मुंह बोला भाई- बहनचोद
मैं दो-तीन बार मोहल्ले के लड़कों से चुदवा चुकी थी, तब से मुझे लंड लेने की इच्छा होती रहती थी। मैं चाहती थी कि कोई लम्बा लंड वाला मेरी चूत की जमकर चुदाई करे।
Antarvasna कम्युनिटी को हमारी शानदार लड़कियों की गांड चुदाई कहानियों के कलेक्शन से आपको पागल कर देने दें।
मैं दो-तीन बार मोहल्ले के लड़कों से चुदवा चुकी थी, तब से मुझे लंड लेने की इच्छा होती रहती थी। मैं चाहती थी कि कोई लम्बा लंड वाला मेरी चूत की जमकर चुदाई करे।
मुझे लगा कि इस बार मैं पहले शहीद हो गई हूँ। अरूण का दण्ड नीचे से लगातार मेरी बच्चेदानी तक चोट कर रहा था। तभी मुझे नीचे से अरूण का फव्वारा फूटता हुआ
अंगूर ने अपने दोनों हाथ पीछे किये और अपने नितम्बों को पकड़ कर उन्हें चौड़ा कर दिया। आह... अब तो उसके नितम्ब फ़ैल से गए और गांड का छेद भी और खुल गया। अब जन्नत के गृह प्रवेश में चंद पल ही तो बाकी रह गए थे।
मेरा लंड पूरी तरह उसकी गांड में चला गया और वो जोर से चिल्लाई तो वो बोलने लगी- मुझे यह नहीं करना, बस निकाल लो। मैंने उसे बहुत समझाया कि जो दर्द होना था वो हो गया, अब तो मजा आएगा बस थोड़ा सा और। और फिर मैं अपने लंड को धीरे धीरे अंदर-बाहर करने लगा।
विजय पण्डित उसकी बड़ी बड़ी आँखें धीरे से खुली और सिसकते हुये बोली- मत देखो मुझे, आह्ह्ह्ह ... मैं चुद रही हूँ ... आ जाओ, हम एक हो जायें ! हां जानू, देखो तो
'दीदी, आप तो मेरी जान हो... कहो ना!' 'मुझे गाण्ड मरवाने का बहुत शौक है... प्लीज!' 'क्या बात है दीदी... गाण्ड और आपकी... सच में मजा आ जायेगा!'
प्यारे दोस्तो, चंदा की बेटी छवि की चुदाई तो उसी रात मैंने कर दी जिस रात चंदा को चोदने उसके घर गया था। छवि की चूत चोद कर मुझे काफी संतुष्टि भी मिली लेकिन
उसकी नजरें मेरे उठे हुये पेटीकोट और मेरी चिकनी शेव की हुई चूत पर पड़ी। एक बार जो नजरें टिकी तो वहीं पर चिपक गई। यह देख कर मैंने अपना थोड़ा सा पांव और खोल दिया
राज अग्रवाल प्रीती के वापस आने के बाद हम लोग खाना खाकर बिस्तर पर लेटे थे, “और बताओ प्रीती शादी कैसी गयी?” “राज! ये कोई भी वक्त है सवाल करने का, तुम्हें