पायल के दिमाग़ में वासना का जन्म हो गया था.. वो कुछ सोच कर मुस्कुरा रही थी। रॉनी के जाने के बाद उसने अपने बाल पोंछे और सिर्फ़ एक शॉर्ट नाइटी पहन ली.. उसके अन्दर उसने जानबूझ कर कुछ नहीं पहना और धीरे से अपने कमरे से निकल कर पुनीत के कमरे के पास चली गई।
रॉनी जब अन्दर गया तो वो पिंक तौलिया में पायल के गोरे जिस्म को बस देखता ही रह गया। वो बहुत प्यारी और सेक्सी लग रही थी.. मगर रॉनी ने जल्दी से अपनी नजरें उसके नंगे जिस्म से हटा लीं।
मेरी मुलाकात मेरी मामा जी की लड़की रेखा से हुई। हम दोनों काफी समय बाद मिल रहे थे.. रात में जगह कम होने की वजह से हम दोनों को एक ही बिस्तर पर सोना था। यह बात जान कर मैं काफी खुश था.. पर मुझे क्या पता था कि रेखा मुझसे भी ज्यादा खुश होगी।
पायल अपने भाई से अपनी चूत की सील तुड़वाना चाह रही थी और उधर उसके भाई के दोस्त उसे भरी महफ़िल में नंगी करना चाह रहे हैं। कहानी पढ़ कर देखिए कि क्या होता है…
मेरी बुआ के बेटे ने मेरी चूत चोदी, वही घटना कहानी के रूप में अपने चोदू भाई के शब्दों में पेश कर रही हूँ।
हम दोनों पास पास सो रहे थे, वो मेरा बदन सहलाने लगा..
पुनीत ने पायल को गेम के लिये मनाना था और पायल अपने भाई पुनीत से ही अपनी चूत चटवाई के सपने देख रही थी। सपने में वो पूरी नंगी होकर अपने भाई से अपनी चटवाती है।
घमौरियों के कारण मेरी बहन ने मुझसे पीठ पर पाउडर लगवाया। शाम को बारिश आई तो बारिश में नहाते हुए उसने अपनी शर्ट उतार दी और मुझे चूमने लगी और चोदने को कहा।
पायल अब अपने भाई को ही पटाने के चक्कर में थी। वो उसके साथ अपने लिये ब्रा पैन्टी और नाइटी खरीदने गई तो भाई से पूछने लगी उसकी पसन्द !
पुनीत पायल को किसी तरह पटा कर गेम के लिये ले जाना चाहता था तो वो हर तरह से पायल को खुश करना चाह रहा था और पायल अपने भाई से चुदने के ख्याल मन में लिये थी…
लण्ड को उसकी चूत पर रख दिया।
जैसे ही मैंने एक धक्का लगाया.. तो मेरा लण्ड का सुपारा अन्दर चला गया.. तो वह चिल्लाने लगी- भैया दर्द होता है.. रहने दो..
दोनों ने मेरे सारे कपड़े उतार दिए और अपनी चूचियों को तेल में डुबो कर मेरे बदन पर घुमाने लगीं।
मैं ये चूचियों से मसाज करना पॉर्न मूवी में देख चुका था.. लेकिन आज पहली बार मेरे साथ भी यही हो रही थी।
सोनाली भी दीदी की चूतड़ों को सहलाने लगी.. कुछ देर बाद दीदी की ब्रा नीचे करके वो उसकी चूचियों को चूमने लगी और दबाने भी लगी। दोनों एक-दूसरे की चूचियों को मसल ही रही थी.. तभी मैं सिर्फ़ अंडरवियर और टी-शर्ट में अन्दर पहुँच गया।
सोनाली अपनी गाण्ड मेरे मुँह के सामने हिलाने लगी। कुछ देर ऐसा करने के बाद दीदी लंड पर से हटी.. और सोनाली जा कर लौड़े पर बैठ गई। अब दीदी ने अपनी चूत मेरे मुँह के पास रख दी.. चूसने के लिए..
मैंने अपनी छोटी बहन से मिल कर अपनी दोनों बहनों को एक साथ चोदने की योजना बनाई कि जब मैं बड़ी बहन को नंगी कर चुका हूँगा तो छोटी बहन हमें रंगे हाथ पकड़ लेगी और…
मैंने अपनी दोनों बहनों को अब तक अलग-अलग चोदा था। इस घटना क्रम में मैं अपनी दोनों सगी बहनों को एक साथ चोदूँगा. एक बहन घर में ही है, दूसरी ट्रेन से आ रही है.
पायल- शिट.. ये क्या हो गया.. भाई का नाइटफ़ाल हो गया.. सब मेरी ग़लती है.. रात को मैंने उनको बहुत गर्म कर दिया था और अभी भी कैसे चिपक कर सोई थी। अब वो उठेंगे तो क्या सोचेंगे मेरे बारे में..
मैं कितना बड़ा गांडू हूँ.. आपको मेरी कहानी पढ़कर ही पता चल जाएगा.. पर मैं करूँ क्या.. मुझे गांड मारना बहुत पसन्द है। मैंने गांड मारने के लिए अपनी जवान खूबसूरत बहन को कैसे राजी किया.. और वो भी तब.. जबकि वो कह रही थी- भैया गांड मत मारो.. प्लीज.. बहुत दर्द होता है..
एक रात को मैंने महसूस किया कि मेरे शरीर पर कुछ चल रहा है। जब मैंने थोड़ी सी आँखें खोल कर देखा तो पाया वो मेरे भाई का हाथ था जो मेरी टी-शर्ट के ऊपर से मेरे बूब्स को हल्के हल्के सहला रहा था।
पूजा अपनी सहेली पायल को अपनी पहली चूत चुदाई की कहानी बता रही है कि कैसे उसके सगे भाई ने उसे लन्ड चुसवाया और फ़िर उसकी कुंवारी चूत की सील तोड़ कर चुदाई की।
पूजा अपने भाई के कारनामे अपनी सहेली पायल को बता रही है कि कैसे पुरु ने ब्ल्यू फ़िल्म देखते हुए उसके जवान बदन का मज़ा लूटना शुरु किया। पूजा की चूत गीली हो गई।
पूजा बता रही थी कि उसके उरोज इतने बड़े कैसे हुए। एक बार वो अपने भाई के साथ घर में अकेली थी, वो भाई के बिस्तर पर सोई हुई थी, उसका भाई ब्ल्यू फ़िल्म देख रहा था।
मामा की बेटी को लन्ड चुसवाने के अगले दिन हमें चूत चुदाई का भरपूर मौका मिला, पहले हम दोनों भाई बहन एक साथ नंगे नहाए और फ़िर बेडरूम में मैंने अपनी ममेरी बहन की चूत खोली।
सूर्या अपनी बहन को चोदना चाहता था, मैंने सोनिया को उसके भाइ से चुदने के लिये राजी किया, बदले मे सूर्या ने अपनी बड़ी बहन के साथ मेरी दोस्ती कराने का वादा किया।
मैं अपने भाई के साथ मूवी देखने गई, पीछे कोने वाली सीट ली, रागिनी एम एम एस 2 में सनी लियोनी के बदन से हम दोनों गर्म होकर चूमाचाटी करने लगे, मेरी जींस खुल गई.
अपने मम्मी पापा को नींद की गोली देकर दोनों बहनें मुझसे चुदाने आ गई मेरे कमरे में. मिन्नी तो झड़ने के बाद मज़े से जैसे पागल सी हो गई और टिन्नी भी जल्दी झड़ गई!
एक बार मेरी मौसी मौसा अपनी दो युवा बेटियों के साथ मेरे घर रुके. तो पहले मौसी की बड़ी बेटी ने मुझसे खुद चूत चुदवाई और फिर छोटी वाली ने अपनी चूत चुदाई करवाई!
मेरे मामा की लड़की हमारे घर आई तो हम आपस में दोस्त बन गए। उसका बदन, चूचे मेरे से छू जाते थे तो मुझे मजा आता था। एक रात वो मेरे ही बिस्तर पर सोई तो क्या हुआ…
मेरी बहन मेरी चुदाईयों के बारे में पूछने लगी तो मैंने भी उसकी चूत चुदाईयों के बारे में पूछा. मैं उसके एक यार की बहन को चोदना चाहता था, वो एक शर्त पर राजी हुई कि मैं अपने दोस्त से उसे चुदवाऊँ !
जैसे ही मैंने अपने लंड अपनी छोटी बहन की अनचुदी चूत की तरफ बढ़ाया.. वो बोली- इसे तुम इतने छोटे छेद में डालोगे.. तो ये तो फट नहीं जाएगी.. मैं मर जाऊँगी।
मैं पलंग पर लेट कर सोचने लगी कि भाभी कितनी ख़राब है.. जो अपने देवर से ही ये सब करवाती हैं। राहुल अपनी गर्लफ़्रेण्ड की बात करने लगा और मेरे बॉयफ़्रेन्ड की भी !
सोनाली बर्तन उठा के रसोई में ले गई.. मैं भी उसके पीछे-पीछे चला गया और रसोई में उसके मम्मों को दबाते हुए बोला- आज रात तुझे कौन बचाएगा.. तो वो बोली- बचना भी कौन चाहता है.. बस कन्डोम लेते आना।
मैं अपनी सेक्सी बहन को डांस सिखाने के बहाने उसके बदन को छूने लगा। उसके मुलायम और मखमली बदन को छूने के बाद मैं इस उत्तेजना में उसकी गर्दन पर किस कर बैठा।
मैंने जाहिरा की नाईटी के गले को थोड़ा नीचे को खींचा.. तो जाहिरा की चूचियों का ऊपरी हिस्सा और उसका क्लीवेज नंगा हो गया।
मैंने फैजान को इशारा किया कि झुक कर उसको चूम ले..
मैंने जाहिरा के पतले-पतले होंठों पर अपनी उंगली फेरनी शुरू की और बोली- फैजान.. देखो तुम्हारी बहन के कितने प्यारे होंठ हैं..
यह कह कर मैं झुकी और अपने होंठ जाहिरा के होंठों पर रख दिए और उसको किस करने लगी।
फैजान घबरा कर इधर-उधर देख रहा था.. मैं और आगे बढ़ी और उसके क़रीब जाकर उसके होंठों को चूम कर बोली- डोंट वरी डियर.. होता है.. ऐसा भी होता है.. वैसे तुम्हारी बहन है बहुत सेक्सी और खूबसूरत.. मैं अगर लड़का होती ना.. तो कब से उसे चोद चुकी होती।
मैंने धीरे से उसकी चूत में अपना लंड लगाया और हल्का सा धक्का लगाया, लंड पानी की तरह आराम से चला गया, वो चुदी चुदाई थी। मेरा सारा मूड खराब हो गया पर मैंने उसे कुछ नहीं कहा कि उसने मुझसे झूठ क्यूँ बोला।
एक ही वक़्त में अपनी बीवी और अपनी बहन की चूत को सहला रहा था और उनमें अपनी उंगलियाँ डाल कर दोनों को एक ही वक़्त में एक साथ मजे दे रहा था। मेरी चूत पानी छोड़ने वाली थी।
जाहिरा ने भी मस्त होते हुए अपने गर्म-गर्म गुलाबी होंठ आगे बढ़ाए और अपने भाई के होंठों पर रख दिए और उसे चूमने लगी। थोड़ी देर के लिए तो फैजान भी अपनी बहन की गरम जवानी में सब कुछ भूल गया
वो तड़प उठी और बोली- भाई रहने दो ना प्लीज़.. अब और नहीं मैं मर जाऊँगी.. यह तो बहुत मोटा और बड़ा है.. मेरे अन्दर नहीं जाएगा.. मैंने लंड उसके होंठों के पास रखा
जैसे ही फैजान की नज़र अपनी बहन की नंगी खूबसूरत चूचियों पर पड़ी तो उसने अपने दोनों हाथ मेरे सिर के दोनों तरफ रखे और मेरे सिर को पकड़ कर धक्के लगाते हुए मेरे मुँह को चोदना शुरू कर दिया।
नहीं.. आज हम दोनों भाई-बहन नहीं.. एक लड़का और लड़की हैं और हम दोनों को अभी एक-दूसरे की ज़रूरत है.. हम दोनों ने एक-दूसरे का सब कुछ देख लिया है और अगर मैं तुम्हारा भाई नहीं होता.. तो क्या तुम वो सब नहीं करतीं?
जाहिरा अपनी आँखें बंद किए हुए पड़ी लंबी-लंबी साँसें ले रही थी।
थोड़ी देर के बाद फैजान उठा और अपना पजामा उतार कर अपनी अकड़े हुए लंड को पकड़ कर उसकी चूत के सामने बैठ गया।
मां मेरा लण्ड दीदी को दिखाते हुए चूसने लगी तो दीदी की अन्तर्वासना भड़की, उसने माँ की गांद और चूत चाटनी शुरु कर दी, फ़िर मां ने दीदी को मेरे लंड से चुदवा दिया।
जाहिरा- मेरी प्यारी भाभीजान, आज तो आपके शौहर मेरे भी शौहर बनने जा रहे हैं, आज भाई का लंड मेरी चूत में जाने वाला है, जैसे आपकी चूत में जाता है, कैसा लगेगा?
फैजान- अरे यार कुछ भी गंदा नहीं होता.. इसे मुँह में लेकर तुम्हारी भाभी भी तो चूसती हैं ना..
जाहिरा इठलाते हुए बोली- वो तो आपकी बीवी हैं.. मैं आपकी क्या लगती हूँ.. बहन ना..
रात को मैंने बुखार का बहाना बना कर एसी में सोने से मना कर दिया, मैं दूसरे कमरे में लेट गई और दोनों भाई बहन को अपने बेडरूम में सोने को कह दिया। पढ़ें…
फ़ैज़ान के जाने के बाद मैंने जाहिरा की कुंवारी चूत को चाट कर रस निकाल दिया। शाम को जब फ़ैजान आया तो वो जाहिरा के कमरे में गया और उसे दबोच कर चूमाचाटी करने लगा।
फैजान मुस्कराया और खुद ही हाथ आगे बढ़ा कर उसके कन्धों से उसके टॉप की डोरी को नीचे खींचते हुए उसकी चूची को नंगा करते हुए बोला- तेरे जैसी गर्म बहन हो.. तो भाई खुद ही बहनचोद बन जाता है डार्लिंग..
फैजान ने अपने शॉर्ट्स को नीचे करते हुए अपना लंड बाहर निकाल लिया और अब उसका नंगा लंड अपनी बहन की नंगी मुलायम जाँघों से टकरा रहा था। वो अपने लौड़े को जाहिरा की दोनों जाँघों के दरम्यान में घुसा रहा था।
ट्रेन में मामा की लड़की के साथ एक ही बर्थ पर सफर करते हुए कुछ रोमांटिक सेक्सी बातें, चूमाचाटी और टॉयलेट में बहन की चूत चटाई, चूचियों की और लौड़े की मसलाई!
फैजान ने अपनी उंगली जाहिरा की चूत से बाहर निकाली और उसे जाहिरा के बरमूडा से बाहर निकाल कर अपने मुँह में डाल लिया और अपनी बहन की चूत की पानी को चाटने लगा।
थोड़ा सा जोर लगाते हुए मैंने अपनी उंगली की नोक जाहिरा की चूत के सुराख के अन्दर दाखिल की, तो जाहिरा ने एक तेज सिसकारी के साथ अपनी दोनों जाँघों को खोल दिया।
ह तो मुमकिन नहीं था कि फैजान को मेरे और जाहिरा की जिस्म के फ़र्क़ का अहसास ना हुआ हो। लेकिन अगर उसे पता चल भी गया था तो अब वो इस अँधेरे में और गेम का फ़ायदा उठाते हुए अपनी बहन के जिस्म के मजे लेना चाह रहा था।
मैं भी उसे रोकना नहीं चाह रही थी।
मेरा बड़ा भाई बांका जवान है, मेरी सहेलियाँ उसकी दिवानी थी तो मेरी जवानी भी उसकी तरफ़ बह चली। बरसात की एक रात मैंने उसे अपना कौमार्य सौंप दिया। यह मेरी पहली चुदाई की कहानी है।
मैं और जाहिरा बनियान और कच्छी पहने बारिश में नहा रही थी कि फ़ैजान ने दरवाजे की घण्टी बजाई। मैंने दरवाजा खोला, फ़ैजान के कपड़े उतार उसका लंड चूसा और उसे भी बारिश में ले गई जहां उसकी बहन लगभग नंगी खड़ी थी।
मैं मामा की बेटी को पसंद करता था लेकिन वो डरती थी अपने पापा से. जब वो कॉलेज में आई तो अपनी सहेलियों को देख उसकी चूत भी फड़कने लगी. वो मुझसे कैसे चुदी? पढ़ें इस कहानी में...
जाहिरा सीना तान कर अपनी चूचियों को बाहर को निकालते हुए बोली- देखो.. कितनी बड़ी हो गई हूँ मैं और सुबह भी तो आपने देखा ही था ना.. मैं कोई बच्ची जैसी हूँ?
फैजान की नज़र भी सीधी-सीधी अपनी बहन की खुली ओपन क्लीवेज और चूचियों पर ही जा रही थी।
मैंने महसूस किया कि फैजान नाश्ता कम कर रहा था और अपनी बहन की चूचियों को ज्यादा देख रहा था।
मैंने अपने दोनों हाथ उसकी चूचियों पर पहुँचा ही दिए और अपनी ननद की दोनों नंगी चूचियों को अपनी मुठ्ठी में ले लिया और बोली- उउफफफफ.. क्या मजे की हैं तेरी चूचियाँ.. जाहिरा.. मेरा दिल करता है कि इनको कच्चा ही खा जाऊँ।
इस बात को समझते हुए कि दोनों बहन-भाई के चेहरे एक-दूसरे के इतने क़रीब हैं और दोनों ने एक-दूसरे को सोते में इस तरह से चिपका लिया हुआ है.. तो दोनों ही एकदम से पीछे हटे और शर्मिंदा से होते हुए उठ कर बिस्तर की पुस्त से पीठ लगाते हुए बैठ गए।
फैजान की हिम्मत बढ़ने लगी और उसने जाहिरा के कन्धों को किस करते हुए थोड़ा और आगे को आते हुए उसके सीने के ऊपरी हिस्से को और फिर अपनी बहन के गाल को भी चूम लिया।
एक बार तो उसने हिम्मत करते हुए जाहिरा के पतले-पतले गुलाबी होंठों को भी किस कर लिया।
रात को फैजान को मैंने बीच में लिटाया और अगल बगल हम दोनों लेटी. मैंने फैजान को खूब गर्म करके बीच में छोड़ दिया तो तंग हो कर वो जाहिरा के बदन को सहलाने लगा.
अरे यार क्यों शर्मा रही हो? तुमको इसमें तुम्हारे भैया देख तो चुके ही हैं.. तो फिर घबराना कैसा है? चलो जल्दी से जाओ और यह ड्रेस पहन कर आओ और मैं भी पहन कर आती हूँ.. और हाँ नीचे जीन्स ही रहने देना.. उस मॉडल की तरह कहीं पैन्टी पहन कर ना आ जाना बाहर..
उस सेक्सी नाईट ड्रेस में जाहिरा तो क़यामत ही लग रही थी, उसका खूबसूरत चिकना चिकना सीना बिल्कुल खुला हुआ था, उसकी चूचियों का ऊपरी हिस्सा नंगा हो रहा था...
मैं सोच रही थी कि अब क्या किया जाए जिससे फैजान को अपनी बहन के क़रीब आने का और मौका मिले और अपनी बहन का जिस्म को देखने, भोगने का भरपूर मौका मिल सके।
नाना की मौत पर मैं उनके घर गया तो सब लोग व्यस्त थे। मामी की बेटी मुझसे बातें करने लगी, मेरी गर्लफ़्रेन्ड के बारे में पूछा तो मैंने उसे ही गर्लफ़्रेंड बना लिया
मैं हिली तो फ़ैजान सोने का नाटक करने लगा। मैं बाथरूम गई तो फ़ैजान फ़िर अपनी बहन को चूमने लगा। मैं बाथरूम से आकर फ़ैजान के ऊपर लेट कर उसे चूमने लगी और चुदाई की।
मैंने आँखें बंद कर लीं.. जैसे कि मैं सो गई हूँ, जाहिरा की आँखें भी बंद थीं। मुझे जाहिरा की दूसरी तरफ फैजान हिलता हुआ महसूस हुआ। उसने जैसे नींद में ही करवट ली और सीधा अपनी बाज़ू और टांग को अपनी बहन के ऊपर रख दिया।
जाहिरा ने मेरा दिया हुआ लिबास पहना, उसकी चिकनी गोरी टांगें घुटनों से नीचे बिल्कुल नंगी थी, स्लीवलैस शर्ट में गोरी नंगी बाहें और ब्रा की स्टैप दिख रहे थे।
मैं चाह रही थी कि फ़ैजान अपनी बहन की चूत को छुए पर जाहिरा ने अपने भाई की हरकतों से बचने के लिये मेरी तरफ़ करवट ले ली और मुझे बाहों में भर लिया। अगले दिन मैंने अपनी कैपरी जाहिरा को पहनने के लिये दी।