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फुहारा परिवार

ट्रेन में मिली भाभी की चूत चुदाई अपने घर में

प्रकाश सुतार सीकर
8 minutes

मेरा नाम शालीन (बदला हुआ) है. मैं अन्तर्वासना का पाठक लगभग 8 वर्षो से हूँ। मेरी हाइट 5’7″ है, एवरेज बॉडी है, लंड 6.5 इंच है राजस्थान से हूँ। मैंने यहाँ बहुत कहानियां पढ़ी हैं, आज अपनी एक सच्ची घटना एक भाभी की चूत चुदाई की लिख रहा हूं, यह बात मई 2013 की है।

मैं अपनी इंजीनियरिंग पूरी होने के बाद ट्रेन से कोटा आ रहा था। मेरी जॉब चम्बल फ़र्टिलाइज़र में लग गई थी। जब मैं ट्रेन में बैठा था तो एक भाई साहब अपनी बीवी को छोड़ने आये वो औरत भी कोटा आ रही थी। उसकी उम्र लगभग 35 साल होगी। उसका फिगर लगभग 32C – 28- 30 होगा और स्लिम थी. उसने डीप नैक कुर्ती पहन रखी थी जिसकी वजह से उसकी क्लीवेज दिख रही थी, मेरा देखते ही मूड बन गया, मैं बड़े बूब्स का दीवाना हूँ हमेशा से! मैंने सोचा ‘ये बूब्स दबाने को मिल जायें तो मज़ा आ जाये।

मेरी सीट साइड अपर बर्थ थी और उसकी साइड लोअर… मैंने सोचा जब तक ट्रेन नहीं चलती, नीचे सीट पर ही बैठ जाता हूँ। उसके हस्बैंड के जाने के बाद वो मुझ से बात करने लग गई- कहाँ जा रहे हो? मैंने भी पूछा और इस तरह हमारी बात शुरू हो गई।

बातों बातों में उसने बताया कि उसकी बेटी कोटा में एलन में कोचिंग कर रही है। हम बातों बातों में काफी घुलमिल गए क्योंकि चेन्नई से कोटा का सफर लगभग 32 घंटे का है तो ट्रेन में बात करने के अलावा कोई ऑप्शन नहीं होता है। उसने मुझे पूछा- आपकी गर्लफ्रेंड है क्या? मेरी गर्लफ्रेंड थी उस टाइम पर मैंने कहा- पहले थी, अब तो कोई नहीं है।

उसी टाइम खाना आर्डर लेने वाला आया तो उसने मुझे बोला- आप खाना आर्डर मत करना, मैं ज्यादा खाना लाई हूं, आप मेरे साथ ही खा लेना। मैंने पहले तो मना किया फॉर्मेल्टी के तौर पर… लेकिन उसने आर्डर नहीं करने दिया, वो बोली- पैसे ज्यादा हैं तो मेरे को दे देना! और स्माइल करने लगी।

हमने साथ खाना खाया।

अब मुझे लगा जैसे वो पट सकती है कोशिश की जाये तो!

रात को हम 10 बजे तक बात करते रहे और दूसरे दिन भी खूब बातें हुई। जब कोटा पहुँचे तो उसने बोला- एक ही ऑटो में चलते हैं, सस्ता भी पड़ेगा और बात भी कर लेते हैं. ऑटो में जब हम बैठे थे, मुझे लगा जैसे वो भी कुछ कहना चाहती है। ब ता रहा हूं दोस्तो, वो बहुत मस्त माल थी, आज भी याद कर के लण्ड झारता हूँ कई बार!

खैर वो मुझे बस स्टैंड छोड़ने आई और उसी ऑटो से अपनी बेटी के पास चली गई और जाते टाइम बोली- आप बहुत शांत और अच्छे इंसान हो, क्या हम दोस्त बन सकते हैं? मैं झट से बोला- जरूर! वो बोली- ठीक है, नंबर लिखो! और अपनी लड़की का फ़ोन नंबर दे गई क्योंकि उस टाइम रोमिंग लगती थी तो उसने अपना नम्बर नहीं दिया और बोला- कॉल करना, मैं 15 दिन यहीं हूँ।

अगले दिन मैंने कॉल किया तो बोली- मैं आपके कॉल का इंतज़ार कर रही थी। मैं उसकी टांग खीचते हुए बोला- इतना इंतज़ार मत करो, प्यार हो जायेगा! वो बोली- हट पागल! और हंसने लगी।

मैंने उसको बोला- मिलते हैं? वो बोली- मेरा भी बहुत मन है मिलने का तो! मैंने कहा- मूवी देखने चलते हैं, आ जाओ। उसे मूवी देखने के लिए बुला लिया मैंने!

मैंने सोचा ‘आग दोनों तरफ है, चांस मारते हैं, क्या पता चूत मिल जाये।’ इसलिए मैंने मूवी में साइड सीट ली.

जब हम मूवी देख रहे थे तो मैंने उसका हाथ पकड़ा उसने कुछ नहीं बोला, आराम से पकड़ लिया। मेरी हिम्मत बढ़ गई, मैंने उसकी जांघ पर हाथ रखा तो उसने मेरी तरफ देखा और स्माइल कर दी. मुझे अब पक्का विश्वास हो गया था कि आग दोनों तरफ है.

मैंने उसकी सलवार में हाथ डालना चाहा पर उसने मना कर दिया। फिर मैंने उसका हाथ पकड़ के मेरी पैन्ट पर रख दिया, वो धीरे धीरे मेरा लंड दबाने लगी. इतने में मेरा लंड पूरा कड़क हो गया. मैंने कहा- मूड बन गया है! वो बोली- मूवी के बाद कुछ करते हैं।

मूवी खत्म होने के बाद मैंने पूछा- मेरे रूम पर चलें? उसने हां कर दी। हम मेरे रूम पर आ गए।

रूम पर आते ही हमने हग किया और उसी टाइम हमने किस करना शुरु कर दिया। हम मूड में आ गए थे, मैं उसको किस करते हुए बूब्स दबाने लगा। मेरा लण्ड काफी टाइट हो गया था। मैंने उसकी गर्दन पर किस किया, उससे वो और ज्यादा उतेजित हो गई और सिसकारियां भरने लगी। मैंने फिर उसका कुर्ता खोल दिया और फिर ब्रा खोल बूब्स चूसने लग गया, मैंने उसके निप्पल को काटा तो वो और मूड में आ गई। धीरे धीरे हमने सभी कपड़े खोल दिए, मैंने उसके बूब्स चूसे, उसके बाद उसकी फुद्दी चाटी तो वो बोली- पहली बार मैं फुद्दी चटवा रही हूँ।

हम दोनों जोश में थे। उसने बोला- लंड चूसना है! मैंने कहा- आ जाओ, ये तो मेरी फ़ेवरेट है कोई लंड चूसे! उसने मेरा लंड चूसा, वो लंड बहुत मज़ा लेकर चूस रही थी।

उसके बाद उस ने बोला- अब कण्ट्रोल नहीं हो रहा, चोद दो अब! मैंने उसको बोला- नीचे तकिया लगा कर सीधी लेट जाओ!

मैं उसके ऊपर चढ़ गया और भाभी की चूत पे लंड सेट कर के झटका मारा तो लंड एक बार में ही चला गया पूरा… मैं चुची दबाते हुए उसे चोद रहा था, वो भी पूरा मज़ा ले रही थी, इस प्रकार ऊपर चढ़ के लगभग 5 मिनट मैंने उसे चोदा।

उसके बाद मैंने उसको बोला- डौगी पोजीशन में करना है. वो डॉग पोजीशन में आ गई. मैंने काफी देर इस पोजीशन में चोदा, उसके बाद में झड़ने वाला था, मैंने पूछा- कहाँ निकालूं? उसने कहा- अंदर ही निकाल दो, फुद्दी प्यासी है बहुत टाइम से! मैं उसके अंदर झड़ गया.

कुछ देर हम ऐसे ही लेते रहे। उसने कहा- बहुत मज़ा आया यार! उसने बताया कि पहले मेरा अफेयर चलता था तब हफ्ते में एक चुदा लिया करती थी तो टाइम बढ़िया निकल जाता था। पर आजकल कोई नहीं है तो प्यासी थी। वो बोली- मुझे बड़ा लण्ड ज्यादा पसंद है और सेक्स से पहले खेलना अच्छा लगता है। उसने कहा- तुम काफी अच्छा सेक्स करते हो, मुझे संतुष्ट कर दिया पूरा।

मैंने पूछा- पति सेक्स नहीं करते क्या? तो उसने बताया- मेरे मादरचोद पति का लण्ड छोटा है, और वो फोरप्ले नहीं करता इसलिए पति से चुदाई का मज़ा नहीं आता! और उसने बताया कि उसके पति के पास पैसा खूब है बस लण्ड और टाइम नहीं है इसलिए वो जॉब करते हैं, पैसा कमाते हैं और मैं मज़े करती हूँ। वो भी खुश है और मैं भी खुश हूँ।

उसके बाद वो बोली- अब जाना होगा, बेटी कोचिंग से आने वाली है।

हमने किस की और अगले दिन मिलने का वादा कर के वो जाने लगी. जाते टाइम मैंने पूछा- पक्का आओगी क्या? वो बोली- तुम्हारे सेक्स की दीवानी हो गई, रोक नहीं पाऊँगी अपने आप को आने से।

इस प्रकार वो 15 दिन कोटा रही, मैंने लगभग 10 दिन उस भाभी की चुदाई की। उसके बाद उसके पीरियड यानि मासिक धर्म शुरू हो गया तो हम चुदाई नहीं कर पाए तो उसने एक दिन मिलने वहीं अपने कमरे पर ही बुलाया। वहां बात करते करते मेरा मूड बन गया भाभी की चुदाई का… तो मैंने कहा- यार कर तो नहीं सकते, झाड़ तो दो लंड को! तो वो मेरा लंड चूस के मुझे झड़वाने की कोशिश कर रही थी, वो मस्त चूस रही थी.

इसी चूसा-चूसी में हमें पता नहीं लगा और उसकी बेटी आ गई उसने हमें पकड़ लिया। हम दोनों के पास बोलने के लिए कुछ नहीं था। फिर उसने मेरे को इशारों में बोला- तुम निकलो, मैं बेटी को बात कर के समझा दूंगी। रात को उसने फ़ोन कर के बताया कि बेटी को ये कह के समझा दिया है कि मै खुश नहीं हूँ तेरे पापा से, वो मुझे शारीरिक सुख नहीं दे पाते, इस वजह से सब हुआ। उसके फ़ोन आने के बाद में रिलैक्स हुआ, उससे पहले तो मेरी गांड फटी पड़ी थी कि अब लफड़ा होगा।

फिर जिस दिन उस को चेन्नई वापिस जाना था उस दिन दिन में वो मेरे कमरे पर आई और हमने खूब चुदाई की, बहुत एन्जॉय किया। उसका पीरियड बिल्कुल साफ नहीं हुआ था पर लास्ट दिन था तो हमने सेक्स एन्जॉय किया।

उसी दिन रात में उसकी ट्रेन थी, मैं उसे स्टेशन छोड़ के आया और फिर मिलने का वादा कर के अलविदा कह दिया।

आप को मेरी भाभी की चूत चुदाई कहानी कैसी लगी मुझे जरूर लिखना। [email protected]

आगे की कहानी : ट्रेन में मिली भाभी की बेटी को चोदा

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