मेरी पड़ोसन भाभी मस्त और चालू है
मेरी पड़ोसन भाभी बहुत मस्त है, मैं उसे कई बार नंगी नहाते हुए देख चुका हूँ। वो बहुत चालू भी है, मेरे कई दोस्त उसको चोदते थे। एक दिन मेरे घर वाले गांव गए तो वो मेरे से बाते करने लगी!
Antarvasna कम्युनिटी को हमारी शानदार भाभी की चुदाई कहानियों के कलेक्शन से आपको पागल कर देने दें।
मेरी पड़ोसन भाभी बहुत मस्त है, मैं उसे कई बार नंगी नहाते हुए देख चुका हूँ। वो बहुत चालू भी है, मेरे कई दोस्त उसको चोदते थे। एक दिन मेरे घर वाले गांव गए तो वो मेरे से बाते करने लगी!
रिंकी और पिंकी शहर छोड़ के चली गई थी। अचानक रिंकी का फोन आया, उसने मुझे अपने नए घर का पता दिया और आने को कहा। मैं अगले दिन तैयार हो कर गया तो…
पड़ोस की एक भाभी मुझे बहुत हॉट लगती थीं, कुछ भी काम होता तो भाभी मुझे ही कहती थी। एक बार भाई बाहर गए तो मैं भाभी के पास सोया। रात में क्या हुआ, कहानी में पढ़िए।
मुझे चूत चुदाने की बहुत चुल्ल थी शादी से पहले, पर डर लगता था। सुहागरात को मैं चूत चुदवाने को उतावली थी, मेरे शौहर आए और मेरी चूत चोद कर चले गए। उनके बाद मेरा देवर आया…
गर्लफ्रेंड से ब्रेकअप के बाद मैं इन्टरनेट पर लड़कियों और आंटियों को खोजने लगा। एक दिन एक परेशान सी भाभी मिली, उनसे बात हुई और एक दिन उन्होंने मुझे घर बुलाया।
अगर भाई में दम ना हो तो भाभी अपनी अन्तर्वासना, अपनी चूत की आग के लिए सबसे पहले किसकी ओर देखेगी? देवर ही तो! मैं तो अपनी भाभी का पहले से ही दीवाना था। कहानी पढ़ें।
पड़ोस की एक भाभी मस्त माल है यार… एक बार भैया कुछ दिन के लिए मुम्बई गए तो भाभी को मौका मिल गया, भाभी ने मुझे फ़िल्म देखने चलने के कहा। कहानी में भाभी की चूत चुदाई का मज़ा लें।
उस दिन मैं और भाभी घर पर अकेले थे, उन्होंने मुझसे कहा- देवर जी, मैं नहाने जा रही हूँ! तो मैंने सोचा कि क्यों ना आज भाभी को नंगी नहाती हुई देखा जाए… कहानी का मज़ा लें।
उसकी साड़ी उसकी गुंदाज़ जाँघों तक चढ़ गई मैंने अपना हाथ आहिस्ता से साड़ी में घुसाना शुरू किया.. तो मेरा हाथ उसकी पैन्टी को छू गया। उसकी पैन्टी गर्म और गीली हो रही थी..
कविता के पति ने अपनी बीवी को मुझसे चुदवा दिया। अब हम दोनों एक साथ मिल कर कविता की चूत और गांड चोदने को तैयार थे। हम तीनों एक बेड पर नंगे हो गए।
चूत चुदाई की लम्बी कहानी के इस भाग में मेरे देवर ने मेरी मालिश की, झांटें साफ़ की, मुझे चोदा। फ़िर मैं ससुर के साथ कोलकाता की ट्रेन में बैठी तो मुझे ऑफ़िस में चुदाई याद आ गई।
कुछ दिन बाद उस धमकाने वाली औरत ने मुझे फ़ोन करके बुलाया और धमका कर उसकी किसी सहेली का कोई काम करने को कहा। मुझे हाँ करनी पड़ी। कहानी पढ़ कर जानिये कि क्या काम था।
मैं अपनी मौसी के लड़के से मिलने गया तो भाभी एकदम खुल कर बातें करने लगी। बातों ही बातों में मैंने भाभी का हाथ पकड़ लिया, भाभी ने कुछ नहीं कहा.. तो कहानी का मज़ा लें।
मुझे लगा कि मेरे पति को कोई चूत नहीं मिल रही तो मैंने सोचा कि उन्हें मेहमान लड़की की चूत दिलवाती हूँ। रात में मैंने देखा कि वो मेरे देवर से चुद रही है। कहानी का मज़ा लें।
घर में मेहमान आए तो उनमें से स्कर्ट पहने एक लड़की सोफ़े पर जांघें दिखाती बैठी थी। उसको मैंने अपने देवर से भिड़ाया। रात को वही देवर मेरे पास सोया। कहानी पढ़ कर मज़ा लीजिए।
एक बार मैंने भाभी को कपड़े बदलते हुए देखा.. तब उन्होंने सिर्फ ब्रा और पैन्टी पहनी थी, उनको शायद नहीं पता था कि मैं उन्हें देख रहा हूँ। उस दिन से वो रोज मेरे ख्वाबों में आती थीं।
भाभी को बच्चा नहीं हो रहा था तो सब परेशान थे। कमी भाई में थी। एक बार मैं भाभी के साथ अकेला था तो भाभी ने मुझसे पूछा- क्या तुम मुझे मां बनाओगे?
भाई जान के निकाह से पहले हम दोनों भाभी से मिलने उनके घर गए. हम तीनों बाइक पर समुन्दर किनारे घूमने निकल पड़े। मैं बीच में था तो भाभी के चूचे मेरी पीठ में गड़ रहे थे। मेरी फ्री सेक्स स्टोरी पढ़ कर मजा लें!
मेरे पीछे देवर दौड़ रहा था.. अचानक उसका हाथ मेरे ब्लाउज पर पड़ा और मेरा ब्लाउज चर्र... की आवाज के साथ फट गया। मेरे मुंह से निकला- नहीं पुनीत, ऐसा मत करो.. मैं तुम्हारी भाभी हूं...
मेरा देवर घर पर रहता था और मुझे लैपटॉप पर फ़िल्में दिखाता था। एक दिन उसके लैपटॉप में मुझे ब्लू फ़िल्म मिली। मुझे ब्लू फ़िल्म की लत पड़ गई और देवर ने मुझे चोद दिया।
हमारे परिवार की एक भाभी को देखकर मेरी हमेशा चाहत होती थी 'हे ऊपर वाले कभी तो इनकी चूत के दर्शन करा दो, कभी तो इनकी चूत में मेरा लौड़े को डलवा दो।
मेरे भाई को ट्रेनिंग पर जाना पड़ा तो भाई के बिना ही भाभी का गौना हुआ तो भाभी की सुहागरात सूनी रही। इसके बाद भाभी और मेरी दोस्ती हुई और जब भाभी की चूत चुदाई हुई तो…
मैं मम्मी और चाचा की चुदाई देख रहा था, चाचा का बहुत लम्बा और मोटा भुजंग सा लंड मेरी मम्मी की चूत में घुसने को तैयार था। मेरी सांसें अटक रही थीं कि मम्मी का अब क्या होगा..
मम्मी और मेरे चाचा के शारीरिक सम्बन्ध थे और मुझे उन दोनों की चुदाई देखने का अवसर मिलने वाला था। खेतों में बनी कोठरी में देवर भाभी चूत चुदाई का खेल खेलने लगे।
मैं मामा के घर रह कर पढ़ रहा था। उनके बेटे की पत्नी यानि भाभी बहुत मस्त बिदास औरत है, हर तरह का हँसी मज़ाक, छेड़छाड़ करती रहती थी। भाभी की चूत चुदाई कैसे हुई?
भाई भाभी की शादी को तीन महीने हुए थे लेकिन भाई को क्रिकेट मैच देखते थे भाभी को नहीं। ऐसे में भाभी की चुदास ने उन्हें मेरी बाहों में ला दिया। भाभी की चूत चुदाई की कहानी पढ़ें।
यह हिन्दी सेक्स कहानी मेरी भाभी कोमल के साथ सेक्स की है। भाभी मन और बदन से कोमल है, भाभी का जिस्म गोलाइयों से भरा पूरा है, लेकिन भाई को भाभी से ज्यादा क्रिकेट में रुचि है।
जब मेरे दोस्त ने अपनी भाभी से मुझे मिलवाया तब मेरे होश उड़ गए... क़यामत… आइटम… टोटा… पीस… या आप कह सकते हैं कि साक्षात् कामदेवी का रूप हैं भाभी...
पड़ोस के घरों में तांक झांक करके मेरी पड़ोसन भाभी ने मेरा लंड देख लिया था और मैं जान गया था कि भाभी गर्म है और उसके पति का लंड छोटा सा है। भाभी की चूत चुदाई ।
मैं अपने चचेरे भाई भाभी के साथ रहता था। मैं और भाभी टाइम बिताने के लिए अक्सर ताश खेलते हैं, खेलते हुए हम दोनों में हंसी मज़ाक, छेड़ना चिढ़ाना चलता रहता था।
मेरी भाभी हसीन माल थीं। मैंने बहुत कोशिश की परंतु भाभी मुझे घास ही नहीं डालती थीं। एक दिन मैं भाभी के घर गया, वो तब बेटे को चूचों से दूध पिला रही थीं।
मैं मुम्बई में मॉडलिंग करता हूँ। मेरे पड़ोस में एक शादीशुदा जोड़ा रहता था। भाभी कमाल की खूबसूरत थी। कहानी में पढ़ें कि कैसे मेरी दोस्ती भाभी से हुई और मौज की।
भाभी की चूत, गांड की चुदाई की यह कहानी सच्ची है। एक बार मैं भैया भाभी से मिलने गया। भाभी घर में अकेली थी। कहानी पढ़ कर देखिये कि कैसे मैंने भाभी की चुदाई की।
एक भाभी गांव चली गई पर दूसरी भाभी का जुगाड़ कर गई थी लेकिन चूत चुदाई का मौका नहीं मिल रहा था। एक रात मैं पेशाब करके आया तो दूसरी भाभी मेरे कमरे में थी।
गाँव की भाभी को गन्ने के खेत में दिनदिहाड़े चोद कर बड़ा मज़ा आया। भाभी भी मुझसे बार बार चुदवाना चाहती थी। मैंने उन्हें उनके पति के पास दिल्ली आकर रहने को कहा।
कहानी गाँव की एक भाभी की है, मुझे एक गाँव की शादी में मिलीं, मन किया कि काश यह माल पट जाए… मैंने उनसे जान पहचान बढ़ाई और हँसी-मजाक में हम दोनों काफी खुल गए।
भाभी शादी के बाद प्रेग्नेंट हुईं तो मैंने देखा कि उनकी बॉडी सेक्सी होती जा रही थी, तब से मैं उन्हें गंदी नज़र से देखने लगा। अपनी भाभी को कैसे चोदा मैंने!
मैं पड़ोसन भाभी के घर गया था टी वी देखने, वहाँ कोई दिखा नहीं तो मैं टी वी देखने लगा। तभी पूरी नंगी भाभी बाथरूम से निकल कर अचनक मेरे सामने आ गई।
पड़ोस की बंगालन भाभी मुझे परी सी लगती थी, मैं उनके बदन से खेलना चाहता था। भाभी की तारीफ़ करके उन्हें पटा कर मैंने कैसे चोदा, इस कहानी में पढ़िए।
दोपहर को सोते हुए मैंने देखा कि सिर्फ़ ब्लाऊज़ पेटिकोट में भाभी मेरी बगल में सो रही थी। मैं उनके बदन को छूने लगा, ब्लाउज़ खोल कर चूचियाँ चूसने लगा।
भाभी ने मुझे अपने बेड पर सुलाने का इन्तजाम कर लिया। दो दिन मैं उनके साथ सोया, उनके बदन को छुआ, स्खलित भी हुआ। लेकिन तीसरे दिन मु्झे भाभी की नंगी चूचियाँ मिली।
यह कहानी है मेरी भाभी की जब वो दुल्हन बन कर हमारे घर आई थी, मुझे बहुत अच्छी लगती थी पर मेरे मन में कोई बुरा विचार नहीं था लेकिन कैसे मेरी अन्तर्वासना उनके प्रति जागृत हुई, इस कहानी में!
पिछले पार्ट से आगे.. भारती भाभी खुश हो कर बोली- तुम अब पूरे मर्द हो गये हो.. मुझे तुम्हारे बच्चे की माँ बनने में खुशी होगी। हम दोनों हर रोज एक बार जरूर
छोटी भाभी को मैंने चुदाई के लिये कहा तो वो एकदम तैयार हो गई। मैंने उसके चूचे पकड़ लिये और ब्लाऊज खोल कर चूसने लगा। भाभी चुदने को बेचैन हो रही थी।
बड़ी भाभी को लंड चुसवा कर घर आया तो बाकी भाभियों ने दोअर्थी बातें शुरु कर दी। एक भाभी जानबूझ कर मुझे अपने चूचे दिखा रही थी। तभी मैं भाभी के साथ खेतों पर गया।
रसीली भाभी अपना ब्लाउज खोल कर मुझे अपनी चूचियों से दूध पिलाने लगी। फ़िर मैंने भाभी को चूत के दर्शन करवाने को कहा तो भाभी ने अपना पेटिकोट उठा दिया।
मैं अपने गाँव गया तो चाचा की बहुएँ यानि मेरी भाभियाँ मुझसे खूब मज़ाक करने लगी. उनकी बातें द्विअर्थी व अश्लील लग रही थी. जब भाभी मुझे तालाब पर नहाने ले गई तो!
भाभी मुझसे चुदवाना चाहती थी पर अपने पति पर जाहिर नहीं करना चाहती थी कि वे मुझे पसन्द करती हैं। तो भाभी ने क्या तरकीब लड़ा अपने पति से सामने मुझसे चुदवा लिया।
भाभी ने कहा- अगर आपको आरती अच्छी लगती है तो इसमें कुछ गलत नहीं है.. मैं उसे आपके लिए पटा लूँगी और फिर आप उससे अपनी प्यास बुझा लेना।
यह कहानी मेरी भाभी और मेरी है. भाई की व्यस्तता ने भाभी को मेरे करीब ला दिया. मैं भी उनके साथ कुछ मस्ती के ख़्वाब लेने लगा. मुझे पता नहीं था कि मेरी भाभी भी कुछ ऐसा ही सोच रही थी।
फिर उसकी साड़ी उतार दी और ज्यों ही साया खोलने के लिए हाथ बढ़ाया.. उन्होंने मना कर दिया और बोलीं- ये मत खोलो.. अगर मेरी सास आ जाएगी.. तो गड़बड़ हो जाएगी।
दोस्तो, आपने पढ़ा था कि मैं बारिश के मौसम में प्रीत को छत पर गया और उसकी चूत गर्म करने लगा। साथ ही मैं प्रीत को इस बात के लिए भी राजी करने की जुगत में था
मैं तीन दिन के लिये अपने चचेरे भाई के घर रहने गया क्योंकि भाई को बाहर जाना था, भाभी अकेली रह जाती। उन तीन दिनों में क्या हुआ, इस कहानी में पढ़िये।
भाभी ने हाथ पकड़ मुझे जाने से रोक कर दूसरे हाथ से मेरी पैंट की ज़िप खोल कर मेरे लंड को बाहर निकाल लिया। अब गोरी भाभी ने अपने शरीर पर पड़े तौलिए को भी हटा दिया!
मैंने दोनों को एक साथ आलिंगन में लिया और बारी बारी से उन दोनों को लबों पर चूमा और फिर उनके मम्मों को चूमा एक एक कर के और उनके गोल गुदाज चूतड़ों पर हाथ फेरे।
मैंने रितु और रानी भाभी को लेटने के लिए कहा, फिर ऊषा और शशि को अपन पास बुलाया और उनके मम्मों को थोड़ा छेड़ा, फिर उनको कहा- आप दोनों इन भाभियों से प्यार करें।
बाकी जोड़े मेरी नक़ल करते हुए अपनी साथियों को पूरा आनन्द प्रदान कर रहे थे और रितु और रानी भाभी पूर्ण विस्मय से हमारे कार्यकलाप को देख कर गहरी सोच में पड़ गई।
नीता शरारती मुस्कान के साथ बोली- तो आपकी बीवी अब तक कितने लंड ले चुकी है आपके सामने? और आप कितनी चूत चोद चुके है अपनी बीवी के अलावा?
जिस रात मेरे भैया नहीं रहते.. मैं सारी रात भाभी के साथ होता हूँ और उन्हें चोदता हूँ। मेरा और मेरी भाभी का कमरा एकदम अगल-बगल में है। मेरे पापा-मम्मी का कमरा थोड़ा हट कर है..
सोनाली भाभी को किसी दीपक से प्यार है और मुझे सोनाली भाभी से। मैंने कैसे सोनाली भाभी धीरे धीरे पटा कर, उन्हें उत्तेजित करके उनकी प्यासी चूत की चुदाई की, पढ़िए इस कहानी में!
मेरे हाथ सोनाली के चूचों को मसल रहे थे और धीरे-धीरे उसके कपड़े भी उतार रहे थे। सोनाली इतनी उत्तेजित हो गई थी कि उसको पता ही नहीं चला, मैंने कब उसको पूरी नंगी कर दिया।
पड़ोसन भाभी ने गाने भरने के लिये मेमोरी कार्ड दिया तो मैंने शरारत करके उसमें ब्ल्यू फ़िल्में भी भर दी। कार्ड देने गया तो भाभी ने मोबाइल में डाल कर चलाया।
भैया बोले- हाँ भाभी, वो आपके मुंह में जाने को बेताब है। मैं आपकी चूत चाटता हूँ, आप मेरे लंड को चूस डालिए, चलिए 69 में दोनों अपने अपने गुप्तांगों को परम सुख दें, हथियारों को थोड़ी धार देते हैं।
ट्रेन में मिली भाभी को चोद चुका तो उसका पति उठ बैठा और बोला- एक बार मेरे सामने भी मेरी बीवी को चोदो! उसकी बीवी एकदम पूरी नंगी हो गई और मेरा लंड चूसने लगी।
मेरे पति दफ़्तर चले गए, पीछे से देवर भाभी रह गये तो कुछ ना कुछ गुल खिलना ही था। इस भाग में बस यही है कि भाई के पीछे देवर भाभी के बीच क्या क्या हुआ!
मैं और नीचे गया तो उनकी सलवार का नाड़ा मेरे हाथ में आ गया.. मैंने बड़ी सफाई से उसको खोल दिया और अपना हाथ उनकी सलवार में डाल दिया। उनकी चूत पर थोड़े-थोड़े बाल थे..
भैया की निगाह कम्मो के नंगे बदन पर जम गई, उन्हें अपनी बीवी गैर मर्द से चुदती दिखाई नहीं दी। कम्मो ने बात सम्भाली और भैया का लंड चूस कर उन्हें हैरान कर दिया।
मेरा मकान मालिक अपने बिज़नेस में लगा रहता था और उसकी जवान बीवी के बदन की प्यास नहीं बुझती थी तो उसने मुझ पर डोरे डालने शुरू किये. मैं भी उसके रूप यौवन के जाल में फंस गया!
पूनम की भाभी को गर्भ नहीं ठहर रहा था तो कम्मो के कहे अनुसार भाभी को सन्तान देने के लिये उनकी चूत चुदाई का कार्यक्रम चल रहा थ कि पूनम के भैया आ गये।
यह कहानी मेरी और पड़ोस की एक चालू भाभी की है! मैं उनके घर गया तो वो मुझे छेड़ने लगी. वो कमरे में गई तो मैं उसके पीछे लग गया. कहानी में पढ़ें कि कैसे मेरे और भाभी के बीच शारीरिक रिश्ते बने!