैंने गीत को लिटा दिया और पैन्टी उतार दी। उसने दोनों पैर भींच लिए और अपना मुँह ढक लिया। मैंने उसकी जाँघों को सहलाया और पैरों को अलग कर दिया। उसकी चूत
गीत ने मेरा हाथ पकड़ा और पार्क में ले गई। हम दोनों बैठ गए। गीत बोली- मैं जिस दिन तुम्हें नहीं देखती, मेरा कहीं भी दिल नहीं लगता। अगर तुम जयपुर नहीं आए तो
हाय दोस्तो, मेरा नाम योगेन्दर शर्मा है, मेरे घरवाले मुझे योगी और दोस्त पंडित कहकर पुकारते हैं, मेरी लम्बाई 5.8 इंच है और कसरत करने से शरीर कसा हुआ है।
प्रेषक : लण्ड देव लण्ड देव का प्यार भरा नमस्कार। मैंने जब इस वेबसाइट को देखा, तो मुझे भी लगा कि क्यों न मैं भी अपना अनुभव आपके साथ शेयर करूँ। मैं केरल का
अब चोद भी डालो ना ! मुझे रुला कर दिल उसका भी रोया होगा, चेहरा आँसुओं से उसने भी धोया होगा, अगर न हासिल किया कुछ, हमने कुछ प्यार में, कुछ न कुछ तो उसने भी
अब चोद भी डालो ना ! कितने बरसों का सफ़र खाक हुआ, जब उसने पूछा, कहो कैसे आना हुआ? मैं तेज-तेज चोदने लगा और एक हाथ से उसकी चूचियाँ दबाने लगा। पारुल भी मेरे
अब चोद भी डालो ना ! ज़िन्दगी का पहला प्यार कौन भूलता है, ये पहली बार होता है जब कोई किसी को, खुद से बढ़ कर चाहता है, उसकी पसंद उसकी ख्वाहिश में खुद को भूल
अब चोद भी डालो ना ! दिल के आँगन में चाँद का दीदार हो गया, हम उन्हें देखते ही रह गए, वो बादलों में खो गया, हमने बादलों के हटने का इन्तजार किया, जब सामने
प्रेषिका : सोनाली हैलो दोस्तो, मेरा नाम सोनाली है। मेरी उमर 18 साल है। 18 साल की उमर में मेरे पपीते औरतों से भी बड़े हो गये थे। मुझ पर जवानी असर करने लगी
प्रेषक : जयेश नमस्कार मित्रों ! मैं आपका जयेश फ़िर से आपकी खिदमत में हाजिर हूँ। मेरी पहली कहानी 'दोस्त की चाची को चोदा' को लेकर मुझे आपके कई मेल आये और
प्रेषक : आशीष जैसे ही हमने कपड़े पहने, भाभी आ गईं। मानो वे छुप कर हमारी चुदाई लीला देख रही थीं। उनने पूछा- समझ लिया एक-दूसरे को? इसके पहले मैं कुछ कहता,
प्रेषक : आशीष आनन्द भैया कलकत्ता में जॉब करते थे। घर पर उनकी बीवी माया भाभी 35 साल की, उनकी बेटी 5 साल की, उनका बेटा 12 साल का, उनकी बहन अंजू 25 साल की और
दोस्तो, यह बात उन दिनों की है जब मैं स्कूल में पढ़ता था। मेरे पिताजी महीने में एक बार 3-4 दिन के लिए अपने गाँव जाया करते थे। लेकिन जब वे घर आते थे, तब वे
प्रेषिका : गौरी हैलो दोस्तो, मैं गौरी आपके सामने अपनी पहली कहानी लेकर आई हूँ। मैं दिखने बहुत सुन्दर हूँ, एकदम दुबली हूँ। फ़िगर बहुत सैक्सी है, बहुत गोरी
नमस्ते दोस्तो, मैं आज राघव नाम से कथा लिख रही हूँ। मेरा नाम राघव है उम्र 25 साल। बात काफ़ी पुरानी है, हमारे घर में तब किरायेदार आये, उन्हें मैं रेखा ऑन्टी
मेरी कहानियों को पढ़ कर एक मोहतरमा ने मुझसे कहा- मेरी कहानी को आप हिंदी में लिख दीजिए। उसने मुझे खुद के साथ गुजरा वाकया बताया और मैंने उस वाकिये को कहानी
फिर मैंने उसकी सलवार का नाड़ा खोला और उसकी पेंटी सहित नीचे सरका दिया। पेंटी नीचे होते ही सीमा की गुलाबी चूत नजर आने लगी। मैं तो अपने दिल की रानी की गुलाबी चूत देख कर
प्रेषक : राहुल हैलो, मेरा नाम राहुल (बदला हुआ) है। मैं 22 साल का हूँ। मेरी लंबाई 5'.9" है, मैं दिखने में अच्छा हूँ, अभी जयपुर राजस्थान में रहता हूँ, मैं
नमस्कार दोस्तो, मैं अन्तर्वासना का बहुत पुराना पाठक हूँ। मेरा नाम सनी है। मैं देखने में दुबला-पतला लड़का हूँ। मेरी हाइट 5 फीट 11 इन्च है। मैं दिखने में
अजय हैलो फ्रेंड्स, मेरा नाम अजय है। मैं अपनी ज़िन्दगी का पहला अनुभव आपके साथ शेयर करना चाहता हूँ। यह मेरी यहाँ पर पहली कहानी है। आपको अच्छी लगे या बुरी,
मैं आपको अपने बारे में बता दूँ कि मैं बहुत सुन्दर नहीं हूँ परन्तु भरे पूरे बदन का मालिक हूँ। मेरा लिंग साढ़े सात इन्च का है। एक बार मैं अपनी मेल चैक कर रहा
क्योंकि पिछले 40 मिनट से दरवाजे के पास खड़े हो कर मैं यह दृश्य होते देख रही थी इसलिए इतनी उत्तेजित हो गई थी कि मैंने वहीं पर खड़े खड़े अपनी योनि में दो
तरुण के लिंग को देखने के बाद मेरी कामुकता का फिर से पुनर्जन्म हो गया और अगले तीन दिन सोते-जागते वह दृश्य बार बार मेरी आँखों के सामने आने लगा ! नहीं चाहते
तभी बारिश आ गई। हम दोनों नीचे आते आते पूरे ही भीग गये। फिर वो थोड़ी रोमांटिक होने लगी। हमें एक-दूसरे का स्पर्श अच्छा लगने लगा, मैं बोला- चलो मैं तुम्हें
मेरा नाम मनोज है, पटना के नज़दीक का रहने वाला हूँ। मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ। मेरी उम्र 29 साल है, कद-काठी भी अच्छी है। 46 इन्च का चौड़ा सीना,
बहुत देर से रेलवे आरक्षण की लम्बी कतार में खड़े रहने के बाद अब मैं खिड़की के काफी क़रीब पहुँच चुका था। उसके आगे तीन लोग थे। गर्मी से मैं पसीने से तरबतर था।
और क्या हाल हैं जी? आपकी श्रेया आहूजा एक बार फिर आपके सामने हाज़िर है एक दोस्त की आपबीती लेकर ! यह कथा है मेरे दोस्त संजय कुमार रस्तोगी उर्फ़ राजू की ! अब
दोस्तो, मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ, मैंने सारी चटपटी कहानियाँ पढ़ी हैं और मैं पहली बार मेरी खुद की एक सच्ची कहानी बयान करने जा रहा हूँ। मेरा नाम
प्रेषिका : रिया सैनी हाय दोस्तो, मेरा नाम इशा है, मैं लुधियाना में रहती हूँ। यह मेरे एक दोस्त की कहानी है। जैसा कि हम अन्तर्वासना के नियमित पाठक हैं तो
बदन में सिहरन सी हो रही थी जिसे मैं महसूस कर सकता था। उसकी आँखें अब बंद सी हो रही थी... उसकी स्कर्ट घुटनों से थोड़ी ज्यादा ऊपर हो गई थी, अपने हाथों से मैंने उसका स्पर्श किया और अपने होंठ उसकी जांघों पर टिका दिए।
मैं अमित शर्मा एक बार फिर लेकर आया हूँ अपनी सच्ची दास्तान ! बात उन दिनों की है जब मैं इंजिनियरिंग के फाइनल ईयर में था, मेरी गर्लफ्रेंड थी नेहा ! नेहा के
मैंने चुपचाप आँखें मूंद ली... काफ़ी दर्द हो रहा था, ऐसा लग रहा था कि मैं कोई गर्भवती थी, अभी मेरा प्रसव हुआ है और मेरा बच्चा मेरे दोनों निप्प्ल चूस रहा है...
एक बार फिर मैं अपनी नई कहानी लेकर आपसे रूबरू हो रहा हूँ, यह कहानी असल में मेरा एक सपना है, जो मैंने अभी तीन–चार दिन पहले ही देखा था, उसी को आपके सामने एक
जैन साहब उस दिन नाई की दुकान में अपनी बारी की इन्तजार में बैठे किसी फिल्मी पत्रिका में एक हास्य अभिनेता के सपनों के घर के बारे में पढ़कर चौंक गये ! चौंकना
शाम को मैं फिर घर पहुँची। राकेश आये तो उन्होंने रात को सोते समय फिर मुझे दबोच लिया, अपना खड़ा लंड मेरे हाथों में थमा दिया। मैं जानती थी कि उन्हें चुसवाने
मैं रोनी सलूजा, अन्तर्वासना कहानियों के भण्डार में आप सभी पाठक पाठिकाओं का स्वागत करता हूँ, मुझे ख़ुशी है कि आप सभी मेरे द्वारा लिखी कहानी 'निगोड़ी जवानी'
मैं उनके बालों को सहलाते हुए अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के गर्व से फूली नहीं समा रही थी। फिर मैंने माफ़ी मांगते हुए उन्हें सारी सच्चाई बता दी तो वो हँसते
मैंने सर को पकड़कर अपने ऊपर खींच लिया, वो भी मेरे ऊपर आकर मेरे से लिपट गए, मेरे चेहरे को थामकर मेरे होंठों का रसपान करने लगे। उनका खड़ा लंड मुझे अपनी नाभि
सभी पाठकों को रोनी का प्यार भरा नमस्कार ! आज की कहानी विनीता की है जो उसने मुझे सुनाई थी, उसी को मैंने उसी के शब्दों की माला में पिरोकर आपके समक्ष पेश कर
मेरा नाम अदित है, आज मैं अपनी पहली कहानी लिखने जा रहा हूँ, आशा करता हूँ कि आपको पसंद आएगी। हमारे परिवार बचपन से ही काफी करीब रहे हैं तो काफी आना जाना होता
प्रेषक : सचिन मेरी कहानी 'ज्योमेट्री के साथ सेक्स' को अन्तर्वासना पर जगह मिली, धन्यवाद। दोस्तो, आपके मेल मिले बहुत अच्छा लगा और स्फूर्ति मिली। मैं कहानी
तभी अचानक मुझे अपने अन्दर झरना सा चलता महसूस हुआ। अरूण का प्रेम दण्ड मेरे अन्दर प्रेमवर्षा करने लगा। अरूण के हाथ खुद ही ढीले हो गये... और उसी पल...
उन्होंने अपने हाथ से मेरी ठोड़ी को पकड़ कर ऊपर किया और मेरी आँखों में झांकते हुए विनती सी करने लगे जैसे कह रहे हों, "प्लीज, मुझे अपनी प्राकृतिक अवस्था
अरूण मेरे बिल्कुल नजदीक आ गये। मेरी सांस धौंकनी की तरह चलने लगी। अरूण ने चेहरा ऊपर करके अपने होंठ मेरे होठों पर रख दिया। आहहहह... कितना मीठा अहसास था।
आखिर इंतजार की घड़ी समाप्त हुई और बुधवार भी आ ही गया। संजय के जाते ही मैंने अरूण के मोबाइल पर फोन किया। तो उन्होंने कहा, "बस एक घंटे में गाड़ी दिल्ली
मुझे पुरूष देह की आवश्यकता महसूस होने लगी थी। काश: इस समय कोई पुरूष मेरे पास होता जो आकर मुझे निचोड़ देता... मेरा रोम रोम आनन्दित कर देता... मैं तो
दोनों लड़कियाँ आपस में एक दूसरे से अपनी योनि रगड़ रही थी। ऊफ़्फ़...!! मेरी उत्तेजना भी लगातार बढ़ने लगी। परन्तु मेरी समझ में नहीं आ रहा था कि मैं क्या
इस सच्ची घटना के द्वारा मैं सबको यही बताना चाहती हूँ कि अगर पति-पत्नी थोड़ी समझदारी से काम लें तो एक नर्क भरी जिंदगी भी स्वर्ग बन जाती है। डॉक्टर अनुराधा
"... यार, अठारह से अट्ठाईस साल की लड़कियाँ देखते ही कुछ होने लगता है...!" पतिदेव थे, फ़ोन पर शायद अपने किसी दोस्त से बातें कर रहे थे। जैसे ही उन्होंने
प्रणाम पाठको, आपका अपना शिमत वापिस आ गया है अपनी नई कहानी को लेकर, वैसे आपने मेरी पहले वाली बहुत सी कहानियाँ पढ़ी हैं ! आज मैं आप को अपनी एक नई और सच्ची