गर्लफ़्रेंड की दीदी की आगे पीछे चुदाई
माय सेक्स स्टोरी इन हिंदी में मैंने अपनी गर्लफ्रेंड की बड़ी बहन को उसके पति के सामने नंगी करके चोदा. मेरी गर्लफ्रेंड अपने जीजू से भी वहीं पर चुदी.
हाई दोस्तो, मैं शुभम शर्मा … मैं जयपुर का रहने वाला हूँ।
जैसा कि पिछली कहानी मेरी गर्लफ़्रेंड की अपने जीजा से चुद गई में बताया कि मेरी गर्लफ्रेंड शनाया अपनी बहन के कहने पर अपने जीजू से चुद गयी.
अब आगे माय सेक्स स्टोरी इन हिंदी:
उसके बाद मेरे गर्लफ्रेंड को जयपुर छोड़ने उसकी दीदी जीजू विशाल और ज़िनल आ रहे थे।
शनाया ने आते ही मुझे घर की सारी घटना बताई। मुझे तो सुनकर ही मज़ा आया क्योंकि मुझे ज़िनल को चोदने का मौका मिल रहा था।
विशाल और ज़िनल फ्रेश होकर आए। बाहर मैंने सबके खाने का इंतज़ाम कर दिया था।
ख़ाना खाकर सभी गप्पें लड़ाने लगे। कुछ चुदाई की बातें की।
फिर जैसा तय था मैंने ज़िनल को अपने पास बुलाया। अपने पति के सामने ज़िनल आने में शरमा रही थी. लेकिन विशाल ने ख़ुद उसे कहा- जाओ शुभम के पास!
ज़िनल मेरे पास बैठी। शनाया उठकर विशाल के पास चली गई।
मैंने कहा- अब देर नहीं करते हैं।
विशाल को शनाया एक रूम में ले गई। वहाँ उन दोनों ने चुदाई का खेल शुरू कर दिया।
इधर मैंने ज़िनल को अपनी गोद में उठाया और दूसरे रूम में ले गया।
अंदर जाते ही मैंने उसके होंठों पे होंठ रख दिये और चूमने लगा। ज़िनल मेरा पूरा साथ दे रही थी।
गर्लफ्रेंड की बहन के होंठ चूसते चूसते मैं उसके दूध दबा रहा था। जिनल के बड़े मोटे स्तन थे।
मैंने उसके कपड़े उतरना चालू किया. और देखते ही देखते ज़िनल मेरे सामने नंगी खड़ी थी।
ज़िनल ने भी मेरे सारे कपड़े उतार कर मुझे नंगा कर दिया।
अब ज़िनल घुटनों पर बैठी और मेरे लंड से खेलने लगी। मैंने उसे लंड चूसने को कहा।
ज़िनल ने फट से लंड मुँह में लिया और ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी। फिर उसने मेरे ट्टटों को अच्छे से चाटा।
मैंने उसे उठाया और बेड पर लेटाया। फिर मैं उसके दूध पर टूट पड़ा। मैंने उसके दोनों स्तनों को बारी बारी जी भर के चूसा और निचोड़ दिया।
फिर उसके पूरे शरीर को चूमते हुए मैं उसकी चूत तक पहुँचा। ज़िनल की चुत से पानी बह रहा था। मुझसे रहा नहीं गया और मैंने तुरंत गर्लफ्रेंड की बहन की चुत को चाटना शुरू कर दिया।
चुत चाटते चाटते मैं अपनी जीभ अंदर बाहर करने लगा। वह भी गांड ऊंची कर कर के चुत चटवा रही थी।
चुत की अच्छी मालिश के बाद वह मुझे जल्दी चोदने को कहने लगी।
मैंने तुरंत उसकी टांगों को पूरा फैला दिया, अपना लंड उसकी चुत पर सेट किया, फिर ज़ोर से लंड को झटका दिया। मेरा लंड ज़िनल की चुत में समा गया।
ज़िनल अपनी गांड ऊपर कर रही थी। मैंने ज़ोर ज़ोर से धक्के देना शुरू कर दिया। पूरा कमरा पच पच की आवाज़ से गूंज गया।
अच्छे से चुत मारकर मैं उसकी चुत में झड़ गया और चुत को मेरे वीर्य से भर दिया। मेरा वीर्य उसकी चुत से बाहर तक बह रहा था। यह देख ज़िनल भी ख़ुश थी।
उधर दूसरे कमरे में जीजा साली विशाल और शनाया की ज़ोरदार चुदाई चल रही थी।
विशाल मज़े में शनाया की गांड पेले जा रहा था।
इधर अब मैंने ज़िनल को घोड़ी बनाया और गांड मरवाने के लिए तैयार किया। मैंने थोड़ा वैसलीन लिया और उसकी गांड के छेद में मल दिया।
अब मैंने अपना लंड उसकी गांड के छेद में सेट किया और धीरे धीरे अंदर घुसाना शुरू किया।
ज़िनल की गांड पहले से खुली हुई थी इसलिये मेरा लंड उसकी गांड में घुस गया।
अब मैंने धक्के तेज किये और घपाघप गर्लफ्रेंड की बहन की गांड मारने लगा था। ज़िनल भी मज़े से गांड मरवा रही थी।
एक लंबी गांड ठुकाई के बाद मैं उसकी गांड में झड़ गया। फिर थोड़ी देर आराम के बाद उसने मेरा लंड चूसकर फिर खड़ा किया।
मैंने उसे अपने लंड पर बैठाया और उसे उछलने को कहा। वह मेरे लंड पर बैठकर उछल रही थी। उसके दूध भी साथ में नाच रहे थे।
थोड़ी देर बाद मैं झड़ने वाला था तो मैंने ज़िनल को उठाया और खड़े होकर उसके मुँह में लंड दिया।
उसे समझ आ गया कि उसको मेरा वीर्य पीना है। वह ज़ोर ज़ोर से लंड चूसने लगी और मैं उसके मुँह में झड़ गया। उसका मुँह मेरे वीर्य से भर गया। वह उसे तुरंत गटक गई।
उधर विशाल ने भी शनाया को चोद चोद कर बुरा हाल कर रखा था।
सारी रात दोनों की चुदाई चलती रही।
विशाल और ज़िनल चार दिन रुके।
सभी घर में चारों दिन नंगे रहे और तरह तरह की चुदाई का मज़ा लिया।
चार दिन बाद विशाल को काम पर लौटना था तो ज़िनल और विशाल निकल गए।
फिर कभी और प्लान बनाने का तय कर हमने भी उन्हें विदा किया।
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