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जिस्म की खूबसूरती ने रण्डी बना दिया- 3

सनी वर्मा
जिस्म की खूबसूरती ने रण्डी बना दिया- 3
@सनी वर्मा
13 min

हॉट Xnx पोर्न कहानी में सेक्सी हसीन बीवी को छोड़ कर शौहर दुबई चला गया. पीछे बीवी पर नजर थी शौहर के दोस्त की. उसने दोस्त की बीवी को पटाने की कोशिश की तो वह फिसल गयी.

कहानी के दूसरे भाग नई दुल्हन की दूसरी चुदाई में आपने पढ़ा कि हसीन जवान दुल्हन पाकर भी शौहर पराई औरत के पास सेक्स के लिए चला गया. दुल्हन मायूस रह गयी.

अब आगे हॉट Xnx पोर्न कहानी:

अगली सुबह साजिद आया और इसे बर्ताव करने लगा जैसे कुछ हुआ ही न हो.

सायरा की आँखें सूजी हुई थीं. साजिद ने कुछ नहीं पूछा, अलबत्ता इतना जरूर कहा कि कल वे दोनों वापिस भारत जायेंगे और साजिद वहां से अकेला वापिस आएगा.

सायरा बहुत रोई- मुझे आपके साथ रहना है. पर साजिद बोला- अभी नहीं, कुछ महीनों बाद देखेंगे.

साजिद सायरा को लेकर भारत आ गया और दो चार दिन रहकर वापिस दुबई आ गया. सायरा ने बहुत मिन्नतें कीं पर कोई फायदा नहीं हुआ.

सायरा कुछ दिनों के लिए अपने मायके आ गयी.

इस बार मायके आने पर उसे अहसास हुआ कि उसकी ससुराल के एशो-आराम और मायके की तंगहाली में बहुत फर्क है. अगर वह साजिद से लड़कर वापिस मायके आ गयी तो उसके अब्बू तो टूट ही जायेंगे.

एक हफ्ते मायके में रहकर सायरा वापिस ससुराल आ गयी.

अलबत्ता दिन में तीन-चार बार उसकी अंकित से बातें होने लगीं. उसके ससुराल आने पर अंकित लगभग हर दूसरे तीसरे दिन किसी न किसी बहाने से आ जाता और उसके साथ हंसी मजाक कर वापिस चला जाता.

एक दिन तो अंकित ने हद ही कर दी. किसी बात पर हंसी मजाक चल रहा था, सायरा बावर्चीखाने में कुछ लाने गयी तो पीछे से अंकित आ गया और उसे गाल पर चूम लिया.

सायरा घबरा गयी की किसी ने देख लिया तो?! वह सीधी अपने कमरे में ऊपर चली गयी.

अंकित भी पीछे पीछे आ गया और उसने सायरा को फिर से जबरदस्ती चूमा. सायरा ने उसे धमकाया मकी अगर वह वापिस नहीं गया तो वह सब कुछ अम्मी को बता देगी. अंकित वापिस चला गया.

कुछ दिन बाद सायरा का जन्मदिन था. उसे पूरे दिन साजिद के फोन का इंतज़ार रहा. पर न आना था और न आया.

रात को 9 बजे करीब उसे किसी कोरियर वाले का फोन आया- आपके लिए एक पर्सनल पार्सल है और आपको बाहर के जीने से लेना है.

सायरा सोची कि आखिर साजिद को उसकी याद आ ही गयी. वह बाहर भागी और पार्सल लेकर चुपचाप अपने कमरे में आ गयी.

खोला तो एक बहुत खूबसूरत ड्रेस, साथ में मैचिंग ब्रा-पेंटी सेट भी था. नीचे एक गुलाब के फूलों का गुच्छा और साथ में भेजने वाले का कार्ड.

सायरा चौंक गयी … भेजने वाला अंकित था.

तभी उसका मोबाइल बजा. अंकित था पूछ रहा था- तोहफा कैसा लगा?

सायरा रो पड़ी, बोली- साजिद ने आज भी मुझे याद नहीं रखा! अंकित बोला- रोओ मत. मैं नीचे खड़ा हूँ, तुमसे मिलना चाहता हूँ. सायरा ने मना कर दिया कि ऐसे रात को छिप कर नहीं मिलो. कल दिन में आना.

अंकित जिद करता रहा- मैं नीचे खड़ा हूँ. सायरा ने गुस्से में कह दिया- खड़े हो तो खड़े रहो, मैं गेट नहीं खोलूंगी.

करीब आधा घंटे बाद सायरा ने बाहर के परदे को हल्का सा सरकाया तो देखा अंकित मोटरसाइकिल पर बैठा उसी की ओर देख रहा है. उसका मोबाइल फिर बजा. अंकित ने फिर मिन्नतें कीं, बोला- केक लाया हूँ, खिला कर चला जाऊंगा.

अब सायरा पिघल गयी. उसके मन में साजिद से बदला लेने की भावना भी थी और अंकित के लिए प्यार भी था.

उसने चुपचाप बिना आवाज किये गेट खोल दिया. अंकित ऊपर आ गया.

उसके हाथ में एक केक और गुलाब का फूल था.

अंकित ने नीचे बैठकर बड़ी अदा से उसे गुलाब का फूल दिया और हाथ मिलाकर बर्थडे विश किया. सायरा ने इतनी गर्मजोशी से अंकित का हाथ पहली बार थामा था.

अंकित ने उससे कहा- क्या रोनी सूरत बना रखी है. जाओ कपड़े बदलो … जो ड्रेस मैं लाया हूँ, वह पहनो, फिर केक काटेंगे. सायरा बोली- नहीं, अभी तुम जाओ, कोई आ जाएगा.

अंकित बोला- रात के 11 बज रहे हैं, अब कौन आयेगा. और तुम जल्दी करो, मैं केक कटवाकर जल्दी ही चला जाउंगा.

सायरा ने न चाहते हुए भी वह नयी ड्रेस पहनी और हल्का सा मेकअप भी किया. अब वह भी खुश नजर आने लगी थी.

बहुत सुंदर ड्रेस थी, वह बिल्कुल परी-सी नजर आ रही थी.

इस बीच अंकित ने केक सजाया और अपने मोबाइल में बर्थडे का गाना चला दिया. अंकित ने सायरा का हाथ पकड़ कर केक कटवाया. दोनों ने एक दूसरे को केक खिलाया.

सायरा अब अपने पर काबू नहीं रख पायी और अंकित से लिपट गयी. दहकते जिस्म जब मिले तो आग और भड़क गयी. दोनों के होंठ मिल गए.

अब तो दो जिस्म एक होने को तड़प उठे. अंकित ने सायरा के होंठ चूमते हुए उसके मम्मे भी सहला दिए.

अब सायरा को होश आया कि क्या होने जा रहा है. उसने अंकित से अपने को छुड़ाया और अंकित को वापिस जाने को कहा.

अंकित ने उसे फिर चूमा और कहा- वापिस तो मैं चला जाऊंगा, पर क्या तुम पूरी रात सो पाओगी? सायरा बोली- मैं कुछ नहीं जानती, बस ये गलत है.

इस पर अंकित बोला- और जो साजिद वहां कर रहा है वह गलत नहीं है? क्या तड़पना सिर्फ तुम्हारे नसीब में ही है? सायरा उसे देखती रही.

अंकित ने उसे फिर अपने से लिपटा लिया. सायरा उसके आगोश में समा गयी.

अंकित ने सायरा को गोदी में उठाया और बेडरूम में ले गया और बिस्तर पर धीरे से लिटा दिया. सायरा की आँखें बंद थीं.

अंकित ने उसे ऊपर से नीचे चूमना शुरू कर दिया. सायरा फुसफुसाई- लाइट बंद कर दो.

फिर अँधेरे में दोनों के जिस्म के पूरे कपड़े उतर गए; दोनों एक दूसरे में समा जाने की होड़ में गुत्थम गुत्था हो गए.

अंकित का लंड साजिद के मुकाबले ज्यादा ही बड़ा और मजबूत था. वैसे भी अंकित सायरा के दिल- ओ- दिमाग और अब जिस्म पर हावी हो चुका था.

सायरा उसका लंड ऐसे चूस रही थी मानो खा जाना चाहती हो.

अंकित ने भी उसकी फांकों को फैला कर उसकी चूत को अपने थूक से भर दिया और फिर टांगें चौड़ा कर अपना मूसल जैसा लंड पेल दिया. सायरा कमसिन कली थी, अंकित के लंड को नहीं झेल पाई. वह तड़प उठी पर उसने अंकित को कस के पकड़ लिया.

अंकित ने अपनी चुदाई शुरू कर दी. सायरा पूरी तरह समर्पित थी अंकित के लिए!

अंकित ने सायरा को जम कर चोदा. सायरा निहाल हो गयी. उसे हॉट Xnx पोर्न करके आज आत्मिक और जिस्मानी संतुष्टि मिली थी.

अंकित एक राउंड और लगना चाहता था. पर रात के 1 बज गया था, ज्यादा देर करना सुरक्षित नहीं था.

अँधेरे में अंकित वापिस जीने से होते हुए नीचे उतर गया.

उसके बाद घर पहुँच कर रात भर सायरा और उसकी फोन पर बातें होती रहीं.

अंकित ने सायरा के मन में यह बिठा दिया कि जब साजिद उसकी परवाह नहीं कर रहा तो वह क्यों उसकी परवाह करती है.

धीरे धीरे इन सबको तीन-चार महीने बीत गए.

साजिद न तो सायरा के फोन उठाता था, न फोन करता था। साजिद का फोन जब भी अपनी अम्मी के पास आता तो वह सायरा को मनहूस ही कहता कि जब से वह आई है, उसको काम में नुकसान हो रहा है। अम्मी भी अब बात बात पर सायरा से झगड़तीं और ताने देतीं। अब तो वे उसके मायके की गरीबी का मजाक भी उड़ातीं। सायरा तिलमिला कर रह जाती।

साजिद की अम्मी ने अब उसके छोटे छोटे खर्चों पर रोक लगा दी. साजिद कोई पैसा भेज नहीं रहा था. सायरा अब हर पैसे के लिए अम्मी पर मोहताज थी और वे उसे हर समय दुत्कारती थीं कि उसी की वजह से अब साजिद यहां नहीं आता।

तो सायरा उन्हें क्या कहती कि साजिद तो दुबई में अपनी रखैल रुखसाना को चोद ही रहा है, तो उसे क्या जरूरत है यहां आने की! और बीवी की चूत को चुदवाने के बदले में रुखसाना का पति आमिर साजिद के व्यापार में हेराफेरी कर रहा है।

साजिद लंगोट का कमजोर होने के कारण आमिर से कुछ कह नहीं पा रहा था। सायरा ने अब कुछ पैसे कमाने की सोच से इधर-उधर नौकरी देखनी शुरू कर दी.

पर कोई भी नौकरी दस हजार से ज्यादा की नहीं मिल रही थी. अब दस हज़ार से क्या होता.

अंकित की हमदर्दी बढ़ती जा रही थीं.

सायरा कई बार अंकित से बाज़ार में मिली थी. दो चार बार अंकित की गाड़ी में दोनों ने मन भर कर चूमा चाटी की थी.

अंकित बार बार सेक्स के लिए कहता पर सायरा मन नहीं बना पाती थी और कोई मौक़ा भी नहीं मिलता था.

सायरा के बार बार ना कहने पर भी अंकित ने उसे एक बार पचास हज़ार रूपये दे दिए थे- ये आप रख लें किसी जरूरत के लिए!

अंकित की सिफारिश पर सायरा को एक होटल में रिसेप्शनिस्ट की नौकरी मिल गयी. बस इसमें एक परेशानी थी कि महीने में एक हफ्ते नाईट ड्यूटी पर रहना होता था.

साजिद की अम्मी ने बहुत हल्ला मचाया. पर बाद में अंकित ने उन्हें अकेले में यह समझाया- इस नौकरी में इतना पैसा तो मिल ही जायेगा कि सायरा भाभी का गुजारा चल जाएगा और आप पर वजन भी नहीं पड़ेगा. होटल की ड्यूटी के कारण खाना भी उन्हें वहीं मिलेगा तो वह भी आपकी जिम्मेदारी ख़त्म!

कुल मिलाकर बात यह थी कि साजिद की अम्मी और अब्बू को यह समझ आ गया कि इस नौकरी के चलते सायरा की उन पर से जिम्मेदारी ख़त्म हो जायेगी. उन्हें यह तो अहसास हो गया था कि साजिद या तो जल्दी ही सायरा को तलाक दे देगा या दुबई में ही कोई रखैल रख लेगा.

सायरा इस नौकरी के लिए अंकित का अहसान मान रही थी. अंकित ने सायरा से कहा कि उसे पार्टी चाहिए.

सायरा बोली- चलो होटल में चलते हैं. अंकित बोला- अभी नहीं, जिस हफ्ते तुम्हारी नाईट ड्यूटी होगी, हम एक रात किसी होटल में रुकेंगे.

सायरा घबरा रही थी. पर अंकित के अहसानों के तले और उसके लंड की चाहत से दबी हुई थी.

होटल में ड्यूटी सायरा को खूब रास आ रही थी. उसकी ख़ूबसूरती के कारण ही उसे नौकरी मिली थी और ख़ूबसूरती संवारने के लिए होटल उसे तमाम मेकअप का सामान देता था.

अगले हफ्ते से सायरा की नाईट ड्यूटी थी. सायरा की अर्जी पर पहली रात उसे छुट्टी मिल गयी.

सायरा ने दिन में पार्लर जाकर अपने को चमकाया और पूरे जिस्म को चिकना कर लिया, खास तौर से अपनी बुलबुल को!

वह शाम 6 बजे करीब को एक बैग में अपनी एक ड्रेस और एक दो सेक्सी सी नाईट ड्रेस रख कर टैक्सी से घर से निकली और थोड़ी दूर जाकर अंकित की गाड़ी में बैठ गयी. अंकित की गाड़ी उड़ ली.

उसने शहर के बाहर एक पांच सितारा होटल में रूम बुक कर रखा था. पांच सितारा होटलों में ज्यादा पूछताछ नहीं होती.

सायरा ने मास्क लगा कर अपना चेहरा छुपा लिया था.

रूम में पहुँचते ही सायरा अंकित से सूखी बेल की तरह लिपट गयी. उसका दिल जोरों से धड़क रहा था. आज वह इस हद तक बेवफाई पर उतर आई थी कि सिर्फ चुदने के लिए अपने यार के साथ होटल में आ गयी थी, वह भी पूरी रात के लिए!

अंकित ने सायरा को चिपटा लिया अपने से. दोनों के होंठ मिल गए. सायरा काम्प रही थी. अंकित ने उससे वजह पूछी तो वह बोली- डर लग रहा है, कोई आ गया तो? अंकित बोला- तुम तो होटल में जॉब करती हो, क्या कोई स्टाफ किसी रूम में बिना बुलाये जा सकता है? और बाहर वाला कोई हमारे रूम में बिना हमारी इजाजत के आ नहीं सकता.

सायरा ने अपने आपको पूरी तरह अंकित के हवाले कर दिया.

अंकित ने बेग से व्हिस्की की बोतल निकली और एक पेग बना कर सायरा के होंठों से लगा दिया. सायरा को हार्ड ड्रिंक पसंद नहीं था पर वह आज हर वह काम करना चाह रही थी जो अंकित को पसंद हो.

अंकित उसे बाँहों में घेरे सोफे पर बैठ गया. सायरा उसकी गोदी में थी.

धीरे धीरे उसे चूमते चाटते अंकित ने वह पेग ख़त्म कर लिया.

रात के आठ बज गए थे. अंकित ने डिनर का आर्डर किया रात को 9 बजे के लिए. सायरा अंकित की गोदी में थी. धीरे धीरे उसे चूमते चाटते अंकित ने वह पेग ख़त्म कर लिया.

रात के आठ बज गए थे. अंकित ने डिनर का आर्डर किया रात को 9 बजे के लिए.

इस बीच उसके कहने पर सायरा ने वाशरूम में बाथटब भरने के लिए खोल दिया. अंकित ने अपने कपड़े उतारे और सायरा के कपड़े उतारने लगा. सायरा हिचक रही थी.

अंकित हंस पड़ा, बोला- हम यहाँ आये किसलिए हैं? सायरा मुस्कुरा गयी, उसने कपड़े उतार दिए.

बाथरूम की मद्धिम रोशनी में सायरा का चिकना जिस्म चमक रहा था.

अंकित ने उसे चूमा और गोदी में उठाकर शावर के नीचे खड़ा हो गया. सायरा ने अपने होंठ उसके होंठों से भिड़ा रखे थे.

अंकित की दो उंगलियाँ नीचे से उसकी चूत में मालिश कर रही थीं. सायरा की चूत तो पानी बहा रही थी.

अब अंकित सायरा को लेकर बाथटब में आ गया. दोनों बाथटब में बगल-बगल लेट गए.

अंकित सायरा के मम्मों से खेलने लगा. सायरा उसका लंड मसल रही थी.

अंकित का लंड औसत लंडों के साइज़ से काफी बड़ा और मजबूत था.

तब अंकित ने सायरा को अपने पेट पर पीठ के बल लिटा लिया. अब सायरा के दोनों मम्मे अंकित धीरे धीरे गोलाई में मसल रहा था.

नीचे से अंकित का लंड सायरा के छेदों में घुसने की फिराक में था.

सायरा उठ कर घूमकर बैठी और अपने हाथों से अंकित का लंड अपनी चूत में कर लिया और फिर आगे झुककर अंकित को चूमने लगी.

अंकित ने नीचे से दबाव मारा तो लंड और अंदर धंस गया. सायरा अंकित के होंठों को ऐसे चूस रही थी मानो खा जाना चाहती हो.

अंकित ने उसे सीधा किया और उसके मम्मे मुंह में ले लिए. वह बारी बारी से उन्हें चूसने लगा.

ऊपर से शावर की धार पड़ रही थी जो दोनों के जिस्मों में आग और भड़का रही थी.

शावर की धार को एडजस्ट करने के लिए अंकित खड़ा हुआ तो सायरा ने उसका लंड मुंह में ले लिया. अंकित का लंड इतना बड़ा था कि सायरा के हलक से टकरा रहा था, फिर भी पूरा अंदर नहीं जा रहा था.

अब अंकित ने सायरा को पानी में खड़ा किया और उसकी एक टांग पानी की टोंटी पर रख कर उसकी चूत में खड़े खड़े ही लंड घुसा दिया और धक्के शुरू कर दिए.

चुदाई तो दमदार हो रही थी पर मजा नहीं आ रहा था. सायरा का बार बार बैलेंस बिगड़ जाता तो अंकित का लंड बाहर आ जाता.

तब सायरा बोली- बेड पर चलो, वहां करेंगे.

अंकित ने सायरा को तौलिया में लपेटा और बेड पर ले जाने लगा.

तभी डोर बेल बज गयी.

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