जब साजन ने खोली मोरी अंगिया-2
69 का खेल साजन की गोद में सिर मेरा, आवारा साजन के हाथ सखी ऊँगली के कोरों से उसने, स्तन को तोड़ मरोड़ दिया उस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी
Antarvasna कम्युनिटी को हमारी शानदार Hindi Sex Story कहानियों के कलेक्शन से आपको पागल कर देने दें।
69 का खेल साजन की गोद में सिर मेरा, आवारा साजन के हाथ सखी ऊँगली के कोरों से उसने, स्तन को तोड़ मरोड़ दिया उस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी
स्नानगृह में स्नानगृह में जैसे ही नहाने को मैं निर्वस्त्र हुई मेरे कानों को लगा सखी, दरवाज़े पे कोई दस्तक हुई धक्-धक् करते दिल से मैंने दरवाज़ा सखी री, खोल
मधुरेखा लेकिन उसने बिना कुछ बोले फ़िर से मेरे लबों को अपने लबों की गिरफ़्त में ले लिया। काफ़ी देर वो मुझे चूमता रहा। हम दोनों उत्तेजित हो चुके थे। मैंने अपना
मैं खुद ही हुक खोलने लगी। उसने मेरे हाथ हटाए और चट चट मेरे ब्लाऊज़ से सारे हुक खोल दिए, मेरी ब्रा को ऊपर सरका कए मेरे चुचूक को मुंह में लेकर किसी शिशु की तरह चूसने लगा।
लेखक : राहुल शर्मा मिलासा ने मेरी गाण्ड में माल निकाला और अपने कपड़े ठीक करके हम दोनों हाल में आ गए जहाँ गीता बैठी थी. वहाँ मिलासा ने गीता को पकड़ लिया और
लेखक : राहुल शर्मा एक मिनट मैं उस पर गिर हांफने लगा। "बस? मेरी प्यास अभी कहाँ बुझी है?" "कल रात बुझा दूँगा !" "मुँह से कर दो तो मुझे भी मंजिल मिय जायेगी
लेखक : राहुल शर्मा मेरा नाम राहुल है, मैं पच्चीस साल का हूँ, मेरी बीवी तेईस की है, वो बला की खूबसूरत हसीना है, उसका गोरा रंग, मस्त सीना, पतली कमर, उभरे
नमस्कार दोस्तो मेरा नाम पायल शर्मा है। आप लोगों ने मेरी पहली कहानी मेरी आप बीती: पहला हस्तमैथुन पढ़ी और बहुत पसन्द किया इसके लिये धन्यवाद। अब मैं इसके आगे
अपना पिछला करतब करने के बाद मेरी तबीयत नासाज हो गई थी, उसके दो कारण थे, पहला कि बर्फ़ के अपने बदन पर प्रयोग से मुझे ठण्ड लग गई थी, दूसरा यह कि मेरा मासिक
उस गड़बड़ में जल्दी जल्दी में और डर के कारण मेरा बायां निप्पल अचानक पनीर की सब्जी में एकदम डूब कर बाहर निकल आया। ओह माँ... मेरे मुख से चीख निकल गई!
वो शाम 7 बजे वाली ट्रेन से ही निकलने वाले थे। मैं उनके सफ़र की तैयारी में लग गई और शाम 6.30 पर जैसे ही उनकी कैब उन्हें लेकर निकली, मुझे ना जाने क्या होने
राज़ की इस हरकत की वजह से मेरे उरोज इतने बाहर आ गये कि निप्पल भी दर्शायमान होने लगे थे ! मेरे उस बदमाश आशिक़ ने दूसरे हाथ से निप्पल को बाहर निकाल दिया, बूब्स इस समय ब्रा और ब्लाउज़ में भी फंसे थे
मेरी चूत में अभी भी बर्फ़ का असर बरकरार था, मुझे लग रहा था कि अभी भी मेरी चूत में कुछ मोटा लण्ड जैसा फ़ंसा हुआ है, जैसे मैं अभी भी चुद रही हूँ।
सुबह दूध वाले भैया को तड़पाने के बाद मैंने अपने मित्र को सारा घटनाक्रम बताया तो उन्होंने मुझे यह साहस भरा काम सफ़लतापूर्वक सम्पन्न करने पर बधाई दी। लेकिन अब
रात को मैं छत पर मोमबत्ती लेकर नग्न घूमने के बाद नीचे पहुँची और अपनी आप बीती लिख कर सबसे पहले इंटरनेट पर उन दोस्त को बताया कि मैंने कर दिखाया ! शायद वो
जब मैं एक एक करके अपने कपड़े उतार रही थी तब अजीब सी बेचैनी हो रही थी! पूरे कपड़े उतरे तो शीशे के सामने मैंने खुद को देखा! हे भगवान! पूरे बदन में बिजली सी
मैं शालिनी राठौर, 32, जयपुर, 36-32-38, बहुत सुंदर गोल सुडौल भरे हुए मम्मे, 8 साल पहले शादी हुई थी, अब प्रेग्नेंट हूँ, अब तक दस लौड़ों से चुद चुकी हूँ। सारे लंड मैंने शादी के बाद लिए हैं।
मैंने उसके छोटे गाउन के अन्दर हाथ डाला और पीठ पर फेरते हुए पेंटी में घुसा दिया। गांड और चूतड़ों का नाप लेने लगा। तभी शर्मीला का ख्याल आया तो एक हाथ निकाल शर्मीला के मम्मे को दबाया और अपनी और खींच लिया।
मेरा नाम मुख़्तार है, मेरी उम्र 24 साल है, मैं एक आर्किटेक्ट हूँ। मेरी कहानी दोस्त की बीवी की चुदाई बहुत लोगों को पसंद आई, बहुत सारी महिलाओं के मेल आये जो
मेरा नाम सूमी है और मैं 25 साल की शीमेल हूँ, मतलब मेरे पास चूचियाँ और लंड दोनों हैं. मेरा फिगर बिल्कुल लड़की जैसा है और मैं लड़की की तरह ही दिखती हूँ.
मेरी चूत लंड लेने के लिए बेचैन थी, इस अचानक हमले को झेल नहीं पाई, ऐसा लगा कि मेरी पहली चुदाई हो रही है, मैं अब तक कुँवारी थी, मेरी चूत में उनका लंड घुसते ही मेरे मुँह से चीख नकल गई
मैं बोली- कल ब्लू फिल्म देखते हुए काफ़ी जोश आ गया है, इसलिए तुम्हारी याद आ रही है, अगर तुम नहीं आओगे तो मैं किसी और से चुदवा लूँगी!
मेरी जांघ पर हाथ रखे रखे कार आहिस्ता आहिस्ता सहलाने लगे तो मेरे तन बदन में एक आग सी लग गई। उनका हाथ मेरी चूत के करीब आता और वापस चला जाता, मेरी चूत गीली हो रही थी।
चुदाई का असली मजा तब आता है जब उसे बेशर्म होकर किया जाये, सब एक बात ध्यान में जरूर रखना, चाहे आप लड़का हो या लड़की, चुदाई पूरे मजे से करो और बेशर्म होकर करो
उसने मेरा सिर पकड़ कर अपनी तरफ़ खींचा और मेरे मुँह और होंठों पर लगे अपनी चूत के रस का आनन्द लेने लई, उसने चाट-चाट के मेरे मुँह को एकदम साफ़ कर दिया।
उसका ब्लाऊज़ पीछे से खुला हुआ था वो बस कुछ फ़ीतियों से बंधा था, उसकी कमर पूरी नंगी दिख रही थी, उसने ऊँची ऐड़ी वाली सैंडिल पहनी थी जिससे उसके कूल्हे बाहर को निकले हुए दिख रहे थे
कई बातें ऐसी होती हैं जो बीत जाने के बाद बरसों तक, कई बार तो ताउम्र अपनी याद बनाये रखती हैं। मुझे आज भी बहुत अच्छी तरह याद है कि वो जाड़ों की एक ऊँघती हुई
'और ये देख, साली इस चूत को... किसके किस्मत होगी मेरी ये चूत... प्यासी की प्यासी... रस भरी... वो भड़वा... भेन चोद... मेरा मरद नहीं चोदेगा तो और कूण फ़ोड़ेगा इन्ने...?'
प्रेषिका : सिमरन सोधी पिछ्ले भाग में आपने मेरी पहली चुदाई का घटनाक्रम पढ़ा। अब आगे- कुछ साल बाद मैंने बीएससी में अड्मिशन लिया और पवन के पापा की ट्रांसफर
मुझे दरार के नीचे गुदा की गुलाबी कली की लुका छिपी बार-बार आकर्षित कर रही थी। योनि से निकलते रसों से भीगकर वह भी चमक रही थी। मुझे सुबह वहाँ पर हेयर रिमूवर
मैं प्रगति की योनि हूँ! प्रगति एक 36 साल की मध्यम-वर्गीय, कार्यरत महिला है जिसकी शादी को 15 साल हो चुके हैं और उसके एक बेटा है जो अब 12 साल का है। उसके
यह कहानी केवल मनोरंजन के लिए है जिनका वास्तविक जीवन से कोई संबंध नहीं है। मैं मध्यप्रदेश के एक गाँव की रहने वाली हूँ, मेरा नाम मोहिनी है, उम्र 23 साल है।
सुहागरात के समय लड़कीको संकोच होता है। वह आकांक्षा और आशंका से जूझ रही होती है। पुरुष को चाहिए कि वह उसे दिलासा दे, उसका साहस बढ़ाये तथा उसे आश्वस्त करे
सम्भोग का उद्देश्य है... पुरुष के लिंग का स्त्री की योनि में प्रवेश और ज्यादा देर मैथुन करना। इसके लिए लिंग और योनि को सम्भोग के लिए तैयार होना चाहिए।
इस लेख में कुँवारी लड़की के साथ पहली बार सम्पूर्ण सम्भोग की विधि बताई है। इसे हिन्दी में कौमार्य-भंग, योनिछेदन, सील तोड़ना व अंग्रेज़ी में Deflowering कहते हैं।
मैं रोनी सलूजा आपसे फिर मुखातिब हूँ। मेरी कहानी बाथरूम का दर्पण को सभी ने बहुत सराहा है। कुछ लोगों ने मुझसे सागर की हेमा पवार के बारे में जानकारी चाही तो
फ़ुलवा ऍम बी ए करके सुरेखा को अच्छी नौकरी मिल गई। छोटे से शहर की रहने वाली सुरेखा सरल स्वभाव की थी, अतः नौकरी के लिए मायानगरी मुम्बई भेजते समय माता-पिता का
तीन फुट ऊंचे, संगमरमर के फर्श पर, बहुत कम कपड़ों में, चीखते आर्केस्ट्रा के बीच वह लड़की हंस हंस कर नाच रही थी। बीच-बीच में कोई दस-बीस या पचास का नोट
"तेल भरवा लें !" कह कर रतन ने अपनी कार जुहू बीच जाने वाली सड़क के किनारे बने पेट्रोल पंप पर रोक दी और दरवाजा खोल कर बाहर उतर गया। शहर में अभी-अभी दाखिल
सुनिये जी ! कल रात फिर आपसे भूल हो गई है । इतनी जल्दबाजी में क्यूं रहते हैं ? वैधानिक चेतावनी: अविवाहित व्यस्क इस व्यंग्य लेख को माँ-बाप से छिप कर पढ़ें
उस समय मैं सेक्स में अनाड़ी हुआ करता था, मेरे पड़ोस वाली आंटी ने अपनी चुदास मिटाने के लिए मेरा इस्तेमाल किया. कैसे?
अंजू ने पतली सी नाईटी पहन रखी थी! बाहर से ही उसके मोटे चूचे दिख रहे थे और गुलाबी चूत पर एक भी बाल नहीं! उसने पूरी तैयारी की थी चूत चुदवाने की! लग रहा था जैसे आज ही बाल साफ़ किए हैं।
मन कर रहा था कि कोई लड़का आये और मेरी कुंवारी गाण्ड में अपना लंड डाल दे! पर डर लगता था क्यूंकि मैं कुंवारी थी और मैंने सुना था कि गाण्ड मरवाने में बहुत दर्द होता है.
देर से ही सही ... इतनी ज्यादा सेक्स में मजबूर होने के बाद ही सही पर अंत यही था कि उसने अब्बास से अपनी आज की दुर्दशा और अपनी ननद के दैहिक शोषण का बदला ले
आप "कानून के रखवाले" कहानी के ग्यारह भाग पढ़ चुके हैं ! अन्तिम प्रकाशित भाग कानून के रखवाले-11 में आपने पढ़ा कि : सोनिया बहुत हैरान थी कि उसने मुस्तफा को
प्रेषक : जोर्डन इस बार चीखने की बारी सोनिया की थी… सोनिया अपना पेट पकड़कर थोड़ा झुकी और मुस्तफा ने झट से उसका फौलादी घूँसा सोनिया के मुँह पर मार दिया, इस
प्रेषक : जोर्डन सोनिया ने चार गुंडों को घायल किया था और शायद उनमें से दो मरने की हालत में थे... अब करीब 6-7 गुंडे और बचे थे जो फायरिंग कर रहे थे जिसकी वजह
प्रेषक : जोर्डन दोस्तो, मैं एक बात बता दूँ कि यह कहानी एक इंग्लिश नॉवल की है, उस कहानी को हिंदी में अनुवाद करके यहाँ पर लिख रहा हूँ..... आरती को होश आता
प्रेषक : जोर्डन इस घटना के बीच मुस्तफा के अड्डे पर: मुस्तफा- जगत (उसका मुँह बोला भाई), कल्लू तो उस दोनों की माँ चोद कर ही आएगा लेकिन यार मुझे भी आज कोई
प्रेषक : जोर्डन आरती (सफेद सलवार-कमीज़ में)- भाभी जल्दी चलो ! मुझे वरुण से मिलने के लिए देर हो रही है, उनको दिखाना है कि कितना प्यारा उपहार लिया है उनके
अजीत ने फट से पीछे से आकर सोनिया की स्कर्ट नीचे खींच दी और सोनिया ने तो पैंटी भी नहीं पहनी थी। सोनिया ने झट से घूम कर अजीत को लात मारी और उसको बालों को
प्रेषक : जोर्डन अब्बास की हालत अभी एकदम मरे हुए कुत्ते जैसी थी। उसके चेहरे से बहुत खून निकल रहा था और दर्द से तो वह बेहोश ही हो चुका था। उसकी हालत देख कर
प्रेषक : जोर्डन सोनिया का घर: सोनिया के माँ-बाप, भाई, बहन गोवा गए हुए थे किसी रिश्तेदार की शादी में तो वो अगले तीन दिन तक वापस नहीं आने वाले थे। सोनिया
प्रेषक : जोर्डन चार आदमी खिड़की के रास्ते से सोनिया के घर में घुसते हैं, सारी रोशनियाँ बंद हैं... घर का मुआयना करने के बाद उनको पता चलता है कि घर खाली है।
कोर्ट के बाहर- केस के बाद, असलम और सोनिया आमने-सामने: सोनिया- चलो अच्छा हुआ कि तुमको फांसी नहीं हुई, नहीं तो मैं तुमको तड़पते हुए टॉर्चर होते हुए नहीं देख
प्रेषक : जोर्डन मेरा नाम जोर्डन है, मुंबई का रहने वाला हूँ। अन्तर्वासना.कॉम पर यह मेरी पहली कहानी है। यह कहानी सस्पेंस, थ्रिलर, एक्शन और गर्म कहानी है। तो
मैं अन्तर्वासना का काफी पुराना पाठक हूँ सभी मर्द, औरतों, लड़कियों को मेरे 6 इंची लंड महादेव का सादर प्रणाम! मेरा नाम मलिक है। वैसे तो मैं मध्य प्रदेश का
प्रेषक : विजय पण्डित हम दोनों पड़ोसी थे, एक ही कॉलेज में और एक ही क्लास में पढ़ते थे। नोटस की अदला-बदली पढ़ाई में मदद, सभी कुछ साथ ही साथ चलता था। जाने कब
मेरी क्लास में रूबी नाम की एक लड़की थी, मैं उससे बहुत प्यार करता था। हमारी जान पहचान इस प्रकार हुई : एक दिन जब हम ट्यूशन पढ़ रहे थे तो उस दिन सर जी नहीं
प्रेषक - अभि हाय दोस्तों एक बार फिर आपके लिए इस साईट पर आया हूँ। आपने इतना प्यार दिया है, तभी तो एक और कविता लिख पा रहा हूँ। तो दोस्तों, मामला है एक सेक्स
आर्यन और सायरा एक दूसरे को चूमे जा रहे थे कि रूही कमरे में दाखिल हुई। “ये, यहाँ पर सब क्या हो रहा है?” रूही थोड़ा गुस्से में बोली। “म... मैडम... मै...
यह मेरी पहचान के एक लड़के की कहानी है, उसकी उम्र २० साल हुई ही थी, नाम उमेश, कद पाँच फुट दस इंच, आकर्षक। जैसा कि होता है सबसे पहले जवानी के लक्षण आते ही
मन्दाकिनी आप यकीन करें या न करें ये मेरे जीवन के सच्ची कहानी है! मेरे पापा बहुत ही स्वार्थी हैं और हम तीन बहिने और एक भाई हैं। रिटायर होने के बाद वो हमारे
प्रेषक : राहुल सिंह दोस्तों उम्मीद है कि आपको मेरी पहली कहानी " मेरी आत्मकथा " पढ़ कर कुछ मज़ा आया होगा। यह मेरी सच्ची कहानी है और आप मुझे अपनी राय जरूर
प्रेषक : लोकेश शर्मा मैं आज एक सच्ची कहानी बताने जा रहा हूं ! मैं जब नौकरी कर रहा था तो एक क्रेडिट कार्ड कम्पनी से फ़ोन आया। एक लड़की बोल रही थी कि सर आप
एक चुलबुली लड़की को देख कर मेरा मन बहक गया<br> लंड का चेहरा खिल गया और चहक गया</p> <p>आख़िर उस लड़की ने मेरी तरफ़ देख लिया<br> मैंने भी उस लड़की की तरफ़ देखते हुए एक स्माइल को फेंक दिया</p>
मैं चुदने को उतावली हो रही थी। मैंने उसके पास आकर उसका लण्ड पकड़ लिया… उसे फिर से अच्छी तरह से देखा… सुपारे की चमड़ी धीरे से ऊपर कर दी… मेरी चूत पानी छोड़ रही थी।
प्रेषक : नितिन गुप्ता हाय दोस्तों, मैं यानि नितिन गुप्ता फ़िर एक बार आपके लिए एक कहानी तो नहीं बल्कि एक सच्ची दास्तान लिखने जा रहा हूँ. दोस्तों समय बरबाद न
लेखक : जो हन्टर सहयोगी : कामिनी सक्सेना अन्तर्वासना पर मेरी यह कहानी ये उन कहानियों से अलग है जो कोमलता के साथ चुदाई करते हैं। मैं... रहस्य...रोमान्च...
लेखक : जो हन्टर सहयोगी : कामिनी सक्सेना घर पर खाना खाते खाते शाम के सात बज गये थे। मैने जो से कहा - "जल्दी करो वर्ना रात ज्यादा हो जायेगी…… फिर तुम्हारे