अब मैं उसके मुँह के ऊपर अपनी चूत रख कर बैठ गई और कहा- जैसे मैंने तुम्हारे लौड़े को चूसा है तुम भी मेरी चूत को चाटो और अपनी जुबान मेरी चूत के अन्दर घुसाओ।
वो मेरी चूत चाटने लगा, उसको अभी तक चूत चाटना नहीं आता था मगर फिर भी वो पूरा मजा दे रहा था..
मेरी चूत से पानी निकल रहा था जिसको वो चाटता जा रहा था और कभी कभी तो मेरी चूत के होंठो को अपने दांतों से काट भी देता था जो मुझे बहुत अच्छा लग रहा था...
मैंने दुप्पटा अपने गले से निकाल दिया, जिससे मेरे मम्मे उसके सामने आ गए, वो कभी कभी मेरे मम्मों को देखता और फिर टीवी देखने लगता। उसके पसीने छुटने शुरू हो गए।
पिछली गर्मियों की बात है जब मेरे पति की मौसी का लड़का विकास हमारे घर आया हुआ था, वो बहुत ही सीधा साधा और भोला सा है, उसकी उम्र करीब 19-20 की होगी, मगर उसका बदन ऐसा कि किसी भी औरत को आकर्षित कर ले, मगर वो ऐसा था कि लड़की को देख कर उनके सामने भी नहीं आता था। मगर मैं उस से चुदने के लिए तड़प रही थी और वो ऐसा बुद्धू था कि उसको मेरी जवानी दिख ही नहीं रही थी, मैं उसको अपनी गाण्ड हिला हिला कर दिखाती रहती मगर वो देख कर भी दूसरी और मुँह फेर लेता।
ज्योति अपने बिस्तर पर सिर्फ ब्रा-पेंटी में सो रही थी जिसे देख कर मेरा लण्ड खड़ा हो गया मगर मैंने अपने ऊपर काबू करते हुए वहाँ से चल दिया और सो गया.
मैंने भाभी को बिस्तर पर पटक दिया और अपना मुँह उनके स्तनों में गड़ा कर स्तनपान करने लगा. मेरे स्तनपान करने के कारण भाभी धीमी धीमी सिसकारियाँ लेने लगी
लेखक :कबीर शर्मा मैंने हिम्मत क़रके भाभी से कह दिया- भाभी, मुझे आप बहुत अच्छी लगती हो ! भाभी मेरी तरफ देखने लगी ! मैं डरा हुआ था, मैंने पहले किसी को ऐसी
मेरा नाम कबीर है, मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ। अन्तर्वासना पर यह मेरी पहली कहानी है अगर कोई गलती हो तो माफ़ कर देना। मेरी उम्र 20 साल है, कद 5'7' है, वजन
मेरी भेजी हुई एक कहानी आपने पढ़ी होगी आठ साल बाद मिला चाची से मैंने इस कहानी के कई भागों को भेजा था। अब मैं हाजिर हूँ अपनी नई कहानी के साथ ! कहानी तो क्या,
प्रेषक : गुल्लू जोशी मुझे ही बहुत ही आसक्ति से देख रही थी। "भाभी … !" "आह, … श … श्…" भाभी ने मेरे मुख पर अपनी अंगुली रख दी और चुप रहने का इशारा किया।
बात उन दिनों की है जब मेरा दाखिला कॉलेज में हुआ ही था। भैया अधिकतर काम के सिलसिले में बाहर ही रहते थे। उन्होंने अपने पास मुझे शहर में बुला लिया था। उनके
कहानी का पिछला भाग: मेरे जीजू और देवर ने खेली होली-1 शाम को साढ़े तीन बजे अमित का फ़ोन आया, कहने लगा- भाभी ! तैयार रहना, मैं थोड़ी देर में आ रहा हूँ आपको
प्रेषिका : लक्ष्मी कंवर मेरा देवर नरेन्द्र बहुत ही सीधा सादा और भोला भाला था। मैं तो प्यार से उसे नरेन् कहती थी। आप जानते हैं ना, इसी सादगी पर तो हम
प्रेषक : हैरी बवेजा उसने मेरी कमर पर अपनी टाँग रख दी और मुझसे लिपट कर सोने लगी। मैंने कहा- यह क्या कर रही हो? उसने कहा- जीजाजी, मैं तो ऐसे ही सोती हूँ !
प्रेषक : हैरी बवेजा मेरा नाम हैरी है, उम्र 28 साल है, जालंधर का रहने वाला हूँ। यह मेरी सच्ची कहानी है कि मैंने कैसे अपनी साली की चुदाई की। बात उन दिनों की
प्रेषक : गुल्लू जोशी शीला और उसका पति विनोद एक शहर में किराए के घर में रहते थे। शीला की बहन मंजू पास के गाँव में नौकरी करने के कारण वो अक्सर अपनी बहन शीला
अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज उसका लण्ड बेहद तन्नाया हुआ था। लग रहा था कि चोदे बिना वो नहीं मानने वाला है। पर सच भी तो है कि मुझे उसके लण्ड का मजा अपनी चूत में मिला ही कहाँ था।
मेरा नाम अंजलि है। अपनी गाण्ड में लौड़े लेना मेरी सबसे बड़ी खुशी है! कुछ लड़कियाँ समझती हैं कि इसमें बहुत ज्यादा दर्द होता है, या यह गलत है, लेकिन मैं जानती हूँ कि दुनिया में इससे बेहतर आनन्द कोई नहीं हो सकता!
भैया के चौथे शादी के फैसले को बदलने हेतू सुमन भाभी बसन्ती के सहारे मुझसे चुदकर खुद गर्भवती हुई और दो भाभियों के कोख में भी औलाद का सुख प्रदान करवाया...
मेरी नादानी वश मेरी और बसन्ती की चुदाई की जानकारी सुमन भाभी को हो गई तब उन्होंने भैया की धमकी दे इस राज को गुप्त रखने हेतू अपनी चुदाई की इच्छा जताई..
प्रेषक : सुशील कुमार शर्मा और भी है कोई यहाँ तुम्हारे सिवा? दुल्हन का मत्था ठनका।" "हाँ, मेरा छोटा भाई है, सबसे पहले तो उसी ने तुम्हारी बजाई है...."
प्रेषक : सुशील कुमार शर्मा झंडाराम अभी तक अलमारी की आड़ में छुपा सब कुछ बड़े ध्यान से देख रहा था और सोच रहा था कि कब ठन्डे अपना काम ख़त्म करे और फिर उसकी
हाय ! हम झंडाराम और ठंडाराम दोनों सगे भाई हैं। हम दोनों एक साथ मिलकर हर काम किया करते हैं फिर वह काम भले ही चोरी-डकैती का हो या अपनी-अपनी महबूबाओं के साथ
कोई बचा ले मुझे-1 विपिन घायल हो कर मेरे ऊपर चढ़ा जा रहा था. अपने आप को मेरे बदन पर सेट कर रहा था. मैंने मस्ती में अपनी आँखें मूंद ली थी. अन्ततः वो मेरी
मैं सामाजिक कार्य में बहुत रुचि लेती हूँ, सभी लोग मेरी तारीफ़ भी करते हैं. मेरे पति भी मुझसे बहुत खुश रहते हैं, मुझे प्यार भी बहुत करते हैं. चुदाई में तो
उसका दोस्त नीचे लेट गया और मुझे उसके ऊपर लेट कर चूत में लण्ड घुसाने को कहा. मैं उसके दोस्त के ऊपर आ गई और उसके खड़े लण्ड पर चूत को फ़िट कर दिया.
मेरे प्रिय भ्राताश्री, सादर प्रणाम। आपको यह जान कर अति हर्ष होगा कि यहाँ सब कुशल-मंगल है, आप पिछले दो वर्षों से विदेश में हैं। यहाँ पर सब आपको सब बहुत याद
प्रेषक : गोरिया कुमार अब धीरे धीरे मैं भाभी को अपनी गिरफ्त में लेने लगा। सयाली ने मेरे लिंग को चूमकर एकदम खड़ा कड़क और लंबा कर दिया और उस पर कोंडोम चढ़ा
अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज प्रेषक : गोरिया कुमार मेरे तायाजी के लड़के यानि सुमित भैया कनाडा में दो साल के ट्रेनिंग के लिए गए तो विशाखा भाभी हमारे यहाँ रहने के लिए आ गई। कारण कि
अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज देवर के साथ सेक्स पति के सामने Audio Sex Story-1 इस दूसरे भाग का ऑडियो भी पहले भाग में है. यार मनोज! क्या होता होगा तुम्हारा इस सर्दी में बिना सेक्स के?
लेखिका : नेहा वर्मा मेरा देवर मुझसे कोई दस साल छोटा है, पर मुझे वो बहुत प्यारा है। वो सीधा-साधा, भोला-भाला सा है, हंसमुख है। मेरा हर काम वो पलक झपकते ही
प्रेषक : अमन सिंह अन्तर्वासना के सभी सदस्यों को मेरा प्यार ! मेरी उम्र 21 साल है और लम्बाई 5 फुट 8 इंच है। मैं ग्रेटर नॉएडा से बी टेक कर रहा हूँ। अब मैं
प्रेषक : हर्ष मेहता यह मेरी पहली कहानी है जो हकीकत है! मैं चंडीगढ़ मैं रहता हूँ अपने परिवार के साथ ! मैं पेशे से एक कंप्यूटर इंजिनियर हूँ और देखने मैं
लेखक : राज शर्मा पिंकी अपने कमरे में चली गई। मैं कुछ देर खड़ा रहा, फिर कुछ सोच कर पीछे पीछे पिंकी के कमरे में चला गया। सेक्स की आग जो पहले भाभी में जल रही
लेखक : राज शर्मा यह जिंदगी भी जाने क्या क्या रंग दिखाती है। इंसान कठपुतली की तरह नाचता है जिंदगी के इशारे पर। मैं तब 22 साल का था जब मैंने पढ़ाई करते करते
नमस्कार प्रिय पाठको, मैं संजय एक बार फिर आप लोगों को अपनी कहानी सुनाने आया हूँ। मेरी पिछली कहानी खेल खेल में चोदा आप लोगो को बहुत पसंद आई और मुझे कई मेल
प्रेषिका : संजू प्रिय पाठको, मैं 29 साल की एक स्वस्थ और मस्त औरत हूँ। मेरी शादी 1998 में एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुई। बात उन दिनों की है जब शादी के कुछ
हेल्लो दोस्तो, पहले तो अन्तर्वासना को मेरी कहानी अन्तर्वासना में प्रकशित करने के लिए धन्यवाद और आप सभी दोस्तों को प्यार जिन्होंने मुझे मेल किया. आशा करता
गर्मी की रात थी, हम लोग छत पर थे, चांदनी रात में भाभी गुलाबी नाइटी में और भी खूबसूरत लग रही थी, वो मुझसे प्यार की बातें कर रही थी और मैं सोच रहा था कि कब इसको चोदूंगा।
मेरे बड़े भाई की शादी हुई, बड़ी सुंदर भाभी आई, गोल-गोल चूचे, उठी हुई गांड! शुरू से ही मैं भाभी से एक हद तक मजाक करता था पर मैंने भाभी को चोदा... कैसे? पढ़ें!
अन्तर्वासना के पाठकों को मेरा प्रणाम ! आज मैं अपनी पहली कहानी अब मैं तुम्हारी हो गई-1 का दूसरा भाग लिख रहा हूँ, लेकिन यह कहानी मेरी एक खास दोस्त, जिसका
वो मेरे कपड़े उतार कर मेरे बराबर में लेट गई और मेरे लण्ड को छुआ और बोली- हाय! तुम्हारा लंड तो बहुत बड़ा है? आज सही मायने में मेरी चूत की प्यास बुझेगी!
प्रेषिका : दिव्या डिकोस्टा भाभी अपने एक एक अंग को मेरे शरीर के ऊपर दबा रही थी, सिसक रही थी... चुम्बनों से मेरा मुख गीला कर दिया था। लण्ड मेरा फ़ूलता ही जा
अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज प्रेषिका : दिव्या डिकोस्टा श्री मनोहर सिंह मेहता के द्वारा भेजी गई कहानी को मैं आपके समक्ष प्रस्तुत कर रही हूँ। मुझे कुछ कुछ ऐसा प्रतीत होता है कि जिन
लेखिका : रीता शर्मा हम दोनों ने अब शर्म छोड़ सी दी थी। वो मुझसे रोज अपनी पीठ दबवाती, शायद मजे लेने के लिये ! मैं भी उसे सहला सहला कर मस्त कर देता था। फिर
लेखिका : रीता शर्मा घर में बस हम दो भाई थे। दिनेश मुझसे दस साल बड़ा था। वो एक फ़ेक्टरी में काम करता था। भाभी रीता भी मुझसे सात साल बड़ी थी। मम्मी पापा नौकरी
विजय पण्डित कहानी का पहला भाग: बात बनती चली गई-1 भैया दोपहर का भोजन करके एक बजे ड्यूटी पर चले गये। भाभी को आज मैंने दूसरी सीडी ला कर दी। हमें सीडी देखने
विजय पण्डित घर में हम तीन लोग ही रहते थे- मैं, मेरी भाभी और भैया। मेरा अधिकतर समय कॉलेज में या खेलने कूदने में ही निकलता था। मेरा एक दोस्त उस समय एक छोटी
अन्तर्वासना के सभी पाठकों और गुरूजी को मेरा नमस्कार! मैं प्रतीक, मध्यप्रदेश का रहने वाला हूँ। मैं अन्तर्वासना का पिछले एक वर्ष से नियमित पाठक हूँ। मैंने
दोस्तो, आज मैं आपके सामने एक सच्ची कहानी लेकर आया हूँ। बात उन दिनों की है जब मैं अपनी पढ़ाई के लिए दिल्ली आया था, मुझे मेरे बुआ के घर पर रहना था। मेरी बुआ
भाभी ने कहा- ला राहुल, अब मुझे भी मजा लेने दे! तेरे भैया तो चूसने ही नहीं देते! ना चूसते हैं, ना ही चुसवाते हैं! भाभी ने झट से मेरा लंड मुँह में लिया।
हैलो दोस्तो, मैंने तो सपने में भी नहीं सोचा था कि मेरी वासना की संतुष्टि की कहानी 'रीना की मस्ती' पढ़ कर आप सभी मुझे इतना प्यार देंगे। आपके ई मेल्स के लिए
मेरा नाम विवेक वर्मा है, मैं दिल्ली से हूँ. मैंने अन्तर्वासना पर बहुत सी कहानियाँ पढ़ी हैं इसलिये मैं भी अपनी एक कहानी लिखने जा रहा हूँ जो कि सच्ची है. बात
मेरा नाम पुनीत है मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ, उम्र 24 साल है और दिखने में भी अच्छा हूँ। लंबाई 5 फुट 8 इंच है, मेरा लंड 6 इंच लम्बा है और 2.5 इंच मोटा है,
प्रेषक : रोहित खण्डेलवाल दोस्तो, आपके बहुत सारे मेल मिले ! मुझे ख़ुशी हुई कि सबको मेरी कहानी पसंद आई ... गुरूजी को धन्यवाद जिन्होंने मेरी कहानी आप लोगों
प्रेषक : रोहित खण्डेलवाल हेलो दोस्तो, मैं आपका दोस्त रोहित जयपुर से फिर अपनी कहानी लेकर आ गया। मुझे आप लोगों के बहुत सारे मेल मिले इसके लिए धन्यवाद। कई
तन के मिलन की चाह बडी नैसर्गिक है। सुन्दर स्त्री की देह से बढ़कर भ्रमित करने वाला और कुछ पदार्थ इस संसार में नहीं है। मेरे पिता ईसाई, माता हिन्दू ! मुझ पर
जेठ जी मुझे घूर रहे थे और उनकी इस घूर में हवस के साथ साथ प्यास थी। मैं थोड़ा डर गई लेकिन फिर ठीक सी हुई, उनकी आंखें पड़ने के बाद मुस्कुरा के वापस घर आई।
आज मेरी भाभी कंचन वापस घर आ गई। यहां से पचास किलोमीटर दूर शहर में भैया काम करते थे। मेरे से कोई चार साल बड़े थे। शादी हुये साल भर होने को आया था। भैया शहर
प्रेषक : प्रेम सिंह सिसोदिया मेरी नौकरी शहर में लगने के कारण मेरे भैया ने मुझे शहर में बुला लिया था। मैं एक प्राईवेट संस्था में था जबकि भैया एक फ़ेक्ट्री
'भेन की चूत, ले भाभी की चूत... साला अकेला मुठ मारता है? भाभी तो साली चूतिया है जो देखती ही रहेगी... भाभी की भोसड़ी नजर नहीं आई?' भाभी वासना में कांप रही थी।
निखिल नमस्ते दोस्तो, मेरा नाम निखिल है। मैं मुम्बई का रहने वाला हूँ और मेरे बड़े भाई बंगलौर में एक सॉफ्टवेयर कम्पनी में कार्यरत हैं। भैया की शादी आज से
प्रेषक : धीरेन्द्र शुक्ला मेरी कहानी कुछ इस तरह है। मेरी साली का नाम है गीता, वो करीबन होगी २४ की। वो भी मेरी बीवी की तरह ही बहुत सेक्सी थी, वैसे गीता का
अगर मैं तुम्हें यह छूट दे दूँ कि तुम मेरे कठोर और सुन्दर स्तनों को कपड़े हटा कर देख सकते हो तो बताओ तुम क्या करोगे?
मन्दाकिनी भाभी बहुत ही सेक्सी, गोरी, स्लिम है। उनका फ़ीगर वेल-मेन्टेन्ड है। वो जब मेरे कमरे में झाडू लगाने आती तो जैसे ही झुकती तो मेरा ध्यान सीधे उनके ब्लाउज़ के अंदर चला जाता।
लेखिका : नेहा वर्मा हम पति पत्नि दोनों ही गांव छोड़ कर नौकरी के सिलसिले में दिल्ली आ गये थे। मेरा देवर भी पढ़ाई के लिये हमारे साथ यहां आ गया था। मेरा देवर
मैं चुपके से उसके पास गई, धीरे से उसके पायजामे का नाड़ा खोला। पायजामे के नीचे उसने चड्डी पहन रखी थी, मैंने उसकी चड्डी हटाई तो अंदर कुल्हाड़ी के दस्ते जैसा मोटा लम्बा लण्ड खड़ा था।
मेरी भाभी की उम्र 21 साल की थी, और मैं 18 साल का था। भाभी ने बीए फ़ाईनल की परीक्षा दी थी और मुझे रिजल्ट लेने भाभी के साथ उज्जैन जाना था। उज्जैन में ही कुछ
भाभी मुझसे लगभग बारह साल बड़ी थी। मैं उस समय कोई 18-19 साल का था। घर पर सभी मुझे बाबू कह कर बुलाते थे। भाभी की तेज नजरें मुझ पर थी, वो मेरे आगे कुछ ना कुछ
भाभी की सहेली कुछ दिनों के लिए घर पर आई हुई थी. भाभी और मेरे सम्बन्ध मधुर थे. जब भी भाभी की इच्छा होती थी वो, भैया के जाने के बाद मुझसे चुदवा लेती थी.
प्यारे पाठको ! मेरा नाम भगु है। मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ। आज मैं एक कहानी लिखने का साहस कर रहा हूँ। यह कहानी मेरे घर की है। मेरे घर में मैं,