पति को हिंसक सेक्स से खुश करने की कोशिश -2
शादी के 12 साल बाद मेरे पति हिंसक पोर्न देखते थे और ऐसा ही मुझसे चाहते थे। मैंने एक सहेली और एक डॉक्टर की मदद से उनको उन्हीं के तरीके से सबक सिखाया।
Antarvasna कम्युनिटी को हमारी शानदार इंडियन बीवी की चुदाई कहानियों के कलेक्शन से आपको पागल कर देने दें।
शादी के 12 साल बाद मेरे पति हिंसक पोर्न देखते थे और ऐसा ही मुझसे चाहते थे। मैंने एक सहेली और एक डॉक्टर की मदद से उनको उन्हीं के तरीके से सबक सिखाया।
शादी के 12 साल बाद भी मेरे पति बिस्तर में मुझसे खुश नहीं थे, मुझसे दूर दूर रहते थे। एक सहेली से बात की तो उसने पति पर नजर रखने को कहा. वे हिंसक पोर्न देखते थे तो एक डॉक्टर से सलाह ली।
काम में व्यस्त पति जब अपनी नई दुल्हन को चोदना भी भूल जाए तो बेचारी दुल्हन की चूत का क्या होगा? मेरे साथ कुछ ऐसा ही हुआ तो मैंने अपने पति से जोर आजमाइश की.
मैं सपने में तीन हसीन लड़कियों के साथ धक्कमपेल में लगा हुआ था कि एक लड़की ने मेरे लण्ड पर जोर से काटा, मैं चिल्लाया और उठ कर बैठ गया, मेरी नींद टूट चुकी थी। इसके बाद मेरी बीवी के साथ की मस्ती की दास्ताँ !
अपनी पहली कहानी में मैं अपनी सुहागरात पर, शादी की पहली रात ही मुझे जो तजुरबा हुआ, अपनी पहली चूत चुदाई और अपने पति के एक अजीब शौक की बात बता रही हूँ...
मैं सुहागरात की सेज पर छुईमुई सी सजी बैठी.. अपने सपनों के राजकुमार का इंतजार कर रही थी। वो आए और मेरे पास आकर मुझसे ज़माने भर की बात करने लगे। पर उसके बाद..
मेरी एक बेटी है 6 महीने की! जब से मेरे घर बेटी हुई है, उसके बाद मेरी पत्नी मुझसे सेक्स बहुत कम करती है, जब भी मैं उसे सेक्स करने को कहता हूँ तो वो मुझे माना कर देती है, कहती है कि फिर कभी करेंगे, या कहती है जब दूसरा बेबी करेंगे, तब करेंगे सेक्स! मतलब उसका ध्यान बेटी की तरफ़ ज्यादा हो गया है। मगर आप तो जानते ही हैं एक मर्द सेक्स किए बिना नहीं रह सकता...
मेरा नाम विराट गांगुली है, मेरी पत्नी अनुष्का राय काफी अमीर परिवार से है। हमारे विवाह को अब दो वर्ष हो चुके हैं। विवाह के वक्त उसके परिवार को और उसे भी
हालांकि चुदाई करते समय जसप्रीत मेरा लौड़ा चूसती है, मैं उसकी चूत भी चाटता हूँ, मतलब हम दोनों खुल कर मुखमैथुन का आनन्द लेते हैं लेकिन उसकी चूत से निकला हुआ..
Antarvasna Hindi Sex Stories- Hindi Sex Kahani हमारे निकाह के वक्त हम दोनों को ही मुख मैथुन Oral Sex और गुदा मैथुन Anal Sex का ज्ञान नहीं था।
हम हर दिन हम बिस्तर नहीं होते, हफ्ते में दो-तीन बार ही एक साथ सोते हैं। हम दोनों ही अभी बच्चा नहीं चाहते, तब भी मेरे शौहर बिना निरोध के मेरे ऊपर चढ़ते हैं।
मैं शालिनी जैन 27 साल की हूँ, देहरादून, उत्तराखंड में विवाहिता हूँ। अब मेरी शादी को 2 साल हो गए हैं। शादी से पहले मैं गाज़ियाबाद में तीन साल तक एक
मामाजी ने सलोनी को बालो से पकड़ उसके सिर को अपने लण्ड की ओर झुकाया। सलोनी तो जैसे नशे में थी, वो घुटनों पर बैठ उनके लण्ड को अपने होंठों के बीच दबा कर चूसने लगी।
मित्रो, मैं अन्तर्वासना का पुराना पाठक व लेखक हूँ, चूत-लण्ड के किस्से सुनकर लोगों की तरह मैं भी अपना मन बहला लेता हूँ। पर इस बार मेरी इच्छा जागृत हुई कि
आशीष अपने एक हाथ से मेरी इस चिकनी चमेली को सहला रहे थे और दूसरे हाथ से मेरी चूचियों से खेल रहे थे, उनके होंठों का रस लगातार मेरे चुचूकों पर गिर रहा था।
उन्होंने मेरी केपरी के साथ ही कच्छी भी निकालकर फेंक दी। अब मैं आशीष के सामने पूर्णतया नग्न अवस्था में थी परन्तु फिर भी दिल आशीष को छोड़ने का नहीं हो रहा था।
ऋज़ू- अरे वो नंगी रण्डी.. जिसने कच्छी नहीं पहनी थी, तेरे साथ थी? ..उसी के साथ तो था वो कमीना... चल छोड़ उसको, उसकी चूत से कहीं मजेदार है मेरी चूत.. चल आज मुझे अपना मूत पिला... उसको चुदने दे किसी और से...
मुझे उनका चुम्बन बहुत ही अच्छा लग रहा था, बल्कि मैं तो ये चुम्बन सिर्फ माथे पर नहीं अपने पूरे बदन पर चाहती थी, उम्मीद लगने लगी थी कि शायद आज मेरी सुहागरात जरूर होगी।
उन्होंने मुझे खींचकर अपनी छाती से चिपका लिया और एक मीठा सा चुम्बन दिया। मैं तो शर्म से धरती में गड़ी जा रही थी पर उनकी छाती से चिपकना बहुत अच्छा लग रहा था।
उसकी गांड के छेद पर मैंने अपनी उंगलियाँ फिराई, वो बिफर पड़ी, वो बोली- वहाँ मुंह मत लगाना प्लीज़… वो गन्दी जगह है। मैंने उसे कहा- मेरी रानी, औरत के शरीर का कोई भी हिस्सा गंदा या खराब नहीं होता है…
मैंने जगह जगह से उसकी सलवार भी फाड़नी शुरू कर दी। पुरानी थी तो चर्र चर्र फटती गई और उसकी मांसल दूधिया जांघें और पिंडलियाँ बाहर आती गई।
मैंने उसके सर और कमर के नीचे पहले ही दो तकिये रख दिए थे, जिससे उसका सीना ऊपर हो गया था, रस्सी नीचे बाँधी थी और जैसे ही उस रस्सी को और टाइट किया उसके वक्ष और ज्यादा उभर कर तन गए।
मधु के चूतड़ों पर फ्रॉक के ऊपर से ही हाथ रखने पर मुझे उसकी कच्छी का एहसास हुआ... मैंने तुरंत अचानक ही उसके फ्रॉक को अपने दोनों हाथ से ऊपर कर दिया...
इमरान सलोनी- मैंने मना किया न... मैं केवल ब्रा चेक करुँगी... बस… पैंटी घर जाकर चेक करके बता दूँगी... यहाँ नहीं.. लड़के का मुँह देख लग रहा था जैसे उसके हाथ
इमरान उसके बाथरूम में जाते ही सबसे पहले मैंने अपना रिकॉर्डर पेन ओन कर उसके पर्स में डाला... और यह भी सोचने लगा कि यार कैसे आज इनकी उस शॉपिंग को देखा
इमरान मैं बंद अधखुली आँखों से सलोनी को देखते हुए अपनी रणनीति के बारे में सोच रहा था... कि मस्ती भी रहे और इज्जत भी बनी रहे... सलोनी मेरे से खुल भी जाए...
संजय ने कभी मेरी योनि को प्यार नहीं किया तो मैं भी एक शर्मीली नारी बनी रही, मैंने भी कभी संजय के लिंग को प्यार नहीं किया। मुझे लगता था कि अपनी तरफ से पहल करने पर संजय मुझे चरित्रहीन ना समझ लें।
वैसे तो संजय से मेरा रोज ही सोने से पहले एकाकार होता था। परन्तु वो पति-पत्नी वाला सम्भोग ही होता था। उस दिन मेरी शादी की 11वीं सालगिरह थी। संजय ने मुझे
हिंदी एडल्ट स्टोरी का पहला भाग : रसीली की रस भरी रातें-1 कहानी का दूसरा भाग : रसीली की रस भरी रातें-2 रात को मेरे पति राजू ने पहले मोमबती से फ़िर अपने
कहानी का पिछला भाग : रसीली की रस भरी रातें-1 मेरी हिंदी एडल्ट स्टोरी में आपने अब तक पढ़ा कि सुहागरात को मैं अपने पति के बड़े लण्ड से दर्द का ड्रामा करके चुद
अजय ने मेरी लगभग नंगी पीठ, मुँह, गले पर चूम चूम कर मेरा बुरा हाल कर दिया था और एक हाथ से वो मेरे मोटे चूतड़ों को और मेरी चूत पर फ़िराते रहे जिससे मेरे सारे बदन में झुरझरी पैदा हो रही थी।
अजय ने मेरी चोली और लहंगा उतार दिया और खुद भी अपना कुर्ता और पाजामा भी... मुझे बहुत शर्म आ रही थी क्योंकि मेरे नीचे के दोनों वस्त्र बहुत छोटे और पारभासक थे।
हमारे बाजू वाले क्वाटर में रहने वाले सज्जन पीसी मैसी मेरे ही डिविजन में काम करते हैं। वे अपनी पत्नी के साथ अक्सर मेरे घर आते और फिर हम चाय, नाश्ता साथ-साथ ही लेते हैं। मैसी जी को शराब पीने और जुआ खेलने की आदत थी। इस कारण अलका बहुत दुखी रहती है। यहां तक कि मैसीजी के वेतन से उनके घर का खर्च भी बहुत मुश्किल से निकल पाता है।
अन्तर्वासना के सभी पाठकों को नमस्कार ! मैंने अपनी कहानी पुसी की किस्सी में जैसा आपसे वादा किया था कि 'हमने सुहागरात कैसे मनाई' यह बताऊँगा, तो लीजिए इस बार
सच कहूँ तो मैंने कभी किसी का लिंग अपने मुँह में लेना और चूसना तो दूर की बात है कभी ठीक से देखा भी नहीं था। पर सहेलियों से सुना बहुत था कि लिंग ऐसा होता है वैसा होता है।
भंवरे ने डंक मार दिया था और शिकारी अपना लक्ष्य भेदन कर चुका था। अब कलि खिल चुकी थी और भंवरे को अपनी पंखुड़ियों में कैद किये अपना यौवन मधु पिलाने को आतुर हो रही थी।
उन्होंने अपने मुन्ने को मेरी मुनिया (लाडो) के चीरे पर रख दिया। मैंने अपनी साँसें रोक ली और अपने दांत कस कर भींच लिए। मेरी लाडो तो कब से उनके स्वागत के लिए आतुर होकर प्रेम के आंसू बहाने लगी थी।
प्रेषिका : स्लिमसीमा 'मधुर, क्या मैं एक बार आपके हाथों को चूम सकता हूँ?' मेरे अधरों पर गर्वीली मुस्कान थिरक उठी। अपने प्रियतम को प्रणय-निवेदन करते देख कर
वो अक्सर बाथरूम में जब नहाने के लिए अपने सारे कपड़े उतार देती है तब उसे तौलिये और साबुन की याद आती है। अभी वो बाथरूम में है और वो तौलिया ले जाना भूल गई है।
विनोद बोला- हाँ! आज मैं कोशिश करूँगा कि तुमको चरम तक पहुँचा दूँ! और एक बार और हम सेक्स करने लगे। विनोद ने आज जादू करने का मन बना लिया था, उसने मुझे दोबारा
वो मुझे गोद में उठाकर अंदर आ गया, आते ही उसने मेरे सारे कपड़े उतार दिए और मेरी चूत चाटने लगा। मुझे लगा कि आज विनोद नहीं और कोई मेरे साथ सेक्स कर रहा है!
लेखिका : अरुणा तभी श्रीनगर में ही मैं पति के दफ्तर में काम करने वाले क्लर्क की तरफ खिंची चली गई और मौका पाकर उसका मोटा लंबा लौड़ा चूत में डलवाया। यह जब भी
प्रणाम पाठको, कैसे हो! उम्मीद है सभी कुशल मंगल होंगे। दोस्तो, वैसे मैं इस अन्तर्वासना की काफी पुरानी पाठक हूँ मगर आज पहली बार अपनी एक दिलचस्प सच्ची चुदाई
तो अब मेरे हाथ भी गियर संभालते संभालते उसकी अंडरवियर तक जा पहुँचे। वो उत्तेजना के मारे और पसर गई मैंने भी अब आहिस्ता से अपना हाथ उसकी अंडरवियर में सरका
मैंने पिछले दिनों अपनी बेबाक बीवी से सम्बन्धित दो रोमांचक घटनाएँ कहानी के रूप में अन्तर्वासना में भेजी थी, जिसमें मेरे एक दोस्त द्वारा मेरी बीवी को
मेरी बीवी चिल्ला कर पैर पटकने लगी पर दोस्त ने कस कर उसकी नंगी चूत को ना सिर्फ मसला बल्कि उंगलियाँ चूत में डाल कर हिलाने लगा। अब वो गुस्से और उत्तेजना से
मेरी बेबाक बीवी की मेरे डॉक्टर दोस्त द्वारा मेडिकल चेकअप और फिर झांटों की सफाई, चुदाई की उत्तेजक और रोमान्चक कहानी सभी पाठकों को बेहद पसंद आई और इस
लेखक : अरुण रात बहुत हो चुकी थी। शेविंग का सामान मैंने दोस्त को संभलवा दिया। वो मेरी बीबी से बोला- आर यू रेडी? उसने अपनी आदत के मुताबिक़ ही उसे जवाब भी
लेखक : अरुण उस दिन की घटना के बाद मेरी बीवी और दोस्त दोनों ही बहुत झेंप और शर्मिन्दा हो रहे थे, मैंने दोनों को काफी समझाया कि कुछ गलत नहीं हुआ क्योंकि इस
फिर भी दोस्त ने उससे पूछा- भाभी, आप बताओ और कोई प्रोब्लम तो नहीं है ना इन दोनों में? और मैं दंग रह गया जब वो पहली बार बोली- कभी-कभी सांस लेने में दिक्कत
होली पर घटी यह घटना वास्तव में अप्रत्याशित थी। लेकिन मैं बता दूँ कि असली घटना हमेशा कहानियों से ज्यादा रोमांचक होती है और जो लोग जोरदार सेक्स खेल खेलते
प्रेषक : नवीन सिंह बीच में बात काट कर रचित बोला- अरे क्या बात करता है यार नवीन? सुजाता भाभी का क्या बदन है यार ! क्या चीज है यार वो ! आई लव हर ! भाभी बीच
प्रेषक : नवीन सिंह भाभी भी बोली- क्या बात कर रहे हो रचित तुम? वो बोला- यार, अब नाटक मत करो, तुम दोनों को पता है कि क्या हो रहा है और तुम्हें एक दूसरे में
प्रेषक : नवीन सिंह जो लोग नियमित रूप से अन्तर्वासना साईट पर आते हैं और जो लेखक लेखिकाएँ सच्ची कहानियाँ लिखते हैं, उनको मैं प्रणाम करता हूँ। आज मैं भी आपके
मैं शादी से पहले अपने जीजू से कई बार चुद चुकी हूँ। जीजू भी मुझे चोदते समय बेरहम हो जाते थे। पहले मैं जीजू से अपनी चुदाई के बारे मैं बताती हूँ।
मेरी सच्ची कहानी मसक कली मौसी अब तक मेरे बताए अनुसार गुरुजी ने आपके सामने प्रस्तुत की। पहले तीन भागों में आपने पढ़ा कि कैसे मेरी मौसी भ्रामरी देवी ने मुझे
विनोद अफ़सोस जताने लगा- ओह ! तुम्हें चोट लगी ! यह तो बेशकीमती खजाना है। आखिर तुम्हारा पति क्या सोचेगा? कहीं इस पर दाग ना पड़ जाये ! तुम अपने बच्चों को दुधू कैसे पिलाओगी?
मैं भी मन ही मन में किसी और से चुदवाने के बारे में सोचने लगी थी। कोई हट्टा-कट्टा मर्द दिखाई दे तो लगता था- काश यह मुझे मिले और मैं इसके साथ मस्त चुदाई
मैं पिछले कुछ दिनों से अन्तर्वासना नियमित रूप से पढ़ती हूँ। बहुत बार मुझे लगता था कि ये सब कहानियाँ सच नहीं होती। ज्यादातर कहानियाँ सिर्फ मर्दों ने लिखी
अपनी बीवी को किसी और के साथ सेक्स करने के लिए प्रेरित कैसे किया जाये, मैं यह सोचने लगा। मैंने उसे सबसे पहले अन्तर्वासना की कहानियाँ पढ़वाई। फिर उसे लम्बे लम्बे लंडों के फोटो दिखाए।
कहानी का पिछला भाग: मेरा प्रेमी-2 मनोहर अपनी हथेली से मेरी सलोनी चूत को सहलाने लगा, जिससे मैं चुदवाने को बुरी तरह बैचैन होने लगी, मेरी चूचियों में तनाव आ
मैं बहुत समय से अन्तर्वासना का सदस्य हूँ और आज मैं भी अपना सेक्स का अनुभव आप सब पाठकों के साथ शेयर करना चाहता हूँ। मेरी शादी को एक साल हो गया है। मेरी
बड़ा मजा आया था शिल्पा को... मेरे भाई ने तुम्हारी बहन को चुदाई का पूरा मजा दिया था... उसकी चूत में खूब जोर जोर के धक्के मारे थे...
यह एकदम १००% सच्चा अनुभव है जो कि मैंने अपनी पत्नी के साथ महसूस किया। मेरा मान राहुल है और मेरी उम्र ३२ साल है। मेरी पत्नी का नाम शिवानी है, उसकी उम्र ३०
ये वैभव और उसके दोस्त की बीवी की चुदाई की सच्ची कहानी है। वैभव जब बैंक में काम करता था। उसका वह एक दोस्त बन गया मिस्टर आर (वास्तविक नाम नहीं) और वो भी
प्रेषक : राजेश अभी तक आपने पहले भागों में पढ़ा कि रानी की मैंने पहली बार कैसे चुदाई की थी। वो पूरी तरह से संतुष्ट होकर मेरे घर से गयी थी। अब आगे की कहानी
अभी तक आपने पहले भागों में पढ़ा कि रानी की मैंने पहली बार कैसे चुदाई की थी। वो पूरी तरह से संतुष्ट होकर मेरे घर से गयी थी। अब आगे की कहानी और जानें कि आगे
प्रेषक : राजेश अभी तक आपने पहले दो भागों में पढ़ा कि रानी की मैंने पहली बार कैसे चुदाई की थी। वो पूरी तरह से संतुष्ट होकर मेरे घर से गयी थी। अब आगे की
अभी तक आप ने पढ़ा कि मैंने कैसे अपने दोस्त की बीवी को चोदने के लिये तैयार किया। अब आगे क्या होता है, ये जानने के लिये आगे पढ़ें। वैसे तो मैं तो आराम से
यह तब की बात है जब एक दिन मेरा दोस्त अनिल अपनी पत्नी के साथ मेरे घर आया। अनिल और मैं साथ साथ काम करते हैं, अनिल की पत्नी रानी टीचर है। उस दिन अनिल ने