मोऽ से छल किये जा ... सैंयां बे-ईमान-1
लेखक : प्रेम गुरु मेरी यह कहानी मेरी एक महिला ई-मित्र मधु अग्रवाल (सोनू) को समर्पित है ---- प्रेम गुरू देखो मीनू ! दरअसल तुम बहुत मासूम और परम्परागत लड़की
Antarvasna कम्युनिटी को हमारी शानदार Office Sex कहानियों के कलेक्शन से आपको पागल कर देने दें।
लेखक : प्रेम गुरु मेरी यह कहानी मेरी एक महिला ई-मित्र मधु अग्रवाल (सोनू) को समर्पित है ---- प्रेम गुरू देखो मीनू ! दरअसल तुम बहुत मासूम और परम्परागत लड़की
कहानी का पिछला भाग: नौकरी में मस्ती-2 फिर घोड़ी बना कर उसके मम्मे दबाते हुए उसकी चूत में मैंने अपना सारा माल निकाल दिया और उसके ऊपर लेट गया। हम दोनों की
प्रेषक : विक्रम शर्मा हमने खाना खाया मगर मैं उसे ही देखता रहा। फिर हम घर जाने लगे, मैंने उसके घर उसे छोड़ा... वो बोली- अन्दर आ जाओ ! कुछ देर बाद चले जाना,
प्रेषक : विक्रम शर्मा मेरा नाम विक्रम है मेरे परिवार में मेरे अलावा मेरे पापा, मम्मी, दो भाई और एक बहनें है, मेरी उम्र 28 साल है। मैं एक प्राइवेट कंपनी
लेखक : राहुल रॉय सबसे पहले तो नमस्कार मेरे सभी प्यारे दोस्तों को। मेरा नाम है राहुल रॉय और मैं एक दिल्ली की सॉफ्टवेर कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजिनियर हूँ।
आपने मेरी पिछली कहानी मामा के साथ वो पल कुछ समय पहले पढ़ी। अब मेरे जीवन की एक नई घटना पढ़िए। आज उसने हिम्मत करके मुझे कॉपी रूम में पकड़ ही लिया ... कब से
माखन की तरह उनका बदन और उस पर पहनी हुई गुलाबी रंग की नाइटी, पूरा बदन नहीं समां पा रहा था उसमें! उन्होंने ब्रा नहीं पहनी थी तो स्तन आजादी से पुकार रहे थे।
हेलो दोस्तो ! मेरा नाम राज है। मैं मेरठ का रहने वाला हूँ। मेरी उमर 22 साल की है। यह मेरी पहली कहानी है। यह बात लगभग चार साल पुरानी है जब मैं गर्मियों की
दोस्तो, यह मेरी पहली कहानी है अन्तर्वासना पर, मेरा नाम रजत है और मैं चंडीगढ़ का हूँ। मेरी उम्र 28 वर्ष, कद 5'8", रंग गोरा और मेरा लिंग 7 इंच लम्बा है और
हमारे ऑफिस में मेरे साथ बहुत से लड़के भी काम करते हैं। उनमें से कई शादीशुदा हैं और कई कुँवारे। एक बार ऑफिस में एक नया लड़का आया जिसका नाम तरुण था। तरुण एक
प्रेषक : अशोक कुमार दोस्तो, मैं अशोक कुमार चौधरी 21 वर्ष, बहरोर, राजस्थान, 6' लम्बा तथा कसरती बदन वाला अन्तर्वासना का नियमित पाठक हाजिर हूँ आप सबके सामने
गर्ल हैविंग सेक्स फॉर मनी ... मैं एक ऑफिस में सेक्रेटरी का काम करती हूँ। एक अफसर को खुश करने के लिए मेरे बॉस ने दस लाख का ऑफर दिया.
दोस्तो नमस्कार, आप सबको मेरी कहानी बहुत पसंद आई और आप सबकी मेल भी मुझे मिली और कुछ दोस्तों ने आगे की कहानी मांगी तो यह है आगे की कहानी : उसके बाद मेरी
प्रेषिका : गुड़िया संपादक : मारवाड़ी लड़का सभी पाठकों को और गुरूजी को मेरा सप्रेम प्रणाम ! मुझसे तो आप सब अब भली भांति परिचित हो ही गए होंगे! मैं हूँ मस्त
प्रेषिका : गुड़िया संपादक : मारवाड़ी लड़का सभी पाठकों और गुरूजी को मेरा प्यार भरा प्रणाम। आप सभी के ख़त मिले और मुझे यह जान कर बड़ा अच्छा लगा कि आप सबको
प्रेषिका :गुड़िया संपादक : मारवाड़ी लड़का सबसे पहले मेरी अन्तर्वासना के मेरे सारे पाठकों को मेरा यानि गुड़िया का प्रेम भरा प्रणाम। मुझे अपनी कहानी "गुड़िया से
प्रेषिका : गुड़िया संपादक : मारवाड़ी लड़का आप सभी ने मेरी इस कहानी का पहला भाग तो पढ़ लिया होगा न ! अब मैं कहानी का दूसरा भाग आपके सामने ला रही हूँ। मैं उसके
मेरा नाम राज है और मेरी पत्नी का नाम इला। उसकी उमर 23 साल की है। वो एक ओफ़िस में काम करती है। मैं रोज शाम को उसे 6 बजे कार में लेने जाता हूं। इला देखने में
प्रेषक : बबलू मेरे प्यारे दोस्तो, इस कहानी को पढ़ने वाले सभी पाठकों को मेरा प्यार ! वो कहानी ही क्या जिसमें हकीकत ना हो ! मेरा नाम बबलू है और मैं नागपुर
सभी अंतर्वासना पढ़ने वाले पाठकों को मेरा कोटि-कोटि प्रणाम! मैं इस वेबसाइट की कायल हूँ और हर दिन सिस्टम पर बैठने के साथ ही अन्तर्वासना खोल लेती हूँ और लोगों
प्रेषिका : प्रिया घोषाल पाठकों को मेरी प्यारी सी चूत की तरफ से बहुत सारा प्यार ! काफी सारी कहानियाँ पढ़ने के बाद मैं चाहती हूँ कि अपनी आप-बीती भी मैं आपको
सप्तम भाग से आगे : ओह.. तो यह बात है... रश्मि। यही तो मैं सोच रहा था कि तुम्हारे जैसी बला की खूबसूरत लड़की इतनी आसानी से कैसे तैयार हो गई। खैर मैंने रश्मि
प्रेषक : मुन्ना लाल गुप्ता प्रथम भाग से आगे : रश्मि का ब्लो-जोब इतना खास था कि मेरे जैसा चोदू और अनुभवी आदमी जिसको झड़ने के लिए कम से कम 45 मिनट चाहिए,
मुन्ना लाल गुप्ता यह कहानी एक सत्य घटना पर आधारित है, लेकिन इसके सभी पात्रों के नाम काल्पनिक हैं ! आज सुबह से ही मौसम बहुत रोमान्टिक था। रिम झिम पानी बरस
प्रेषक : गर्म चम्पू हाय दोस्तो, मेरा नाम रमेश है, मैं अन्तर्वासना की कहानियों का नियमित पाठक हूँ। मेरी एक कहानी भतीजी की चुदाई अन्तर्वासना पर पहले
प्रेषक : अमन कश्यप मेरा नाम अमन है। अन्तर्वासना पर कहानी पढ़ते-2 मैंने सोचा कि मैं भी पाठकों के समक्ष अपनी कहानी रखता हूँ। यह मेरी सच्ची कहानी है। कंचन
मेरा नाम राज है, मैं एक 26 साल का लड़का हूँ, पेशे से इंजिनियर हूँ, एक बहुराष्ट्रीय कम्पनी के ऑफिस में काम करता हूँ। वैसे तो मेरे साथ बहुत सी लड़कियाँ काम
हम दोनों आमने सामने ही खड़ी थी, जिमी ने बीच में वह डंडा फंसा कर उसका एक भाग अपनी चूत पर लगा कर और दूसरा मेरी चूत से सटा दिया। यह नज़ारा बहुत ही रोमांटिक था,
मेरा नाम पायल है, मैं तेईस साल की और एक बच्चे की माँ हूँ। मेरे स्वभाव में दो बातें शामिल हैं, एक तो मुझे गुस्सा बहुत आता है, दूसरा मैं काफी उत्तेजक तथा
मैंने देखा कि उसकी पैंटी गीली थी...मैं समझ गया कि सीमा झड़ चुकी है... फिर मैं उसकी गीली पैंटी से ही उसकी चूत के छेद में हाथ डालने लगा। वो बोली- यार, बड़ा मजा आ रहा है...
बहुत सेक्सी, सुन्दर, सुडौल बदन वाली... जब वो चलती तो उसकी गांड ऐसे हिलती मानो अभी मेरा लौड़ा उसकी गांड में घुस जयेगा और वो तड़पने लगेगी...उसके वक्ष का आकार 34 था..
प्रेषक : रवि गुप्ता मेरा नाम रवि, मेरी उम्र 24 है। मैं एक सरकारी नौकरी करता हूँ। मेरी पत्नी का नाम सुनयना है। उसकी उम्र भी 23 साल है। वह एक निजी कम्पनी
हेल्लो दोस्तो, मैं जीत शर्मा दिलवाला एक बार फिर हाजिर हूँ अपनी सच्ची दास्ताँ ले कर। मेरी पिछली कहानी को पढ़ कर मुझे काफी सराहना मिली मैं उसके लिए धन्यवाद
लेखिका : सीमा खान हेल्लो दोस्तो, मेरा नाम रीमा है और यह मेरा बदला हुआ नाम है ! आज मैं आप लोगों को मेरी आप बीती कहानी सुनाती हूँ ! आप लोगों को मैं बता दूँ
प्रेषक : डी के डॉन तृप्ति रविवार को मेरे ऑफिस में आई तो मैंने उससे अपने दिल की बात कही। मैंने कहा- जब से तुमने ज्वाइन किया है, मैं तब से तुम पर फ़िदा हो
जिम आजकल का फ़ैशन हो गया है, क्या लड़के या लड़कियां, अधेड़ और यहाँ तक कि 60 वर्ष के बूढ़े जवान भी अब जिम का महत्त्व समझने लगे है। मेरे पिता ने यह जिम 15 वर्ष
प्रेषिका - शोभा दोस्तो, अन्तर्वासना पर मैंने बहुत कहानियाँ पढ़ीं। बेहद मज़ा आया। सेक्स सिर्फ चुदाई का नाम नहीं है। चुदाई को मसालेदार बनाने के लिए कुछ नया
तो मैंने उसको सेक्स के बारे में फिर से बताना शुरू किया... आज न तो उसमे कल जितनी शर्म थी और ना ही मदहोशी... वो बड़ी तन्मयता से सुन रही थी, समझ रही थी... फिर उसने मेरे हाथ अपने बोबों पर लगा दिए और खुद मेरे होंटो को चूसने लगी
प्रेषिका : शोभा मुरली उसने बलराम के सुपारे पर थोड़ी और जेली लगाई और एक-दो-तीन कह कर फिर से कोशिश की। इस बार बलराम करीब आधा इंच अन्दर चला गया। प्रगति के
प्रेषिका : शोभा मुरली शेखर अब अगले शुक्रवार की तैयारी में जुट गया। वह चाहता था कि अगली बार जब वह प्रगति के साथ हो तो वह अपनी सबसे पुरानी और तीव्र इच्छा को
मैं और कामिनी एक ही ऑफ़िस में काम करते थे। कामिनी ने कस्ट्मर केयर में अभी अभी नया ही जॉइन किया था और मैं अकाऊँटेंट था। वो एक सरल स्वभाव की चुप सी रहने वाली
ऑफिस का एक कमरा बतौर गेस्ट-रूम इस्तेमाल होता था जिसमें बाहर से आने वाले कंपनी अधिकारी रहा करते थे। उधर रहने की सब सुविधाएँ उपलब्ध थीं। प्रगति, शेखर का हाथ पकड़ कर, उसे गेस्ट-रूम की तरफ ले जाने लगी। कमरे में पहुँचते ही उसने अन्दर से दरवाज़ा बंद कर लिया और शेखर के साथ लिपट गई।
प्रगति एक आम भारतीय नारी जो पुरुष प्रधान समाज की क्रूरता की शिकार है, वो एक कम्पनी ने निजी सचिव है... एक दिन प्रगति के बॉस ने उसके चेहरे की उदासी को भांप कर कारण पूछा तो प्रगति रो पड़ी और उसके बॉस शेखर, जो एक शरीफ आदमी है, ने उसे सांत्वना देने के लिए अपने गले से लगा लिया...
मैं देविका हूँ, उम्र 24 वर्ष और लम्बाई 5 फ़ुट 3 इन्च। मैंने अपने बॉब हेयर कट करवा रखे थे। मैं दुबली पतली पर आकर्षक लगने वाली युवती हूँ। मैं मुम्बई की एक
अन्तर्वासना के सभी पाठकों को संजय राजपूत का शत-शत नमन मेरा नाम संजय राजपूत है और मैं दिल्ली के एक कॉल-सेन्टर में नौकरी करता हूँ। मेरी उम्र २३ साल है और
मैंने तुरन्त गाऊन पहना, पर अन्दर कुछ नहीं पहनने के कारण सारा शरीर झन रहा था। मैंने तौलिया कमर में और लपेट लिया। ताकि नीचे मेरे चूतड़ और कूल्हे वगैरह नजर ना आये।
सेठानी तुंरत मेरे ऊपर आकर लंड को हाथ से चूत का दरवाजा दिखा रही थी। मैंने कमर से एक धक्का ऊपर की ओर दिया और सेठानी ने नीचे की ओर, और लंड चूत के अन्दर।
राज अग्रवाल प्रीती की कहानी सुनने के बाद मुझे सही में लगा कि जो कुछ मैंने किया वो गलत किया था। खैर जो होना था सो हो गया, अब वो बदला नहीं जा सकता था। मैंने
मैंने प्रीती से पूछा कि उसने ऐसा मेरी बहनों के साथ क्यों किया? तो उसने अपनी ज़ुबानी ये दास्तान सुनाई। प्रीती की कहानी: “मेरी कहानी उस समय शुरू हुई जब तुमने
सुबह मैंने देखा कि प्रीती हाथ में चाय का कप लिये मुझे उठा रही थी, “उठो! कितनी सुबह हो गयी है, क्या ऑफिस नहीं जाना है?” उसे देख कर ऐसा लग रहा था कि उसने
मैं शाम को ठीक आठ बजे होटल शेराटन में एम-डी के सूईट में पहुँचा, तो वहाँ सिर्फ़ एम-डी और महेश ही थे और कोई नहीं। “और सब लोग कहाँ हैं?” मैंने महेश से पूछा।
मैं और प्रीती मेरे फ्लैट में दाखिल हुए और मैंने पूछा, “प्रीती फ्लैट कैसा लगा?” “छोटा है, लेकिन अपना है, यही खुशी है”, मुझे उसने जवाब दिया। “ठीक है! तुम
करीब एक महीने बाद की बात है। मैं सुबह ऑफिस पहुँचा तो देखा कि ऑडिट डिपार्टमेंट में एक नयी लड़की काम कर रही है। वाओ! कितनी सुंदर थी वो। वो करीब ५ फ़ुट ४ इंच
मैंने बिस्तर पर करवट बदल कर खिड़की के बाहर झाँका तो देखा सूरज देवता उग चुके थे। मैं उठ कर बैठा और एक सिगरेट जला ली। रात भर की चुदाई से सिर एक दम भारी हो
राज अग्रवाल एक दिन ऑफिस में शाम को जब काम खतम हो गया तो मीना मेरे पास आयी और बोली, “सर! मेरे भाई का कॉलेज में एडमिशन हो गया है...... इससे घर के खर्चे बढ़
लेखिका : दिव्या डिकोस्टा मैं किरण, तीस वर्ष की एक नर्स हूँ, सरकारी अस्पताल में काम करती हूँ। स्टाफ़ की कमी के कारण मुझे काफ़ी काम देखना पड़ता था। इन दिनों
हैल्लो दोस्तो, मैं ये अपनी पहली कहानी लिख रहा हूँ. शिखा मेरे साथ काम करती है. वो बहुत ही सुंदर और सेक्सी लड़की है. ऑफिस के सभी लड़के उस पर लाइन मारते हैं.
हेलो मित्रो ! मैं लुधियाना से 33 साल की संजना, फ़ीगर, 36-32-40 एक बार फ़िर एक नई कथा आपके लिए ले कर अन्तर्वासना पर आई हूँ। छेदी राम पंजाब में ईंटों के भट्टे
मैं पहली बार अन्तर्वासना में अपनी कहानी भेज रहा हूँ। मैं एक ३३ साल का लड़का हूँ और सभी की तरह मेरे अन्दर भी सेक्स करने की बहुत इच्छा थी। मेरा नाम टॉम है
मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ और इसकी तकरीबन सारी कहानियाँ पढ़ चुका हूँ। आज मेरा भी मन किया अपनी कहानी आप लोगों को बताने का! मेरा नाम जतन है और मैं
चाय पीकर जीजाजी नहाने चले गए। बाथरूम से ही उन्होंने मुझे आवाज़ दी- योगू आओ, तुम भी नहा लो। मैं समझ गया कि उनका इरादा क्या है। पूरे दिन बाहर रहने के कारण वह
हैलो दोस्तो! मेरी पिछली कहानी मधु के साथ तीन दिन के बाद मुझे काफ़ी मेल्स आई; आप सबका धन्यवाद। मैं कोई कहानी तो बनाता नहीं हूँ इसलिए आपको उन्हीं तीन दिनों
उसने मेरे सारे शरीर पर चुम्मी ले के मेरा लण्ड अपने मुँह में डाल दिया। मैं तो बहुत उत्तेजित हो गया। फ़िर मैंने उसके होंठों मे होंठ डाल कर उसकी जीभ को चूसा। अब हम दोनों आपे में नहीं रहे। फ़िर मैंने अपना लण्ड उसकी चूत में डाल दिया।
उसको पहले दर्द हुआ फ़िर मज़ा आने लगा। उसने भी अपनी गांड ऊपर उठा के झटके देने शुरू कर दिए। मैंने उसकी गांड को पकड़ लिया और जोर से अपना लंड उसकी बच्चेदानी तक ले गया। वो फिस फिस करने लगी।
मैं मुसकराती हुयी बाहर चली आयी। मुझे लगा आज काम फ़िट हो गया। मुझे उसके हाथों का स्पर्श अभी भी महसूस हो रह था। दिल में एक गुदगुदी सी उठ रही थी। मेरे जिस्म में वासना जागने लगी। मेरा दिल अब उस से अकेले में मिलने को आतुर हो उठा।
अचानक रात को मेरी नीन्द फिर खुल गयी… मेरी चूत में विजय का लन्ड घुसा हुआ था… मैं चुपचाप सोने का बहाना करती रही… वो चोदता रहा… मैं अपने आपको ज्यादा देर नहीं रोक सकी… उसके बदन को कसती गयी… उसने मेरी चूंचियां फिर से कस कर दबा दी…
मेरा नाम अरुण है। मेरे दफ़्तर में एक मधु नाम की लड़की थी। वो सच में बला की खूबसूरत थी। जब से वो मेरे दफ़्तर में काम करने के लिए आई, मैं तो बस उसको ही देखता
प्रेषक : नीरज गुप्ता अन्तर्वासना के सभी पाठको का एक बार फ़िर से शुक्रिया, आपके मेल्स मुझे मिले और उनसे मुझको और लिखने का प्रोत्साहन मिला. बस एक ही दुःख है
मेरा नाम सुनील है। मैंने अभी अपनी इंजीनियरिंग पूरी की है। मैं अब एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में काम करता हूँ। जहाँ मैं काम करता हूँ वहाँ एक से एक लड़कियां आती
प्रेषक : गौरव यादव हाय मेरा नाम ललित है. मैं कोटा राजस्थान का निवासी हूँ. मैं आपके लिए एक नयी स्टोरी लेकर आया हूँ तो चलिए ज्यादा समय न ख़राब करते हुए