मस्त है यह सानिया भी-5
थोड़ी देर बाद मैंने रागिनी की चूत से मुँह हटाया। वो बिल्कुल निढ़ाल दिख रही थी। मैंने उसको तकिये के सहारे बिठा दिया और अपने दाहिने हाथ की बीच वाली ऊँगली चूत
Antarvasna कम्युनिटी को हमारी शानदार चुदाई की कहानी कहानियों के कलेक्शन से आपको पागल कर देने दें।
थोड़ी देर बाद मैंने रागिनी की चूत से मुँह हटाया। वो बिल्कुल निढ़ाल दिख रही थी। मैंने उसको तकिये के सहारे बिठा दिया और अपने दाहिने हाथ की बीच वाली ऊँगली चूत
हम सब मेरे बेडरूम में आ गए, तब रागिनी ने पूछा- मैं खुद कपड़े उतारूँ या आप दोनों में से कोई? मैं सानिया की तरफ़ देख रहा था कि उसका क्या मिजाज है। उसे लगा कि
काल-गर्ल के बारे में सुन कर सानिया का चेहरा लाल हो गया। वो चुप-चाप खाना खाने लगी। फ़िर हम टीवी देखने लगे, वो एक फ़िल्म लगा कर बैठ गई। मुझे लगा कि शायद
प्रेषिका : नीलिमा पाण्डेय प्यारे मित्रो, बहुत हिम्मत जुटाने के बाद ही मैं आज मैं अपनी बात आपके सामने रखने जा रही हूँ। मैं गोरखपुर की रहने वाली नायाब हुस्न
प्रेषिका : रजनी शर्मा प्रियंका और उसकी मां, बस ये दो ही थे उस परिवार में। प्रियंका 19 वर्ष की होगी और उसकी मां प्रीति 42 वर्ष की थी। पर उसकी मां को देख कर
प्रेषिका : परमजीत कौर सभी अन्तर्वासना पढ़ने वालों को व प्यारे गुरु जी को मेरा प्रणाम ! मेरा नाम है परमजीत, मैं अमृतसर की रहने वाली हूँ, मेरा घर
प्रेषक : विजय पण्डित मेरे पुरखे काफ़ी सम्पत्ति छोड़ गये थे। मेरे पिता की मृत्यु छः-सात साल पहले हो चुकी थी। मेरी मम्मी और उनके मैनेजर ही सारा व्यापार
लेखिका : नेहा वर्मा "ओह ! मरना ही है तो यहाँ नहीं, अन्दर बिस्तर पर चलो !" अब मुझे पता था कि मेरी लाईन साफ़ है। अब तो बस चुदना ही है। उसे भी कहाँ अब चैन था।
हाय दोस्तो, मेरी उम्र 27 साल है, मैं कोइम्बटोर तमिलनाडु में नौकरी करता हूँ। आज पहली बार मैं अंतर्वासना पर कहानी नहीं, सच्ची घटना लिखने जा रहा हूँ। मेरे
प्रेषक : शशांक रावत सभी प्यासी चूत-मरियों को मेरे गीले लौड़े का सलाम ! मेरा नाम शशांक रावत है, मैं कक्षा 12 का छात्र हूँ। मैं अन्तर्वासना डॉट कॉम का नियमित
सभी अन्तर्वासना पढ़ने वालों को बहुत बहुत सतिकार, प्यार ! भगवान् करे सब के लौड़े मस्त रहें ,खड़े रहें अपनी-अपनी बीवियों को खुश करते रहें ! मेरा नाम है साधना,
प्रेषक : अजय शर्मा इतना चुदने के बाद तो एक कुतिया भी थक जाती है और फिर नीलू तो एक अट्टारह साल की नव-युवती थी। उसका पूरा जिस्म टूट रहा था। उसकी दोनों
कहानी का पिछला भाग: मुन्नू की बहन नीलू-2 शाम के चार बज रहे थे। यह दो घंटे चुदम-चुदाई में कैसे निकले पता ही नहीं चला। मेरा लंड काफी थक सा गया था। मुझमें
कहानी का पिछ्ला भाग: मुन्नू की बहन नीलू-1 मैं सोचता रहा- क्या यह सपना तो नहीं? नीलू मेरे बगल में क्या वाकई में नंगी लेटी है? मैंने उसकी झांटों पर ऊँगली
अन्तर्वासना पाठकों को मेरा प्यार भरा प्रणाम। मेरा नाम अजय है और मुझे लोग अज्जू कहकर बुलाते हैं। मैं अंतर्वासना का एक पुजारी हूँ और यह मेरी पहली अर्चना है।
मेरी उमर 26 साल है। मैं एक अमेरिकन कंपनी में क़तर में काम करता था। अब मेरी पोस्टिंग यहाँ कुवैत में हो गई है। कुवैत में ऑफिस के पहले दिन मैं सबसे मिला
मेरा नाम असलम है, मेरी उम्र 18 साल है. मेरी एक बहन है जिसका नाम शेनाज़ है, मगर हम लोग उसे शन्नो कहकर बुलाते हैं. उसकी उम्र 23 साल है. उसकी शादी हो चुकी है
मैं एक शादीशुदा औरत हूँ, मेरे पति एक व्यापारी हैं जो ज्यादातर घर से बाहर ही रहते हैं। वो मुझे सुख नहीं दे पा रहे थे, मैंने सोचा कि अब मुझे भी कहीं ना कहीं
लेखक : जय कुमार मैं जय कुमार कालबाय हूँ और एक बार फिर से नई कहानी लिख रहा हूँ जो एक हकीकत है, आप लोग मानो या ना मानो मुझको कोई फर्क नहीं पड़ता है। मेरा
प्रेषक : कर्ण कुमार कुछ दिन बाद मेरा जन्मदिन था। कोमल ने पूछा- क्या उपहार चाहिए? मैंने कहा- मैं तुम्हें बिना कपड़ों के देखना चाहता हूँ। वो उपहार को कैसे
प्रेषक : कर्ण कुमार मेरा नाम करण है, मैं शिमला से हूँ और दिल्ली में काम करता हूँ, आपको अपनी असली कहानी सुनना चाहता हूँ। मैंने दो महीने पहले
प्रेषक : हिमांशु महाजन सबसे पहले मैं हिमांशु, हेल्लो कहूँगा लड़कियों, आंटियों, भाभियों को जो अपना समय निकाल कर अन्तर्वासना डॉट कॉम पर कहानियाँ पढ़ती हैं !
कामिनी सक्सेना जमशेदपुर की स्वर्णलता लिखती है कि अन्तर्वासना की कहानियाँ बहुत रोचक होती हैं। पढ़ने के बाद दिल में कुछ कुछ होने लगता है। आज वो 40 वर्ष की
प्यारे दोस्तो, मेरा नाम रवि है, मैं आपको अपनी एक कहानी बताता हूँ। जब मैं स्कूल में पढ़ता था तब मेरे साथ मेरी एक दोस्त थी जिसका नाम ऋतु था वो मेरे घर क पास
मेरा नाम मानसी है। मैंने अपनी कहानी "बहुत प्यार करती हूँ" अन्तर्वासना में भेजी थी, आप सबकी तरफ से बहुत अच्छे उत्तर मिले थे। आज मैं आपको अपनी दूसरी कहानी
दोस्तो, मेरा नाम समीर है। आज मैं आपको मेरे और मेरी गर्लफ्रेंड के कुछ सच्चे और गर्मागर्म संस्मरण बताने जा रहा हूँ। कॉलेज में मेरी गर्लफ्रेंड बनी सोफिया।
लेखिका : नेहा वर्मा मेरी शादी हुए करीब दस साल हो गये थे। इन दस सालों में मैं अपने पति से ही तन का सुख प्राप्त करती थी। उन्हें अब डायबिटीज हो गई थी और काफ़ी
उसने मेरी चूत पर अपना लौड़ा रख दिया और झटके से अन्दर किया। थोड़ी सी चुभन हुई, सह गई। लेकिन जब दूसरा झटका लगा तो मेरी सांस अटक गई गले में !
मित्रो, मैं अपना परिचय दे दूँ, मेरा नाम गौरव गुप्ता है, उम्र 30 साल, कद 5' 5", रंग गोरा और बदन गठीला है और अभी तक मैं कुँवारा हूँ। मैं लखनऊ में एक
प्रेषक : सुमीत सोनी आज मैं आपको एक अपनी ही जिंदगी की सच्ची घटना सुनाता हूँ। बात उन दिनों की है जब मेरे छमाही इम्तिहान चल रहे थे, सॉरी मैं आपको अपने बारे
मेरा नाम दीप है। मैं जालंधर का रहने वाला हूँ। आज मैं आपको अपनी सच्ची कहानी बताउंगा। इस कहानी में मैं हीरो हूँ और मेरी गर्लफ्रेंड प्रीत हिरोइन है। बात तब
नमस्कार दोस्तो, मैं अन्तर्वासना का बहुत पुराना पाठक हूँ, मैंने अन्तर्वासना डॉट कॉम लगभग सभी कहानिया पढ़ी है, मैं भी आप सबको अपनी एक सच्ची कहानी बताता हूँ।
प्रेषक : बृज शर्मा मैं हूँ आपकी अंजू शर्मा ! मैं पच्चीस साल की हो चुकी हूँ। मैं आज आपको अपनी सच्ची कहानी अन्तर्वासना डॉट कॉम के माध्यम से बता रही हूँ कि
प्रेषक : लव बाईट्स हाय ! मैं हूँ राहुल, चंडीगढ़ का रहने वाला एक आज़ाद ख्यालों वाला युवक। मेरी कहानी सिर्फ आप लोगों को उत्तेजित करने के लिए है, इसका मकसद
प्रेषक : मानस गुरू तभी से मैं श्रीजा को पाने के लिए योजना बनाने लगा। कुछ दिन बाद समीर कुछ काम से अपने घर चला गया। यही मेरे लिए सोने पे सुहागा जैसा था। तो
प्रेषक : मानस गुरू (यह कहानी अन्तर्वासना इमेल क्लब के सदस्यों को "श्रीजा का गदराया बदन" नाम से भेजी गई है।) दोस्तो, मैं हाज़िर हूँ एक नई और दिलचस्प कहानी
प्रेषक : रोबिन चन्द्र अन्तर्वासना के सभी चाहने वालों को मेरा नमस्कार। कई दिनों से इस साईट पर आप लोगों की रचनाओं को पढ़ने के बाद आज मेरा दिल भी अपने कुछ राज
प्रेषक :राजा गर्ग दोस्तों आज जो किस्सा आपको सुनाने जा रहा हूँ वो उस रात का है जब मैं समझ नहीं पाया कि वो सब हो कैसे गया। आज जब मैं उस रात के बारे में
प्रेषक : प्रेम सिह सिसोदिया मेरी नौकरी एक घर में लग गई थी। मैं यहाँ घर का सारा काम करता था, मसलन- भोजन पकाना, घर की साफ़ सफ़ाई रखना आदि। यूँ तो मैं एक पढ़ा
प्रेषक : संजय शर्मा कहानी के तीसरे अंश में मैंने लिखा कि मैं, बिमला दीदी और उसकी ननद गुड़िया, हम तीनों के घर आने के बाद उसी दिन दोपहर को एक जम कर हम सबने
छटे भाग से आगे : सुबह मम्मी ने हम लोगों को करीब नौ बजे जगाया। हम लोग हड़बड़ा कर उठे और अपने अपने कपड़े को खोजने लगे। हम लोगों की हालत देख कर मम्मी बड़ी
प्रेषक : देव मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ ! मैं मैंट्रिक तक शिमला में पढ़ा हूँ ! शिमला में मेरा नानी घर है ! बात उन दिनों की है जब मैं अपने ननिहाल शिमला,
लेखिका : शमीम बानो कुरेशी रोज की तरह मेरे पति शराब की बोतल ले कर घर आ गये थे। मैंने उनके लिये शराब के साथ मांस पका कर रख लिया था। उसका दोस्त राजेश जो अभी
लेखक : माइक डिसूज़ा पाठको, अब तक आपने पढ़ा कि शिल्पा ने ट्रेन में मुझे अपनी चुदाई के किस्से बताये, कि कैसे वो पहली बार अपने अंकल से चुदी और फिर अपने नौकर
अनिल उमा की गांड पर चुटकी काटते हुआ बोला- उमा जी, जरा तुम्हारी गांड मार ली जाय! बहुत सुंदर लग रही है और बहुत दिन से किसी लोंडिया की गांड भी नहीं मारी है!
मेरी बुर उमा की चुदाई देखकर बुरी तरह गरम हो गई थी। मैं वापस आकर लेट गई कुछ देर और चुदवाने के बाद उमा भी वापस आकर सो गई। सुबह हम दोनों 12 बजे उठे। उमा
दोस्तो, मैं आपकी अर्चना लेकर आई हूँ अपनी कहानी ! मैं २३ साल की युवती हूँ, कॉलेज में बी ए फ़ाइनल इयर की छात्रा हूँ। एक बार की बात है मैं गौरव टावर पर शौपिंग
प्रेषिका : सिमरन शर्मा प्रेम का परिणाम संभोग है या कि प्रेम भी गहरे में कहीं कामेच्छा ही तो नहीं? फ्रायड की मानें तो प्रेम भी सेक्स का ही एक रूप है। फिर
लेखिका : नेहा वर्मा मेरी शादी हुये दो साल हो चुके थे। मेरे पति बी एच ई एल में कार्य करते थे। उन्हे कभी कभी उनके मुख्य कार्यालय में कार्य हेतु शहर भी बुला
मैं रचना अपनी पहली चुदाई की कहानी सुनाने जा रही हूँ! उस समय मैं 18 साल की थी। मैं दिल्ली की रहने वाली हूँ और अभी इन्जिनियरिन्ग अन्तिम वर्ष की छात्रा हूँ।
मैं आपको एक सच्ची चुदाई कहानी सुनाता हूँ। मैं एक बार दिल्ली से आगरा जा रहा था। मैं बस में दो वाली सीट पर जा कर बैठ गया। सर्दियों के दिन थे, बस खाली पड़ी
लेखिका : लक्ष्मी बाई मेरा तलाक हुए करीब 3 साल हो चुके थे। मेरी शादी जब मैं 19 साल की थी तब कर दी गई थी। मेरा पति मुझसे दस साल बड़ा था। उस समय तक मैं चुदाई
प्रेषिका : उषा मस्तानी पहले भाग से आगे : अंकल उठकर पलंग के पास सोफा कुर्सी पर बैठ गए। मौसी ने मेरी चूत पे हाथ फिराया और बोली- तेरी मुनिया तो बड़ी चकाचक हो
लेखिका : यशोदा पाठक भरी जवानी में मैं अपनी क्लास के एक सुन्दर से लड़के से प्यार कर बैठी। झिझक तो खुलते खुलते ही खुलती है। पहले तो हम क्लास में ही चुपके से
प्रेषक : दमन सिंह मेरा नाम दमन है, उम्र २१ साल, मैं पंजाब का रहने वाला हूँ। मैं काफी स्मार्ट और हैण्डसम हूँ, मेरे व्यक्तित्व पर काफी लड़कियां फ़िदा हैं।
प्रेषिका : कोमल मित्तल सभी अंतर्वासना पढ़ने वाले पाठकों को और समूचे अंतर्वासना स्टाफ को नमस्कार ! अंतर्वासना से ही लोगों की बिस्तर, बाथरूम की बातें बाहर
लेखिका : टीना सभी अन्तर्वासना पढ़ने वाले पाठकों को टीना की तरफ से एक बार फिर से प्रणाम ! मैंने अपनी एक मस्त चुदाई पहले भाग में सबको बताई थी, उम्मीद है सबको
लेखिका : टीना सभी अन्तर्वासना पढ़ने वालों और गुरुजी को प्रणाम ! सबके लौड़े खड़े रहे, सबकी चूतें हरी रहें ! भरी रहें ! दोस्तो, यह जिस्म, यह जवानी, यह
विजय पण्डित रूपा और कविता दोनों ही एक साथ आशू से कैसे चुदी- यह आप पहले भाग भाग में पढ़ चुके हैं ! राजेश ने रूपा को चोदा- यह आपने इस कहानी के दूसरे भाग में
रूपा और कविता दोनों ही एक साथ आशू से कैसे चुदी- यह आप कलयुग की लैला के पहले भाग में पढ़ चुके हैं ! अब आगे : अगले दिन दोपहर को मौसा जी घर आ चुके थे। उनके
नमस्ते दोस्तो ! मेरा नाम लव है, मैं आपसे अपना पहला सेक्स अनुभव बाँटने जा रहा हूँ। अभी तो मैं मोदीनगर में रहता हूँ, लेकिन यह बात तब की है जब मैं
सभी अन्तर्वासना पढ़ने वालों को रूही की तरफ से प्रणाम ! मैं एक पंजाबन लड़की हूँ और इंग्लैंड में एक साल का स्टडी और साथ दो साल के वर्क परमिट वीसा पर इंग्लैंड
मेरा नाम राज घई है, मैं लुधियाना में रहता हूँ। आज मैं आप लोगो को अपना एक व्यक्तिगत अनुभव बताने जा रहा हूँ जो पिछले साल जुलाई के महीने में मेरे साथ हुआ।
प्रेषक : कुलभूषण सिंगला अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा नमस्कार ! मैं तीस साल का हूँ और पंजाब में रहता हूँ। जैसे कि पंजाबी होते हैं अच्छे स्मार्ट, वैसा
प्रेषक : जग मोहन पंजाब में वैसे तो औरतें काफी सेक्सी होती हैं पर वो आम तौर पर अपनी फिगर को सेक्सी नहीं रख पाती, मोटी थुल-थुल सी हो जाती हैं। अपने पहरावे
प्रेषिका : सिमरन सिंह मेरा नाम सूर्यप्रभा है, मैं अट्ठारह साल की हूँ और मैं असम के तिनसुकिया जिले के एक छोटे गाँव से हूँ। मेरी बड़ी बहन मानसी और मैं पिछले
मेरा एक दोस्त की माँ बहुत ही सेक्सी थी, उसका फिगर, गोरा रंग और काले बाल! वो चलती तो क्या वाह... जब उसे मैं देखता था तब मेरा लौड़ा खड़ा हो जाता था. एक दिन आंटी ने ही पहल कर दी.
प्रेषक : मेरा नाम रोहित है, मैं जयपुर में रहता हूँ। मैं दिखने में सामान्य हूँ। हर लड़की को देख कर उसे चोदने का मन करता है मेरा। मुझे एक लड़की पसंद थी लेकिन
प्रेषक : दोस्तो, मेरा नाम रोहित है और मैं अंबिकापुर का रहने वाला हूँ। आज मैं आप लोगो को अपनी सच्ची कहानी बताने जा रहा हूँ। बात आज से दो साल पहले की है,
प्रेषक : हरी दास सभी पाठकों को मेरा प्रणाम ! यह कहानी सच्ची है ... मेरी शादी होने के बाद जब मैं ससुराल गया और मेरी साली भैरवी को देखा तो देखते ही रह गया !