बेइन्तिहा प्यार.. सत्य प्रेम कहानी-1
मेरी क्लास की एक खूबसूरत लड़की हेडगर्ल थी और मैं अपनी क्लास का मॉनीटर… मुझे वो बहुत पसन्द थी लेकिन हमारी बिल्कुल नहीं बनती थी। कहानी में पढ़िए हमारी खटपट…
Antarvasna कम्युनिटी को हमारी शानदार जवान लड़की कहानियों के कलेक्शन से आपको पागल कर देने दें।
मेरी क्लास की एक खूबसूरत लड़की हेडगर्ल थी और मैं अपनी क्लास का मॉनीटर… मुझे वो बहुत पसन्द थी लेकिन हमारी बिल्कुल नहीं बनती थी। कहानी में पढ़िए हमारी खटपट…
मैं आगरा में किराये से रहता था, सामने वाले कमरे में एक परिवार में एक अल्हड़ पंजाबन लड़की रहती थी। एक दिन वो मुझे सिर्फ़ तौलिये में दिखी, वो नहा कर निकली थी।
मैं और मेरा सहपाठी आम के बग़ीचे में घूमने निकले। मेरी नज़र दूर खड़ी एक सांवली, नखरे वाली.. गहरी काली आँखों वाली लड़की पर पड़ी, मुझे कुछ कुछ होने लगा।
मेरी एक क्लास मेट रीना मुझे बहुत पसन्द करती थी मगर मैं किसी दूसरी को चाहता था। एक दिन रीना का मैसेज मेरे फ़ोन पर आया तो मुझे लगा कि चूत मिल रही है, ले लो!
अब दो रातें बची, पहली रात हमने बाथरूम सेक्स का मजा लिया, पहली बार उसने मेरा वीर्य मुँह में लिया। दूसरी रात हमने सुहागरात की तरह मनाई। कहानी पढ़ कर मज़ा लें।
एक हसीन पर अधूरा अहसास, एक हादसा करीब दो साल पहले हुआ था, मेरा अधूरा यौन सुख.. कई बार मै खुद को कोसता हूँ तो कभी सोचता हूँ कि मैंने जो भी किया वो ठीक था.
गौसिया हर वो काम करके देख लेना चाहती थी जिससे उसे रोका जाता था और उसके साथ की लड़कियाँ किया करती थी। आज पांचवे भाग में देखिये कि क्या क्या किया उसने!
चरमोत्कर्ष के बाद गौसिया फ़िर उत्तेजित होने लगी और इस बार तो वो मेरा लंड अपने अन्दर ले लेना चहती थी। तो क्या मैंने उसकी अक्षत योनि में लिंग प्रवेश कराया?
अपने घर में एक कमसिन नई नौकरानी देख मेरा मन डोल गया, उसे पटाने के लिए मैंने उसे अपना खड़ा लंड तब दिखाया जब वो सुबह चाय लेकर आती थी. उसकी सील तोड़ने की कहानी…
मेरे पड़ोस की कुंवारी लड़की आधुनिक लड़कियों की भान्ति हर चीज का आनन्द लेना चाहती थी। इसके लिये उसने मुझे चुना। पढ़ें कि कैसे मैं उसे प्रथम चरमोत्कर्ष तक ले गया।
पड़ोसन पर्दानशीं लड़की ने मुझे मिलने बुलाया। वो वो सब करके देखना चाहती थी जो उसकी हमउम्र लड़कियाँ करती हैं सिवाये कौमार्य को खोने के! तो क्या हुआ हमारे बीच?
लखनऊ में मैं अकेला रह रहा था कि दो पड़ोसी लड़कियों से लगभग साथ साथ ही नजरें लड़ी! एक घर के सामने एक दफ्तर में काम करती थी तो दूसरी पड़ोस के घर की पर्दानशीं थी.
मेरी गर्लफ्रेंड मेरे कमरे पर अक्सर चुदाने आती थी. मुझे पता लगा कि वो चालू है तो मैंने कई और गर्लफ्रेंड बना ली. एक दिन पहली गर्लफ्रेंड आई तो मैंने अपनी नई गर्लफ्रेंड को भी बुला लिया.
थोड़ी देर इसी प्रकार चूसने के बाद ऐश्वर्या रीना रानी से बोली- दीदी... अब ज़रा भी दर्द नहीं हो रहा... बड़ा मज़ा आ रहा है... दीदी मेरे बदन में फिर से अकड़न महसूस होने लगी है... ऐसा क्यों हो रहा है?
ऐशुरानी बहुत कसमसा रही थी, उसका सुन्दर मुखड़ा तीव्र कामावेग में लाल हो गया था, माथे पे पसीने की बूंदें छलक आई थीं, उसके नाखून मेरी पीठ पे गड़े जा रहे थे और वह बार बार सी सी कर रही थी।
बसंती धीरे धीरे अपने कपड़े उतार रही थी, पहले अपनी धोती और ब्लाउज उतार दिया और फिर पेटीकोट का नाड़ा खींच कर खोल दिया। बसंती कच्ची कली का शरीर एकदम साँचे में ढला हुआ था।
हमने एक-दूजे को बाँहों में लेकर लिप किस किया, कि तभी हमने बाहर किसी की आहट सुनी। मैंने देखा तो उसकी पड़ोस की भाभी हमें देख रही थीं और सलवार के ऊपर से ही अपनी चूत को रगड़ रही थीं।
मैंने सोचा कि सबसे पहले एक बार इस अनचुदी कुंवारी कमसिन बुर को चूसने का आनन्द तो उठा लूँ, थोड़ी देर चूस लेता हूँ। थोड़ा स्वाद चख लेता हूँ फिर इसको फाडूंगा।
ऐशु रानी एक टक ये सब नज़ारा देखे जा रही थी। चुदाई होते देख और रीना रानी की आनन्द से पुलकित आवाज़ें सुन कर वो भी बहुत ज़्यादा गरमा चुकी थी, उसके माथे पर पसीने की बूँदें चमकने लगी थीं।
नंगी वो हो तो गई मगर बहुत ज़्यादा डरी हुई थी कि ना जाने क्या हो जायेगा और शर्म से लाल लाल हुई पड़ी थी। मैंने उसकी चूचियाँ चूसना शुरू किया तो वो भी मज़ा लेने लगी।
जैसे ही मेरी निगाह ऐश्वर्या पर पड़ी मेरा दिल धक से रह गया, लौड़े ने फौरन एक उछाल लगाई। साली ने एक बहुत ही छोटा सा निकर पहन रखा था, निकर मुश्किल से चूत से चार या पांच इंच नीचे तक ही था, नंगी टाँगें बहुत ही चिकनी, एकदम मलाई जैसी थीं।
थोड़ी देर चुम्बन करने के बाद सोनी ने कहा- मैं मना नहीं कर रही हूँ.. वैसे भी मुझे बहुत ठंड लग रही है.. मैं खुद तुमसे कहने वाली थी कि इस सर्दी में मुझे गर्म कर दो और जो करना है कर लो।
मैंने उसकी सलवार भी उतार दी, उसकी पैन्टी उसके चूत के रस से बिल्कुल गीली हो गई थी.. तो देर ना करते हुए मैंने उसकी पैन्टी भी उतार दी… उसकी एकदम चिकनी क्लीन शेव..
मोनिका के जाते ही मैं रसोई में पहुँचा और उसकी माँ को पीछे से पकड़ लिया, उन्होंने साड़ी और बैकलैस ब्लाउज पहना हुआ था। मैं उनको कंधों पर चुम्बन करने लगा और उनके नंगे पेट को सहलाने लगा।
मेरी दोस्त गीत और मैं हम दोनों गोवा घूमने गए थे। रात को बीच पर पार्टी चल रही थी, टिकेट लाकर हम दोनों भी पार्टी में शामिल हो गए. उस पार्टी में और उसके बाद क्या हुआ, इस कहानी में!
करीब सुबह के पांच बजे वह लोग मुझे चोद-चोद कर थक कर बेहाल हो चुके थे, मेरी हालत बहुत खराब थी, मैं बेड पर बेसुध नंगी पड़ी हुई थी।
मैंने अपने दोनों पैरों को पूरा खोल दिया था और उसकी कमर को अपने दोनों हाथों से लपेट लिया था और अब वह मुझे बड़े मज़े से चोद रहा था, मेरी चूत पानी छोड़ने लगी.
'ऐसे नहीं… नीचे बैठ कर खोल और मेरा लौड़ा बाहर निकाल!' राजीव ने ज़ीनत को नीचे गिरा दिया, वह उसकी जीन्स खोल कर उसका अंडरवियर नीचे सरकाने लगी।
मैं अपने दोस्त के गाँव गया तो मुझे उसकी चचेरी बहन बहुत सेक्सी लगी। हालात कुछ ऐसे बने कि हम दोनों अकेले रह गए। वो मेरे करीब आकर बोली कि आप बहुत सीधे हो!
आपी आज भी सिर्फ़ गाउन में थीं और हालात कल शाम वाले ही थे। मैंने आपी के मम्मों पर एक भरपूर नज़र डाली और ठंडी आह भरते हुए टेबल से उठ खड़ा हुआ।
सामने देखा तो एक लड़की खड़ी थी, वो भी मुझे देखने लग गई.. मैंने सोचा हो सकता है शायद आज चोदने को माल मिल जाए, मैं उसको आशा भरी निगाहों से देखता रहा.. शायद उसको भी पता चल गया था कि मैं उसको देख रहा हूँ।
मेरे पड़ोस में रहने वाली अवनी मेरी बहन की सहेली थी। वो मुझे चाहती थी। इस कहानी में पढ़ें कि कैसे उसने पहल करके मुझसे दोस्ती की फ़िर अपनी चूत और गांड चुदवाई!
एक दिन मैंने उससे बोला- मैं आपको किस करना चाहता हूँ। वो मना करने लगी.. पर मेरी रिक्वेस्ट करने पर उसने मुझे किस कर दिया और मैंने उसके होंठों को अपने होंठों से दबा दिए।
मैंने अपने हाथ से अपने लण्ड को पकड़ा और आहिस्तगी से सहलाते हुए उठ बैठा और आपी को कहा- मैं आपके दूध बगैर कपड़ों के नंगे देखना चाहता हूँ..
आपी का अबया उनके घुटनों तक उठा.. तो मुझे हैरत का एक शदीद झटका लगा। आपी ने अबाए के अन्दर कुछ नहीं पहना हुआ था.. मतलब आपी अबाए के अन्दर बिल्कुल नंगी थीं।
मेरी बड़ी बहन.. मेरी आपी.. अपने राईट हैण्ड से की बोर्ड को कंट्रोल कर रही थीं और लेफ्ट हैण्ड की 2 उंगलियों से उन्होंने अपने लेफ्ट मम्मे के निप्पल को पकड़ रखा था और उसे चुटकी में मसल रही थीं।
हाय फ्रेन्ड्स मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ। अन्तर्वासना पर कहानियां पढ़ कर मेरा मन भी मेरी सच्ची घटना को लिखने का हुआ.. जो मैं इस कहानी में लिख रहा
मैंने अपना लंड बाहर निकाल लिया और देखा कि उसकी चूत से थोड़ा खून आ रहा है। मैंने उससे कहा- मुबारक हो.. अब तुम वर्जिन नहीं रही हो।
मेरी आपी का रंग गुलाबी है.. उनकी लम्बाई तकरीबन 5 फीट 4 इंच है.. उनका जिस्म भरा हुआ था.. पेट बिल्कुल नहीं था। उनकी भारी कदली सी जाँघें हैं और उनके सीने के दोनों उभार काफ़ी बड़े और वैलशेप्ड हैं.. मेरे पूरे खानदान में ही सब औरतों के मम्मे बड़े-बड़े ही हैं।
मेरे एक दोस्त ने जो मेरे साथ ही इंजीनियरिंग कर रहा था। उसने बताया कि उसका तुमसे पहले भी कई लड़कों से चक्कर रह चुका है और तेरे साथ तो ये उसके घर वालों ने प्लान किया था।
मेरे घर के सामने एक बड़ी कमाल की चिड़िया रहती है। क्या मटकती है.. चलते समय उसके चूतड़ बहुत सेक्सी तरीके से ऊपर-नीचे होते हैं। उसको बिस्तर पर लाने की चाह कैसे पूरी हुई!
रिश्ते में मेरी बहन की ननद आई हुई थी, बो मेरे से खूब मजाक करती थी. उसकी शरारतों से मैंने उत्तेजित होकर उसे पकड़ लिया और चूमने लगा.
सोनिया बोली- अब तुम लोगों ने ग्रुप सेक्स का मज़ा लेने की आदत डाल दी है.. तो एक और लण्ड का इंतजाम कर लो.. पर एक बार में एक अकेले से ही चुदवाऊँगी.. जैसे मैंने मदन से चुदवाई थी।
अपनी क्लासमेट दोस्त के जरिये मैंने अपने ही कॉलेज की एक बहुत खूबसूरत माल लड़की से दोस्ती की और कुछ ही दिनों में सेक्स की बातें होने लगी.
सोनिया बोली- वीडियो देख कर तो अब मेरा दिल भी कर रहा है कि गाण्ड मरवा कर देखूँ एक बार.. पर अगर ज्यादा दर्द होगा.. तो मेरी गाण्ड प्लीज़ मत चोदना।
सोनिया की चूत की सील तो मैंने तोड़ दी पर अब मेरा दोस्त सोनिया को चोदने की जिद करने लगा। आखिर सोनिया मेरे दोस्त से अकेली चुदने को तैयार हो गई।
यह कहानी मेरे और मेरी पहली गर्लफ्रेंड के बीच पहले सेक्स की है। मेरे दोस्त की दूकान पर एक खूबसूरत लड़की काम करती थी. उससे मैंने दोस्ती की और उसने मेरे जन्म दिन पर मुझे अपने घर बुलाया.
एक दिन अनायास ही मेरी गर्लफ्रेंड की सहेली सीमा (परिवर्तित नाम) से जिस्मानी सम्बन्ध बन गया और मेरे द्वारा किये गए सेक्स से वो इतनी खुश हुई कि वो मुझसे बार बार मिलना चाहती है।
ऊषा मेरे लण्ड को पैंट से बाहर निकाल कर खेलने, चूमने लगी, फ़िर लण्ड को लहलहाते हुए देख कर अपनी सलवार ढीली की और वो अपनी चूत में लण्ड को डलवा कर चढ़ बैठी।
मेरे पड़ोस में दो बहनें रहती थी। एक रात मुझे एक के साथ सोने का मौका मिला और मैंने अपनी हरकत शुरू कर दी। दीदी को गर्म कर लिया और चूत में लंड घुसाने लगा तो…
मेरे पड़ोस में एक लड़की अकेली रह कर पढ़ रही थी, उसे देख कर उसे पटा कर चोदने का ख्याल आता था. उससे दोस्ती बढ़ा कर मैंने उसे चुदाई के लिए कैसे मनाया... इस कहानी में !
मेरे बॉयफ़्रेन्ड ने मेरे साथ मसूरी घूमने जाने का प्रोग्राम बनाया और रास्ते में मैं पेशाब करने पहाड़ी पर चढ़ कर मूतने लगी, पीछे से उसने आकर मुझे पकड़ लिया और वहीं पर मुझे चोदने की जिद करने लगा।
मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था। अन्तर्वासना की ये कहानियाँ इतना उत्तेजित करने वाली थीं कि मैं अपनी उत्तेजना नहीं रोक पाई। कहानी भाई-बहन की होने के नाते मेरे मुँह से ‘भैया.. भैया..’ ही निकल रहा था।
अंकल ने भी मुझे खूब ज़ोर से अपने से भींच लिया और मेरी कमर और मेरे चूतड़ों पर अपने भारी हाथ फेरने लगे। मैं पहली बार किसी मर्द के इतना क़रीब उस के बाजुओं में सिमटी हुई झड़ी थी।
पड़ोस की एक लड़की मेरे पास पढ़ने आ जाती थी। एक दिन मैं अकेला था तो वो आ गई और बायोलोजी के प्रश्न पूछने लगी। बहाने से उसने मेरा लंड पकड़ लिया।
अंकल मेरे नंगे मम्मों को देख चुके थे.. उससे पहले अपनी उंगलियों से उसके चूचुकों को भी सहला चुके थे.. अपनी मुठ्ठियों में भर कर उसके मज़े ले चुके थे.. तो अब क्या शरमाना..!
मैं ख़यालों में अंकल के सीने लग गई.. उनकी भरी-भरी गुदाज़ छाती के खूब सुर्ख लाल निपल्स को मुँह में लेकर चूसने लगी.. तो अंकल मुझे ज़ोर से अपने से भींचने लगे।
रिया की बाहें मेरे गले का हार बनी हुई थी और मेरे हाथ उसके चूतड़ों के नीचे रखे हुए थे तो रिया अब अपनी मर्ज़ी और मनचाही रफ़्तार से मुझ से चुदवा रही थी या फिर मुझको चोद रही थी।
मैंने पूछा- अंकल आपने बताया नहीं कि अपने बेडरूम में आज तक किसी और को क्यों नहीं जाने दिया.. वहाँ ऐसा क्या है? लेकिन मैं तो आपके बेडरूम में जाऊंगी.. उसे देखने के लिए..
मेरी क्लास की एक लड़की मस्त गर्म माल थी। उसके गुलाबी होंठ.. उसके मटकते हुए चूतड़… वो मुझे देखती थी.. मैं हल्का सा मुस्कुरा देता! वो कॉलेज में मुझसे कैसे चुदी, इस कहानी में पढ़िए!
मैं 20 वर्ष की एक लड़की हूँ। मेरे मम्मे इतने गोल और कसे हुए हैं कि जब मैं टी-शर्ट पहनती हूँ.. तब लगता है कि मेरे सीने पर अलग से पानी भरे गोल-गोल दो गुब्बारे रखे हुए हैं।
मेरी प्रेमिका मुझसे खूब चुदाती थी. उसकी एक सहेली भी मुझसे चुदाना चाहती होगी, तो उन दोनों ने मिल कर मुझे उसके घर बुलाया. वहाँ क्या हुआ, इस कहानी में पढ़िए !
मैं शमा अपना चुदाई का अनुभव आपके साथ शेयर करने जा रही हूँ। यह मेरी पहली चुदाई नहीं थी.. मेरी ज़िंदगी में आने वाला तीसरा लड़का था। मेरी उम्र उस वक्त 20 साल थी।
मोहिनी के जिस्म में भी हरकत होना शुरू हो गई थी। अब वो भी अपनी गांड उठा रही थी और मेरे लंड को अपनी चूत में लेने की कोशिश कर रही थी।
जब मैं 2 साल बाद अपने गाँव गया हुआ था.. तो सुबह मैं गाँव के चौंक पर अपने फ्रेंड से मिलने गया हुआ था.. उसी वक्त गाँव के हैण्डपंप पर मुझे एक खूबसूरत सी लड़की पानी भरते नज़र आई।
मैंने उसकी शॉर्ट्स में हाथ डाला तो झट से मेरा हाथ पकड़ होंठों को दूर करती हुई बोली- आप दिल्ली वाले तो बहुत फ़ास्ट होते हो? न कोई बात न कोई चीत सीधा चुम्मा।
जसबीर ने कमरा बंद कर लिया और मेरे को बेतहाशा लबों पर चूमने लगी और रिंकू ने मेरी पैंट के बटन खोलने की कोशिश शुरू कर दी लेकिन ऊषा और शशि ने उसके हाथ पकड़ लिए.
चौकड़ी घर पहुँची तो वहाँ घर में लोगों की भीड़ देख उनका जोश ठण्डा पड़ गया। आए थे मस्ती करने… यहाँ तो आपस में बात करने का भी मौका नहीं… लेकिन कुछ तो होगा ही…
दौड़ते-दौड़ते मैं बिस्तर पर जा गिरा.. वो भी बिस्तर पर आकर मुझसे उलझ गई। लड़ते-लड़ते मेरा हाथ उसकी चूची को टच हो जाता.. मैंने उसको अपने बांहों में दबोच लिया।
हाथ तंग होने के कारण मैंने पार्ट टाईम जॉब ली। शाम 6 बजे से 10 बजे रात तक घर पर काम करना था। घर में रहने वाले मात्र तीन लोग थे, एक बॉस.. उसकी वाईफ और तीसरी सदस्य उसकी बेटी मोहिनी थी।