कजिन की सेक्सी मंगेतर को शादी से पहले चोदा- 2
मेरे कजिन की होने वाली बीवी मेरे ही घर में मेरा लंड चूसकर गई थी। मैं उसके लिए पागल हुआ जा रहा था। फिर एक दिन उसका मैसेज आया कि वो शहर में आई हुई है! फिर मैंने क्या किया?
हैलो दोस्तो, मैं अरुण अपनी कज़िन की होने वाली बीवी चुदाई की कहानी का दूसरा भाग आप लोगों के लिए लेकर आ गया हूं।
अगर आपने कहानी का पहला भाग कजिन की सेक्सी मंगेतर को शादी से पहले चोदा- 1 पढ़ा है तो आपको याद होगा कि मेरे कज़िन की होने वाली बीवी मेरे कॉलेज में साथ रह चुकी थी।
जब मेरे घर आई तो उसने अकेले में मेरी पैंट खोलकर मेरा लंड चूस लिया था। मैंने माल उसके मुंह पर छोड़ दिया।
फिर वो मुझे जोर से किस करके हमारे घर से चली गई थी।
लेकिन उसके जाने के बाद मेरे पास उससे बात करने का कोई रास्ता नहीं था।
फिर मैंने दिल्ली सेक्स चैट वेबसाइट पर जाकर एक मॉडल संजना के साथ सेक्स चैट करते हुए मुठ मारी। मुझे बहुत मजा आया।
अब आगे की क्रेजी सेक्स विद भाभी:
दोस्तो, संजना के साथ वीडियो सेक्स चैट करके मुझे बहुत मजा मिल रहा था। अक्सर मैं उसको कॉल किया करता था।
एक रात की बात है कि मैंने उसको मैसेज किया और वो झट से ऑनलाइन आ गई।
उसने ऊपर से नीचे तक खुद को एक पिंक लॉन्जरी ड्रेस में ढका हुआ था। ऑनलाइन आते ही वो कैमरा के सामने आहें भरने लगी और अपनी बॉडी पर हाथ फेरने लगी। वो इंतजार कर रही थी कि मैं उससे कुछ चुदास भरी बातें करूं।
मैंने किया भी वही। मैं (अपने शर्ट उतारते हुए)- संजना, बेबी … अपनी ब्रा की पट्टियां साइड से उतार दो ना … निप्पल दिखा दो मुझे जान!
संजना- हम्म … मुझे भी बहुत अच्छा लगता है ये डैडी! कहते हुए उसने अपनी ब्रा उतार दी और अपना एक चूचा मेरे सामने एक साइड से नंगा कर दिया- आपको मुझे सताने में मजा आता है, है न?
उसकी चूची का निप्पल एकदम से सख्त दिख रहा था। वो मटर के दाने जैसा तना हुआ था। वो बार-बार उसे छेड़ रही थी।
निप्पल को छेड़ते हुए वो भारी सांसें ले रही थी।
करते-करते उसने दूसरी पट्टी भी सरका दी और दूसरी चूची भी नंगी हो गई। वो दोनों बूब्स को छेड़ते हुए मेरी तरफ देख रही थी।
चूचियों को छेड़ने के कारण उसके बदन के रोंगटे खड़े हो रहे थे। उसके निप्पल तन चुके थे। इनको छेड़ते हुए वो अपने होंठों को दांतों से काट रही थी और गहरी सांसें बाहर छोड़ रही थी।
ये नजारा देखकर मैंने अपने लंड को बाहर निकाल लिया और मुठ मारना शुरू कर दिया। संजना ने देखा कि मैंने अपना लंड बाहर निकाल कर नीचे ही नीचे हिलाना शुरू कर दिया है।
वो भी उठ गई और कैमरे के सामने झुकती चली गई। वो अपनी चूचियों की क्लीवेज को स्क्रीन के बिल्कुल पास ले आई और दोनों चूचियों को दोनों हाथों से भींचते हुए मस्त मादक आवाजें करने लगी।
संजना- कैमरा को फ्लिप कर लो बेबी, ताकि मैं तुम्हारे तने हुए फनफनाते लंड को मुठियाते हुए देख सकूं। मैं- ओह्ह, तुम्हें मेरा लंड देखना है? संजना- येस डैडी!
मैंने कैमरा फ्लिप कर दिया और लंड को कैमरे के बिल्कुल पास कर दिया। संजना मेरे लंड के दर्शन अच्छे से करने लगी।
उसने अपनी पैंटी को निकाल दिया और दो उंगलियां चूत में दे लीं। वो मेरे लंड को देखते हुए चूत में उंगली करने लगी।
भीतर जाती उंगलियों के साथ उसकी सिसकारियां मुंह से फूटकर बाहर आ रही थीं।
उसकी ये हालत देखकर मैं भी अपने लंड को तेजी से मुठियाने लगा।
मैं- अपनी गांड दिखा मुझे रांड! संजना (तेजी से चूत रगड़ते हुए)- ओह् याह, अच्छा लगा! फिर से ‘रांड’ कहो मुझे! मैं- अपनी गांड में उंगली डालकर अपने छेद को चोद रांड! संजना- ओह, येस डैडी!
वो घूम गई और मेरी तरफ गांड उठाते हुए अपनी चूत-गांड को सहलाने लगी।
मैं और तेजी से लंड को मुठियाने लगा। उसकी मोटी गांड को मैं गायत्री की गांड सोचकर और जोश में लंड को फेंट रहा था।
संजना की चूत से सफेद रस निकल रहा था।
वो लगातार अपनी गांड और चूत को रगड़ती जा रही थी। मैं गुर्राने लगा और तेजी से मुठ मारते हुए मेरा बदन अकड़ने लगा।
सामने संजना को मेरी आवाज सुनी तो उसने सिर घुमाकर मेरी तरफ देखा।
इतने में ही मेरे लंड से लावा फूटने लगा और फर्श पर पिचकारियां लगने लगीं।
संजना भी मेरे निकलते वीर्य को देखकर तेजी से चूत को रगड़े जा रही थी।
एकदम से उसकी भी तेज-तेज सिसकारियां छूटने लगीं और उसकी चूत ने पानी छोड़ना शुरू कर दिया। संजना की चूत से निकले पानी ने बेडशीट को एक बड़े हिस्से में से गीला कर दिया।
संजना (हांफते हुए)- ओह्ह फक! बड़ा मजा आया बेबी! मैं (कपड़े पहनते हुए)- हां, बहुत ही ज्यादा मजा आया!
तभी मुझे एक मैसेज फोन पर प्राप्त हुआ। यह इंस्टाग्राम से आया था। मैसेज गायत्री का था।
मुझे तो यकीन ही नहीं हुआ! उसने कहा कि वो 2 दिन बाद मेरे ही शहर में होगी। वो अपने कुछ दोस्तों से मिलने आएगी। उसने कहा कि वो एक पास के होटल में रुकेगी और चाहेगी कि मैं भी उससे मिलूं।
मैंने संजना को इस मैसेज के बारे में बताया। हमारी वीडियो चैट बस खत्म ही होने वाली थी।
संजना- जाओ, मिलो उससे … और वहां जाकर मुझे भी कॉल कर देना। मैं भी देखना चाहूंगी कि तुम उसकी चूत के चिथड़े कैसे उड़ाओगे। वो नजारा देखकर मैं भी जोर से छूटना चाहती हूं।
मुझे भी संजना का यह आइडिया पंसद आया। हम दोनों इस प्लान पर हंसे और फिर कॉल खत्म की। दो दिन तो जैसे पलक झपकते ही चले गए।
दूसरे दिन की शाम को गायत्री होटल पहुंच गई। मैं उसके होटल पहुंचा और उसे कॉल किया। उसने मुझे रूम का नम्बर मैसेज में बता दिया।
मैं लिफ्ट लेकर बिना किसी परेशानी के उसके रूम की ओर जाने लगा।
गैलरी में जा ही रहा था कि एक दरवाजा खुला और गायत्री दरवाजे की चौखट के सामने खड़ी हो गई। उसके चेहरे पर एक शरारती मुस्कान थी।
उसने एक सनड्रेस पहना हुआ था जिसमें उसकी कोमल जांघें मुश्किल से ढक रही थीं। वह मेरा उसके पास पहुंचने तक इंतजार कर रही थी।
जैसे ही मैं दरवाजे के करीब पहुंचा उसने एकदम से मेरी शर्ट पकड़ कर मुझे दरवाजे के अंदर खींच लिया।
उसने कमर से मुझे दीवार के साथ सटा दिया और मेरे होंठों को जोर से चूस डाला। उसके होंठ बड़े ही स्वादिष्ट लग रहे थे।
गायत्री- गॉड, तुम्हारा लंड मुंह में लेकर चखने के बाद मैं इसके लिए तड़प रही थी।
कहकर उसने अपनी ड्रेस को थोड़ा सा ऊपर सरका दिया ताकि वो फर्श पर घुटनों के बल बैठ सके। उसने धीरे से मेरी जींस को खोलकर नीचे खींचा, मेरी जांघों पर नर्म-कोमल पप्पियां देने लगी।
उसके ऐसे हल्के चुम्बनों से मेरी जांघों पर गुदगुदी हो रही थी। मुझे हँसी छूटने लगी थी।
फिर उसने मेरे बॉक्सर अंडरवियर को नीचे खींच दिया और मेरी गोटियों के बगल में भीतर से जांघों को चूमने लगी।
इस दौरान मेरा लंड उसके चेहरे पर आराम कर रहा था। कभी उसके नाक पर जा टिकता तो कभी आंखों और माथे पर।
फिर उसने मेरे लंड को हाथ में ले लिया और धीरे से इसकी मुठ मारने लगी।
मैं- मेरे पास कुछ और भी है मजेदार करने को! गायत्री (मेरे लंड को प्यार से चाटते हुए)- क्या इस मजेदार काम में तुम्हारा लंड मेरी चूत के अंदर भी जाएगा?
मैं- हां मेरी रानी, बिल्कुल जाएगा! कोई है जो तुम्हारी चूत में मेरा लंड जाते देखना चाहता है! गायत्री (अपने बालों को बांधते हुए)- ओह्ह किंकी! और बताओ इस बारे में!
उसने अपना मुंह थोड़ा सा नीचे किया और मेरे लंड को मुंह में भरकर चूसना शुरू कर दिया। मैं उसको दिल्ली सेक्स चैट वेबसाइट और संजना के बारे में बताने लगा. लेकिन इस दौरान मेरी सिसकारियां छूट रही थीं।
वो मेरे लंड का नमकीन स्वाद अपनी जीभ पर पाते हुए बस आहें भरे जा रही थी और मस्त होकर लौड़ा चूस रही थी।
फिर उसने अपनी ड्रेस की पट्टियों को कंधों से हटा दिया और मेरे लंड को अपनी मोटी-रसीली चूचियों के बीच फंसा लिया।
उसने मेरे लंड से चूचियों को चुदवाते हुए इस प्लान के लिए हां कह दी।
हम बेड पर गए और मैंने दिल्ली सेक्स चैट वेबसाइट पर लॉगिन कर लिया। इस दौरान वो मेरी पीठ पर किस किए जा रही थी और हाथ को नीचे से आगे लाकर मेरी मुठ मार रही थी।
हमने कुछ देर इंतजार किया लेकिन गायत्री बेचैन हो उठी। वो फिर सामने की तरफ आ गई और मेरे लंड पर अपनी नंगी गांड को रगड़ने लगी।
उसकी गीली चूत मेरे लंड पर रगड़ खा रही थी और मुझे उसका गीलापन साफ महसूस हो रहा था।
मौका देख मैंने भी लंड को अंदर सरका दिया और एकदम से उसकी आह्ह … निकल गई। लंड अंदर जाते ही उसने ऐसी आवाज निकाली जैसे उसे स्वर्ग मिल गया हो।
गायत्री- ओह्ह फक! कितने दिनों से इस अहसास के लिए तड़प गई थी मैं! मैं- चुदने के लिए? गायत्री- हां तुम्हारे जैसे जवान और जोशीले लंड से चुदने के लिए!मुझे पेल दो बेबी!
संजना (लॉगिन करते ही)- ओह फक! कितना मस्त नजारा है! गायत्री (लंड को अंदर तक जगह देते हुए सिसकार कर)- तुम चाहती थीं न ये? चुदक्कड़ रांड! संजना- हां, चाहती थी, धोखेबाज रंडी!
गायत्री- ओह् फक! फिर से ऐसे ही कहो न, प्लीज बेबी!
संजना और गायत्री दोनों एक दूसरे को ऐसे ही गंदी गालियां देते हुए मजा लेने लगीं जिससे माहौल और ज्यादा गर्म होने लगा। मैंने गायत्री की गांड को पकड़ लिया और उसे उठाते हुए ऐसे चोदने लगा जैसे इस चुदाई के बाद मेरी जिंदगी खत्म होने वाली है।
उसके चूचे जोर से उछलने लगे। ये मस्त चुदाई का नजारा देख संजना भी अपनी चूत को मसलने लगी। उसके मुंह से मस्त मादक सिसकारियां फूटने लगीं।
मैं दोनों ही चूतों के मुंह से कामुक आवाजें सुनता हुआ और ज्यादा पागल होता जा रहा था। गायत्री की चूत से लसलसा पानी निकलने लगा और इससे लंड को और ज्यादा चिकनाहट मिल गई।
अब गायत्री की पेलाई और तेज हो गई। पच-पच, फच-फच की आवाजों के साथ उसकी चूत में लंड जड़ तक चोदने लगा।
मैंने पूरी ताकत लगाकर उसको चोदना शुरू कर दिया और संजना यह देखकर झड़ने लगी।
गायत्री को मेरी गोद में इतने जोर से चुदते हुए देखकर संजना की चूत ने जोर जोर से पानी की पिचकारियां फेंकीं। उसका झड़ना इतना कामुक था कि मेरा कंट्रोल भी छूटने लगा।
मैं अब झड़ने के करीब पहुंच रहा था। झटके देते हुए मैं भी गुर्राते हुए गायत्री की चूत में खाली होने लगा। लग रहा था जैसे वीर्य का विस्फोट चूत में हो रहा है।
मैं उसकी चूत में खाली हो गया और मेरा माल चूत से बाहर बहने लगा। गायत्री ने मुझे और जोर से बांहों में जकड़ लिया था जैसे वो वीर्य की हरेक बूंद को चूत को गहराई में खींचना चाहती हो।
संजना (पीछे कमर लगाए हुए हांफते हुए)- वाऊ! लग रहा है जैसे वो तुम्हें रुकने नहीं देना चाहती। गायत्री- हां सही कह रही हो! नहीं चाहती ये रुके! मैं इस जवान और सख्त लौड़े को बहुत चाहती हूं! जाने से पहले मुझे और चोदो बेबी!
कहकर उसने मेरे मुंह में जीभ अंदर तक घुसा दी। मैंने भी उसकी लसलसी चूत में लंड का झटका दे दिया।
संजना अभी भी अपनी चूत को सहलाए जा रही थी। उसके बाद उसने हमें अलविदा कहा और कॉल खत्म की।
उसके बाद की रात काफी लंबी बीती। पूरी रात मैं अपने कजिन की मंगेतर को पेलता रहा। लेकिन इस वक्त मुझे फिर से ताकत इकट्ठा करने की जरूरत थी ताकि मैं उसे अच्छे से पेल सकूं।
क्रेजी सेक्स विद भाभी कहानी आगे जारी रहेगी।
दोस्तो, यही वो दिन था जब मुझे अहसास हुआ कि इंटरनेट पर वर्चुल थ्रीसम सेक्स इतना मजेदार भी हो सकता है।
अगर आपका लंड भी ये कहानी पढ़कर पानी छोड़ गया है, और आपका मन भी किसी चूत के साथ ऐसी ही मस्ती करने का कर रहा है तो लोकल देसी हॉट गर्ल्स आपका इंतजार कर रही हैं।
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