जन्म दिन पर चुदी शिखा रानी-3
चूतेश अब तक मैं भी बेतहाशा उत्तेजित हो चुका था। मैंने तुरंत शिखा रानी की टांगें चौड़ी कीं और उनके बीच में घुटनों पर बैठ के लंड को चूत से लगाने ही वाला था
Antarvasna कम्युनिटी को हमारी शानदार कोई मिल गया कहानियों के कलेक्शन से आपको पागल कर देने दें।
चूतेश अब तक मैं भी बेतहाशा उत्तेजित हो चुका था। मैंने तुरंत शिखा रानी की टांगें चौड़ी कीं और उनके बीच में घुटनों पर बैठ के लंड को चूत से लगाने ही वाला था
मेरे दोस्त की शादी 6 महीने पहले हुई। उसकी बीवी समझदार, खूबसूरत चंचल, समझो आल इन वन है। मेरा दोस्त भोसड़ी का लल्लू है। तो उसकी बीवी का क्या हाल होता होगा।
चूतेश मैं उठा और उसकी तरफ लपका तो मेरी लिपटी हुई लूंगी खुल कर गिर गई और मैं पूरा नंगा हो गया। मुझे नग्न देखते ही शिखा रानी ने हाथ उठाकर आँखों पर ढक कर
मैंने उसकी बुर को चाटना शुरू कर दिया तो वो और ज्यादा ही व्याकुल होने लगी और कहने लगी- अब और मत तरसाओ.. प्लीज.. अन्दर करो.. अब रहा नहीं जाता..!
चूतेश प्रिय पाठक और पाठिकाओं को चूतेश का नमस्कार। सलोनी रानी की कहानी छपने के बाद मुझे बहुत से मेल मिले प्रशंसा के, कई लड़कियों के मेल थे जिनमें उन्होंने
वह ज़बरदस्ती ऊपर ले गई। वहाँ कोई नहीं था। वह अपने घर के कमरे दिखाने लगी, मैंने उसे दोबारा से चुम्मी देने के लिए बोला और वो तैयार हो गई। इस बार मैंने उसको
सभी दोस्तों को मेरा हार्दिक प्रणाम। मैं अपनी प्रथम सच्ची कहानी को आपके सामने प्रस्तुत करते हुए बड़ी प्रसन्नता का अनुभव कर रहा हूँ। साथियों मेरा नाम अंकित
सामने वाला बुड्ढा बिल्कुल सही था... लड़की ने काली नेट वाली कच्छी ही पहनी हुई थी... कच्छी भी इतनी उसके चूतड़ों से चिपकी हुई थी कि उसके चूतड़ और चूत के सभी उभार साफ़ पता चल रहे थे।
मैंने उसके पैरों को फैला कर उसकी एकदम साफ़ चुत पर अपने होंठ लगा दिए और चुत को चाटने लगा, चुत रसीली हो रही थी, मैंने चुत को मुँह में भर कर खूब चूसा।
आपकी सारिका कंवल मैंने कहा- मैं तो फिलहाल अकेली रहती हूँ बच्चों के साथ.. मगर रात में ही मिल सकती हूँ! उसने तुरंत कहा- आज रात को मिलें फिर? मैंने कहा-
मैं राज अग्रवाल दिल्ली लक्ष्मी नगर से एक असली घटना सुनाने आया हूँ। मैं 26 साल का 6 फुट का एक नौजवान युवक हूँ और मेरा लण्ड साढ़े सात इंच का है। यह बात 2009
जैसे ही उसका लण्ड मेरी चूत में गया, मुझे इतना सुकून महसूस हुआ.. मुझे मेरी चूत में इतना मजा आ रहा था जैसे मीठी खुजली होने पे कोई उसे प्यार से कुरेद रहा हो..
अंकल खुश हो गए, उन्होंने सलोनी के चूतड़ों से अपने सीधे हाथ को हटाकर आगे लाये और अपनी उँगलियों से उसकी चूत को सहलाते हुए अपना चेहरा सलोनी की जांघों के बीच रखकर उसकी चूत का एक चुम्मा ले लिया।
आपकी सारिका कंवल मैंने कहा- फिर भी आपको तो सोचना चाहिए था कि अपने बच्चों का एक पढ़ी-लिखी औरत जैसा ख्याल रख सकती है वैसा एक अनपढ़ औरत नहीं रख सकती! तब उसने
आप तो बड़े छुपे रुस्तम निकले अंकल... पहले मुझे आप ऋतु के बारे में बता रहे थे और अब मालूम पड़ रहा है कि रिया भी ... अपनी दोनों लड़कियों को ही आपने चखने के बाद ही विदा किया, अगर आपके दामाद को पता चल गया तो?
आपकी सारिका कंवल नमस्ते, आप सबके प्यार और अनुरोध ने मुझे फिर से एक नई कहानी लिखने पर विवश कर दिया। मैं नहीं चाहती थी कि अब कोई कहानी लिखूँ, क्योंकि यह कोई
आशु जैन मेरा नाम आशु है, मैं एक 23 साल का नौजवान हूँ जिसके मन में सेक्स और प्यार को लेकर बहुत सारी भावनाए हैं। मैं दिखने में आकर्षक हूँ और मुझे लोगों से
अंकिता- हाय... अक्षय- हैलो... अंकिता- कैसे हो? अक्षय- मैं ठीक हूँ आप कैसे हो? अंकिता- मैं भी ठीक हूँ... फेसबुक पर बातों की कुछ ऐसी ही बातों से शुरुआत होती
प्रियांशु मुझे आप सभी की कहानियाँ बहुत पसंद आईं. आज से एक साल पहले की बात है, मैं देहरादून से रूड़की जा रहा था। जैसे ही मैं बस में घुसा सामने ही एक औरत
सलोनी रानी ने कहा- तू राजे… एकदम सीधा लेट जा... मैं तेरी तरफ अपने चूतड़ रखूंगी... तू चूसे जाना ! इतना कह के सलोनी रानी ने मेरी छाती पर हाथ रखकर मुझे लेट
चूतेश सभी पाठकों को चूतेश का नमस्कार। अन्तर्वासना के माध्यम से मुझे कुछ ही दिनों में एक गर्लफ्रेंड मिली जिसकी कहानी मैं प्रस्तुत कर रहा हूँ। हुआ यूं कि
विक्की कुमार जब मेरा लण्ड पूरा खड़ा हो गया तो सोचा कि उसकी चूत मारूँगा पर इस बार नीता उल्टी लेट गई व एक तेल की शीशी को मुझे पकड़ाते हुए कहा- इसे मेरी गाण्ड
दोस्तो, मेरा नाम अचिन है, मैं देहरादून से हूँ। मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ। आज मैं आप लोगों के साथ अपने साथ घटित एक वाकया पेश कर रहा हूँ लेकिन उससे
नमस्कार मित्रों मैं अहमदाबाद का रहने वाला हूँ। मैं एक 20 वर्ष का छात्र हूँ और पिछले दो साल से अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ। मैं रंग में गोरा तथा कद में
विक्की कुमार पूरे नाश्ते के दौरान हम तीनों दुनिया जहान की, राजनीति की बातें करते रहे। वे दोनों बातचीत में एक्सपर्ट थे, किसी भी विषय पर बात करने को तैयार।
विक्की कुमार हम दोनों उठे, शावर लिया व कपड़े पहन कर बाहर होटल के गार्डन रेस्टोरेंट में आ गये। कामना ने गहरे रंग के गॉगल्ज़ पहन लिए थे व सिर पर दुपट्टा भी
कहानी का पिछला भाग : जब संजना ने स्पेनिश लौड़ा लिया-1 यह कह कर उसने आँखों पर कपड़ा रखा और टाँगें फैला कर लेट गया। उसका लिंग अब मेरे सामने था और मेरी पहुँच
दोस्तो, मैं आपकी दोस्त संजना, लुधियाना से एक बार फिर आपके के लिए एक और कहानी लेकर आई हूँ। यह कहानी काल्पनिक नहीं है, कुछ-कुछ सच है और बाकी मेरी कल्पना है।
इन्स्पेक्टर त्यागी अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा नमस्कार। मेरा नाम त्यागी है, यह अन्तर्वासना पर मेरी पहली कहानी है। मैं पेशे से पुलिस इन्स्पेक्टर हूँ।
विक्की कुमार जैसे ही कामना मेरी बाहों में आई तब मुझे आभास हुआ कि हम दोनों के मध्य दो विशाल पहाड़ टकरा रहे हों, अहा ! तो ये कामना के वक्ष थे जो शोले से दहक
मैं अपने लण्ड की आग ज्यों ज्यों मैं दबाता तो फिर यह त्यों त्यों और भड़कती। मुझे कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था कि मैं कैसे इस आग को बुझाऊँ। इसी तरह समय
मैं बेकाबू हो गया था। मैंने उसकी चूचियों को जी भर कर चूसा और चूसते-चूसते ही मैं एक हाथ उसकी चूत पर ले गया और सलवार के ऊपर से ही उसकी चूत सहलाने लगा।
हैलो दोस्तो, मेरा नाम पार्थिक है, मैं कोलकाता से हूँ, मेरी बीवी का नाम सोनू है। हमारी शादी को दो साल हुए हैं। मेरी उम्र 28 साल और मेरी बीवी की उम्र 26 साल
पूजा पटेल नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम पूजा है। बहुत सारी कहानियाँ पढ़ने के बाद आज में आप लोगों को अपनी कहानी बताने जा रही हूँ। पहले मुझे यह सब बताने में बहुत
पूनम मेरा नाम पूनम है। मेरी ऊम्र 28 साल है। मैं तलाकशुदा हूँ। मेरे पति नामर्द थे इसीलिए मैंने उनसे पीछा छुड़ा लिया। मैं एक कोचिंग में बायोलॉजी पढ़ाती थी।
मैंने अपनी पेंटी खोली और अपनी चूत में उंगली करते हुए आनन्द को अपनी चूत चाटने का हुक्म दिया, मैंने रजनी को भी शामिल करते हुए अपनी तरफ खींचा और उसके होंठों का रसपान किया।
सारिका कंवल हम तीनों काफी थक चुके थे, फिर हमने खुद को पानी से साफ़ करके कपड़े पहने और वापस घर को आ गए। रास्ते में मैंने उनको बताया, “मेरे पति ने मुझे कल
उसकी पीठ मेरी ओर थी... उसकी स्कर्ट ऊपर तक हो गई और उसके नंगे चूतड़... कयामत चूतड़... क्या मजेदार गोल गोल चूतड़ थे... पूरे नंगे ही दिख रहे थे... क्योंकि उसकी पैंटी की डोरी बहुत पतली थी जो चूतड़ों की दरार से चिपकी थी।
दोस्तो, लीजिये सुनिए आज एक नई कहानी ! यह वास्तव में मेरे एक दोस्त के साथ घटी थी। उसी के शब्दों में ! मेरा नाम आशुतोष है, 38 साल का हूँ, दिल्ली में रहता
सभी पाठकों को मेरा नमस्कार। मैं पिछले 5 सालों से अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ। पिछले 5 सालों में मैंने मुश्किल से ही कोई कहानी छोड़ी होगी। जब भी कभी समय
मैं उससे बात कर ही रहा था कि जैसे ही बैक मिरर में देखा... ओह गॉड... उसने अपना टॉप निकल दिया था... वो केवल एक माइक्रो ऑफ व्हाइट ब्रा में बैठी थी...
रोहन मल्होत्रा दोस्तो, मेरा नाम रोहन है, उमर 26 साल है, मैं दिखने में बहुत स्मार्ट हूँ, हरियाणा का रहने वाला हूँ। अन्तर्वासना पर यह मेरी पहली कहानी है जो
वो मेरी बाइक पर आ गईं, तब मैंने देखा कि वो बहुत ही सुंदर और सेक्सी थीं। करीब 30 साल की होंगी। उसके कपड़े में से उसका जिस्म साफ़ दिखाई दे रहा था।
सारिका कंवल तभी मेरी सहेली मुझे लेने आ गई और हम दोनों उस वक्त भी चुदाई कर रहे थे। वो हमें देख कर हँसने लगी और कहा- अभी तक तुम दोनों का मन नहीं भरा ! ठीक
सारिका कंवल हम काफी देर यूँ ही बातें करते रहे। वो मेरी और मेरे जिस्म की तारीफ़ करता रहा। अब उसने बातें करते हुए फिर से मेरी योनि को सहलाना शुरू कर दिया।
सारिका कंवल मैंने दर्द को सहते हुए जोर लगाया और उसने भी तो पूरा लिंग मेरी योनि में समा गया। मैं उसके सुपाड़े को अपनी बच्चेदानी में महसूस करने लगी। उसने
वो नीचे बैठ गया और मुझे खड़े रहने को कहा और मेरी टाँगों को फैला दिया। अब उसने मेरी योनि को प्यार करना शुरू कर दिया। पहले तो उसने बड़े प्यार से उसे चूमा फिर
मैं ताजनगरी आगरा का रहने वाला हूँ. मुझे अपने दोस्तों से अन्तर्वासना के बारे में हाल में पता चला. इसलिए मैं भी अपने जीवन का पहला सेक्स अनुभव आप सबसे शेयर
करीब 30 मिनट के इस खेल के साथ विजय 10-12 जोरदार धक्कों के साथ शांत हो गया और उसके ऊपर ही हाँफता रहा, फ़िर अलग हुआ। जब उससे अलग हुआ तो उसकी योनि से विजय का
नमस्कार दोस्तो, मैं प्रेम प्रकाश उम्र 24 वर्ष, कद 5 फीट 9 इंच, गोरा रंग भरा हुआ बदन। मैं छतीसगढ़ के एक छोटे शहर से हूँ। अपनी पढाई पूरी करने के बाद मैं
रात को सोते वक्त मैं सोच रही थी कि 'वो कौन था जिसने मुझे चोदा?' मैं आज तक पता नहीं लगा पाई कि 'वो कौन था?' पर मुझे तीन लोगों पर शक था:
नमस्कार मेरा नाम सारिका है। मैंने अपने बारे में पहले ही बता दिया है। कहानी 'यौन लालसा तृप्ति अमर रस से' में। मेरे 3 बच्चे हैं, जिनमें से तीसरा बच्चा अभी 5
गाण्ड मरवाने का चाव-2 जूही परमार वो मेरे लिए जूस लेकर आया। मैं जूस पीते-पीते सोचने लगी। वैसे तो सुहागरात से पहले दुल्हन दूल्हे के लिए दूध का गिलास लाती
पहली बार सोना के भरपूर नंगे बदन को मैंने बेड पर देखा, चुदाई की उसकी प्यास महसूस की, मैं समझ गया कि इसे साण्ड जैसा आदमी चाहिए जो इसे मसल-मसल कर पटक-पटक कर चोदे।
मैं बिस्तर पर पड़ी अपनी जांघों को फैला कर अपनी बड़ी चूत पे लटकी नथनी को सहलाते हुए बोली- ले चोद साले! देखती हूँ क्या बिगाड़ लेगा तुम्हारा लण्ड मेरी चूत का।
मैं उसकी हर मस्ती में साथ था पर मेरी इच्छा उसको चुदाई करवाते देखने की थी और इतना सब होने के बाद भी मुझे दुःख इसी बात का था कि सलोनी ने मेरे साथ ऐसा क्यों किया !
वो जीभ से मेरी गांड की छेद और चूत के होंठ चाटने लगा। मेरे चूत की नथनी की वह जब चाटता तो काफी गुदगुदी होती और मुझमें वासना और भी बढ़ जाती।
पिछले दो घंटे से अमित तो सलोनी के साथ ही है और आज तो उसने उसको पूरी नंगी भी देख लिया है। ना जाने वो क्या कर रहे होंगे? और अमित कह भी रहा था कि वो उसकी सेवा कर रही है।
ऐसा लगता है कि यह सेक्सी बदन, ऐसी मस्त चूत, ये बड़े सेक्सी चूतड़ और ये भारी चूचियाँ कई मर्दों से चुदवाने, चुसवाने के लिए ही बनाई गई हैं।
उसने कहा कि मेरी चूत सैंडविच जैसी है और मैं सर्वश्रेष्ठ स्तनों वाली महिला हूँ और पूरी दुनिया में सबसे मस्त बड़े गोल गांड वाली औरत! मेरे सबसे सेक्सी होंठ हैं।
दोनों पागलों की तरह हँसते हुए सलोनी को रगड़ रहे थे.. इंस्पेक्टर ने सलोनी की गर्दन पकड़ उसको झुका दिया और पीछे से उसके चूतड़ों पर चपत लगा लगा कर देखने लगा।
मैंने सलोनी की ओर देखा... वो आँखे फाड़े केवल उस कॉन्स्टेबल को देख रही थी, उसकी शर्ट पूरी अस्त-व्यस्त थी, चूची भी आधी बाहर थी और टांगें भी ऊपर तक नंगी ही दिख रही थी।
अंकल लगातार ऊपर देखते हुए पैंट को सलोनी के चिकने पैरों पर चढ़ाते हुए कमर तक ले गए.. सलोनी ने एक बार उनसे पैंट लेने की कोशिश की- ..लाइए अंकल, मैं पहन लेती हूँ !
अंकल खुद ही पैंट लेकर सलोनी को पहनाने लगे और सलोनी भी अपने पैर उठा पैंट को पहनने लगी ! ना जाने इन बूढ़ों को सुन्दर लड़की को कपड़े पहनाने में क्या मजा आता था...
हाय दोस्तो, मेरा नाम बी. हुसैन है। मेरी उमर 30 साल है। दोस्तो, मेरे पास सुनाने के लिए काफ़ी किस्से हैं। यह बात तब की है, करीब 7 साल पहले जब मैं दिल्ली
एक मजेदार लम्बा और मजबूत लण्ड उसकी चूत से चिपका था... वो आदमी अपने हाथों से निचोड़ निचोड़ कर उसकी चूची चूस रहा था ... सलोनी लगातार अपनी कमर हिला रही थी जिससे उसकी चूत उसके लण्ड का हाल बेहाल किये थी..
दोस्तो, चार साल के बाद एक बार मेरे साथ फिर से एक घटना हुई और इसे भी मैं आप सब के साथ बांटना चाहता हूँ। शायद आप लोगों को मेरी पहली घटना याद हो आँखों का
उसने अभी भी अपना कोई कपड़ा नहीं पहना था, उसकी स्कर्ट और टॉप दोनों उसके हाथ में ही दिख रहे थे, मगर वो बिस्तर पर जाकर कुछ ढूंढने लगी।
सोनीपत बस स्टैंड पर बस की प्रतीक्षा कर रहा था। काफी भीड़ थी। वहीं पर एक हसीन औरत मुझे बार बार देख कर मन्द मन्द मुस्कुरा रही थी। पहले तो मैंने अपनी नजर का धोखा समझा लेकिन मेरी ही तरफ़ मुस्कुरा रही थी।
उसने अंदर आते ही सलोनी के नंगे चूतड़ों को सहलाया और बोला- क्या बात है जानेमन चुदवा लिया क्या?? अभी कहाँ जा रही है...?? रुक ना... अभी एक बार तुझको भी चोदूंगा...