मेरी बीवी की उलटन पलटन-1
मैं गांडू था लेकिन मेरी मां ने मेरी शादी एक लड़की से करवा दी. सुहागरात भी हुई और मैंने उसे चोदा भी पर मज़ा नहीं आया। गांड मरवाने का मजा कुछ और ही था. तो आगे क्या हुआ?
Antarvasna कम्युनिटी को हमारी शानदार गे सेक्स स्टोरी कहानियों के कलेक्शन से आपको पागल कर देने दें।
मैं गांडू था लेकिन मेरी मां ने मेरी शादी एक लड़की से करवा दी. सुहागरात भी हुई और मैंने उसे चोदा भी पर मज़ा नहीं आया। गांड मरवाने का मजा कुछ और ही था. तो आगे क्या हुआ?
मुझे लड़कों में इंटरेस्ट था. मैं अक्सर सपनों में भी या तो किसी की गांड मार रहा होता या अपनी गांड मरवा रहा होता था. मैं सोचता था कोई मस्त लंड मिल जाए ...
मुझे लड़कियों की तरह सजने-संवरने का शौक था, मैं लड़कों में रूचि रखता हूँ. मेरे चाचा के लड़के पर मेरा दिल आ गया. मैंने क्या किया, मेरी गे सेक्स स्टोरी में पढ़ें.
यह घटना मेरी पहली बार गांड चुदाई की है. मुझे लंड की छुअन का मजा दिया हमारे ड्राइवर ने. वो बहुत मस्त किस्म का मर्द था. पढ़ें कि कैसे हुयी मेरे गांडू जीवन की शुरुआत!
मैं गांड मारने का शौकीन हूँ. एक दिन पार्क में मुझे एक खूबसूरत अंकल दिखे. वे बार बार मुझे देख रहे थे. मुझे लगा कि ये शायद गांडू हैं. तो बात आगे कैसे बढ़ी? पढ़ें मेरी गांडू कहानी!
मैं शादीशुदा हूँ और हमारी सेक्स लाइफ मजेदार है. लेकिन मुझे गांड मरवाने का शौक है. काफी दिन से मैं गांड में लंड लेने के लिए बेचैन था. मैंने अपनी इच्छा कैसे पूरी की.
मैं गांड मरवाने का शौकीन हूँ पर मुझे काफी दिन से कोई चोदू नहीं मिला. मेरे ऑफिस में एक नया दक्षिण भारतीय लड़का मेरे नीचे भरती हुआ. मैंने उसे ही अपनी गांड के लिए पटाने की सोची.
मैं शुरू से ही अपने दोस्तों के प्रति आकर्षित रहता था. बाद में पता चला कि यह मेरे मन में समलिंगी सेक्स के प्रति झुकाव है. मेरे गांडू जीवन की कहानी पढ़ें और मजा लें!
लड़का होते हुए भी मुझे लड़कों में रूचि थी. मैं हैंडसम लड़कों में देखता कि किसकी बॉडी अच्छी है. मेरी क्लास के एक लड़के से मुझे प्यार हो गया. लेकिन उसने मुझपर कोई ध्यान नहीं दिया.
मेरे सामने मेरी बहन का आशिक मेरी बहन की चूत की बात कर रहा था और मैं मजबूर सा उसकी बातें सुन रहा था. वो मेरी बहन की चूत में उंगली कर चुका था, ऐसा उसने मुझे बताया.
यह गे गांडू कहानी मेरी और मेरे एक फ्रेंड सन्नी की है. हम दोनों पिछले कई साल से रिलेशन में हैं. लेकिन इस बार हम दोनों एक गे स्पा में गए तो उसे मसाजर पसंद आ गया और ...
मैं तो गांडू हूँ, मैंने अपने रूममेट और उसके भाई से अपनी गांड मरवा ली. लेकिन अब वे दोनों मेरी बहन को भी चोदने की फिराक में थे. मेरी सेक्सी कहानी पढ़ कर पता लगाएं कि क्या हुआ.
मैंने अपने रूममेट से गांड मरवायी. उसने मेरी मम्मी को भी चोद दिया. अब उसका भाई आने वाला था, वो मेरी गांड अपने भाई के हवाले करने वाला था. क्या मैं इसके लिए मान गयी/गया?
यह कहानी है एक गांडू क्रॉस ड्रेसर की ... वो है तो लड़का पर ... तब भी दिल से लड़की था. इस गन्दी कहानी में कैसे उसने अपने रूममेट से अपनी गांड मरवायी.
मेरी कॉलोनी के बाहर पान की दुकान पर एक लड़का रोज़ खड़ा होकर सिगरेट पीते हुए मुझे बहुत प्यार से ताड़ता है. मुझे वो समलैंगिक लगा. मैंने पान वाले से उसके बारे में पूछा तो ...
जिस लड़के से मेरी बात फेसबुक पर हुई थी, उसका लंड तो मैंने चूस लिया था लेकिन सच्चाई कुछ और ही थी. क्या था वहां का सच? कहानी में पढ़कर जानें.
शराब के सुरूर में इन्सान को कुछ पल का मज़ा तो आ जाता है मगर यह सुरूर कई बार हमसे क्या-क्या करवा डालता है ... पढ़ें मेरी कहानी में.
मैं लड़कों में रूचि रखता हूँ और एक लड़के के साथ ही अपनी जिंदगी बिताना चाहता हूँ. भारतीय समाज में ऐसा संभव नहीं है इसलिए मैंने कामेच्छा पूर्ति के लिए दूसरा रास्ता अपना लिया.
मामा के लंड की तलब ने मुझे पागल सा कर दिया था और कई साल के इंतज़ार के बाद मैं उनसे अपने दिल की बात कह पाया था. अब मामा भी अपने लंड की मस्त चुसाई करवाना चाहते थे.
मैं गाँव में रहने वाले अपने एक मामा को बहुत पसंद करता था, उन्हें, उनके लंड को छूना, पकड़ना चाहता था. मैंने बहुत कोशिश की और एक दिन मैंने मामा को बोल दिया.
सर्दी की एक रात मैं इंदौर में थी. मैं अपने पिछले छेद के लिए किसी मर्द की तलाश कर रही थी. दूध की एक मशहूर दूकान पर काम करने वाला आदमी मुझे उपयुक्त लगा. मैंने उसे कसी पटाया?
अंकल ने पैसे लेकर मुझे अनजान लड़कों के हवाले कर दिया था चुदने के लिए. इस वक्त मैं उनके सामने नंगी पड़ी थी. वे चारों भी नंगे खड़े थे और एक मुझे चोदने के लिए मेरे ऊपर चढ़ गया.
मैं बाइसेक्सुअल हूँ. मैं अपना लंड और गांड को हमेशा शेव करके साफ़ रखता हूँ. मेरे कॉलेज के एक टीचर के साथ मेरे गांडू वाले सम्बन्ध कैसे बने, पढ़ें इस कहानी में!
वह खतरनाक शाम ... उस दिन गांड मरवाने का एक नया तरीका भी देखने को मिला था. बाद में मेरी इच्छा हुई थी कि खतरनाक शाम का वह विलेन मेरी गांड फिर से मारे!
उन्होंने समझाया कि मैं दो जिन्दगी जियूं. जब मैं उनके साथ रहूँ तो उनकी बीवी बनकर ... और जब मैं कमरे पर रहूँ या कॉलेज में रहूँ तो विद्यार्थी बनकर रहूँ. सेक्स भी करूं और पढ़ूं भी.
मुझे गे सेक्स के बारे में कुछ पता नहीं था लेकिन मेरे एक टीचर की नजर मेरे ऊपर रहती थी. कभी मेरे गाल पकड़ लेते, कभी मेरी गांड पर हाथ मार देते, कभी मेरी जांघों पर हाथ मार देते.
मैंने उसके लम्बे लौड़े को मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया. मेरा प्लान था कि मैं उसको चूस चूस कर ही झाड़ दूंगा और मेरी गांड उसके मूसल से बच जायेगी! लेकिन...
मैं 40 साल का हूँ, उस दिन सब काम से फ्री होकर मैं अपने बिस्तर में नंगा उल्टा पड़ा अन्तर्वासना पर गर्मागर्म कहानी पढ़ते हुए बिस्तर को ही चोद रहा था. तो मेरे साथ क्या हुआ?
मुझे गांड मारने का शौक है. एक दिन मुझे पड़ोस में एक चिकना लड़का दिखा, वो हमारे पड़ोसी अंकल के घर आया हुआ था. मैं अंकल के पास गया तो उस लड़के से परिचय हुआ. बात कैसे बनी, पढ़ें मेरी कहानी में!
उसने मुझे जबरदस्ती बेड पर लेटाते हुए मेरे चूतड़ों के बीच में लंड लगाकर मुझे नीचे दबा लिया। मैं निकलना चाहता था लेकिन वो नहीं रुका और उसने फिर से वही धक्का मारा...
समलैंगिकों को कानूनी मान्यता मिलने पर बहुत-बहुत बधाई। यह कहानी तब की है जब मैं पढ़ रहा था और मुझे लड़के अच्छे लगने लगे थे लेकिन मेरी गांड कोरी थी. एक जाट लड़का मुझे अच्छा लगा.
मन में उमड़ते जज्बात, घुटन और सेक्स की पूरी ना कर सकने वाली चाहत का नतीजा होती हैं कहानियाँ. हमारे सामाजिक और पारिवारिक जीवन को ठेस पहुँचाए बिना खुद को तृप्त करने का जरिया मात्र होती हैं कहानियाँ.
मेरे माँ बाप ने मेरा नाम चंद्रप्रकाश रखा. इस गांडू सेक्स स्टोरी में मेरे जीवन की पहली घटना है जिसने मेरे अंदर छिपी हुई लड़की को बाहर निकाल दिया और मैं चन्दा रानी बन गयी.
वह बहुत ही बलिष्ठ और शानदार मर्द था. जब भी मैं उसे देखता, मेरे मन में वासना पैदा हो जाती. उसका शरीर किसी पहलवान जैसा लगता था. मैं हर रोज उसे देख कर अपनी आंखें सेंकता था.
मुझे लड़कों के लंड बहुत रुचि थी. एक दिन ट्यूशन में मेरे दोस्त ने मजाक में मेरी मुलायम छाती मसल दी, बोला- तेरा सीना तो लड़कियों जैसा है. टीचर जी ने देख लिया तो मेरी गांड कैसे चुदी.
मुझे लंड का चस्का लग चुका था, गांड मराये काफ़ी दिन हो गए थे, मैं अपनी प्यास बुझाने को लोगों को खोज रहा था पर कोई ढंग का मिला नहीं. एक दिन मेरे भाई का दोस्त हमारे घर रुका तो!
मेरी गे सेक्स स्टोरी में पढ़ें कि मुझे सिर्फ मर्द की चाह थी .मैं इंटरनेट पे गे वीडियो, गे स्टोरीज देखता पढ़ता था. मेरा दिल करता कि कोई मर्द मुझे लंड चूसने दे और मेरी गांड की खुजली मिटाए.
मुझे लड़कों के साथ सेक्स करने में उतना ही मज़ा आता है, जितना कि किसी लड़के को लड़की के साथ करने में आता है, मुझे भी लड़कियों में इंट्रेस्ट उतना ही है.. जितना कि लड़कों में है क्योंकि मैं बाइसेक्सुअल हूँ.
मैं खिड़की से देख रहा था कि देवेश का लम्बा मोटा मस्त लंड शशि की गांड में घुसा था, शशि के गोल गोल मस्त गोरे गोरे चूतड़़ चमक रहे थे, लंड पूरा घुस गया था और अंदर बाहर हो रहा था.
आप मेरे गांडू जीवन की गाथा का एक भाग पढ़ रहे हैं जब मैं एक छोटे कसबे में पोस्टिंग पर गया था. वहां मेरी बहुत इज्जत थी और मुझे वो इज्जत बना कर रखनी थी. साथ ही गांड की प्यास भी बुझानी थी.
मैं गांड का शौकीन यानी गे हूँ, मेरी पहली पोस्टिंग दूर दराज के एक गांवनुमा कस्बे में हुई थी, वहां मेरे साथ हुई गांडू सेक्स की घटनाएँ मैं अपनी इस कहानी में आप पाठकों के लिए प्रस्तुत कर रहा हूँ.
मुझे गे सेक्स बारे में कुछ पता नहीं था. मेरा पहला समलैंगिक सैक्स अनुभव रेलगाड़ी में मिले एक अंकल के साथ था. मुम्बई में ट्रेन में एक आदमी ने मेरा लंड पकड़ लिया तो...
उसके जाने के गम का घाव अभी भरा भी नहीं था कि एक और सदमे ने मुझे हिलाकर रख दिया। अब मुझे भी दिन रात ये चिंता खाए जा रही थी कि कहीं मुझे भी तो...
हम दोनों साथ बैठकर मूवी देखने लगे। मूवी काफी हॉट थी, हीरो की नंगी चेस्ट देखकर मेरे अंदर वासना जागने लगी... मैंने उसके शार्ट्स की तरफ देखा तो उसका लंड तना हुआ था, और फिर..
मैंने गगन से अपने रिलेशन से जुड़ी छोटी से छोटी बात भी नहीं छिपाई क्योंकि मैं उसको लेकर बहुत पज़ेसिव था। अब वो कई बार जब दूसरे लड़कों की बातें करता तो मुझे जलन होने लगती थी, मुझे लगता था कि वो सिर्फ मेरा है।
मेरे ऑफिस की नेहा मेरे साथ सेक्स करना चाहती थी लेकिन मैं खुद को इसके लिए तैयार नहीं कर पाया मेरे अंदर वो फीलिंग नहीं आई। लेकिन इसमें नेहा की कोई गलती नहीं क्योंकि उसे नहीं पता था कि मैं लड़कियों में रुचि नहीं रखता हूं।
पुराना ऑफिस छोड़ने के बाद नए ऑफिस में मेरी दोस्त बनी नेहा ने मुझे बीयर पिला दी। नशे में उसने अपनी ब्रा और पैंटी भी उतार दी और मेरे ऊपर आकर चढ़ गई, उसने मेरी उंगलियां अपनी चूत में डलवा लीं.
भूषण देखने में तो हैंडसम था ही आज मैं उसका लंड भी देख चुका था। अब उसके लिए प्यार वाली फीलिंग आनी शुरू हो गई थी। जबकि वो प्यार नहीं था इस बात का अंदाज़ा अब मुझे आसानी से हो जाता है।
वो सेक्सी मर्द टांगें चौड़ी करके पेशाब कर रहा था, उसका एक हाथ पीछे कमर था और दूसरा नीचे लंड की तरफ। मैं उसके बगल वाले पॉट पर जाकर मूतने की एक्टिंग करते हुए उसके लंड को देखने की कोशिश करने लगा।
रोज़ कईयों के लंड को सहलाकर आता था। कोई हाथ हटवा लेता तो किसी का खड़ा हो जाता। वो भी मज़े ले लेता। मेरी गांड को दबाने लगता, कंधों को सहलाते हुए मेरी निप्पल्स को टटोलने की कोशिश करता, मुझे भी अच्छा लगता था।
अभी तक मेरी कहानी के पिछले भाग चूत चीज़ क्या है... मेरी गांड लीजिए-2 आपने पढ़ा कि मेरी बीवी कविता के साथ मेरा तलाक होने वाला था लेकिन वो उससे पहले ही किसी
मेरी गांड की कहानी डांस में गांड हिलाई फैन्स से मरवाई-1 से आगे: उन भाई साहब का नाम रमेश था, वे गांव के समृद्ध किसान परिवार से थे. शाम को वे शादी में मिले
अगर लौंडा माशूक है, चिकना है तो उसके दोस्त उसे गांड मरवाने में चालू कर ही देते हैं। किस किस से गांड बचाएगा बेचारा... पहले गले में हाथ डालते हैं फिर गले मिलते हैं फिर चुम्मा लेते हैं, गाल काटते हैं, फिर ओंठ चूसते हैं फिर गांड पर हाथ फेरते हैं और गांड मार कर ही दम लेते हैं।
लन्ड की नसें बहुत ज़्यादा कड़क हो चुकी थी, वैसे भी लन्ड काफी मोटा था और लम्बा भी अच्छा था. हालांकि अभी तक मैंने पूरे लन्ड के दर्शन नहीं किये थे और 1 घण्टा बीत चुका था, ऊपर से उनकी हालत...
वो बोले- क्या कर रहा है तू... मां चोद दी यार भेजे की तूने... मत हाथ लगा भाई लन्ड को... ये मादरचोद को अभी चूत चाहने लगेगा... बहुत टाइम हो गया वैसे भी चूत चोदे हुए... एक तो बीवी ने खड़ा कर दिया और बचा हुआ तूने...
मैं लालची अब सर्वेश के बड़े भाई रत्नेश राजपूत के कसरती जिस्म और मज़बूत लन्ड का प्यासा हो गया था और इसी उधेड़बुन में लगा था कि कैसे मेरी प्यास बुझ सके।
सेक्सी राजकुमार सर्वेश के राजपुताना लन्ड का कामरस मैं पी चुका था और उसके भाई रत्नेश राजपूत का नाम सुनते ही मेरे मन में किसी महाराजा की छवि आयी और किसी प्राचीन महाराजा के लन्ड का स्वाद चखने की तीव्र इच्छा मेरे मन में जाग गयी.
मैं सरकारी अस्पताल में किसी देसी लंड की तलाश में था, एक लंड मुझे पसंद भी आया था लेकिन उसने मुझे पहले तो दुत्कार दिया था लेकिन फिर वो मेरे पास आया.
एक दिन किसी काम से सरकारी अस्पताल के पास की एक दुकान पर किसी काम से गया तो वहाँ पर खड़े 3 नये नवेले लड़कों को देखकर दिल में मानो कामुकता की आग सी लग गयी, मुझे किसी कड़क लंड की जरूरत थी.
एक रज़ाई में हम दोनों घुसे और थोड़ी देर बातें करने के बाद दोनों सो गये! दरअसल मैं सोया नहीं था सिर्फ़ उसके सोने का इंतज़ार कर रहा था क्योंकि मेरे अंदर हवस और वासना की वजह से फिर से लंड को लेने की प्यास जाग चुकी थी!
मेरी कहानी के पिछले भाग में मैंने आपको बताया की कैसे मेरा सपनों का राजकुमार अर्जुन मुझे मिला और किस तरह मेरी और अर्जुन की दोस्ती धीरे धीरे गहरी होती गयी! अब बात करते हैं कि कैसे अर्जुन के साथ मेरा एक हसीन रात का सपना सच कैसे हुआ!
अन्तर्वासना मेरे गांडू सूखे जीवन में बहार बन कर आयी है! मैं एक हिमाचली हूँ जिसे लंड का शौक न जाने कब से लग चुका है. मेरे गांडू जीवन की सच्ची कहानी पढ़ा कर देखें कि मेरे साथ क्या क्या और कैसे घटित हुआ.
मैं बाईसेक्सयुअल हूँ, मतलब मुझे आदमी के लंड और औरत की बुर, दोनों ही पसंद है. मुझे लंड चूसना, और पूरा माल पी जाना बहुत पसंद है. मेरी पसंद बुर के बारे में भी ऐसी ही है. एक बार मैं ट्रेन से दिल्ली जा रहा था तो मेरे साथ क्या बीती, पढ़ें मेरी हिंदी गे स्टोरी में!
मैं उन्नीस साल का था, कॉलेज में पढ़ता था। मैं गोरा चिट्टा चिकना लड़का था उस समय... मैं कुछ कुछ लड़कियों जैसा दिखता था तो मैं जिम में जाया करता था कि मैं कुछ मर्दों जैसा दिखने लगूँ! एक शाम जिम में क्या हुआ?
मेरी हिंदी गे स्टोरी में पढ़ें कि कैसे मुझे एक अंकल मिले रात में और कैसे उन्होंने मुझे अपने फ़्लैट में ले जा कर अपने लंड से मेरी गांड की चुदाई करके खुद भी मजा लिया और मुझे भी मजा दिया.
यह कहानी मेरे एक बार के बस के सफ़र की है. मेरी बहुत सारी फंतासियां हैं, उनमें से एक ये भी थी कि मैं किसी अंजान आदमी से बस में चुदूँ. मुझे अपनी इस फंतासी को पूरा करने का मौका मिला, जब मुझे बस से बंगलोर जाना था. ये पूरी रात का सफ़र था तो मैंने स्लीपर बस में टिकट करा लिया
मैं इटावा स्टेशन पर रात में मेरठ वाली ट्रेन का इन्तजार कर रहा था. स्टेशन पहुंच कर पता चला कि ट्रेन 4 घंटे लेट है. सर्दी का मौसम ... मेरे दिमाग़ में सेक्स का ख्याल आने लगा.
मेरे गांडू दोस्तों को एक अपने जैसे शौक के मारे का सलाम. दोस्तो कभी कभी ऐसी गड़बड़ हो ही जाती है. मैं मिलने किसी से गया था, मिला कोई दूसरा ही. वो मेरे दोस्त
मुझे लड़कों की गांड मारने में कोई रुचि नहीं थी लेकिन एक बार हालात कुछ ऐसे बने कि मुझे एक लड़के की गांड मारनी पड़ गयी. मैंने पहली बार किसी लड़के की गांड चुदाई की थी लेकिन...
मुझे गांड मारने मरवाने का शौक है, अब तक कई लौंडों से गांड मरवा चुका हूँ. मैं जब से कॉलेज में हूँ, तब से बस एक ही ख्वाहिश थी कि पूरे कॉलेज के सामने गांड मरवाऊं. मेरी यह तमन्ना कैसे पूरी हुई?