मेरी लेस्बीयन लीला-3
जब जवान हुई.. तो लोगों की नजर कपड़ों के अन्दर तक चुभने लगीं, उनकी कामुक नजरों को भांप कर मेरे अन्दर एक मीठा दर्द उठने लगा। एक रात मैं अपनी दीदी के साथ लेटी थी… मैं उनके बदन को सहलाना चाहती थी॥ क्या मैं ऐसा कर पाई?
Antarvasna कम्युनिटी को हमारी शानदार लेस्बीयन सेक्स स्टोरीज कहानियों के कलेक्शन से आपको पागल कर देने दें।
जब जवान हुई.. तो लोगों की नजर कपड़ों के अन्दर तक चुभने लगीं, उनकी कामुक नजरों को भांप कर मेरे अन्दर एक मीठा दर्द उठने लगा। एक रात मैं अपनी दीदी के साथ लेटी थी… मैं उनके बदन को सहलाना चाहती थी॥ क्या मैं ऐसा कर पाई?
जब जवान हुई.. तो लोगों की नजर कपड़ों के अन्दर तक चुभने लगीं, देखने वाले आगे से गरदन के नीचे या पीछे टांगों के ऊपर घूरने लगे.. उनकी कामुक नजरों को भांप कर मेरे अन्दर एक मीठा दर्द उठने लगा। एक रात मैं अपनी दीदी के साथ लेटी थी…
जब जवान हुई.. तो लोगों की नजर कपड़ों के अन्दर तक चुभने लगीं, देखने वाले आगे से गरदन के नीचे या पीछे टांगों के ऊपर घूरने लगे.. उनकी कामुक नजरों को भांप कर मेरे अन्दर एक मीठा दर्द उठने लगा। मैं अभी स्कूल की छात्रा थी..
लास्ट स्टोरी में गैंग्स्टर जैकी के नेस्टी रिएक्शन को महक ने लाइट कर दिया। महक ने LA जाने का प्लान किया। शाम को हम प्लेन में थे कि मैं वाशरूम गई तो क्या देखा? पैन्ट्री में एक फ्लाइट स्टेवर्ड और स्टेवरडेस एक दूसरे को ओरल प्लेजर…
शौहर की गैरमौजूदगी में मैंने अपनी ननद फिरदौस को अपने साथ सोने के लिए अपने कमरे में बुला लिया क्योंकि मुझे अकेली सोने में खौफ़ सा लगता है। लेकिन इस दौरान फिरदौस की पहल से हम दोनों में लेस्बीयन जिस्माना ताल्लुकात बन गये। मुझे पहले तो अजब सा लगा लेकिन बाद में गजब लगने लगा।
रिया ने अपने फिंगर्स मेरे लिप्स पर फिराए, फिर उसने अपनी टंग से मेरे चीक्स को लीक किया, फिर रिया ने मेरे टी शर्ट में हाथ डालकर मेरी कमर को पकड़ा और मुझे पैशनटली किस करने लगी।
मुझे हस्तमैथुन की लत लैपटॉप पर नंगी पोर्न सेक्स मूवीज़ porn movies, blue films देख कर पड़ी थी जिसे विवाह तय होने से कुछ दिन पूर्व बड़ी कठिनाई से छोड़ पाई थी।
नमस्कार मित्रो, मैं सुदर्शन इस बार समलैंगिक स्त्रियों की एक रसीली कहानी लेकर आपके सामने हाजिर हूँ। यह कहानी मेरी भूतपूर्व महिला मित्र मानसी और उसकी बुआ की
दोस्तो, मेरा नाम कविता है और मैं अम्बाला (हरियाणा) के पास एक गाँव में रहती हूँ। मेरी उम्र 28 साल है और मैं एक शादीशुदा औरत हूँ। बात तब की है जब मैं बीस
दीपाली- यार तेरी बातें सुनकर चूत की हालत पतली हो गई.. तू रूक मैं बाथरूम जाकर आती हूँ। प्रिया- अरे बाथरूम में जाकर ऊँगली करेगी.. इससे अच्छा तो यहीं कर ले
अनुजा- ये असली विज्ञान है.. रात को अपने कमरे में कुण्डी लगा कर सारे कपड़े निकाल कर इस किताब को पढ़ना.. और कल शाम को आ जाना.. बाकी सब कल समझा दूँगी।
मेरे प्यारे दोस्तो, आप लोगों ने मेरी कहानी 'मेरी बेवफाई' पसंद की और मुझे इतने मेल किए कि मैं सोच भी नहीं सकती थी, सो धन्यवाद उन सबका जिन्होंने मुझे मेल
मुझे रोमांच से भरी चुदाई बहुत पसंद है। मैं बहुत से लोगों के बीच में चुदवा लेती हूँ और किसी को भी पता नहीं चल पाता इसलिए हम दूसरे लोगों की मौज़ूदगी में किस तरह चुदवाया जा सकता है, इसके बारे में बात कर रही थी।
नमस्कार दोस्तो, मैं आप सब का दिल से धन्यवाद करता हूँ जिन्होंने मेरी कहानी को बहुत पसंद किया। दुआ करता हूँ सभी कि चूतों को नया लण्ड मिलता रहे और लण्डों को
Sharm Haya Lajja Aur Chudai ka Maja-2 जयेश जाजू मेरे मन में एक अलग ही बेचैनी सी हो रही थी। बिना ब्रा-पैन्टी के कपड़ों में मेरे स्तनों का उभार भी काफी ढीला
हय, मेरा यह कन्फेशन डाउनलोड करने के लिए थॅंक्स! मैं थोड़ी कन्फ्यूज़ हूँ यार, मुझे तुम्हारी एड्वाइज़ की ज़रूरत है.. अभी पिछले हफ्ते महक आई थी मेरे पास, कह
शबनम के मुँह से उसके भाई द्वारा अपनी ख्याली चुदाई की बातें सुन कर नाज़िमा का मुँह खुला का खुला रह गया, वो शर्म से लाल पड़ गई और शबनम के मुँह पर हथेली रखके बोली- शबनम प्लीज़...
मेरी बातों में डर्टी पुट आ रहा था और मैं भी सेक्स के मादक नशे में डूब चुकी थी, मैं उठी और अपने भाई के कमरे में गई, वहाँ से लौटी तो उसके हाथ में उसके भाई का अंडरवीयर था।
दोनों ने एक को कलाबाजी भी खाई... कभी सलोनी ऊपर तो कभी नलिनी भाभी... इससे सलोनी का लहंगा काफी ऊपर चढ़ गया... दूर से भी उसकी टाँगे ऊपर तक नंगी नजर आने लगी, वहाँ बैठी एक औरत ने तो उठकर सलोनी के चूतड़ों पर एक चपत भी लगाई।
मुझमे चुदाई की आग भड़क गई थी, दोनों ने चूम चूम कर मुझे पागल कर दिया, मैं भी उन्हें चूमने और उनके बूबे चूसने लगी। तीन जवान और गोरी लड़किया नंगी होकर मस्ती कर रही थी जिसे देख कर किसी का भी लंड पानी छोड़ दे।
मैंने अपने जीवन की व्यथा गाथा अपनी पहली कहानी 'शराबी पति' के तीन भागों में लिखी थी। उस घटनाक्रम के बाद मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरे जीवन में और कोई ऐसी
जिया पटेल नमस्कार दोस्तो, मैं जिया एक बार फिर हाजिर हूँ एक मजेदार कहानी लेकर ! मेरी सहेली गौरी की 'प्यार की एक कहानी' को आप लोगों ने बहुत प्यार दिया इसलिए
रानी मधुबाला 'दीदी, बताओ प्लीज, फिर पति क्या करता है पत्नी के साथ?' 'उसे पूरी तरह से नंगी कर देता है और फिर खुद भी नंगा हो जाता है। दोनों काफी देर तक एक
श्रद्धा नमस्कार दोस्तो, यह मेरी पहली कहानी है। मैंने अन्तर्वासना पर बहुत सारी कहानियाँ पढ़ी हैं। पर पहली बार मैं अपना अनुभव आप लोगों के सामने रख रही हूँ।
पिंकी हैलो दोस्तो, आज आपकी दोस्त पिंकी आपके लिए एक कहानी लेकर आई है, इस कहानी में जरा भी मिलावट नहीं है, आपके सामने पेश कर रही हूँ, बस सेक्स के दौरान थोड़ा
पिंकू अब ईशान आदेश देने लगा था और ईशान मानने भी लगा था। ट्रेवल एजेंसी के बाकी लोगों की तरह वो भी उसके लौड़े का गुलाम बन चुका था। पिंकू अपनी आँखें बंद किये,
समस्त पाठकगण को मेरा नमस्कार। आज आपको मैं एक ट्रेवल एजेंसी का किस्सा बताता हूँ। यह ट्रेवल एजेंसी हमारी माया नगरी मुम्बई के अँधेरी इलाके में थी। इस ट्रेवल
मैं एक शाम घर में बैठा-बैठा बोर हो रहा था कि मुझे योगेश का एस एम एस आया- क्या कर रहा है बे? मैंने जवाब दिया कि मैं घर में खाली बैठा ऊब रहा हूँ। फिर उसका
लो मैं भी आ गई अपनी कहानी लेकर, पता नहीं आप लोग मेरी आपबीती को क्या समझें? सही या गलत, फ़ैसला आपका। यह कहानी सुनें. मैं आरती एक बेहद सुशील और खूबसूरत
उस समय मेरी भी उम्र 25 रही होगी। मेरी शादी भी नहीं हुई थी। होली की छुट्टियाँ होने वाली थी, मैंने अपने दोस्तों के साथ देवी के दर्शन करने जाने का प्लान
मैंने उनका पेटीकोट ऊपर किया और उनकी चूत को अपनी उंगलियों से सहलाने लगी। उन्होंने मेरी चूत को सहलाते हुए उसमें अपनी एक उंगली डाल दी और उसे मेरी चूत में अन्दर–बाहर करने लगी।
नमस्कार दोस्तो, यह अन्तर्वासना पर मेरी पहली कहानी है। बात करीब पांच साल पहले की है जब मैं नौकरी करने सिराहुबाद आया। मैं आपको बता दूँ कि इस नौकरी से पहले
मैंने उस दिन यूनिफार्म नहीं पहनी थी, उस दिन गुलाबी रंग की मिनी स्कर्ट और टॉप पहनी थी, मेरी छोटी सी स्कर्ट मेरी जांघों को छुपाने की नाकाम कोशिश कर रही थी, उसकी नजरें मेरे कपड़ों को चीरते हुऐ तन-बदन को सहलाने लगी
आप इसे मेरी कहानी न समझें दरअसल मुझे एक महिला मित्र ने फेसबुक पर चैट के दौरान मुझसे कहा था कि यदि मैं उसकी इस फैंटेसी को कहानी बना कर लिखूँ तो उसको अच्छा
अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा प्यार भरा नमस्कार! मित्रो, मेरा नाम फौजी भाई है, उम्र 22 वर्ष है, मैं भारतीय सेना का सिपाही हूँ। अन्तर्वासना को मैं
मेरे पास एक मेल चडीगढ़ से आया, उसने कहा कि उसने आज तक सेक्स नहीं किया है और उसकी शादी होने वाली है और शादी से पहले वो मुझसे अनुभव लेना चाहती है।
कुछ साल पहले की बात है, मैं दिल्ली में बस से महिपालपुर से कनाट प्लेस जा रहा था, समय लगभग शाम के सात बजे रहा होगा, सर्दी होने की वजह से अँधेरा जल्दी हो गया
प्रेषक : अरविन्द आपने मेरी कहानी के चार भाग पढ़े जिसमें मेरी कामुक बहू सोनम ने मेरे साथ यानि अपने ससुर के साथ यौन आनन्द प्राप्त करने का सजीव वर्णन फ़ोन पर
प्रेषक : पार्थ नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम पार्थ है, मेरा कद 5'6" है, देखने में मेरा रंग साफ़ है और मैं न ज्यादा पतला और न मोटा हूँ। मैं एक समलैंगिक लड़का
कुट्टी सर के साथ मस्ती करके दिल्ली से वापिस आने के चार पाँच महीने बाद मैं एक घर में पेईंग गैस्ट रहने लगी थी तो वहाँ मेरी हमउम्र लड़की रचना मेरे साथ मेरे
लेखिका : कामिनी सक्सेना दो तीन वर्ष गाँव में अध्यापन कार्य करने के बाद मेरा स्थानान्तरण फिर से शहर में हो गया था। मैं कानपुर में आ गई थी। यह स्कूल पिछले
पहली ही रात रेखा ने राशि को फिर से वही ब्लू फिल्म दिखाई और फिर कपड़े उतार कर राशि को बाहों में भर कर बिस्तर पर लेट गई। राशि को तो कुछ पता नहीं था पर उसकी मास्टरनी रेखा पूरी माहिर थी।
'सीऽऽऽ छोड़ो दो भईया! आऊचऽऽऽ मैं तो आपकी बहन जैसी हूँ, ऊईऽऽ क्या करते हो भईया मैं तो जाती हूँ, हायऽऽ मम्मीऽऽऽ ओह हायऽऽऽ उफऽऽऽ बहुत मजा आ रहा है,
अगर उंगली से चूत मारने में ईत्ता मजा आता है, तो सच्ची-मुच्ची का गर्म और मोटा लण्ड तो दिन में तारे दिखा देगा. यह सोच कर वह जोर जोर से अपनी चूत फैंटने लगी.
रीटा भी झुक अपनी सुन्दर चूत को निहारा और एक ठंडी झुरझुरी लेकर रीटा ने अपनी पेशाब से लबालब चूत को दोबारा कच्छी में छुपा लिया और स्कर्ट नीचे गिरा दी.
मोनिका दांतों से रीटा की चूत नौचने लगी तो रीटा मजे से पागल हो उठी और बेशरमी से अपनी टांगों को 180 डिगरी पर फ़ैला दिया. बेहया मोनिका ने रीटा को जन्नत में पहुँचा दिया.
इस कहानी के पात्र व घटनाएँ काल्पनिक हैं। निखिल ने अभी अभी पढ़ाई ख़त्म करके कॉल सेंटर की नौकरी शुरु की थी। यहाँ आकर वह बहुत उत्साहित था- कॉलेज जैसा माहौल,
सुबह 9 बजे मेरी नंगी चूत में भाभी ने अपनी उंगली घुसा दी, मैं हड़बड़ा कर उठी, भाभी ने मेरी चूचियाँ दबाते हुए चुटकी ली और बोलीं- अब उठ जाओ, देवर जी ऑफिस जाने वाले हैं, दो बार पूछ गए कि भाभी उठीं या नहीं ! जाओ और थोड़ा अपनी जवानी का रस पिला आओ।
मेघा यूँ तो किशोर अवस्था को अलविदा कर चुकी थी। उसमें जवानी की नई नई रंगत चढ़ रही थी। इसमे मेघा की सहेलियों का बड़ा हाथ था। उनकी चुलबुली बातों से मेघा का दिल
मेरे ऑफिस की जन संपर्क अधिकारी का नाम वंशिका है। चूँकि हम दोनों हमउम्र हैं इसलिये एक दूसरे से कई प्रकार के मजाक भी कर लेती थीं। उसने बहुत बार मुझे अपने घर
रिंकी ने अपना टॉप उतार दिया। उसके संतरे बाहर आ गए। फिर रिंकी ने मेरा टॉप उतार दिया तो मेरे मम्मे भी बाहर आ गए। फिर रिंकी ने अपनी निक्कर उतार दी और फिर मेरी।
मेरा नाम रीना शर्मा है। यह कहानी उस वक्त की है जब मेरी शादी हुए छ: महीने हो चुके थे। मैं तो शादी के पहले से ही चुदने को बेकरार रहती थी। मेरी कई सहेलियों
प्रेषिका : शालिनी "पूजा अब तो तूने मेरी गाण्ड भी मार ली, अब तो अपना लण्ड बाहर निकाल ले !" मैंने पूजा को कहा। "हाँ बस अभी निकाल रही हूँ !" कहते हुए पूजा ने
प्रेषिका : शालिनी रोज की तरह उस रात भी मैं और पूजा खाना खाकर बेडरूम में टेलिविज़न देख रही थीं। मैंने देखा कि पूजा मेरे साथ कुछ ज्यादा ही चिपक रही थी। कभी
प्रेषिका : बरखा लेखक : राज कार्तिक मेरे सभी दोस्तों का धन्यवाद जिन्होंने मेरी सुहागरात की दास्तान पिया संग मेरा हनीमून को सराहा और मुझे अपनी मस्ती की एक
प्रिय पाठको, हरेश जी का एक बार फ़िर नमस्कार ! आपने मेरी लिखी एक लम्बी कहानी मुझे रण्डी बनना है पढ़ी ही होगी। और एक सच्ची कहानी के द्वारा आपके सामने आया हूँ।
प्रेषक : हैरी बवेजा हेल्लो दोस्तो, आज मैं आपको तब की एक घटना के बारे में बताने जा रहा हूँ जब मैं बारहवीं में पढ़ता था। हमारे कॉलेज में एक मैडम थी आशा जैन
प्रेषिका : श्रेया आहूजा मुझे भी मज़ा आने लगा। मैंने मौसी का हाथ पकड़ लिया और अपने आनन्द के अनुसार मौसी के हाथ की गति निर्धारित करने लगी। मेरा मज़ा बढ़ता ही जा
मैं : ना मौसी ना ! मेरी फ़ट जा गी ! तू मन्ने बख्श दे ! मन्नै नी लेणे मज़े ! डण्डे के चूत पर रगड़ने से मुझे मज़ा तो बहुत आ रहा था, मेरे चूतड़ बार बार अपने आप ही
लेखिका : श्रेया आहूजा मेरा नाम बरखा है ! अभी मैं राजस्थान के प्रसिद्ध शहर जोधपुर में अपने पति और बिटिया के साथ मस्त जिंदगी व्यतीत कर रही हूँ। लेकिन मेरा
प्रेषक : प्रेम सिसोदिया "तो क्यों नहीं किया यार, मेरा दिल तो सच कहूं तेरी गाण्ड मारने पर आ ही गया था। साला कितना सेक्सी लगता है तू, तेरी गाण्ड देख कर यार
प्रेषक : प्रेम सिसोदिया अजय मेरा अच्छा दोस्त था। हम दोनों एक साथ पढ़ाई पूरी करके मेडिकल रेप्रेसेंटेटिव बन गये थे। हम दोनों एक ही कम्पनी में थे। आस पास के
कामिनी मेरे चूतड़ दबा रही थी और अचानक उसकी ज़बान मेरी चूत के छेद में घुस पड़ी तो ऐसा लगा जैसे गरम पिघलता हुआ लोहा मेरी चूत में घुस गया हो, मैं चिल्ला पड़ी.
कामिनी ने मुझे बिस्तर पर लिटा दिया और मेरे दोनों दूध दबाते हुए मेरे होंठ चूसने लगी। ऊफ़ उसकी ज़बान इतनी चिकनी, गर्म और इतनी लम्बी थी कि मेरे पूरे मुँह में मचल रही थी और मेरे गले तक जा रही थी।
गोमती हमेशा की तरह मेरी जांघों पर बैठ गई और तेल से भरे हाथ मेरी छातियों को गोलाई में मलने लगे. मेरे शरीर में एक अनजानी सी गुदगुदी भरने लगी.
मैं दिखने में स्मार्ट लगता हूँ और कोई भी जवान लड़का मुझे देखे तो मेरी गाण्ड मारने के लिए बेताब हो जाये। अब आप ही सोचो कि मै कैसा लगता हूंगा ! यह बात उन
सब लोगों को मंगू जी का प्रणाम ! मैं अपनी कहानी बता रहा हूँ। मैंने अपनी अड़तालीस साल की उम्र में ऐसा अनुभव नहीं किया था। मैं अपने काम के सिलसिले में
अगले दिन से मैं अलग कमरे में सोने लगी। भाभी अब भैया के साथ सो रही थीं। मुझे घर में रहते हुए बीस दिन से ज्यादा हो गए थे। भाभी अब मुझसे थोड़ा चिढ़ने लगी थीं।
मैं रीता हूँ मेरे पति का नाम अतुल है। मेरे पति चाहते हैं कि मैं उनका लौड़ा चुसूं और पूरी नंगी होकर सेक्स में तरह तरह के खेल करूँ। इस बात को लेकर अक्सर मेरी
प्रेषक : अमित हेल्लो दोस्तों मेरा नाम अमित है। मेरी एक दोस्त थी नेहा सिन्हा जो कि कानपुर में रहती थी। हम अच्छे दोस्त थे, हम स्कूल में साथ में पढ़े थे। उसकी